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	<title>GST &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>GST &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>GST कटौती नहीं आई काम! अचानक 15% तक महंगे हुए फ्रिज-AC-TV</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Apr 2026 11:39:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[GST]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="340" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/67uyi.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/67uyi.jpg 725w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/67uyi-300x165.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />पिछले साल खपत कर (GST) में हुई कटौती के बाद ग्राहकों को जो राहत मिली थी, वह अब पूरी तरह से खत्म होती दिख रही है। अप्रैल के अंत तक एयर कंडीशनर (AC), रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, टेलीविजन और स्मार्टफोन की कीमतों में भारी उछाल आने वाला है। कच्चे तेल के डेरिवेटिव (जैसे प्लास्टिक) और मेमोरी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="340" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/67uyi.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/67uyi.jpg 725w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/67uyi-300x165.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>पिछले साल खपत कर (GST) में हुई कटौती के बाद ग्राहकों को जो राहत मिली थी, वह अब पूरी तरह से खत्म होती दिख रही है। अप्रैल के अंत तक एयर कंडीशनर (AC), रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, टेलीविजन और स्मार्टफोन की कीमतों में भारी उछाल आने वाला है। कच्चे तेल के डेरिवेटिव (जैसे प्लास्टिक) और मेमोरी चिप्स जैसे महत्वपूर्ण पुर्जों की बढ़ती लागत के कारण यह पिछले चार महीनों में कीमतों में होने वाली तीसरी बढ़ोतरी है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">इलेक्ट्रॉनिक्स और गैजेट्स की कीमतों में कितनी होगी बढ़ोतरी?</h2>



<p>लगातार बढ़ रही निर्माण लागत के कारण कंपनियों के पास दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। एक प्रमुख राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल चेन के मुख्य कार्यकारी के अनुसार कीमतों में कुछ इस प्रकार इजाफा होने वाला है।</p>



<p>घरेलू उपकरण और टेलीविजन: 5-7% की बढ़ोतरी।<br>स्मार्टफोन और मोबाइल: 10-15% का भारी उछाल।<br>लैपटॉप: 8-10% की वृद्धि।<br>लगातार हो रही इस मूल्य वृद्धि से चिंताएं बढ़ रही हैं, क्योंकि इससे ग्राहकों की मांग पर नकारात्मक असर पड़ने का पूरा खतरा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">प्रमुख कंपनियों की क्या है तैयारी?</h2>



<h3 class="wp-block-heading">ब्लू स्टार</h3>



<p>ब्लू स्टार (Blue Star) कंपनी के प्रबंध निदेशक बी. त्यागराजन ने बताया कि हाल ही में 6% की बढ़ोतरी के बाद, जल्द ही 6-7% की और बढ़ोतरी की जा सकती है। उन्होंने कहा, &#8220;कच्चे तेल से जुड़े प्लास्टिक जैसे डेरिवेटिव्स की कीमतें अभी भी उच्च स्तर पर हैं। यदि गर्मियों में मांग बढ़ती है, तो अगले सप्ताह ही कीमतों में अगला उछाल आ सकता है।&#8221;</p>



<h3 class="wp-block-heading">हायर इंडिया</h3>



<p>हायर इंडिया (Haier India) के अध्यक्ष सतीश एनएस ने कहा कि कंपनी 21 अप्रैल से सभी उत्पादों पर 4-7% अतिरिक्त मूल्य वृद्धि लागू करने की योजना बना रही है। टीवी निर्माता भी अगले महीने की शुरुआत तक 6-8% बढ़ोतरी का दबाव बना रहे हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">आखिर क्यों लग रहा है महंगाई का यह तीसरा झटका?</h2>



<p>1. जनवरी-फरवरी के समय इनपुट लागत में वृद्धि, रुपये में गिरावट और AC के लिए नए ऊर्जा रेटिंग नियमों के कारण पहली बढ़ोतरी होना।</p>



<p>2. मार्च-अप्रैल के समय माल ढुलाई की उच्च लागत, रुपये की अतिरिक्त कमजोरी और खाड़ी देशों में भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल से जुड़े इनपुट्स और महंगे हो गए।</p>



<p>3. मेमोरी चिप्स का संकट से लैपटॉप, स्मार्टफोन और टीवी के लिए, मेमोरी चिप्स की कीमतों में तेज उछाल एक बड़ी चुनौती बन गया है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी मजबूत मांग और सप्लाई चेन की बाधाओं का नतीजा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या स्मार्टफोन बाजार पर पड़ेगा इसका भारी असर?</h2>



