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	<title>होलिका दहन &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>होलिका दहन &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>यूपी: सोमवार देर रात जलाई गई होली, कुछ जगहों पर आज भी दहन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 03 Mar 2026 05:34:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[होलिका दहन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="317" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-02-213222.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-02-213222.png 864w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-02-213222-300x154.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-02-213222-768x394.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />यूपी में होलिका दहन शुरू हो गया है। सोमवार को देर रात कुछ जगहों पर होलिका दहन हो गया है। यूपी के कई शहरों में सोमवार रात 12 बजे के बाद होलिका दहन हो गया। कुछ जगहों पर आज शाम को भी होलिका जलाई जाएंगी। दूसरी ओर चन्द्रग्रहण की वजह से आज रंग नहीं खेला &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="317" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-02-213222.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-02-213222.png 864w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-02-213222-300x154.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/03/Screenshot-2026-03-02-213222-768x394.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>यूपी में होलिका दहन शुरू हो गया है। सोमवार को देर रात कुछ जगहों पर होलिका दहन हो गया है।</p>



<p>यूपी के कई शहरों में सोमवार रात 12 बजे के बाद होलिका दहन हो गया। कुछ जगहों पर आज शाम को भी होलिका जलाई जाएंगी। दूसरी ओर चन्द्रग्रहण की वजह से आज रंग नहीं खेला जाएगा। कल चार मार्च को ही खेला जाएगा।</p>



<p>इस वर्ष का पहला चंद्रग्रहण मंगलवार को पड़ रहा है। ग्रहण के कारण होली से जुड़ा कार्य नहीं होगा। यह एक ग्रस्तोदय चंद्रग्रहण होगा जो भारत के कुछ हिस्सों में दिखेगा। चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:46 बजे तक रहेगा। ग्रहण का प्रारंभ भारत के किसी स्थान में दिखाई नहीं देगा क्योंकि चंद्रोदय होने से पूर्व ग्रहण प्रारंभ हो जाएगा।</p>



<p>ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि खग्रास चंद्रग्रहण का मोक्ष भारत के सुदूर पूर्वी भागों में दिखाई देगा। देश के बाकी हिस्सों में खंड चंद्रग्रहण का मोक्ष ही दिखाई देगा। तीन मार्च को चंद्रोदय शाम 06:12 बजे पर होगा। तीन मार्च को सूतक प्रात: 09:20 बजे से शाम 06:46 बजे तक रहेगा। यह ग्रहण पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका में दिखाई देगा। चंद्रोदय के समय ग्रहण का अंत रूस, कजाकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, श्रीलंका, मालदीव और हिंद महासागर में दिखाई देगा। यह ग्रहण सूर्य की राशि सिंह और पूर्वा फागुनी नक्षत्र में लगेगा।</p>



<p><strong>मंदिर में प्रवेश और मूर्ति स्पर्श भी वर्जित<br></strong>एसएस नागपाल के अनुसार, सूतक लग जाने पर मंदिर में प्रवेश करना मूर्ति को स्पर्श करना, भोजन करना, यात्रा आदि करना वर्जित है। बच्चे, वृद्ध और रोगी अति आवश्यक होने पर भोजन ले सकते हैं। भोजन सामग्री जैसे दूध, दही, घी इत्यादि में कुश या तुलसी का पत्ता रख देना चाहिए। ग्रहण मोक्ष के बाद पीने का पानी ताजा ले लेना चाहिए। गर्भवती महिलाएं पेट पर गाय के गोबर का पतला लेप लगा सकती हैं। ग्रहण अवधि में गर्भवती महिलाओं को नुकीली या धारदार वस्तुओं जैसे सुई, चाकू, कैंची आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इनका उपयोग गर्भस्थ शिशु पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। कुछ आध्यात्मिक उपाय भी इस समय लाभकारी माने जाते हैं। ग्रहण के दौरान ओम नमः शिवाय या इष्ट देव का स्मरण, मंत्र जप और विशेष रूप से चंद्र से संबंधित मंत्रों का उच्चारण सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जाता है।</p>



