<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Migraine &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/migraine/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Sat, 03 May 2025 11:03:40 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.10</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>Migraine &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>गर्मी में Migraine के पीछे छिपे हैं हैरान करने वाले कारण</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-migraine-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%9b%e0%a5%87-%e0%a4%9b%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88/612251</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 May 2025 11:03:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[Migraine]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=612251</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/ujytui-large.gif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/ujytui.gif 716w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/ujytui-medium.gif 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />गर्मियों का मौसम अपने साथ कई सारी बीमारियां लेकर आता है। इन दिनों पेट मे जलन, चेहरे पर लाल दाने या सिर दर्द की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इस दौरान आपको सेहत का कुछ ज्यादा ही ख्याल रखना पड़ता है। धूप में जाने से पहले पानी पीना, सनस्क्रीन लगाना, सनग्लासेज पहनना तो नॉर्मल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="347" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/ujytui-large.gif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/ujytui.gif 716w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/ujytui-medium.gif 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>गर्मियों का मौसम अपने साथ कई सारी बीमारियां लेकर आता है। इन दिनों पेट मे जलन, चेहरे पर लाल दाने या सिर दर्द की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। इस दौरान आपको सेहत का कुछ ज्यादा ही ख्याल रखना पड़ता है। धूप में जाने से पहले पानी पीना, सनस्क्रीन लगाना, सनग्लासेज पहनना तो नॉर्मल है।</p>



<p>जब गर्मी अपने तेवर दिखाती है तो इससे सिरदर्द की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। कई लोग पहले से ही माइग्रेन से पीड़ित होते हैं। उनके लिए ये समय और चुनौतीपूर्ण हो जाता है। माइग्रेन सिर्फ सिरदर्द नहीं है, बल्कि ये एक न्यूरोलॉजिकल कंडीशन होता है जब सिर के एक हिस्से में तेज दर्द उठता है। आइए जानते हैं गर्मी में माइग्रेन के क्या कारण हो सकते हैं-</p>



<p><strong>तेज धूप और गर्मी<br></strong>चिलचिलाती धूप में लंबे समय तक रहने से शरीर का तापमान भी बढ़ जाता है। इससे दिमाग पर प्रेशर बढ़ जाता है। ये स्थिति माइग्रेन को एक्टिव कर देती है।</p>



<p><strong>डिहाइड्रेशन<br></strong>इन दिनों तेज धूप के कारण पसीने के जरिये हमारे शरीर से सारा पानी निकल जाता है। ऐसे में डिहाइड्रेशन की समस्या हो जाती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है तो ब्लड सर्कुलेशन भी धीमा हो जाता है। दिमाग तक ऑक्सीजन पहुंचने में दिक्कत होती है। ये भी माइग्रेन के कारण है।</p>



<p><strong>नींद में कमी<br></strong>गर्मी के कारण कई बार नींद नहीं पूरी हो पाती है। इससे दिमाग सही ढंग से काम नहीं कर पाता है। ये भी माइग्रेन की समस्या को बढ़ावा देता है।</p>



<p><strong>कैफीन या कोल्ड ड्रिंक्स का ज्यादा सेवन<br></strong>चाहे सर्दी हो या गर्मी, कुछ लोग ऐसे होते हैं जो दिन में कई बार चाय या कॉफी पीते हैं। वहीं कुछ लोगों को कोल्ड्रिंक पीने की आदत होती है। अगर आप ज्यादा मात्रा में इनका सेवन करते हैं तो दिमाग पर असर पड़ता है। इससे माइग्रेन का दर्द शुरू हो सकता है।</p>



<p>अगर आप पसीने की बदबू से बचने के लिए ज्यादा परफ्यूम या डिओडरेंट का इस्तेमाल करते हैं तो इनकी तेज खुशबू भी माइग्रेन को बढ़ावा दे सकती है।</p>



<p><strong>मौसम में अचानक बदलाव<br></strong>गर्मियों में लगातार मौसम में बदलाव जारी रहता है। कभी तेज धूप तो कभी बादल, कभी बारिश तो कभी लू, मौसम में होने वाले ये बदलाव, माइग्रेन की समस्या को बढ़ा सकते हैं।</p>