<p>काउंटरपॉइंट रिसर्च के डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार, इसका सीधा और नकारात्मक असर स्मार्टफोन बाजार पर देखने को मिलेगा। अप्रैल-जून की अवधि में स्मार्टफोन की बिक्री में दोहरे अंकों (double-digit) की गिरावट आने की आशंका है, क्योंकि महंगी मेमोरी और एंट्री-लेवल ग्राहकों की कमजोर मांग बाजार पर भारी पड़ रही है।</p>



<p>पूरे साल के लिए बाजार में लगभग 10% की कमी का अनुमान है। लगातार बढ़ती कंपोनेंट लागत (विशेषकर मेमोरी) के कारण स्मार्टफोन खरीदना महंगा हो रहा है, जिससे लोग अपने पुराने फोन को ही ज्यादा लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर मजबूर हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या रोजमर्रा के सामान और साबुन-सर्फ भी हो रहे हैं महंगे?</h2>



<p>महंगाई का यह ट्रेंड केवल महंगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स तक सीमित नहीं है; रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएं (FMCG) भी इसकी चपेट में हैं। पाम ऑयल और कच्चे तेल से जुड़े डेरिवेटिव जैसे पॉलीप्रोपाइलीन और लीनियर अल्काइल बेंजीन की लागत बढ़ने से कंपनियां इसका बोझ ग्राहकों पर डाल रही हैं।</p>



<p>हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने चुनिंदा साबुन और डिटर्जेंट की कीमतों में 1 रुपये से लेकर 20 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। डिटर्जेंट के मामले में जनवरी के बाद यह दूसरी बढ़ोतरी है। कई कंपनियां छोटे पैकेट्स की कीमतें तो नहीं बढ़ा रही हैं, लेकिन ग्राहकों को बिना बताए पैकेट के अंदर सामान (वजन) कम कर रही हैं।</p>



<p>विप्रो कंज्यूमर केयर के मुख्य कार्यकारी नीरज खत्री ने बताया, &#8220;पाम ऑयल और इसके डेरिवेटिव्स की कीमतों में तेज उछाल के कारण साबुन निर्माताओं को कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। पाम ऑयल की कीमतें 20% से अधिक बढ़ गई हैं। इ</p>
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		<title>यूपी के 12 हजार IT-BPO यूनिट्स को टैक्स से राहत, विदेशी सेवाओं पर GST खत्म</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 05:17:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[GST]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="327" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-211541.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-211541.png 871w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-211541-300x159.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-211541-768x406.png 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-211541-310x165.png 310w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />यूपी के 12 हजार आईटी–बीपीओ यूनिट्स को टैक्स से राहत मिलेगी। विदेशी सेवाओं पर 18% जीएसटी खत्म कर दी गई है। इससे सेवा निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। नोएडा, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, गाजियाबाद, आगरा, मेरठ, बुलंदशहर और झांसी को सबसे ज्यादा फायदा होगा। केंद्रीय बजट में किए गए अहम संशोधन से उत्तर प्रदेश के आईटी, बीपीओ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="327" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-211541.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-211541.png 871w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-211541-300x159.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-211541-768x406.png 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-01-211541-310x165.png 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>यूपी के 12 हजार आईटी–बीपीओ यूनिट्स को टैक्स से राहत मिलेगी। विदेशी सेवाओं पर 18% जीएसटी खत्म कर दी गई है। इससे सेवा निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। नोएडा, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, गाजियाबाद, आगरा, मेरठ, बुलंदशहर और झांसी को सबसे ज्यादा फायदा होगा।</p>



<p>केंद्रीय बजट में किए गए अहम संशोधन से उत्तर प्रदेश के आईटी, बीपीओ और नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग (केपीओ) सेक्टर को बड़ी राहत मिली है। जीएसटी कानून की धारा 13(8) से जुड़े प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव किया गया है। इससे विदेशी कंपनियों को दी जाने वाली सेवाओं पर लग रहा 18 प्रतिशत जीएसटी समाप्त हो जाएगा। इससे यूपी में सक्रिय हजारों आईटी और सेवा निर्यातक कंपनियों को सीधा लाभ मिलेगा।</p>



<p>प्रदेश में वर्तमान में 12 हजार से अधिक आईटी, बीपीओ और केपीओ कंपनियां कार्यरत हैं, जो विदेशी क्लाइंट्स को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, बैक ऑफिस सपोर्ट, डेटा प्रोसेसिंग, कॉल सेंटर और रिसर्च सेवाएं प्रदान कर रही हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, गाजियाबाद, आगरा, मेरठ, बुलंदशहर और झांसी आईटी गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं।</p>