<p><strong>चंद्रग्रहण पर इन राशियों को रखनी चाहिए सावधानी<br>कर्क </strong>&#8211; चंद्रग्रहण कर्क राशि से दूसरे भाव में लगेगा। दूसरा भाव धन और कुटुंब का कारक माना जाता है। घर के लोगों के साथ वाद-विवाद मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। धन का लेन-देन करते समय सतर्क रहें वरना आर्थिक हानि हो सकती है। वाणी का इस्तेमाल सोच समझकर करना होगा।</p>



<p><strong>सिंह </strong>&#8211; चंद्रग्रहण सिंह राशि में लगेगा। यह ग्रहण आपको मानसिक उलझनों में डाल सकता है। जीवनसाथी के साथ अनबन, तनाव और मानसिक अशांति का कारण बन सकती है। आर्थिक नुकसान हो सकता है। संतान की सेहत का ख्याल भी रखना होगा।</p>



<p><strong>कन्या &#8211;</strong> द्वादश भाव में चंद्र ग्रहण लगेगा। इस ग्रहण के दौरान आपको सेहत को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। व्यय अधिक हो सकता है।</p>



<p><strong>मीन राशि </strong>-चंद्रग्रहण छठे भाव में लगेगा जो कि शत्रुओं का भाव कहा जाता है। शत्रुओं की संख्या बढ़ा सकता है। उधार लेन-देन न करें, आर्थिक रूप से कमजोर हो सकते हैं।</p>



<p><strong>शुभकार्य करने से बचें</strong><br>ज्योतिषविदों और खगोलशास्त्रियों के अनुसार, यह एक &#8221;खग्रास&#8221; चंद्रग्रहण होगा, जो भारत के अधिकांश हिस्सों में केवल समाप्ति (मोक्ष) के समय ही दिखाई देगा। केंद्रीय संस्कृति विश्वविद्यालय के डॉ. अश्विनी पांडेय के अनुसार, इसका होली पर प्रभाव रहेगा। शुभकार्य करने से बचना चाहिए। साथ ही, सूतक काल भी रहेगा। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और मूर्ति स्पर्श वर्जित होगा। इसका साया होली पर रहेगा। इसकी वजह से ही होलिका दहन एक दिन पहले करना पड़ा।</p>
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		<title>होलाष्टक, होलिका दहन, धुलेंडी और रंगपंचमी पर क्यों वर्जित है चौराहों को लांघना?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Feb 2026 05:32:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[होलिका दहन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-27-213215.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-27-213215.png 723w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-27-213215-300x167.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />होलाष्टक के 8वें दिन होलिका दहन रहता है। इसके दूसरे दिन धुलेंडी और होलिका दहन के पांचवें दिन रंगपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दौरान चौहरों को पार करने से पहले कुछ सावधानियां रखना जरूरी है। इस दौरान चौराहा लांघना या गलत तरीके से पार करना कष्टकारी माना जाता है और यह स्वास्थ्य या &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-27-213215.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-27-213215.png 723w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-27-213215-300x167.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>होलाष्टक के 8वें दिन होलिका दहन रहता है। इसके दूसरे दिन धुलेंडी और होलिका दहन के पांचवें दिन रंगपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दौरान चौहरों को पार करने से पहले कुछ सावधानियां रखना जरूरी है। इस दौरान चौराहा लांघना या गलत तरीके से पार करना कष्टकारी माना जाता है और यह स्वास्थ्य या दुर्भाग्य का कारण बन सकता है।</p>



