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	<title>हेलीकॉप्टर &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>हेलीकॉप्टर &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>देहरादून: सीएम धामी ने की घोषणा- आंदोलनकारी और उनके आश्रितों की बढ़ेगी पेंशन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 08 Nov 2025 10:02:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हेलीकॉप्टर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="584" height="338" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/ghhhh-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/ghhhh.jpg 584w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/ghhhh-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 584px) 100vw, 584px" />मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून स्थित शहीद स्थल कचहरी परिसर में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइन में आयोजित राज्य आंदोलनकारी सम्मान समारोह में राज्य आंदोलनकारियों और शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिवारजनों को सम्मानित &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="584" height="338" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/ghhhh-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/ghhhh.jpg 584w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/ghhhh-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 584px) 100vw, 584px" />
<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून स्थित शहीद स्थल कचहरी परिसर में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइन में आयोजित राज्य आंदोलनकारी सम्मान समारोह में राज्य आंदोलनकारियों और शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिवारजनों को सम्मानित किया।</p>



<p>कचहरी परिसर शहीद स्थल और पुलिस लाइन देहरादून में इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारियों पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण केवल राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि देवभूमि के लाखों लोगों के बलिदान, संघर्ष और तप का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के दौरान खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा जैसी दर्दनाक घटनाएं हमारे इतिहास के अमर अध्याय हैं।</p>



<p>राज्य निर्माण में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात बलिदानियों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रही है और देती रहेगी। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के लिए संचालित पेंशन एवं अन्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल सहायता नहीं, बल्कि हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है।<br><strong>मुख्यमंत्री ने की घोषणा</strong></p>



<p>1-शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के नाम पर उनके क्षेत्र की मुख्य अवस्थापना सुविधाओं का नामकरण किया जायेगा।</p>



<p>2-उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान 7 दिन जेल गये अथवा राज्य आन्दोलन के दौरान घायल हुये आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 6 हजार रुपए से बढ़ाकर 7 हजार रुपए प्रतिमाह की जाएगी।</p>



<p>3-उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान जेल गये या घायल श्रेणी से भिन्न अन्य राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 4500 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए प्रतिमाह की जाएगी।</p>



<p>4-उत्तराखंड राज्य आन्दोलन के दौरान विकलांग होकर पूर्णतः शय्याग्रस्त हुए राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 20,000 हजार रूपए से बढ़ाकर 30,000 हजार रुपए की जाएगी और उनकी देखभाल के लिए मेडिकल अटेंडेंड की व्यवस्था भी की जाएगी।<br>ये भी पढ़ें…Uttarakhand: प्रदेश की सड़कों पर सुरक्षा का मूल्यांकन करेंगी नौ एजेंसियां, एक साल के लिए किया गया है पंजीकरण</p>



<p>5 -उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान शहीद हुये राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन प्रतिमाह 3000 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए की जाएगी।</p>



<p>6- उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु वर्ष 2021 तक जिलाधिकारी कार्यालय में प्राप्त लम्बित आवेदन पत्रों के निस्तारण हेतु छः माह का समय विस्तार प्रदान किया जायेगा।</p>



<p>7-समस्त शहीद स्मारकों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।</p>
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		<title>फिनलैंड में हवा में दो हेलीकॉप्टर की हुई भीषण टक्कर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 18 May 2025 12:05:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[हेलीकॉप्टर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="357" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/jgui-2-large.gif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/jgui-2.gif 750w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/jgui-2-medium.gif 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />फिनलैंड में एक बड़ी दुर्घटना घटी है, जहां हवा में दो हेलिकॉप्टरों की टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों हेलिकॉप्टर जमीन पर गिरकर क्रैश हो गए। पुलिस ने बताया कि इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दुर्घटना के वक्त दोनों हेलिकॉप्टर में पांच लोग ही सवार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="357" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/jgui-2-large.gif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/jgui-2.gif 750w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/05/jgui-2-medium.gif 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>फिनलैंड में एक बड़ी दुर्घटना घटी है, जहां हवा में दो हेलिकॉप्टरों की टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों हेलिकॉप्टर जमीन पर गिरकर क्रैश हो गए।</p>