<p><strong>प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही थी</strong><br>अब तक जीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 13(8) की व्याख्या को लेकर कई मामलों में विदेशी क्लाइंट को दी गई सेवाओं को ‘एक्सपोर्ट ऑफ सर्विस’ नहीं माना जा रहा था। इसके चलते कंपनियों को 18 प्रतिशत जीएसटी चुकाना पड़ रहा था और इनपुट टैक्स क्रेडिट का रिफंड भी नहीं मिल पा रहा था। इससे आईटी कंपनियों की लागत बढ़ रही थी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही थी।</p>



<p>बजट में प्रस्तावित संशोधन के बाद विदेशी कंपनियों को दी जाने वाली सेवाओं को स्पष्ट रूप से सेवा निर्यात की श्रेणी में रखा जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार इससे यूपी की करीब 9 से 12 हजार बीपीओ–केपीओ इकाइयों को राहत मिलेगी। कर बोझ कम होने से निवेश, विस्तार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।</p>



<p><strong>विवादों के समाधान का रास्ता भी साफ होगा</strong><br>राज्य सरकार के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का मानना है कि इस फैसले से प्रदेश के सेवा निर्यात को नई गति मिलेगी। अनुमान है कि अगले दो वर्षों में यूपी का आईटी सेवा निर्यात 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। साथ ही, लंबे समय से लंबित कर विवादों के समाधान का रास्ता भी साफ होगा।</p>



<p>एसोसिएशन ऑफ जीएसटी ट्रिब्यूनल एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए धर्मेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि लंबे समय से बीपीओ और केपीओ कंपनियां जीएसटी कानून के इस प्रावधान को लेकर परेशान थीं। बजट में प्रस्तावित संशोधन से विदेशी कंपनियों को दी जाने वाली सेवाओं पर जीएसटी समाप्त हो जाएगा। इसका सीधा लाभ यूपी की हजारों आईटी कंपनियों को मिलेगा और प्रदेश डिजिटल इकॉनोमी में और मजबूत भूमिका निभा सकेगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>GST नोटिस फर्जी तो नहीं? 30 सेकंड में पता करें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Jan 2026 09:14:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[GST]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/ihip.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/ihip.png 811w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/ihip-300x169.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/ihip-768x433.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />आज के समय में फर्जीवाड़े का खेल जोरों पर चल रहा है। आए दिन लोगों के साथ साइबर ठगी होती रहती है। बहुत से &#160;छोटे व्यापारी डिजिटल ठगी का शिकार बन जाते हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें यह देखा गया कि किसी दुकानदार या छोटे व्यापारी को जालसाजों ने जीएसटी का नकली &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/ihip.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/ihip.png 811w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/ihip-300x169.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/ihip-768x433.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>आज के समय में फर्जीवाड़े का खेल जोरों पर चल रहा है। आए दिन लोगों के साथ साइबर ठगी होती रहती है। बहुत से &nbsp;छोटे व्यापारी डिजिटल ठगी का शिकार बन जाते हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें यह देखा गया कि किसी दुकानदार या छोटे व्यापारी को जालसाजों ने जीएसटी का नकली नोटिस (Fake GST Notice) भेजकर लाखों रुपये ठग लिए। ऐसे में जब भी आपके पास जीएसटी का नोटिस आए तो आप उसे वेरीफाई जरूर करें। लेकिन सवाल यह है कि आखिर आप वेरीफाई करेंगे कैसे? आइए जानते हैं।</p>



<p>केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके यह बताया है कि आप कैसे वेरीफाई कर सकते हैं कि आपको जो जीएसटी नोटिस मिला है वह फेक है रियल।</p>



<h3 class="wp-block-heading">फेक GST नोटिस भेजकर स्कैमर लगाते हैं लोगों को चूना</h3>



<p>स्कैमर नकली जीएसटी नोटिस भेजते हैं और व्यापारियों को डराते-धमकाते हैं और उनसे ठगी करते हैं। जो फेक नोटिस स्कैमर्स द्वारा आपको भेजी जाती है उसे हूबहू जीएसटी डिपार्टमेंट की तरह बनाया जाता है। वैसा ही लोगो लगाया जाता है। इतना ही नहीं स्कैमर्स नोटिस में फेक डीआईएन नंबर का भी इस्तेमाल करते हैं। यही वो नंबर है जिसका इस्तेमाल करके आप पता कर सकते हैं कि आपको भेजा गया नोटिस असली है या नकली।</p>



