क्यों 20 साल की उम्र में ही कमजोर हो रही है लोगों की याददाश्त?

क्या आपके साथ ऐसा होता है कि फोन आपकी जेब में ही है, लेकिन आप उसे इधर-उधर ढूंढ़ रहे हैं या कोई काम करने उठे थे, लेकिन अब याद नहीं आ रहा कि क्या करना था? अगर हां, तो आप अकेले नहीं है। आज 20-30 साल की उम्र के युवाओं में भी छोटी-छोटी बातें भूलने की समस्या काफी कॉमन हो गई है।

हालांकि, कभी-कभार बातें भूलना नॉर्मल है, लेकिन अगर आपके साथ ऐसा बार-बार हो रहा है, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। हालांकि, ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो, ऐसा जरूरी नहीं, लेकिन आपकी बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल का इशारा जरूर है। आइए वर्ल्ड ब्रेन डे के मौके पर डॉ. आदित्य गुप्ता (डायरेक्टर, न्यूरोसर्जरी एंड साइबरनाइफ, आर्टिमिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम) से जानते हैं कि क्यों युवाओं में कमजोर याददाश्त की समस्या बढ़ रही है।

स्क्रीन टाइम और अधूरी नींद हैं सबसे बड़े दुश्मन
कमजोर याददाश्त के पीछे सबसे बड़ा हाथ घंटों स्मार्टफोन देखने और अधूरी नींद का है। घंटों सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, शॉर्ट वीडियो देखना या एक ऐप से दूसरे ऐप पर स्विच करते रहना, हमारे अटेंशन स्पैन को कम करता है। इससे दिमाग आसानी से भटक जाता है और चीजों को याद रखने के क्षमता कम हो जाती है।

इसी तरह नींद पूरी न होने के कारण भी दिमाग पर असर पड़ता है। देर रात तक जागना, सोने का कोई फिक्स समय न होना और 7-8 घंटे से कम की नींद लेना हमारे दिमाग को रीसेट करने का टाइम नहीं देता। इसके कारण भी युवाओं की याददाश्त कमजोर हो रही है।

स्ट्रेस, खान-पान और बिगड़ती लाइफस्टाइल
युवाओं पर पढ़ाई, करियर, पैसों और रिश्तों का काफी दबाव रहता है। इसके कारण स्ट्रेस हार्मोन्स बढ़ते हैं, जो फोकस करने की क्षमता को कम करते हैं। इस वजह से दिमाग कॉन्सनट्रेट नहीं कर पाता और चीजें याद रखना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, जंक फूड खाना, कार्बोनेटेड और स्वीट ड्रिंक्स पीना, पानी की कमी, एक्सरसाइज न करना और सिगरेट-शराब जैसी लत भी याददाश्त को प्रभावित करती है।

शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी के कारण भी याददाश्त कमजोर होने लगती है। विटामिन-बी12 और विटामिन-डी दिमाग की सेहत के लिए जरूरी है। शरीर में इनका स्तर कम होने की वजह से भी याददाश्त कमजोर हो सकती है।

कैसे कर सकते हैं सुधार?
सबसे अच्छी बात है कि इस स्थिति को बदला जा सकता है और इसके लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल में बस कुछ सुधार करने होंगे।

रोज कम से 7 से 9 घंटे की गहरी नींद लें। इसके लिए सोने का एक समय फिक्स करें और बेड टाइम से कम से कम एक घंटा पहले फोन और सभी स्क्रीन बंद कर दें।

दिनभर फोन से चिपके रहने की आदत में सुधार करना होगा। एक स्क्रीन टाइम फिक्स करें कि आप इतनी देर से ज्यादा सोशल मीडिया नहीं देखेंगे या दिन में 1-2 घंटे की स्क्रीन ब्रेक टाइम बनाएं, जब आप बाहर पार्क में घूम सकें या म्युजिक सुन सकें।

इसके साथ ही, डाइट में भी सुधार करना जरूरी है। अपने खाने में साबुत अनाज, फल, सब्जियां, दालें, अंडा, दूध और मछली जैसे फूड्स शामिल करें। रोजाना 7-8 गिलास पानी पिएं और एक्सरसाइज जरूर करें। दिमाग की फोकस करने की क्षमता बढ़ाने के लिए मेडिटेशन करें।

डॉक्टर से सलाह कब लें?
अगर भूलने की समस्या ज्यादा बढ़ गई है, जो आपके रोजमर्रा के कामों में रुकावट डाल रही है या भूलने के साथ व्यवहार में भी बदलाव आ रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि सही समय पर इलाज हो सके।

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com