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	<title>UPPCS मेंस 2017: परीक्षा पर रोक लगाने से SC का इनकार &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>UPPCS मेंस 2017: परीक्षा पर रोक लगाने से SC का इनकार, तय समय पर होगी परीक्षा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[somali sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Jun 2018 09:23:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[UPPCS मेंस 2017: परीक्षा पर रोक लगाने से SC का इनकार]]></category>
		<category><![CDATA[तय समय पर होगी परीक्षा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="412" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/14_06_2018-supreme-court_18078851.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="सुप्रीम कोर्ट ने आज 18 जून से शुरू हो रही यूपी लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। साथ ही शीर्ष कोर्ट ने प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाअों के पुनर्मूल्यांकन के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा है।  जिसके बाद अब यह तय हो गया है कि अब यूपी पीसीएस मुख्य परीक्षा अपने निर्धारित समय 18 जून से ही शुरू होगी। धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य की याचिकाओं पर मंगलवार को न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की खंडपीठ में सुनवाई हुई थी जिसपर आज फैसला आया है। मालूम हो कि उप्र लोकसेवा आयोग से जनवरी 2018 में जारी पीसीएस (प्रारंभिक) परीक्षा 2017 के परिणाम को 120 याचियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचियों ने 14 प्रश्नों पर आपत्ति की थी जिसमें कोर्ट ने एक प्रश्न को रद करने व दो के उत्तरों में बदलाव कर आयोग को संशोधित परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था। आयोग ने परिणाम तो संशोधित नहीं किया बल्कि शीर्ष कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर दी। जिस पर आयोग को कोर्ट से स्थगनादेश मिल गया और उसके बाद ही पीसीएस मुख्य परीक्षा कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। मुख्य परीक्षा 18 जून से है। धर्मेंद्र सिंह व अन्य ने शीर्ष कोर्ट में इसी को चुनौती दी है कि आयोग ने हाईकोर्ट के निर्देश का पालन नहीं किया। याचियों का कहना है कि उन सभी को एक या दो नंबर से पीछे रहने के चलते मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं मिला है, जबकि गलती आयोग की है और हाईकोर्ट ने भी इसे सही माना है। आयोग प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम संशोधित करते तो उन्हें भी मुख्य परीक्षा में शामिल करने का मौका मिल सकता है।   आयोग ने पीसीएस 2017 प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 19 जनवरी 2018 को जारी किया था। इसमें 677 रिक्तियों के सापेक्ष मुख्य परीक्षा के लिए 14032 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इसके साथ संशोधित उत्तरकुंजी भी जारी की गई थी। संशोधित उत्तरकुंजी में भी प्रश्नों के सही उत्तर न होने पर कई अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/14_06_2018-supreme-court_18078851.jpg 630w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/14_06_2018-supreme-court_18078851-300x200.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सुप्रीम कोर्ट ने आज 18 जून से शुरू हो रही यूपी लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। साथ ही शीर्ष कोर्ट ने प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाअों के पुनर्मूल्यांकन के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा है।  जिसके बाद अब यह तय हो गया है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="412" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2018/06/14_06_2018-supreme-court_18078851.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="सुप्रीम कोर्ट ने आज 18 जून से शुरू हो रही यूपी लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। साथ ही शीर्ष कोर्ट ने प्रारंभिक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाअों के पुनर्मूल्यांकन के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा है।  जिसके बाद अब यह तय हो गया है कि अब यूपी पीसीएस मुख्य परीक्षा अपने निर्धारित समय 18 जून से ही शुरू होगी। धर्मेंद्र सिंह सहित अन्य की याचिकाओं पर मंगलवार को न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की खंडपीठ में सुनवाई हुई थी जिसपर आज फैसला आया है। मालूम हो कि उप्र लोकसेवा आयोग से जनवरी 2018 में जारी पीसीएस (प्रारंभिक) परीक्षा 2017 के परिणाम को 120 याचियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचियों ने 14 प्रश्नों पर आपत्ति की थी जिसमें कोर्ट ने एक प्रश्न को रद करने व दो के उत्तरों में बदलाव कर आयोग को संशोधित परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था। आयोग ने परिणाम तो संशोधित नहीं किया बल्कि शीर्ष कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर दी। जिस पर आयोग को कोर्ट से स्थगनादेश मिल गया और उसके बाद ही पीसीएस मुख्य परीक्षा कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। मुख्य परीक्षा 18 जून से है। धर्मेंद्र सिंह व अन्य ने शीर्ष कोर्ट में इसी को चुनौती दी है कि आयोग ने हाईकोर्ट के निर्देश का पालन नहीं किया। याचियों का कहना है कि उन सभी को एक या दो नंबर से पीछे रहने के चलते मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं मिला है, जबकि गलती आयोग की है और हाईकोर्ट ने भी इसे सही माना है। आयोग प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम संशोधित करते तो उन्हें भी मुख्य परीक्षा में शामिल करने का मौका मिल सकता है।   आयोग ने पीसीएस 2017 प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 19 जनवरी 2018 को जारी किया था। इसमें 677 रिक्तियों के सापेक्ष मुख्य परीक्षा के लिए 14032 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इसके साथ संशोधित उत्तरकुंजी भी जारी की गई थी। संशोधित उत्तरकुंजी में भी प्रश्नों के सही उत्तर न होने पर कई अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।" style="display: block; 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<p><strong>मालूम हो कि उप्र लोकसेवा आयोग से जनवरी 2018 में जारी पीसीएस (प्रारंभिक) परीक्षा 2017 के परिणाम को 120 याचियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचियों ने 14 प्रश्नों पर आपत्ति की थी जिसमें कोर्ट ने एक प्रश्न को रद करने व दो के उत्तरों में बदलाव कर आयोग को संशोधित परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था। आयोग ने परिणाम तो संशोधित नहीं किया बल्कि शीर्ष कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर दी। जिस पर आयोग को कोर्ट से स्थगनादेश मिल गया और उसके बाद ही पीसीएस मुख्य परीक्षा कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। मुख्य परीक्षा 18 जून से है।</strong></p>
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<div class="unruly_ia_disclosure_text"><strong>धर्मेंद्र सिंह व अन्य ने शीर्ष कोर्ट में इसी को चुनौती दी है कि आयोग ने हाईकोर्ट के निर्देश का पालन नहीं किया। याचियों का कहना है कि उन सभी को एक या दो नंबर से पीछे रहने के चलते मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं मिला है, जबकि गलती आयोग की है और हाईकोर्ट ने भी इसे सही माना है। आयोग प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम संशोधित करते तो उन्हें भी मुख्य परीक्षा में शामिल करने का मौका मिल सकता है।  </strong></div>
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<p><strong>आयोग ने पीसीएस 2017 प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 19 जनवरी 2018 को जारी किया था। इसमें 677 रिक्तियों के सापेक्ष मुख्य परीक्षा के लिए 14032 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इसके साथ संशोधित उत्तरकुंजी भी जारी की गई थी। संशोधित उत्तरकुंजी में भी प्रश्नों के सही उत्तर न होने पर कई अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।</strong></p>
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