सावन में पड़ने वाला नाग पंचमी का त्योहार हिंदू धर्म में अधिक महत्वपूर्ण है। यह दिन नाग देवता को समर्पित है। हर साल नाग पंचमी का पर्व सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर मनाया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार नाग पंचमी का त्योहार 17 अगस्त को मनाया जाएगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस अवसर पर नाग देवता की पूजा-अर्चना करने से भक्त के जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है और कालसर्प दोष की समस्या से छुटकारा मिलता है। ऐसा माना जाता है कि नाग पंचमी की पूजा में विशेष चीजों को शामिल न करने से नाग देवता की कृपा प्राप्त नहीं होती है और पूजा अधूरी मानी जाती है। इसलिए पूजा से पहले से विशेष चीजों को थाली में एकत्रित जरूर कर लेना चाहिए। आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि पूजा थाली में किन चीजों को शामिल करना चाहिए।
नाग पंचमी पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट
नाग देवता की तस्वीर या प्रतिमा, शहद, गंगाजल, पंचामृत, इत्र, मौली, गाय का कच्चा दूध, तुलसी दल, मंदार फूल, पांच मिठाई, बेलपत्र, धतूरा, दही, देशी घी, जनेऊ, फल-फूल, सूखे मेवे, बेर,, जौ की बालियां, कपूर, धूप, हल्दी, रोली और अक्षत समेत आदि।
कब है नाग पंचमी 2026
पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पंचमी तिथि की शुरुआत 16 अगस्त को शाम 04 बजकर 52 मिनट पर होगी। वहीं, तिथि का समापन 17 अगस्त को शाम 05 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार, नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त को मनाया जाएगा।
नाग देवता की होती है पूजा
नाग देवता को महादेव के गले का आभूषण माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा-अर्चना करने से भक्त को महादेव के संग नाग देवता की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही शिव जी भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष या राहु-केतु से संबंधित कोई अशुभ प्रभाव है, तो ऐसे में नाग पंचमी के दिन नाग पूजा की पूजा करें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से इन दोषों का नकारात्मक प्रभाव दूर होता है। इस दिन नाग देवता को दूध पिलाने का अधिक महत्व है। इससे नाग देवता प्रसन्न होते हैं।
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