<p>पुलिस ने बताया कि इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दुर्घटना के वक्त दोनों हेलिकॉप्टर में पांच लोग ही सवार थे।</p>



<p><strong>बचाव व जांच कार्य है जारी<br></strong>हादसे को लेकर पुलिस ने बयान जारी कर कहा, “इस हादसे में कई लोगों की मौत हुई है। पीड़ितों की पहचान की जा रही है और पुलिस व अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव व जांच कार्य में जुटी हुई है।”</p>



<p>स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन दोनों हेलिकॉप्टर्स ने एस्टोनिया से उड़ान भरी थी और इनमें कुछ व्यवसायी सवार थे। एक हेलिकॉप्टर में तीन लोग बैठे थे और दूसरे में दो लोग सवार थे। पुलिस ने बताया कि यह हादसा फिलनैंड के कौटुआ शहर के पास दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में यूरा हवाई अड्डे के पास एक जंगली इलाके में हुई है।</p>



<p><strong>चीफ इंस्पेक्टर का बयान<br></strong>नेशनल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के डिटेक्टिव चीफ इंस्पेक्टर जोहान्स सिरिला ने बताया, “शनिवार को यूरा हवाई अड्डे के पास दो हेलिकॉप्टर के आपस में टकराने से पांच लोगों की मौत हो गई।” उन्होंने बताया कि दोनों हेलिकॉप्टर फिनलैंड के बाहर पंजीकृत थे।</p>



<p>फिनलैंड के हेलसिंगिन सनोमैट अखबार का हवाला देते हुए एस्टोनियाई पब्लिक ब्रॉडकास्टिंग (ERR) ने बताया कि एक हेलिकॉप्टर एस्टोनिया में और दूसरा ऑस्ट्रिया में पंजीकृत था और दोनों हेलिकॉप्टर एस्टोनियाई कंपनी के थे।</p>



<p><strong>हादसे की जांच में जुटी एजेंसियां<br></strong>हादसे की असली वजह क्या थी, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल, न तो मौसम खराब की जानकारी सामने आई है और न ही तकनीकी खराबी की। जांच एजेंसिया अब ब्लैक बॉक्स, फ्लाइट रिकॉर्ड्स और चश्मदीदों के बयान के आधार पर इस टक्कर की वजह जानने में जुटी है।</p>
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		<title>मालदीव ने भारतीय डोर्नियर विमान और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल फिर किया शुरू</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Jul 2024 05:55:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय डोर्नियर विमान]]></category>
		<category><![CDATA[हेलीकॉप्टर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1325.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1325.png 692w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1325-300x170.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />मालदीव ने भारत द्वारा उपहार में दिए गए डोर्नियर विमान और दो हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल चिकित्सा निकासी सेवाओं के लिए फिर से शुरू कर दिया है। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने चिकित्सा निकासी सेवाओं को फिर से शुरू करने में सक्षम बनाने के लिए भारत को धन्यवाद दिया है। डोर्नियर विमान और हेलीकॉप्टर पहले भारतीय सैन्यकर्मियों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1325.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1325.png 692w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1325-300x170.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मालदीव ने भारत द्वारा उपहार में दिए गए डोर्नियर विमान और दो हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल चिकित्सा निकासी सेवाओं के लिए फिर से शुरू कर दिया है। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने चिकित्सा निकासी सेवाओं को फिर से शुरू करने में सक्षम बनाने के लिए भारत को धन्यवाद दिया है। डोर्नियर विमान और हेलीकॉप्टर पहले भारतीय सैन्यकर्मियों द्वारा संचालित किए जाते थे।</p>



