हैक से सावधान – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Sat, 08 Jun 2019 06:53:38 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg हैक से सावधान – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 हैक से सावधान, आपका स्मार्टफोन हो सकता है… https://livehalchal.com/%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d/242989 Sat, 08 Jun 2019 06:53:38 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=242989 नए सिक्युरिटी फीचर्स को इनेबल टेक्नोलॉजी कंपनियां जैसे-जैसे स्मार्टफोन को हैक होने से बचाने के लिए कर रही हैं, हैकर्स उनसे एक कदम आगे निकलकर फोन को हैक करने के नए तरीके निकालने में जुटे रहते हैं. अगर आपसे कहा जाए कि आप फोन पर क्या टाइप कर रहे हैं यह सुनकर हैकर्स आपके पासवर्ड …]]>

नए सिक्युरिटी फीचर्स को इनेबल टेक्नोलॉजी कंपनियां जैसे-जैसे स्मार्टफोन को हैक होने से बचाने के लिए कर रही हैं, हैकर्स उनसे एक कदम आगे निकलकर फोन को हैक करने के नए तरीके निकालने में जुटे रहते हैं.

अगर आपसे कहा जाए कि आप फोन पर क्या टाइप कर रहे हैं यह सुनकर हैकर्स आपके पासवर्ड को ट्रैक कर सकते हैं. तो आपको भी हैरानी होगी. लेकिन यह बात कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के एक रिसर्च में सामने आई है. टाइप करने से जो साउंट वेब निकलता है उसके जरिए पासवर्ड का पता लगाया जा सकता है. हैकर्स आपके द्वारा टाइप किए गए पासवर्ड को साउंड वेब के जरिए डिकोड करके उसका पता लगा सकते हैं. इसके लिए हैकर्स को बस आपको माइक्रोफोन ऐप का एस्सेस लेना होता है. हमने यह दर्शाया कि साइबर अटैक के जरिए पिन कोड्स के हर लेटर और फिर पूरे शब्द को कैसे सफलतापूर्वक डिकोड किया जा सकता है अगर कोई स्मार्टफोन यूजर किसी भी अननोन ऐप को अपने स्मार्टफोन में इंस्टॉल करता है तो हैकर्स को उसके स्मार्टफोन के माइक्रोफोन का एक्सेस मिल जाता है.

कई ऐप्स को इंस्टॉल करते समय यूजर्स कई तरह के परमिशन को बिना देखे अग्री कर देते हैं जिसकी वजह से हैकर्स को यूजर्स के स्मार्टफोन का एक्सेस आसानी से मिल जाता है. हैकर्स इसके लिए रिंग टोन या फिर यूजर को टारगेट किसी भी तरह के ऐप के जरिए कर सकते हैं. एक मशीन लर्निंग एल्गोरिदम रिसर्चर ने डिजाइन किया है जो कि किसी भी की-स्ट्रोक को टाइप करने के बाद उसके वाइब्रेशन को डिकोड कर सकता है. इसके लिए 45 लोगों के ग्रुप ने मिलकर कई टेस्ट किए गए. रिसर्चर ने स्मार्टफोन के लिए किए गए टेस्ट में 27 में से 7 बार सही पासवर्ड बताए. टैबलेट के लिए किए गए टेस्ट में 27 में से 19 बार सही पासवर्ड बताए. रिसर्चर ने बताया कि स्मार्टफोन का माइक्रोफोन उंगली के टैप की आवाज को सुनकर टैप किए गए लोकेशन पर वेब और डिस्टॉर्शन क्रिएट होता है.

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