<p><strong>माइग्रेन से कैसे बचें गर्मियों में?<br></strong>रोजाना 8 से 10 गिलास पानी पिएं।<br>धूप में निकलते समय टोपी, धूप का चश्मा और छाते का इस्तेमाल करें।<br>बहुत ठंडी चीजों का सेवन करने से बचें।<br>नींद पूरी करें और एक ही समय पर सोने-जागने की आदत बनाएं।<br>स्ट्रेस को कम करने के लिए मेडिटेशन या योग करें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>क्&#x200d;या Stress से Migraine ट्र&#x200d;िगर हो सकता है? इन 5 तरीकों से स&#x200d;िरदर्द को करें मैनेज</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-stress-%e0%a4%b8%e0%a5%87-migraine-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a4%be/608124</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 10:00:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[Migraine]]></category>
		<category><![CDATA[Stress]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=608124</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="475" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-625-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-625.jpg 627w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-625-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />आज कल की भागदौड़ भरी ज&#x200d;िंदगी में लोग न तो हेल्&#x200d;दी चीजें खा पा रहे हैं और न ही चैन की नींद ले पा रहे हैं। इससे उन्&#x200d;हें कई तरह की बीमारि&#x200d;यों का सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर उनके द&#x200d;िमाग पर पड़ रहा है। ऐसे में वे तनाव का भी श&#x200d;िकार हो &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="475" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-625-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-625.jpg 627w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-625-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>आज कल की भागदौड़ भरी ज&#x200d;िंदगी में लोग न तो हेल्&#x200d;दी चीजें खा पा रहे हैं और न ही चैन की नींद ले पा रहे हैं। इससे उन्&#x200d;हें कई तरह की बीमारि&#x200d;यों का सामना करना पड़ रहा है। इसका सीधा असर उनके द&#x200d;िमाग पर पड़ रहा है। ऐसे में वे तनाव का भी श&#x200d;िकार हो रहे हैं। माइग्रेन भी उन्&#x200d;हीं में से एक है। कुछ लोगों को लगातार सिरदर्द की समस्या हो सकती है जो घंटों या दिनों तक बनी रहती है।<br>ऐसे में सिरदर्द माइग्रेन का संकेत हो सकता है। इसलिए इसे नजरअंदाज न करें आज हम आपको स्&#x200d;ट्रेस और माइग्रेन के बीच का संबंध बताने जा रहे हैं। ये भी बताएंगे क&#x200d;ि इससे बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं-</p>



<p><strong>एक साइड होता है स&#x200d;िरदर्द<br></strong>आपको बता दें क&#x200d;ि माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है। इसमें सिर के एक तरफ तेज दर्द होता है। कई बार यह दर्द इतना भयंकर होता है कि लोग किसी भी काम पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता है। कई र&#x200d;िसर्च बताते हैं क&#x200d;ि जब कोई इंसान तनाव में होता है तो उसके शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन ज्&#x200d;यादा मात्रा में रिलीज होते हैं।</p>



<p>ये हार्मोन ब्&#x200d;लड वेसेल्&#x200d;स को प्रभावित करते हैं, जिससे दिमाग में ब्लड फ्लो प्रभावित होता है और माइग्रेन अटैक की संभावना बढ़ जाती है। हालांक&#x200d;ि कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। इससे ये बीमारी और भी गंभीर हो जाती है।</p>



<p><strong>माइग्रेन से बचने के ल&#x200d;िए करें ये काम<br></strong>स्ट्रेस कम करने के लिए आप मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज और योग का सहारा ले सकते हैं। इससे न केवल आपको मानसिक शांति मिलेगी बल्कि माइग्रेन अटैक की संभावना भी कम होगी। आप तनाव को कम करने के ल&#x200d;िए गाना भी सुन सकते हैं।<br>रोजाना हल्की एक्सरसाइज, जैसे वॉकिंग, साइकलिंग या स्ट्रेचिंग करने से भी आपका मूड अच्&#x200d;छा रह सकता है। दरअसल इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है जिससे माइग्रेन से भी राहत मिलती है।</p>



<p>तनाव मुक्&#x200d;त रहने के ल&#x200d;िए जरूरी हे क&#x200d;ि आप भरपूर नींद लें। कहा जाता है क&#x200d;ि सात से आठ घंटे की नींद आपको जरूर लेनी चाह&#x200d;िए। ये आपका मूड तो अच्&#x200d;छा रखेगा ही, आपको कई बीमार&#x200d;ियों से भी बचाने में मददगार होगा। इसके अलावा ये माइग्रेन से भी राहत दि&#x200d;लाता है।<br>ज्&#x200d;यादा कैफीन, तली-भुनी चीजें और प्रोसेस्ड फूड माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। इसलिए हेल्दी डाइट लें और हाइड्रेटेड रहें।<br>लंबे समय तक लैपटॉप और मोबाइल स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव बढ़ता है, जिससे माइग्रेन ट्रिगर हो सकता है। इसलिए हर 30-40 मिनट में ब्रेक लेना न भूलें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>इन 4 चीजों का सेवन आज ही छोड़ दें, नहीं तो बन जाएंगे Migraine के मरीज</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%a8-4-%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%9b%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%bc/600368</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jan 2025 12:07:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[Migraine]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=600368</guid>