<p>यह पता लगाने के लिए कि GST नोटिस नकली है या नहीं, आपको ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर उसे वेरीफाई करना चाहिे। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) की वेबसाइट पर डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर (DIN) चेक करके।</p>



<p><strong>30 सेकंड में पता करें GST को नोटिस फर्जी या असली?<br></strong>डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर (DIN) GST डिपार्टमेंट द्वारा जारी हर ऑफिशियल कम्युनिकेशन के लिए एक यूनिक ID नंबर है।</p>



<p><strong>GST डिपार्टमेंट से भेजे गए किसी भी कम्युनिकेशन पर DIN यूटिलिटी सर्च की असलियत चेक करने के लिए ये स्टेप्स फॉलो करें:</strong></p>



<p>सबसे पहले, डॉक्यूमेंट पर DIN ढूंढें। यह आमतौर पर कम्युनिकेशन में &#8220;CBIC-YYYY MM ZCDR NNNN&#8221; फॉर्मेट में साफ तौर पर दिखाया जाता है।<br>DIN मिलने के बाद, ऑफिशियल CBIC पोर्टल पर जाएं। &#8216;ऑनलाइन सर्विसेज&#8217; टैब के तहत &#8216;Verify CBIC DIN GST&#8217; ऑप्शन पर क्लिक करें।<br>आपको जो DIN नंबर मिला है, उसे DIN फील्ड में एंटर करें।<br>&#8216;सबमिट&#8217; बटन दबाएं। अगर डॉक्यूमेंट असली है या नकली, तो यह सुविधा एक कन्फर्मेशन मैसेज दिखाएगी।<br>अगर आपको कन्फर्मेशन मैसेज नहीं दिखाई देता है तो इसे तुरंत साइबर सेल में रिपोर्ट करें। आप सीधा 1030 पर कॉल करके तुरंत इसे रिपोर्ट कर सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>GST कम होने की खबर से दौड़ रहे चप्पल-जूते बनाने वाली कंपनी के शेयर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 29 Aug 2025 11:38:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[GST]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="366" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/uyl-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/uyl.png 878w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/uyl-medium.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/uyl-768x455.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />GST Rate Cut की खबरों से शेयर बाजार में कपड़ा और फुटवियर कंपनियों के शेयरों में आज तेजी देखने को मिली है। रिलैक्सो फुटवियर के शेयर 6 फीसदी से अधिक की तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं। वहीं ट्रेंट के शेयर भी 3 फीसदी से अधिक भाग चुके हैं। GST कम होने की खबर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="366" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/uyl-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/uyl.png 878w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/uyl-medium.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/08/uyl-768x455.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>GST Rate Cut की खबरों से शेयर बाजार में कपड़ा और फुटवियर कंपनियों के शेयरों में आज तेजी देखने को मिली है। रिलैक्सो फुटवियर के शेयर 6 फीसदी से अधिक की तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं। वहीं ट्रेंट के शेयर भी 3 फीसदी से अधिक भाग चुके हैं।</p>



<p>GST कम होने की खबर से दौड़ रहे चप्पल-जूते बनाने वाली कंपनी के शेयर, खरीदने की मची लूट!<br>भारतीय शेयर बाजार में 29 अगस्त को शुरुआती कारोबार में कपड़ा और फुटवियर कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। दरअसल, जीएसटी की दरों में प्रस्तावित कटौती के चलते मांग बढ़ने की उम्मीद है। यही कारण हैं कपड़ा और फुटवियर कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी जा रही है। सबसे अधिक तेजी रिलैक्सो में देखी गई। रिलैक्सो फुटवियर लिमिटेड के शेयर आज अब 6 फीसदी से अधिक भाग चुके हैं। इस खबर को लिखते समय रिलैक्सो के शेयर 6.75 फीसदी की बढ़त के साथ 477.90 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।</p>



