ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनी ही रिपब्लिकन पार्टी के भीतर तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को बंद कमरे में हुई बैठक में ट्रंप और रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी के बीच ऊंची आवाज में बहस हुई। इसके कुछ घंटे बाद ट्रंप प्रशासन ने युद्ध के खर्च के लिए कांग्रेस से 70 अरब डालर की अतिरिक्त राशि मांगी।
बैठक में कैसिडी ने पिछले सप्ताह ईरान के साथ हुए उस रूपरेखा समझौते पर विस्तार से जानकारी मांगी, जिसमें तेहरान को वित्तीय प्रोत्साहन देने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि समझौता युद्ध की शुरुआत में ट्रंप प्रशासन द्वारा बताए गए लक्ष्यों से कमतर दिखता है।
कैसिडी ने बाद में पत्रकारों से कहा कि अमेरिकी जनता को जितना बताया जा रहा है, उससे अधिक जानने का अधिकार है। अभी ऐसा नहीं लगता कि घटनाक्रम उस दिशा में बढ़ रहा है, जैसा हमें बताया गया था।बता दें कि ईरान युद्ध नवंबर में होने वाले चुनाव से पहले ट्रंप के लिए राजनीतिक चुनौती बनता जा रहा है।
युद्धाधिकार प्रस्ताव रोकने के लिए देर रात मतदान
ट्रंप से मुलाकात के बाद सीनेट में रिपब्लिकन नेतृत्व ने ईरान के साथ शत्रुता समाप्त करने की मांग वाले युद्ध अधिकार प्रस्ताव को रोकने के लिए देर रात मतदान कराया। प्रस्ताव को आगे बढ़ने से रोकने के पक्ष में 50 और विपक्ष में 47 मत पड़े। यह प्रस्ताव मई में प्रक्रियागत मतदान में आगे बढ़ गया था।
ट्रंप ने मतदान के बाद इंटरनेट मीडिया पर कहा कि इससे ईरान को संदेश गया है। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इससे पहले हुए मतदान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। एक दिन पहले ही सीनेट ने प्रतिनिधि सभा से पारित अलग प्रस्ताव पर ट्रंप को ईरान युद्ध समाप्त करने का निर्देश देने के पक्ष में मतदान किया था।
कैसिडी उन चार रिपब्लिकन सांसदों में शामिल थे जिन्होंने पहले युद्धाधिकार प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया था। बुधवार रात के मतदान में उन्होंने प्रस्ताव को रोकने के पक्ष में मतदान नहीं किया। मेन की रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कोलिन्स और अलास्का की लिसा मर्कोव्स्की ने अधिकांश डेमोक्रेट सांसदों के साथ युद्धाधिकार प्रस्ताव के समर्थन में वोट दिया। पेंसिल्वेनिया के डेमोक्रेट सीनेटर जान फेटरमैन विपक्ष में मतदान करने वाले एकमात्र डेमोक्रेट रहे।
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