<p>मालदीव ने भारत द्वारा उपहार में दिए गए डोर्नियर विमान और दो हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल चिकित्सा निकासी सेवाओं के लिए फिर से शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट में शनिवार को यह जानकारी दी गई। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने चिकित्सा निकासी सेवाओं को फिर से शुरू करने में सक्षम बनाने के लिए भारत को धन्यवाद दिया है।</p>



<p><strong>राष्ट्रपति मुइज्जू ने लगाई थी रोक</strong><br>मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल (एमएनडीएफ) ने स्थानीय मीडिया को यह जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि इस बार भारत से भेजे गए असैन्य दल के साथ इन सेवाओं को शुरू किया गया है। डोर्नियर विमान और हेलीकॉप्टर पहले भारतीय सैन्यकर्मियों द्वारा संचालित किए जाते थे और राष्ट्रपति मुइज्जू के शपथ लेने के तुरंत बाद इन्हें बंद कर दिया गया था।</p>



<p>हालांकि, भारत ने कुछ साल पहले मालदीव को उपहार में दिए गए डोर्नियर विमान और हेलीकाप्टर वापस नहीं लिए थे। डोर्नियर विमान को संचालित करने के लिए हनीमाधू में और हेलीकाप्टरों को संचालित करने के लिए लामू कधधू और सीनू गण में भारतीयों को तैनात किया गया है। इसमें कुल 76 भारतीय मौजूद हैं।</p>



<p><strong>विमान के साथ चिकित्सा निकासी शुरू</strong><br>राष्ट्रपति मुइज्जू ने 59वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर युवा केंद्र में आयोजित आधिकारिक समारोह में विमान के साथ चिकित्सा निकासी फिर से शुरू करने की घोषणा की। सैन्य कर्मियों को बदले जाने के बाद पहली बार भारतीय विमान की मदद से किसी मरीज को माले पहुंचाया गया।</p>
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		<title> आपदा में हेलीकॉप्टर के साथ अब ड्रोन से भी ली जाएगी मदद</title>
		<link>https://livehalchal.com/uk-393/567280</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 28 Jun 2024 04:34:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हेलीकॉप्टर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="372" height="253" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/uk-2-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/uk-2-2.jpg 372w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/uk-2-2-300x204.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/uk-2-2-110x75.jpg 110w" sizes="auto, (max-width: 372px) 100vw, 372px" />ड्रोन की जरूरत को देखते हुए आईटीडीए से सर्विस सेवा के रूप में ड्रोन लेने का निर्णय लिया गया है। जरूरत के समय ड्रोन प्रोवाइडर से रेंट पर ड्रोन लेकर इस्तेमाल किया जाएगा। आपदा में ड्रोन से भी मदद ली जाएगी। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने 900 स्वयंसेवक तैयार कर लिए हैं। इन सभी को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="372" height="253" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/uk-2-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/uk-2-2.jpg 372w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/uk-2-2-300x204.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/06/uk-2-2-110x75.jpg 110w" sizes="auto, (max-width: 372px) 100vw, 372px" />
<p>ड्रोन की जरूरत को देखते हुए आईटीडीए से सर्विस सेवा के रूप में ड्रोन लेने का निर्णय लिया गया है। जरूरत के समय ड्रोन प्रोवाइडर से रेंट पर ड्रोन लेकर इस्तेमाल किया जाएगा।</p>



<p>आपदा में ड्रोन से भी मदद ली जाएगी। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने 900 स्वयंसेवक तैयार कर लिए हैं। इन सभी को नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से प्रशिक्षण दिलाया गया है। आपदा विभाग इस बार मानसून सीजन में हेलीकॉप्टर के साथ ड्रोन इस्तेमाल और जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर दे रहा है ताकि आपदा के दौरान स्थानीय लोग तुरंत रिस्पांस कर सकें। सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि आपदा के दौरान हेलीकॉप्टर के साथ ड्रोन भी इस्तेमाल किए जाएंगे।</p>