<p><strong>चौराहा लांघना क्यों वर्जित है?</strong></p>



<ol class="wp-block-list">
<li>भक्त प्रहलाद और कष्ट के 8 दिन: पौराणिक कथा के अनुसार, हिरण्यकश्यप ने इन 8 दिनों में अपने पुत्र प्रहलाद को भीषण यातनाएं दी थीं। इन दिनों को शोक और कष्ट का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण हिंदू धर्म में इन दिनों कोई भी शुभ कार्य (शादी, मुंडन, गृह प्रवेश) वर्जित होता है। जब वातावरण में कष्ट और दुख की स्मृतियां हों, तो असुरक्षित स्थानों (जैसे सुनसान चौराहे या तिराहे) पर जाना मानसिक रूप से भारी पड़ सकता है।</li>



<li>चौराहे का महत्व: जहां होलिका दहन के लिए लकड़ियां एकत्रित की जाती हैं, उस चौराहे पर नकारात्मक शक्तियां एकत्रित मानी जाती हैं, इसलिए वहां से गुजरने या लांघने से बचना चाहिए। होलाष्टक (होली से 8 दिन पहले) के दौरान नकारात्मक ऊर्जा और ग्रहों के असंतुलन के कारण शुभ कार्य वर्जित होते हैं। होलाष्टक में ग्रहों की स्थिति अशुभ और ऊर्जा असंतुलित होती है, जिससे नकारात्मकता बढ़ती है।</li>



<li>टोने टोटके: तंत्र शास्त्र और लोक मान्यताओं के अनुसार, चौराहा एक ऐसी जगह है जहां चारों दिशाओं की ऊर्जाएं आपस में टकराती हैं। होलाष्टक के दौरान जब वातावरण में नकारात्मक शक्तियां अधिक प्रभावी मानी जाती हैं, तब लोग अपनी बाधाओं, नजर दोष या बीमारियों को दूर करने के लिए चौराहों पर ‘टोटके’ या पूजन सामग्री (जैसे उतारा, नींबू, सिंदूर, या बलि का भोजन) छोड़ते हैं। इसलिए उन्हें लांघना वर्जित माना गया है। यदि आप अनजाने में इन सामग्रियों को लांघते हैं या उन पर पैर रख देते हैं, या गाड़ी से उसे कुचल देते हैं, तो माना जाता है कि वह नकारात्मक ऊर्जा आपके साथ जुड़ सकती है। इसीलिए जब भी आप वहां से गुजर रहें हो, तो ध्यान रखें कि उस नींबू पर आपका पैर न पड़े या आपकी गाड़ी का पहिया न चढ़े। अन्यथा आप पर भी समस्या का प्रभाव हो सकता है।</li>



<li>ग्रहों का उग्र स्वभाव: होलाष्टक के इन 8 दिनों में आठ ग्रह (सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु) बेहद उग्र अवस्था में होते हैं। ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों की इस उग्रता के कारण मनुष्य की निर्णय क्षमता कमजोर होती है और मानसिक अशांति बढ़ती है। चौराहों पर ग्रहों की यह नकारात्मक रश्मियां अधिक सक्रिय होती हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए वहां से बचकर निकलने की सलाह दी जाती है।</li>



<li>मनोवैज्ञानिक और सुरक्षा का पहलू: पुराने समय में जब सड़कों पर रोशनी कम होती थी, तब चौराहों पर जंगली जानवरों या असामाजिक तत्वों का डर रहता था। साथ ही, होली की तैयारी के लिए लोग लकड़ियां और घास इकट्ठा करते थे, जिससे वहां गंदगी या चोट लगने का खतरा रहता था। ‘लांघने’ की मनाही असल में एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती थी।</li>
</ol>



<p><strong>होलाष्टक में खुद को कैसे सुरक्षित रखें?<br></strong>समय का ध्यान: सूर्यास्त के समय और देर रात को चौराहों पर रुकने या वहां खड़े होकर गपशप करने से बचें।<br>नजर रखें: यदि जमीन पर कोई विशेष सामग्री (जैसे फूल, नींबू, भूरा कद्दू, पत्तल पर रखा भोजन, कोयला या सफेद कपड़ा) दिखे, तो उससे दूरी बनाकर निकलें।</p>



