EPF योगदान के लिए लागू हो जाएगा पुराना नियम – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Sat, 01 Aug 2020 06:59:43 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.9 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg EPF योगदान के लिए लागू हो जाएगा पुराना नियम – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 अगस्त महीने से घट जाएगी इन हैंड सैलरी, EPF योगदान के लिए लागू हो जाएगा पुराना नियम https://livehalchal.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%98%e0%a4%9f-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%87%e0%a4%a8/357595 Sat, 01 Aug 2020 06:59:43 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=357595 कोरोना वायरस महामारी के समय में कर्मचारी तक अधिक इन हैंड सैलरी पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार ने पीएफ से जुड़ी राहत भरी घोषणा की थी। सरकार ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों को राहत देते हुए मई, जून और जूलाई तीन महीने तक कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजदान में 4 फीसद की कटौती की घोषणा की …]]>

कोरोना वायरस महामारी के समय में कर्मचारी तक अधिक इन हैंड सैलरी पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार ने पीएफ से जुड़ी राहत भरी घोषणा की थी। सरकार ने नियोक्ताओं और कर्मचारियों को राहत देते हुए मई, जून और जूलाई तीन महीने तक कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजदान में 4 फीसद की कटौती की घोषणा की थी। सरकार द्वारा किये गए इस राहत उपाए की अवधि खत्म हो रही है और अगस्त महीने से अब फिर से कर्मचारी व नियोक्ता को 12-12 फीसद पीएफ योगदान देना होगा।

गौरतलब है कि मई महीने की शुरुआत में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ईपीएफ योगदान में तीन महीने तक 4 फीसद कटौती की घोषणा की थी। इसके परिणामस्वरूप करीब 6.5 लाख कंपनियों के कर्मचारियों को हर महीने 2,250 करोड़ रुपये की लिक्विडिटी का फायदा मिला। नियम के अनुसार, कर्चमारी और नियोक्ता को मिलकर कर्मचारी की बेसिक सैलरी+डीए का 12-12 फीसद अर्थात कुल 24 फीसद राशि हर महीने पीएफ योगदान के रूप में जमा करानी होती है। वित्त मंत्री की घोषणा के बाद इस योगदान में तीन महीने तक कुल 4 फीसद की छूट मिली, जिसमें 2 फीसद कर्मचारी के योगदान से और 2 फीसद नियोक्ता के योगदान से है।

सरकार के इस राहत उपाय से कर्मचारी की इन-हैंड सैलरी में तीन महीने तक उसके बेसिक+डीए के चार फीसद के बराबर रकम का इजाफा हुआ। वहीं, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और राज्यों के पीएसयू के कर्मचारियों के मामले में नियोक्ताओं ने अपना पूरा 12 फीसद योगदान दिया और कर्मचारियों द्वारा 10 फीसद योगदान दिया गया।

अब अगले महीने यानी अगस्त से कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को पहले की भांति ही ईपीएफ योगदान देना होगा। इस राहत उपाय की घोषणा करते हुए श्रम मंत्रालय ने यह भी कहा था कि अगर कोई चाहे तो वह इन तीन महीनों के दौरान इपीएफ में 10 फीसद से अधिक भी योगदान दे सकता है।

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