<p>ड्रोन की जरूरत को देखते हुए आईटीडीए से सर्विस सेवा के रूप में ड्रोन लेने का निर्णय लिया गया है। क्योंकि अगर ड्रोन खरीदते हैं तो उसको खरीदने के खर्च के साथ ही ऑपरेटर का भी खर्च आता है। ऐसे में आपदा विभाग ने निर्णय लिया है कि जरूरत के समय ड्रोन प्रोवाइडर से रेंट पर ड्रोन लेकर इस्तेमाल किया जाएगा। वर्तमान समय में ड्रोन की क्षमता भी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर लोग किसी भी घटना के दौरान तत्काल रिस्पांस कर सकते हैं।</p>



<p>हर जगह तत्काल होमगार्ड, सिविल डिफेंस, पुलिस और एसडीआरएफ को नहीं भेज सकते हैं क्योंकि इसमें समय लगता है। आपदाओं को देखते हुए 900 स्वयंसेवकों को नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (एनआईएम) से प्रशिक्षित किया गया है। इनको पूरी किट भी उपलब्ध कराई गई है।<br></p>



<p><strong>तीन स्थानों पर लगाए गए डॉप्लर रडार</strong><br>सचिव आपदा डॉ. रंजीत सिन्हा ने बताया कि प्रदेश में तीन स्थानों सुरकंडा देवी, मुक्तेश्वर और लैंसडाैन में डॉप्लर रडार लगाए गए हैं। एक रडार करीब 100 किमी दायरे में मौसम का पैटर्न डिटेक्ट करता है। रियल टाइम डाटा देता है। ये रडार क्लाउड थिकनेस और क्लाउड लोकेशन भी तत्काल बता देते हैं, जिससे आधे घंटे पहले ही सटीक पूर्वानुमान हो जाता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>धधक रहे जंगल, अब वायुसेना के हेलीकॉप्टर से मदद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 27 Apr 2024 05:46:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[जंगल]]></category>
		<category><![CDATA[वायुसेना]]></category>
		<category><![CDATA[हेलीकॉप्टर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="405" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/uk-33.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/uk-33.jpg 628w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/uk-33-300x197.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />प्रदेश में बीते 24 घंटे में 31 स्थानों पर वनाग्नि के नए मामले सामने आए हैं। वन विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को भी वनाग्नि की घटनाओं में ज्यादा संख्या आरक्षित वनों की सामने आई है। अपर प्रमुख वन संरक्षक निशांत वर्मा के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में आरक्षित वनों में 29 और सिविल या वन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="405" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/uk-33.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/uk-33.jpg 628w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/uk-33-300x197.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>प्रदेश में बीते 24 घंटे में 31 स्थानों पर वनाग्नि के नए मामले सामने आए हैं। वन विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को भी वनाग्नि की घटनाओं में ज्यादा संख्या आरक्षित वनों की सामने आई है। अपर प्रमुख वन संरक्षक निशांत वर्मा के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में आरक्षित वनों में 29 और सिविल या वन पंचायतों में दो वनाग्नि की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें कुल 33.34 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुए हैं। हालांकि, कहीं भी कोई मानव हानि सामने नहीं आई।&nbsp;</p>



<p>गढ़वाल मंडल के टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिले के जंगल लगातार धधक रहे हैं। ज्यादातर चीड़ के जंगलहोने के कारण आग तेजी से फैल रही है। वनकर्मी आग बुझाने में जुटे हैं। एक स्थान पर आग बुझती है तो दूसीर जगह भड़क उठती है। आग से बड़ी&nbsp; मात्रा में वनसंपदा को नुकसान पहुंचा है। वहीं पशुओं के लिए चारे की समस्या भी खड़ी हो गई है।&nbsp;</p>



<p><strong>चमोली के जंगलों में फिर भड़की आग</strong><br> चमोली जिले के जंगलों में फिर आग धधक गई है। शुक्रवार को जिले के अलग-अलग पांच जगह पर वनाग्नि की घटनाएं सामने आई हैं। जिससे बड़ी मात्रा में वन संपदा नष्ट हो गई है। शुक्रवार को गोपेश्वर के पास कोठियालसैंण और ग्वीलों के जंगल में आग भड़क गई। चीड़ के जंगल में आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया। वहीं सुबह इंजीनियरिंग कॉलेज के नीचे के जंगल में भी आग लग गई। आग आईटीबीपी कैंपस में घोड़े के अस्तबल के पास तक पहुंच गई।</p>