<p>मंत्र शक्ति: यदि डर लगे या किसी ऐसी जगह से गुजरना पड़े, तो ॐ नमः शिवाय, ॐ हनुमते नम: या हनुमान चालीसा का मानसिक पाठ करते रहें।<br>गर्भवती महिला रहें सावधान: यदि कोई महिला गर्भवती है, तो उसे सड़क पर पड़े हुए नींबू से अधिक सावधान रहना चाहिए। गर्भवती महिला का नींबू को लांघना, गर्भपात का कारण बन सकता है। गर्भवती महिला को अपने हाथ से नींबू काटना भी नहीं चाहिए।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>होलिका दहन के दौरान करें इन मंत्रो का जप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 11:40:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[होलिका दहन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="359" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-033941.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-033941.png 848w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-033941-300x174.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-033941-768x446.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />होलिका दहन (Holika Dahan 2026) बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होलिका दहन की अग्नि न केवल नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करती है, बल्कि इस दौरान सही मंत्रों का जप किया जाए, तो कुंडली से ग्रहों के अशुभ प्रभाव भी कम करती है। साल 2026 में होलिका दहन के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="359" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-033941.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-033941.png 848w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-033941-300x174.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-033941-768x446.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>होलिका दहन (Holika Dahan 2026) बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होलिका दहन की अग्नि न केवल नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करती है, बल्कि इस दौरान सही मंत्रों का जप किया जाए, तो कुंडली से ग्रहों के अशुभ प्रभाव भी कम करती है।</p>



<p>साल 2026 में होलिका दहन के शुभ अवसर पर राशि और ग्रहों की शांति के लिए भगवान विष्णु के 108 नामों का जप परम फलदायी माना गया है, जो इस प्रकार हैं –</p>



