ब्लड प्रेशर हाई रहना खतरे की घंटी

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है, कम उम्र वाले भी इसका शिकार हो रहे हैं। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है उनमें समय के साथ कई प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने का खतरा हो सकता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करते रहने और इसके कंट्रोल रखने वाले उपाय करने की सलाह देते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, खराब दिनचर्या जैसे शारीरिक गतिविधियों में कमी, तनाव, नींद की कमी और लंबे समय तक बैठे-बैठे काम करना हो या फिर खानपान की समस्या जैसे जंक फूड, नमक वाली चीजें ब्लड प्रेशर को बढ़ाने वाली हो सकती हैं।

आमतौर पर ब्लड प्रेशर बढ़ने को हृदय रोगों और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाने वाला माना जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि अगर ब्लड प्रेशर कंट्रोल में न रहे तो इसके कारण समय के साथ किडनी और लिवर की बीमारी होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।

यह शोध हमें सावधान करता है कि बर्ड फ्लू वायरस साधारण फ्लू वायरल की तरह व्यवहार नहीं करता। उच्च तापमान में भी यह सक्रिय रहता है, इसलिए इसके संक्रमण को रोकने के लिए केवल प्राकृतिक प्रतिरक्षा पर निर्भर रहना काफी नहीं है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस वायरस की प्रकृति को समझना और उसके अनुसार रोकथाम व उपचार रणनीतियां बनाना बेहद जरूरी है।

हाई ब्लड प्रेशर का शरीर पर होता है गंभीर असर

ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण रक्त की धमनियों पर भी दबाव बढ़ता जाता है। लंबे समय तक यह दबाव बना रहे तो रक्त वाहिकाएं कमजोर होने लगती हैं और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक रक्त प्रवाह प्रभावित होने लगता है। हाई बीपी दिल पर अतिरिक्त जोर डालता है, जिसके कारण हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। आंखों की नसों पर असर पड़ने से दृष्टि कमजोर हो सकती है। दिमाग में खून के दबाव के कारण ब्रेन हेमरेज का जोखिम भी बढ़ जाता है।

हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति किडनी-लिवर को भी क्षति पहुंचाने लगती है।

हाई ब्लड प्रेशर का किडनी पर असर

किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। ये शरीर से विषाक्त तत्वों और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालती है। किडनी की सूक्ष्म रक्त वाहिकाएं लगातार फिल्ट्रेशन करती रहती हैं। हालांकि जब ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है तो रक्त वाहिकाओं पर भी अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे वे धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लगती हैं।

ब्लड प्रेशर बढ़े रहने के कारण किडनी तक पहुंचने वाला रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे किडनी ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती। इसके कारण विषाक्त तत्व और तरल पदार्थ शरीर में जमा होने लगते हैं। इससे किडनी में संक्रमण और गंभीर स्थितियों में किडनी फेलियर तक का खतरा हो सकता है।

लिवर भी हो सकता है प्रभावित

किडनी की ही तरह हाई ब्लड प्रेशर का असर लिवर की सेहत पर भी पड़ता है। हाई ब्लड प्रेशर सीधे तौर पर लिवर की नसों और रक्त संचार को प्रभावित कर सकता है। ब्लड प्रेशर बढ़े रहने के कारण समय के साथ लिवर में रक्त का संचार कम होने लगता है, जिससे लिवर की कोशिकाएं प्रभावित हो सकती हैं।

अध्ययनों से पता चलता है कि हाई बीपी लिवर की रक्त धमनियों में सूजन और फाइब्रोसिस पैदा कर सकता है, जिससे आगे चलकर लिवर सिरोसिस का भी खतरा हो सकता है।

ब्लड प्रेशर कैसे कंट्रोल करें?

डॉक्टर कहते हैं, इन सभी समस्याओं से बचे रहने के लिए सबसे जरूरी है कि आप ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने वाले उपाय करें। नमक कम खाना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, वजन कंट्रोल रखना और नियमित रूप से बीपी की जांच कराते रहना सभी लोगों के लिए जरूरी है।

अगर आपका ब्लड प्रेशर अक्सर 130/80 की रीडिंग से अधिक बना रहता है तो इस बारे में समय रहते किसी डॉक्टर की सलाह लें। ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने वाले उपायों की मदद से आप शरीर को बेहतर और स्वस्थ बनाए रख सकते हैं।

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