<p>सूचना पर फायर सर्विस गोपेश्वर की टीम ने मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग को बुझा दिया। वहीं दोपहर को देवखाल के जंगल में भी आग भड़क गई। देखते ही देखते आग जंगल के बड़े क्षेत्र में फैल गई है।</p>



<p>वहीं पोखरी विकासखंड के विशाल ग्राम पंचायत की सिविल भूमि में चीड़ के जंगल में आग लग गई। वन सरपंच महिपाल सिंह ने वनाग्नि की सूचना केदारनाथ वन प्रभाग को दी। प्रभाग की नागनाथ रेंज के वन दरोगा आनंद सिंह रावत फायर वाचरों के साथ मौके पर पहुंचे, काफी मशक्कत के बाद वन कर्मियों ने आग को काबू कर लिया है।</p>



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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="669" height="408" data-id="555209" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/uk-3-16.jpg" alt="" class="wp-image-555209" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/uk-3-16.jpg 669w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/uk-3-16-300x183.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 669px) 100vw, 669px" /></figure>
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<p><strong>असहाय वन विभाग काबू नहीं कर पा रहा जंगलों की आग</strong><br>कंडीसौड़ (टिहरी) में फायर सीजन में जंगलों को आग से बचाने की तैयारी में जुटे वन विभाग की तैयारियां धरी की धरी रह गई है। एक ही समय कई जगहों पर आग लगने पर विभाग असहाय नजर आ रहा है। विभागीय कर्मचारियों को सूचना देने पर वह मैन पावर की कमी का रोना रो रहे हैं। जिससे जगह-जगह जंगल धधक रहे हैं। शुक्रवार को सुबह 10 बजे सुनारगांव के सिविल वन क्षेत्र में लगी आग पांच घंटे बाद काबू की गई। वन कर्मियों के वहां से आग बुझाकर लौटने के डेढ़ घंटे बाद ही कंडीसौड़ का जंगल धधकने लगा। स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी।</p>



<p>वन कर्मियों ने बताया कि वह मैंडखाल क्षेत्र के पदोगी, लवाणी, कस्तल और भंडार्की के जंगल में लगी आग बुझाने में व्यस्त हैं। इस कारण अपराह्न साढ़े चार बजे से शाम साढ़े सात बजे तक चीड़ का जंगल धधकता रहा। वन दरोगा प्रेमलाल डोभाल ने कहा कि वह मैंडखाल क्षेत्र में लगी आग काबू करते ही टीम को कंडीसौड़ क्षेत्र में भेजा जाएगा। उधर भिलंगना ब्लाक के पडागली में भी जंगल घंटों तक जलता रहा। जिससे वन संपदा को काफी नुकसान हुआ है। </p>



<p><strong>वन विभाग ने वायुसेना के हेलीकॉप्टर की ली मदद</strong><br>कुमाऊं के जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने शनिवार से भीमताल झील से पानी भरकर जंगलों में पानी डालने का काम करना शुरू कर दिया है। शनिवार की सुबह वायुसेना के हेलीकॉप्टर ने भीमताल झील से टैं पानी भरकर नैनीताल के जंगलों में लगी आग पर डाला। वन क्षेत्राधिकारी विजय मेलकानी ने बताया कि जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद ली गई है। मेलाकनी ने बताया कि हेलीकॉप्टर ने अभी तक तीन बार झील से पानी भरकर जंगलों में लगी आग पर डालना शुरू कर दिया है। मेलकानी ने बताया कि वन विभाग के कर्मचारी भी आग बुझाने में लगे हुए हैं। आग से भीमताल, पाइंस, रानीबाग, सातताल, बेतालघाट और रामगढ़ के जंगलों की वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है।</p>
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