<p><strong>।।श्री हरि विष्णु के 108 नाम।।<br></strong>1) ऊँ श्री विष्णवे नम:</p>



<p>2) ऊँ श्री परमात्मने नम:</p>



<p>3) ऊँ श्री विराट पुरुषाय नम:</p>



<p>4) ऊँ श्री क्षेत्र क्षेत्राज्ञाय नम:</p>



<p>5) ऊँ श्री केशवाय नम:</p>



<p>6) ऊँ श्री पुरुषोत्तमाय नम:</p>



<p>7) ऊँ श्री ईश्वराय नम:</p>



<p>8) ऊँ श्री हृषीकेशाय नम:</p>



<p>9) ऊँ श्री पद्मनाभाय नम:</p>



<p>10) ऊँ श्री विश्वकर्मणे नम:</p>



<p>11) ऊँ श्री कृष्णाय नम:</p>



<p>12) ऊँ श्री प्रजापतये नम:</p>



<p>13) ऊँ श्री हिरण्यगर्भाय नम:</p>



<p>14) ऊँ श्री सुरेशाय नम:</p>



<p>15) ऊँ श्री सर्वदर्शनाय नम:</p>



<p>16) ऊँ श्री सर्वेश्वराय नम:</p>



<p>17) ऊँ श्री अच्युताय नम:</p>



<p>18) ऊँ श्री वासुदेवाय नम:</p>



<p>19) ऊँ श्री पुण्डरीक्षाय नम:</p>



<p>20) ऊँ श्री नर-नारायणा नम:</p>



<p>21) ऊँ श्री जनार्दनाय नम:</p>



<p>22) ऊँ श्री लोकाध्यक्षाय नम:</p>



<p>23) ऊँ श्री चतुर्भुजाय नम:</p>



<p>24) ऊँ श्री धर्माध्यक्षाय नम:</p>



<p>25) ऊँ श्री उपेन्द्राय नम:</p>



<p>26) ऊँ श्री माधवाय नम:</p>



<p>27) ऊँ श्री महाबलाय नम:</p>



<p>28) ऊँ श्री गोविन्दाय नम:</p>



<p>29) ऊँ श्री प्रजापतये नम:</p>



<p>30) ऊँ श्री विश्वातमने नम:</p>



<p>31) ऊँ श्री सहस्त्राक्षाय नम:</p>



<p>32) ऊँ श्री नारायणाय नम:</p>



<p>33) ऊँ श्री सिद्ध संकल्पयाय नम:</p>



<p>34) ऊँ श्री महेन्द्राय नम:</p>



<p>35) ऊँ श्री वामनाय नम:</p>



<p>36) ऊँ श्री अनन्तजिते नम:</p>



<p>37) ऊँ श्री महीधराय नम:</p>



<p>38) ऊँ श्री गरुडध्वजाय नम:</p>



<p>39) ऊँ श्री लक्ष्मीपतये नम:</p>



<p>40) ऊँ श्री दामोदराय नम:</p>



<p>41) ऊँ श्री कमलापतये नम:</p>



<p>42) ऊँ श्री परमेश्वराय नम:</p>



<p>43) ऊँ श्री धनेश्वराय नम:</p>



<p>44) ऊँ श्री मुकुन्दाय नम:</p>



<p>45) ऊँ श्री आनन्दाय नम:</p>



<p>46) ऊँ श्री सत्यधर्माय नम:</p>



<p>47) ऊँ श्री उपेन्द्राय नम:</p>



<p>48) ऊँ श्री चक्रगदाधराय नम:</p>



<p>49) ऊँ श्री भगवते नम</p>



<p>50) ऊँ श्री शान्तिदाय नम:</p>



<p>51) ऊँ श्री गोपतये नम:</p>



<p>52) ऊँ श्री श्रीपतये नम:</p>



<p>53) ऊँ श्री श्रीहरये नम:</p>



<p>54) ऊँ श्री श्रीरघुनाथाय नम:</p>



<p>55) ऊँ श्री कपिलेश्वराय नम:</p>



<p>56) ऊँ श्री वाराहय नम:</p>



<p>57) ऊँ श्री नरसिंहाय नम:</p>



<p>58) ऊँ श्री रामाय नम:</p>



<p>59) ऊँ श्री हयग्रीवाय नम:</p>



<p>60) ऊँ श्री शोकनाशनाय नम:</p>



<p>61) ऊँ श्री विशुद्धात्मने नम :</p>



<p>62) ऊँ श्री केश्वाय नम:</p>



<p>63) ऊँ श्री धनंजाय नम:</p>



<p>64) ऊँ श्री ब्राह्मणप्रियाय नम:</p>



<p>65) ऊँ श्री श्री यदुश्रेष्ठाय नम:</p>



<p>66) ऊँ श्री लोकनाथाय नम:</p>



<p>67) ऊँ श्री भक्तवत्सलाय नम:</p>



<p>68) ऊँ श्री चतुर्मूर्तये नम:</p>



<p>69) ऊँ श्री एकपदे नम:</p>



<p>70) ऊँ श्री सुलोचनाय नम:</p>



<p>71) ऊँ श्री सर्वतोमुखाय नम:</p>



<p>72) ऊँ श्री सप्तवाहनाय नम:</p>



<p>73) ऊँ श्री वंशवर्धनाय नम:</p>



<p>74) ऊँ श्री योगिनेय नम:</p>



<p>75) ऊँ श्री धनुर्धराय नम:</p>



<p>76) ऊँ श्री प्रीतिवर्धनाय नम:</p>



<p>77) ऊँ श्री प्रीतिवर्धनाय नम</p>



<p>78) ऊँ श्री अक्रूराय नम:</p>



<p>79) ऊँ श्री दु:स्वपननाशनाय नम:</p>



<p>80) ऊँ श्री भूभवे नम:</p>



<p>81) ऊँ श्री प्राणदाय नम:</p>



<p>82) ऊँ श्री देवकी नन्दनाय नम:</p>



<p>83) ऊँ श्री शंख भृते नम:</p>



<p>84) ऊँ श्री सुरेशाय नम:</p>



<p>85) ऊँ श्री कमलनयनाय नम:</p>



<p>86) ऊँ श्री जगतगुरूवे नम:</p>



