IDFS बैंक घोटाले के बाद हरियाणा सरकार अब पूरी तरह सतर्क हो गई है। सरकारी विभागों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अपने अधीन आने वाले बिजली, परिवहन और श्रम विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एक करोड़ रुपये से अधिक की किसी भी खरीद की जानकारी सीधे उन्हें देनी होगी।
मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को यह भी बताना होगा कि संबंधित सामान क्यों खरीदा जा रहा है और उसकी वास्तविक आवश्यकता क्या है। इस फैसले का उद्देश्य सरकारी खर्च पर निगरानी बढ़ाना और अनावश्यक खरीद को रोकना है।
मंत्री अनिल विज ने हाल ही में बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि स्टॉक में उपलब्ध सामग्री की पूरी जानकारी ऑनलाइन की जाए। इससे ट्रांसफार्मर सहित अन्य उपकरणों की स्थिति पर नजर रखना आसान होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
अब तक विभागों में अधिकतर खरीदारी निचले स्तर पर ही की जाती थी, जिससे निगरानी में कमी रहती थी। नए निर्देशों के बाद अब बड़ी खरीद सीधे मंत्री स्तर तक पहुंचेगी, जिससे जवाबदेही तय होगी।
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