					<description><![CDATA[<img width="537" height="411" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/इऔओप-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/इऔओप-1.jpg 537w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/इऔओप-1-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 537px) 100vw, 537px" />माइग्रेन एक प्रकार का सिरदर्द है जो बहुत ही दर्दनाक और परेशान करने वाला हो सकता है। यह दर्द आमतौर पर एक तरफ सिर में होता है और इसमें कई अन्य लक्षण भी शामिल हो सकते हैं। यह दर्द इतना खतरनाक होता है कि कई बार दवा खाने के बाद भी आपको राहत नहीं मिलती। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="537" height="411" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/इऔओप-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/इऔओप-1.jpg 537w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/इऔओप-1-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 537px) 100vw, 537px" />
<p>माइग्रेन एक प्रकार का सिरदर्द है जो बहुत ही दर्दनाक और परेशान करने वाला हो सकता है। यह दर्द आमतौर पर एक तरफ सिर में होता है और इसमें कई अन्य लक्षण भी शामिल हो सकते हैं।</p>



<p>यह दर्द इतना खतरनाक होता है कि कई बार दवा खाने के बाद भी आपको राहत नहीं मिलती। दर्द होने के बाद कई बार इंसान को खुद होश नहीं रहता कि वह कहां पर है। ऐसे में इस दर्द के पीछे होने वाले कारण या किन खानपान से ये दर्द होता है जानना बहुत अहम है।&nbsp;</p>



<p><strong>कैफीन<br></strong>बहुत अधिक कैफीन माइग्रेन Migraine Symptoms या सिरदर्द का कारण बन सकता है। लेकिन कई विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि कैफीन वास्तव में कुछ लोगों के लिए आने वाले माइग्रेन के हमलों को रोकने में मदद कर सकता है। इसके कभी-कभार इस्तेमाल से सिरदर्द से भी राहत मिल सकती है। लेकिन इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल भी आपको माइग्रेन की तरफ ले जाता है। कॉफी, चाय और चॉकलेट में कैफीन पाया जाता है।<br><br><strong>आर्टिफिशियल स्वीट्स<br></strong>आमतौर पर यह देखा जाता है कि (Artificial Sweets) कई खाद्य पदार्थों में कृत्रिम मिठास होती है। ये चीनी के विकल्प हैं जिन्हें मिठास बढ़ाने के लिए खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में मिलाया जाता है। लेकिन ये मिठास माइग्रेन के दौरे को ट्रिगर कर सकती है। विशेष रूप से फ्लेवर स्वीट्स को माइग्रेन के हमलों को ट्रिगर करने वाला माना जाता है।<br><br><strong>शराब<br></strong>अगर आप शराब (Alcohol Addiction) का सेवन कर रहे हैं तो यह शौक आपको माइग्रेन की तरफ ले जाएगा। शराब पीने के बाद नशे में इंसान सब कुछ भूल जाता है। लेकिन लगातार जब आप शराब पीते हैं तो यह आपके सिरदर्द की वजह बन जाता है। फिर यही सिर दर्द धीरे-धीरे आपके माइग्रेन में कंवर्ट हो जाता है।<br><br><strong>4लंबे समय से रखा चीज<br></strong>लंबे समय से फ्रिज में रखा चीज भी माइग्रेन का कारण बन सकता है। पुरानी चीज में टायरामाइन नामक पदार्थ होता है। यह तब बनता है जब बैक्टीरिया भोजन में प्रवेश कर जाते हैं। बता दें कि पनीर जितना अधिक समय तक पुराना रहेगा, टायरामाइन की मात्रा उतनी ही अधिक होगी। टायरामाइन एक रसायन है जो सिरदर्द और माइग्रेन को ट्रिगर करने से जुड़ा हुआ है।<br><br><strong>माइग्रेन के दर्द को कम कैसे करें<br></strong>दर्द निवारक दवाएं<br>ट्राइप्टन्स<br>एर्गोटामाइन्स<br>लाइफस्टाइल में बदलाव, जैसे कि नियमित व्यायाम, स्वस्थ आहार, और पर्याप्त नींद लेकर भी इसके दर्द को कम किया जा सकता है।<br><br><strong>माइग्रेन के दर्द को कम करने के लिए प्राकृतिक उपचार<br></strong>पेपरमिंट तेल<br>लैवेंडर तेल<br>अदरक<br>विटामिन बी2<br>मैग्नीशियम</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: livehalchal.com @ 2026-10-22 14:09:43 by W3 Total Cache
-->