<p>87) ऊँ श्री सनातन नम:</p>



<p>88) ऊँ श्री सच्चिदानन्दाय नम:</p>



<p>89) ऊँ श्री द्वारकानाथाय नम:</p>



<p>90) ऊँ श्री दानवेन्द्र विनाशकाय नम:</p>



<p>91) ऊँ श्री दयानिधि नम:</p>



<p>92) ऊँ श्री एकातम्ने नम:</p>



<p>93) ऊँ श्री शत्रुजिते नम:</p>



<p>94) ऊँ श्री घनश्यामाय नम:</p>



<p>95) ऊँ श्री लोकाध्यक्षाय नम:</p>



<p>96) ऊँ श्री जरा-मरण-वर्जिताय नम:</p>



<p>97) ऊँ श्री सर्वयज्ञफलप्रदाय नम:</p>



<p>98) ऊँ श्री विराटपुरुषाय नम:</p>



<p>99) ऊँ श्री यशोदानन्दनयाय नम:</p>



<p>100) ऊँ श्री परमधार्मिकाय नम:</p>



<p>101) ऊँ श्री गरुडध्वजाय नम:</p>



<p>102) ऊँ श्री प्रभवे नम:</p>



<p>103) ऊँ श्री लक्ष्मीकान्ताजाय नम:</p>



<p>104) ऊँ श्री गगनसदृश्यमाय नम:</p>



<p>105) ऊँ श्री वामनाय नम:</p>



<p>106) ऊँ श्री हंसाय नम:</p>



<p>107) ऊँ श्री वयासाय नम:</p>



<p>108) ऊँ श्री प्रकटाय नम।</p>
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		<title>होलिका दहन की राख का छोटा सा उपाय बदल सकता है आपकी किस्मत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Feb 2026 11:07:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[होलिका दहन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="322" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-024707.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-024707.png 847w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-024707-300x157.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-024707-768x401.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />होलिका दहन (Holika Dahan 2026) का पर्व सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से इसे ‘शुद्धि’ का पर्व भी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, होलिका की अग्नि में नकारात्मकता (Negativity) जलकर भस्म हो जाती है और पीछे एक अत्यंत पवित्र ‘भस्म’ या राख छोड़ जाती है। अगर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="322" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-024707.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-024707.png 847w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-024707-300x157.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-26-024707-768x401.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>होलिका दहन (Holika Dahan 2026) का पर्व सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से इसे ‘शुद्धि’ का पर्व भी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, होलिका की अग्नि में नकारात्मकता (Negativity) जलकर भस्म हो जाती है और पीछे एक अत्यंत पवित्र ‘भस्म’ या राख छोड़ जाती है।</p>



<p>अगर आप आर्थिक तंगी, वास्तु दोष (Vastu Dosha) या नजर दोष (Nazar Dosha) से परेशान हैं, तो होलिका की राख (Holika Ki Raakh) के ये छोटे लेकिन अचूक उपाय आपके जीवन की दिशा बदल सकते हैं।</p>



<p><strong>वास्तु दोष से मुक्ति के लिए<br></strong>अक्सर घर में बिना वजह क्लेश रहता है या भारीपन महसूस होता है, जो वास्तु दोष का संकेत हो सकता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, होलिका दहन के अगले दिन सुबह जल्दी जाकर ठंडी राख ले आएं। इस राख को घर के चारों कोनों में छिड़कने से नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का नाश होता है।</p>



<p>अगर संभव हो, तो इस राख में थोड़ा राई और नमक मिलाकर घर के मुख्य द्वार पर एक छोटी पोटली में बांधकर लटका दें। इससे घर में सकारात्मकता (Positivity) का संचार होता है।</p>



