उत्तराखंड में जंगलों की आग पर नियंत्रण के दृष्टिगत शासन सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में वन क्षेत्रों से लगे खेतों में ओण अथवा आड़ा (खरपतवार व फसल अवशेष) जलाने की परंपरा को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया है।
प्रमुख सचिव वन रमेश कुमार सुधांशु ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इस माह के आखिर और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अगले माह तक आड़ा जलाने की कार्यवाही पुलिस, राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान, वन पंचायत सरपंच, ग्राम प्रहरी, आपदा मित्र व वन बीट अधिकारी के तालमेल से पूरी कराई जाए।
31 मार्च के बाद आड़ा या ओण जलाने की अनुमति सामान्य रूप से नहीं दी जाएगी। आड़ा जलाने से फैलने वाली आग के मामलों में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
चीड़ बहुल क्षेत्रों में अग्नि नियंत्रण को हों ठोस प्रयास
प्रमुख सचिव वन ने जिलाधिकारियों को जंगलों में लगने वाली आग की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर, पौड़ी, टिहरी व उत्तरकाशी के चीड़ बहुल वन क्षेत्रों को आग की दृष्टि से बेहद संवेदनशील बताया गया है।
इसे देखते हुए जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वे जिला, ब्लाक व वन पंचायत स्तर पर समितियों का गठन सुनिश्चित कराएं। साथ ही भारतीय वन सर्वेक्षण से मिलने वाले फायर अलर्ट की जानकारी आमजन तक पहुंचाने को कदम उठाए जाएं। 15 फरवरी तक अनिवार्य रूप से रेखीय विभागों की तहसील व ब्लाक स्तर पर इंटीग्रेटेड रिस्पांस सिस्टम टीम का गठन करने को कहा गया है।
यह भी दिए गए हैं निर्देश
आग की प्रत्येक घटना सुसंगत रजिस्टर व पोर्टल में दर्ज की जाए
जिला स्तरीय वनाग्नि प्रबंधन योजना को तत्काल अनुमोदित कराएं
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अर्द्ध सैनिक बलों, आपदा प्रबंधन क्यूआरटी व रेखीय विभागों का सहयोग लें
आग पर नियंत्रण के दृष्टिगत प्रचार-प्रसार के लिए माक अभ्यास करें
सिविल व पंचायती वनों में राजस्व पुलिस का भी सहयोग लिया जाए
अग्नि नियंत्रण के लिए वाहन अधिग्रहीत कर डीएफओ को उपलब्ध कराए जाएं
महिला व युवक मंगल दल, वन पंचायत, एनसीसी, एनएसएस, स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाए
जिला स्तर पर पुलिस के साथ मासिक क्राइम मीटिंग में वन अपराधों का भी संज्ञान लिया जाए
चीड़ बहुल क्षेत्रों में पिरुल एकत्रीकरण में तेजी लाकर पैलेट्स व ब्रिकेट यूनिट लगवाई जाएं
शीतलाखेत माडल की भांति अन्य जिलों में भी इस प्रकार के माडल विकसित किए जाएं
अग्नि नियंत्रण में बेहतर कार्य करने वाले व्यक्तियों व संस्थाओं को सम्मानित किया जाए।
Live Halchal Latest News, Updated News, Hindi News Portal