<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Oil and Natural Gas Corporation &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/oil-and-natural-gas-corporation/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Tue, 26 May 2026 12:07:25 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.5</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>Oil and Natural Gas Corporation &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>भारत की अरब सागर में सिक्का जमाने की तैयारी, तेल और गैस का उत्पादन बढ़ाने का काम शुरू</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a4%ac-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%95/673585</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 26 May 2026 12:07:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[Oil and Natural Gas Corporation]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=673585</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="361" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/klhoi.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/klhoi.jpg 719w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/klhoi-300x175.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारत अपने कच्चे तेल और गैस के प्रोडक्शन को तेजी से बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन ने इसकी शुरुआत भी कर दी है। कंपनी ने अरब सागर में भारत ने अपने ऑफशोर फील्ड में उत्पादन बढ़ाने और नई गैस फील्ड की खोज को तेज कर दिया है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="361" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/klhoi.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/klhoi.jpg 719w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/klhoi-300x175.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भारत अपने कच्चे तेल और गैस के प्रोडक्शन को तेजी से बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन ने इसकी शुरुआत भी कर दी है। कंपनी ने अरब सागर में भारत ने अपने ऑफशोर फील्ड में उत्पादन बढ़ाने और नई गैस फील्ड की खोज को तेज कर दिया है। देश की सबसे बड़ी तेल और गैस कंपनी Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) ने अरब सागर में स्थित अपने पश्चिमी ऑफशोर क्षेत्रों से तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।</p>



<p>ONGC ने ब्रिटिश ऊर्जा कंपनी BP Plc की सहयोगी कंपनी BP Exploration Services India Limited के साथ समझौता किया है। कंपनी ने 25 मई को बताया कि तकनीकी सेवा प्रदाता (TSP) मुंबई हाई फील्ड को छोड़कर, अपने सभी पश्चिमी अपतटीय क्षेत्रों से उत्पादन बढ़ाने का काम करेगा।</p>



<p>मध्य पूर्व में चल रहें संकट ने भारत ही नहीं दुनिया के हर उस देश को तेल और गैस का उत्पादन बढ़ाने या शुरू करने के लिए मजबूर कर दिया है, जो एनर्जी के लिए अन्य देशों पर निर्भर हैं। भारत अब इस दिशा में अरब सागर पर सिक्का जमाने की कोशिशों को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया।</p>



<p><strong>मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ONGC का बड़ा फैसला<br></strong>इस साझेदारी का उद्देश्य भारत के पश्चिमी समुद्री क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक और वैश्विक विशेषज्ञता के जरिए उत्पादन को बढ़ाना है। ONGC ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण दुनिया के कई देशों में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत भी अब विदेशी तेल और गैस पर अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रहा है।</p>



<p>Oil and Natural Gas Corporation के अनुसार, BP की यूनिट का चयन अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया (ICB) के जरिए किया गया है। इस प्रक्रिया का मकसद मुंबई ऑफशोर बेसिन के पुराने और परिपक्व तेल एवं गैस क्षेत्रों में नई तकनीक और बेहतर संचालन पद्धतियों को लागू करना है।</p>



<p><strong>तेल-गैस उत्पादन में इतना होगा इजाफा<br></strong>ONGC का अनुमान है कि अगले 10 वर्षों में इस समझौते से कच्चे तेल के उत्पादन में लगभग 10.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। मौजूदा 46.25 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) उत्पादन बढ़कर करीब 51.26 MMT तक पहुंच सकता है। वहीं गैस उत्पादन में लगभग 31.5 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है, जो 82.68 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) से बढ़कर 108.69 BCM तक जा सकता है।</p>



<p>अगर तेल और गैस दोनों को मिलाकर देखा जाए तो कुल उत्पादन में लगभग 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी संभव है। ONGC का कहना है कि इसका असर वित्त वर्ष 2027 से दिखना शुरू होगा, जबकि 2030 के बाद इसका पूरा फायदा मिलने की उम्मीद है।</p>



<p>समझौते के तहत, TSP को पहले दो वर्षों के लिए एक निश्चित शुल्क प्राप्त होगा, जिसके बाद उसे एक सेवा शुल्क मिलेगा जो, अतिरिक्त लागतों की वसूली के बाद, शुद्ध अतिरिक्त हाइड्रोकार्बन उत्पादन से प्राप्त राजस्व के एक हिस्से से जुड़ा होगा।</p>



<p>विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और देश की विदेशी तेल आयात पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो सकती है। अरब सागर में उत्पादन बढ़ाने की यह रणनीति आने वाले वर्षों में भारत को ऊर्जा क्षेत्र में नई मजबूती दे सकती है।</p>



<p>पश्चिमी ऑफशोर बेसिन ONGC का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण उत्पादन क्षेत्र माना जाता है। यहां कुल 43 ब्लॉक मौजूद हैं, जिनमें से कई पिछले चार दशकों से लगातार उत्पादन दे रहे हैं। यह क्षेत्र भारत की घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाता है।</p>



<p><strong>जनवरी 2025 में भी हुआ था समझौता<br></strong>इससे पहले जनवरी 2025 में तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) ने मुंबई हाई फील्ड के लिए भी BP की एक अन्य यूनिट के साथ समझौता किया था। कंपनी के मुताबिक वहां उत्पादन में गिरावट को रोकने और स्थिरता बनाए रखने में सकारात्मक परिणाम मिले हैं। इसी सफलता को देखते हुए अब पूरे पश्चिमी ऑफशोर क्षेत्र में इस मॉडल को लागू किया जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
