Sunday , 14 August 2022

यूपी सरकार ने छोटे उद्योग लगाने वालों को प्रेरित करने के लिए उठाया यह बड़ा कदम, पढ़े पूरी खबर

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में सूक्ष्म, छोटे तथा मध्यम सूक्ष्य (एमएसएमई) उद्योग लगाने वालों को प्रेरित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने गुरुवार को एक लाख 90 हजार लाभार्थियों के बीच में 16 हजार करोड़ रुपया का ऋण वितरित किया है। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में कुछ लाभार्थियों को ऋण का चेक प्रदान किया। एमएसएमई योजना के तहत प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी वित्त पोषण योजना के लाभाक्र्षियों को इसका लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में एमएसएमई विभाग के प्रदेश भर में आयोजित लोन मेला का शुभारंभ किया। इसके अंतर्गत प्रदेशभर में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को 16 हजार करोड़ रुपये का ऋण बांटा गया। मुख्यमंत्री ने लोक भवन में कुछ लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति प्रमाण पत्र सौंपा। उन्होंने रोजगारपरक योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किया। इस लोन मेले में जिलो में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत आयोजन किया गया। लोन मेला में जिलों में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी वित्त पोषण योजना के लाभार्थी मौजूद थे।

उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2022-23 में 2.35 लाख करोड़ की ऋण देने की योजना है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने के लिए हमारी सरकार ने बजट में भी बढोतरी की है। देश के हर राज्य में एमएसएमई सेक्टर का विस्तार करने पर बल दिया जा रहा है। जिससे कि बड़ी संख्या में लोग अपना धंधा प्रारंभ करने के साथ ही लोगों को रोजगार दे सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं लोन प्राप्त करने वाले उद्यमियों, कारीगरों व हस्तशिल्पियों को भी हृदय से बधाई देता हूं। वर्ष 2017 के बाद हमारी सरकार ने जब कार्य प्रारम्भ किया तो न केवल कृषि के क्षेत्र में अनंत संभावनाओं को आगे बढ़ाया बल्कि परंपरागत उद्यम को प्रोत्साहित करने के लिए 2018 में शोध व व्यापक कार्ययोजना के साथ कार्यक्रम प्रारम्भ किया। प्रदेश में अनेक कार्यक्रमों की दृष्टि से लोन का यह कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज लोन का वितरण हो रहा है, इसके साथ ही प्रदेश के जनपद- आजमगढ़, अंबेडकरनगर, सिद्धार्थनगर, सीतापुर व आगरा में पांच केन्द्रों का उद्घाटन भी हुआ है। वृहद लोन मेला में विभाग व बैंकर्स को धन्यवाद देता हूं कि आज यहां 1.90 लाख उद्यमियों, हस्तशिल्पियों व कारीगरों को 16,000 रुपया करोड़ के लोन वितरण के इस कार्यक्रम में वे स्वयं जुड़े हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले प्रदेश में यह क्षेत्र पूरी तरह खत्म हो गया था, लेकिन 2017 में जब हम आये तो हमारे सामने चुनौती थी। देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य मे युवाओं के स्वावलंबन का विषय बहुत महत्वपूर्ण था। पहले की सरकारें केन्द्र की योजनाओं में कोई रुचि नही लेती थीं। लुप्तप्राय हो रही नदियों के लिए भी कोई योजना नही थी, उनकी कोई इच्छाशक्ति भी नहीं थी।

प्रदेश में 2017 में हमने आने के बाद एक जनपद एक उत्पाद की कार्ययोजना बनाकर काम शुरू किया। आज एक लाख 56 हजार करोड़ के प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट हो रहे हैं। हस्तशिल्पी और कारीगरों ने अपने कौशल का परिचय दिया,और बैंकर्स ने सहयोग किया,आज हमने बेरोजगारी दर को हमने तीन प्रतिशत कम कर दिया। पहले लोन देने के लिए किसको देना चाहिए नही पता होता था। हमने तो कोरोना काल में भी देश का पहला लोन मेला आयोजित किया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने बैंकर्स के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। कोरोना काल में भी हमने रोजगार मेला लगाया। यूपी में केन्द्र की तमाम योजनाओं की घोषणा के बाद भी तत्कालीन सरकार उसमे रूचि नहीं ले रही थी। 2017 में जब भाजपा सरकार आयी तब कृषि और उद्यम को बढ़ावा दिया गया। एक जनपद एक उत्पाद योजना शुरू किया गया। अब यह योजना यूपी को एक्सपोर्ट का हब बना दे रही है। सकरात्मक पहल का असर अब दिखाई दे रहा है। मैंने कारीगरों हस्तशिल्पी यों से बात की। इनका सहयोग स्थानीय प्रशासन, बैंकर्स, शासन सबने किया और आज उनके चेहरे पर नई चमक है। वो स्वयं स्वावलंबी बन रहे हैं,और लोगो को भी प्रेरित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र ने कहा था हमारा नौजवान नौकरी देने वाला होना चाहिए। आज यह ओडीओपी कार्यक्रम इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि अगले एक वर्ष में उत्तरप्रदेश के हस्तशिल्पी उद्यमी के साथ राज्य सरकार मजबूती से खड़े होकर उन्हें मजबूती प्रदान करें। हम जल्दी ही हर परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी,रोजगार, स्वत: रोजगार को जोडऩे की कार्ययोजना लेकर आ रहे हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि एक वर्ष में उत्तरप्रदेश के हस्तशिल्पी उद्यमी के साथ राज्य सरकार मजबूती से खड़े होकर उन्हें मजबूती प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी शिक्षण तथा प्रशिक्षण संस्थाएं शासन की योजनाओं के साथ तटस्थ भाव रखती हैं। उन्हें शासन की योजनाओं, पॉलिसी की जानकारी होनी चाहिए। इसके साथ ही यह बैंकों को भी चाहिए की युवाओं को रोजगार और ऋण देने में सहायक बनें। पैसा डंप करके रखने से लाभ नही है। उसे मार्केट में जितना चलाएंगे। उतना ही अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

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