<p>3 और 4 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक होनी है। इस बैठक में फैसला लिया जाएगा कि किस वस्तु को किस स्लैब में रखा जाएगा। बैठक से पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स चलीं, जिसमें कहा गया कि कपड़ा उत्पादों पर जीएसटी को मौजूदा 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया जा सकता है।</p>
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		<title>GST में होने जा रहा बड़ा बदलाव, खत्म होगी 12 फीसदी की स्लैब</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 16 Jun 2025 07:21:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="489" height="369" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/ज्ख्क्ल-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/ज्ख्क्ल-1.jpg 489w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/ज्ख्क्ल-1-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 489px) 100vw, 489px" />जीएसटी प्रणाली में बदलाव पर कवायद शुरू हो गई है। जीएसटी काउंसिल की आगामी बैठक से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अधिकारियों के साथ आगामी 20 जून को अहम बैठक करने जा रही है। हालांकि इस दिन वित्त मंत्री इनकम टैक्स विभाग के साथ भी बैठक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="489" height="369" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/ज्ख्क्ल-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/ज्ख्क्ल-1.jpg 489w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/ज्ख्क्ल-1-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 489px) 100vw, 489px" />
<p>जीएसटी प्रणाली में बदलाव पर कवायद शुरू हो गई है। जीएसटी काउंसिल की आगामी बैठक से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अधिकारियों के साथ आगामी 20 जून को अहम बैठक करने जा रही है।</p>



<p>हालांकि इस दिन वित्त मंत्री इनकम टैक्स विभाग के साथ भी बैठक करेंगी, लेकिन जीएसटी दरों में बदलाव और क्षतिपूर्ति सेस के मुद्दे की वजह से सीबीआईसी के साथ होने वाली बैठक अहम मानी जा रही है। बैठक में जीएसटी संग्रह के रुख, दरों में तार्किक बदलाव, जीएसटी पंजीयन से जुड़े नियम और क्षतिपूर्ति सेस जैसे मुद्दों पर सीबीआईसी के साथ चर्चा की जाएगी।</p>



<p><strong>तीन माह में एक बार बुलानी होती है बैठक<br></strong>माना जा रहा है इस बैठक के बाद ही जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक आयोजित की जा जाएगी। पिछले छह महीनों से जीएसटी काउंसिल की बैठक नहीं बुलाई गई है जबकि चलन के मुताबिक हर तीन माह में एक बार जीएसटी काउंसिल की बैठक बुलाना जरूरी है।</p>



<p>गत दिसंबर में जीएसटी काउंसिल की आखिरी बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि आगामी बैठक से जीएसटी की दरों को लेकर चर्चा की जाएगी ताकि जीएसटी के स्लैब में बदलाव किया जा सके। इसे लेकर मंत्रियों के एक समूह का भी गठन किया गया था और सूत्रों के मुताबिक समूह ने काउंसिल को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।</p>



<p><strong>12 प्रतिशत का स्लैब हटने की उम्मीद<br></strong>सूत्रों का कहना है कि जीएसटी स्लैब से 12 प्रतिशत के स्लैब को हटाया जा सकता है और इस स्लैब में शामिल आइटम को उनकी जरूरत के मुताबिक पांच प्रतिशत और 18 प्रतिशत में शिफ्ट किया जा सकता है। अभी जीएसटी की दरें तीन, पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत है। सूत्रों के मुताबिक आगामी 20 जून को वित्त मंत्री के नेतृत्व में मंत्रालय के अधिकारी सीबीआईसी के साथ दरों के बदलाव को लेकर चर्चा करेंगे क्योंकि सरकार किसी भी बदलाव से पहले यह आश्वस्त होना चाहती है कि दरों में बदलाव से जीएसटी संग्रह में कोई कमी नहीं आएगी।</p>



<p>चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले दो महीनों में जीएसटी का मासिक संग्रह दो लाख करोड़ से ऊपर रहा है। सीबीआईसी के साथ बैठक में इनपुट क्रेडिट टैक्स के रिफंड को लेकर भी गंभीर चर्चा की जाएगी क्योंकि वर्तमान नियमों की वजह से कई कारोबारियों को इनपुट क्रेडिट टैक्स मिलने में परेशानी होती है। जिस कारोबारी को वह अपना माल बेचते हैं और अगर उसने अपना जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो उसे विक्रेता कारोबारी को इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिल पाता है।</p>



<p>इनपुट क्रेडिट टैक्स के रिफंड से जुड़ी इस प्रकार की दिक्कतों को दूर करने को लेकर बात की जाएगी। इसके अलावा क्षतिपूर्ति सेस के भविष्य को लेकर भी चर्चा की जाएगी। क्षतिपूर्ति सेस की वैधता अगले वर्ष मार्च में समाप्त हो रही है। उसके बाद इस सेस को किस रूप में जारी रखना है या नहीं रखना है, इसे लेकर भी सीबीआईसी के साथ और फिर जीएसटी काउंसिल की बैठक में चर्चा की जाएगी। क्षतिपूर्ति सेस के भविष्य को लेकर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के नेतृत्व में समूह का गठन किया गया है। समूह को आगामी 30 जून तक अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया था।</p>
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