<p><strong>आर्थिक तंगी दूर करने का उपाय<br></strong>अगर पैसा आता है पर टिकता नहीं, तो यह उपाय आपके लिए है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होलिका की राख को एक लाल कपड़े में बांधकर उसमें एक चांदी का सिक्का रखें और इसे अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। माना जाता है कि ऐसा करने से अनावश्यक खर्चे रुकते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।</p>



<p><strong>ग्रह बाधा और नजर दोष<br></strong>अगर किसी बच्चे या बड़े को बार-बार नजर लगती है या राहु-केतु (Rahu And Ketu) की दशा परेशान कर रही है, तो प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, होलिका की राख का तिलक माथे पर लगाना अत्यंत शुभ होता है। विभूति के रूप में इसे शरीर पर मलने से मानसिक शांति मिलती है और स्वास्थ्य में सुधार आता है।</p>
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		<title>होलिका दहन पर करें दीपक से जुड़े ये उपाय, घर में होगा सकारात्मक ऊर्जा का वास</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 13 Mar 2025 04:54:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="367" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-184-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-184.jpg 769w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-184-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />सनातन धर्म में फाल्गुन के महीने को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह में कई पर्व मनाए जाते हैं जिनमें होली भी शामिल है। इस पर्व से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। इस दौरान कई तरह के उपाय (Holika Dahan 2025 Upay) भी किए जाते हैं। अगर आप भी सुख और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="367" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-184-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-184.jpg 769w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-184-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सनातन धर्म में फाल्गुन के महीने को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह में कई पर्व मनाए जाते हैं जिनमें होली भी शामिल है। इस पर्व से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। इस दौरान कई तरह के उपाय (Holika Dahan 2025 Upay) भी किए जाते हैं। अगर आप भी सुख और समृद्धि में वृद्धि चाहते हैं तो यहां बताए गए उपाय जरूर करें।</p>



<p>रंगों का पर्व होली का लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस पर्व का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। इस दिन लोग जीवन में खुशियों के आगमन के लिए दीपक से जुड़े उपाय भी करते हैं।</p>



<p>ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होली की रात को पंचमुखी दीपक (Panchmuki Deepak ke upay) जलाने से सभी दुख दोष से छुटकारा मिलता है। साथ ही घर में उत्पन्न नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि दीपक से जुड़े इन चमत्कारी उपायों के बारे में।</p>



<p>अगर आप जीवन में किसी बाधा का सामना कर रहे हैं, तो होलिका दहन की रात को आटे से पंचमुखी दीपक को बनाएं और इसमें सरसों का तेल एवं तिल डालकर चौरहे पर जलाकर रख दें। एक बात का खास ध्यान रखें कि इस उपाय को करते समय आपको कोई टोके न। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस उपाय को करने से कर्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।</p>



<p>अगर आप आर्थिक तंगी को दूर करना चाहते हैं, तो होलिका दहन की रात को घर में दीपक जलाएं। इस दीपक को पूरी रात जलाएं रखें। इस दौरान जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस उपाय को सच्चे मन करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। रुके हुए काम जल्द पूरे होते हैं। साथ ही घर में सकारात्मक उर्जा का वास होता है।</p>



<p>यदि आपके घर में कोई लंबे समय से किसी से किसी बीमारी का सामना कर रहा है, तो ऐसे में होलिका दहन में एक पान में एक बताशा और दो लौंग रखकर अर्पित कर दें। इसके पश्चात राख को घर ले आए और उसे रोगी के शरीर में लगा दें। मान्यता है कि ऐसा करने से रोगी को बीमारी से मुक्ति मिलती है।</p>



<p>इसके अलावा आप होलिका दहन की राख को किसी लाल कपड़े में तांबे के सात छेद वाले सिक्के के साथ बांधकर उसे तिजोरी में रख दें। माना जाता है ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और धन में में वृद्धि होती है।</p>
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