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	<title>000 करोड़ रुपये का किया भुगतान &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद एयरटेल विभाग ने 10,000 करोड़ रुपये का किया भुगतान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhavna Vajpai]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 17 Feb 2020 06:40:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[000 करोड़ रुपये का किया भुगतान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="405" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/airtel11.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/airtel11.jpg 684w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/airtel11-300x196.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सुप्रीम कोर्ट की फटकार और सरकार की सख्ती के बाद एयरटेल ने एजीआर वैधानिक बकाये में से 10000 करोड़ का भुगतान कर दिया है। पीटीआई के मुताबिक कंपनी ने यह जानकारी दी है। बयान में कहा गया है, &#8221; भारती एयरटेल, भारती हेक्साकॉम और टेलीनॉर की तरफ से कुल 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="405" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/airtel11.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/airtel11.jpg 684w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/airtel11-300x196.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p>सुप्रीम कोर्ट की फटकार और सरकार की सख्ती के बाद एयरटेल ने एजीआर वैधानिक बकाये में से 10000 करोड़ का भुगतान कर दिया है। पीटीआई के मुताबिक कंपनी ने यह जानकारी दी है। बयान में कहा गया है, &#8221; भारती एयरटेल, भारती हेक्साकॉम और टेलीनॉर की तरफ से कुल 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। बता दें शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने एजीआर वैधानिक बकाये के भुगतान में देरी को लेकर शीर्ष टेलीकॉम कंपनियों को कड़ी फटकार लगाया थी। फटकार के बाद शुक्रवार शाम को विभाग ने दूरसंचार कंपनियों को आधी रात तक 1.47 लाख करोड़ रुपये बकाया राशि चुकाने के निर्देश दिए।</p>
<p><img decoding="async" class=" wp-image-320985 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/airtel11-300x196.jpg" alt="" width="539" height="352" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/airtel11-300x196.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/02/airtel11.jpg 684w" sizes="(max-width: 539px) 100vw, 539px" /></p>
<p>दूरसंचार विभाग ने कहा था भारती-एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और अन्य कंपनियों को मियाद से पहले समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) की रकम शुक्रवार रात 11:59 बजे तक चुकानी होगी, लेकिन इसके बावजूद किसी कंपनी ने भुगतान नहीं किया। वहीं दूरसंचार विभाग के आदेश के बाद भारती एयरटेल ने 20 फरवरी तक 10 हजार करोड़ जमा कराने की बात कही थी। कंपनी ने कहा था कि शेष राशि अगली सुनवाई से पहले चुका दी जाएगी। एजीआर की गणना के लिए थोड़ा समय चाहिए।</p>
<p>शेष राशि 17 मार्च से पहले देने की पेशकश</p>
<p>कंपनी ने कहा है कि वह सेल्फ असेसमेंट के बाद शेष राशि का भुगतान करेगी। भारती एयरटेल ने कहा, &#8216;हम सेल्फ असेसमेंट एक्सरसाइज को तेजी से पूरा करने की प्रक्रिया में हैं और सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की अगली तारीख से पहले ही इसे पूरा करने पर बैलेंस पेमेंट कर देंगे।&#8217;  Airtel ने पहले DoT के आदेश का जवाब 20 फरवरी तक 10,000 करोड़ रुपये और बाकी 17 मार्च से पहले देने की पेशकश की थी। सरकार का Airtel पर लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क सहित लगभग 35,586 करोड़ रुपये बकाया है।</p>
<p>बता दें कंपनियों ने एजीआर वैधानिक बकाये का भुगतान करने के लिए दो साल की रोक के साथ 10 साल का समय देने की मांग की थी। उच्चतम न्यायालय ने अक्तूबर में सरकार द्वारा दूरंसचार कंपनियों से उन्हें प्राप्त होने वाले राजस्व पर मांगे गए शुल्क को जायज ठहराया था।</p>
<p>भुगतान में देरी पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सकल राजस्व के बकाये का भुगतान करने के आदेश का अनुपालन न करने पर दूरसंचार कंपनियों को फटकार लगाई और अवमानना का नोटिस जारी किया। 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने भारती एयरटेल, वोडाफोन- आइडिया, रिलायंस कंम्युनिकेशन, टाटा टेलीसर्विसेज और अन्य कंपनियों के एमडी और डेस्क अफसर को तलब किया.इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉप कंपनियों के बारे में कई टिप्पणी की थी..</p>
<p>अपने आदेश का अनुपालन न होने पर उच्चतम न्यायालय ने कहा कि देश में जिस तरह से चीजें हो रही हैं, इससे हमारी अंतरआत्मा हिल गई है ।</p>
<p>हमने एजीआर मामले में समीक्षा याचिका खारिज कर दी, लेकिन इसके बाद भी एक भी पैसा जमा नहीं किया गया</p>
<p>न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने कहा कि यदि एक डेस्क अधिकारी न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने की धृष्टता करता है तो फिर उच्चतम न्यायालय को बंद कर ही दीजिए</p>
<p>एजीआर मामले में आदेश पर अमल नहीं होने पर न्यायालय ने कहा, बेहतर है कि इस देश में न रहा जाए और देश छोड़ दिया जाए ।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने दूरसंचार विभाग के डेस्क अधिकारी के उस आदेश पर अफसोस जताया, जिससे एजीआर मामले में दिए गए फैसले के अनुपालन पर रोक लगी ।</p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने दूरसंचार एवं अन्य कंपनियों के निदेशकों, प्रबंध निदेशकों से पूछा कि एजीआर बकाये के भुगतान के आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने को लेकर उनके खिलाफ अवमानना कार्रवाई क्यों नहीं की जाए ।</p>
<p>शीर्ष अदालत में दायर हलफनामे में डीओटी ने कहा कि गणना के अनुसार, सरकार का एयरटेल पर 21,682.13 करोड़ रुपये बकाया है और वोडाफोन से बकाया राशि 19,823.71 करोड़ रुपये है, जबकि रिलायंस कम्युनिकेशंस पर कुल 16,456.47 करोड़ रुपये बकाया हैं। बीएसएनएल का 2,098.72 करोड़ रुपये और MTNL का 2,537.48 करोड़ रुपये बकाया है।</p>
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