प्रवर्तन निदेशालय ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के तत्कालीन उप महाप्रबंधक प्रभांशु शेखर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी की पटना जोनल कार्यालय ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत करीब 2.85 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है।
सूत्रों के मुताबिक, ये संपत्तियां भ्रष्टाचार के जरिये अर्जित अवैध कमाई से खरीदी गई थीं। जांच में सामने आया कि प्रभांशु शेखर ने इन संपत्तियों को अपने और परिवार के सदस्यों के नाम पर निवेश कर रखा था, ताकि अवैध धन के स्रोत को छिपाया जा सके।
बिहार और दिल्ली में स्थित फ्लैट जब्त
जब्त की गई संपत्तियों में बिहार और दिल्ली में स्थित फ्लैट और जमीन शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों में जमा नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, बीमा पॉलिसियों में किया गया निवेश और अन्य चल संपत्तियां भी कार्रवाई के दायरे में आई हैं। ईडी का दावा है कि इन सभी संपत्तियों का स्रोत आरोपी अधिकारी की वैध आय से मेल नहीं खाता।
परिवार के नाम पर निवेश कर छिपाई काली कमाई
ईडी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने भ्रष्टाचार से अर्जित धन को छिपाने के उद्देश्य से परिजनों के नाम पर संपत्तियां खरीदीं और अलग-अलग वित्तीय साधनों में निवेश किया। यह मनी लॉन्ड्रिंग के स्पष्ट संकेत हैं, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया गया है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
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