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	<title>हीट स्ट्रोक &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>हीट स्ट्रोक &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>कहीं आप भी &#8216;हीट स्ट्रोक&#8217; को नॉर्मल बुखार तो नहीं समझ रहे?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 30 May 2026 05:36:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[हीट स्ट्रोक]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="596" height="406" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jkgl-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jkgl-1.jpg 596w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jkgl-1-300x204.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jkgl-1-110x75.jpg 110w" sizes="(max-width: 596px) 100vw, 596px" />&#160;गर्मियों के मौसम में तेज धूप और बढ़ते तापमान से लोगों का हाल बेहाल होने लगता है। इन दिनों शरीर का तापमान बढ़ना भी आम बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार लोग खतरनाक &#8216;हीट स्ट्रोक&#8217; को सिर्फ एक मामूली बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं? जी हां, यह एक बड़ी भूल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="596" height="406" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jkgl-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jkgl-1.jpg 596w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jkgl-1-300x204.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/jkgl-1-110x75.jpg 110w" sizes="(max-width: 596px) 100vw, 596px" />
<p>&nbsp;गर्मियों के मौसम में तेज धूप और बढ़ते तापमान से लोगों का हाल बेहाल होने लगता है। इन दिनों शरीर का तापमान बढ़ना भी आम बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार लोग खतरनाक &#8216;हीट स्ट्रोक&#8217; को सिर्फ एक मामूली बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं? जी हां, यह एक बड़ी भूल हो सकती है।</p>



<p>आइए,&nbsp;<em><strong>एशियन हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर और हेड, डॉ. सुनील राणा</strong></em>&nbsp;से जानते हैं कि दोनों में क्या अंतर है और आप सही समय पर इनकी पहचान कैसे कर सकते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">बुखार आखिर क्या है?</h3>



<p>बुखार असल में हमारे शरीर का एक प्राकृतिक डिफेंस सिस्टम है। जब शरीर में कोई वायरस, बैक्टीरिया या अन्य बीमारी हमला करती है, तो उससे लड़ने के लिए शरीर अपना तापमान बढ़ा देता है। इसमें शरीर का तापमान सामान्य 98.6°F (37°C) से ऊपर चला जाता है। बुखार आने पर आपको ठंड लग सकती है, शरीर में दर्द हो सकता है, कमजोरी महसूस हो सकती है और सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading">हीट स्ट्रोक क्या है?</h3>



<p>दूसरी तरफ, हीट स्ट्रोक कोई आम बीमारी नहीं, बल्कि एक &#8216;मेडिकल इमरजेंसी&#8217; है। यह तब होता है जब आप बहुत देर तक तेज धूप या भयंकर गर्मी में रहते हैं और आपका शरीर अपने तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाता। इस स्थिति में शरीर का कूलिंग सिस्टम फेल होने लगता है और तापमान तेजी से 104°F (40°C) या उससे भी ज्यादा हो जाता है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह दिमाग, हृदय और शरीर के दूसरे अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।</p>



<p><strong>इन 4 लक्षणों से समझें बुखार और हीट स्ट्रोक का अंतर<br></strong>भले ही दोनों स्थितियों में शरीर गर्म होता है, लेकिन कुछ खास संकेतों से आप इन्हें आसानी से अलग पहचान सकते हैं:</p>



<p>बीमारी का कारण: बुखार हमेशा किसी इन्फेक्शन या बीमारी की वजह से आता है, जबकि हीट स्ट्रोक अत्यधिक गर्मी और तेज धूप में लंबे समय तक रहने के कारण होता है।<br>पसीना और त्वचा: बुखार में मरीज को अक्सर ठंड लगती है और पसीना भी आ सकता है। वहीं हीट स्ट्रोक में त्वचा एकदम गर्म, लाल और सूखी पड़ जाती है (हालांकि, ज्यादा मेहनत या एक्सरसाइज की वजह से होने वाले हीटस्ट्रोक में पसीना आ सकता है)।<br>मानसिक स्थिति: सामान्य बुखार में इंसान का दिमाग पूरी तरह सतर्क रहता है, लेकिन हीट स्ट्रोक में मरीज को चक्कर आना, भ्रम होना, बोलने में परेशानी, बेचैनी या फिर बेहोशी छाने लगती है।<br>तापमान बढ़ने की रफ्तार: बुखार में शरीर का तापमान धीरे-धीरे बढ़ता है, जबकि हीट स्ट्रोक में शरीर अचानक से बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है।</p>



<p><strong>डॉक्टर की क्या है चेतावनी?<br></strong>डॉक्टर बताते हैं कि गर्मियों में तेज बुखार को हमेशा साधारण वायरल मान लेना सही नहीं है। वह कहते हैं, &#8220;अगर कोई व्यक्ति तेज धूप में रहा हो और उसे बहुत अधिक शरीर गर्म लग रहा हो, चक्कर आ रहे हों, उलझन हो या बेहोशी जैसे लक्षण हों, तो यह हीटस्ट्रोक हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत मेडिकल सहायता लेना जरूरी है क्योंकि देरी जानलेवा साबित हो सकती है।&#8221;</p>



<p>डॉ. राणा के मुताबिक, दोनों ही स्थितियों में तापमान बढ़ता है लेकिन हीट स्ट्रोक में यह कंट्रोल से बाहर हो जाता है। शुरुआती पहचान और मरीज की तुरंत कूलिंग करने से जान बचाई जा सकती है।</p>



<p><strong>हीट स्ट्रोक का शक होने पर तुरंत उठाएं ये कदम<br></strong>अगर आपको किसी में हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें, तो बिल्कुल घबराएं नहीं बल्कि तुरंत ये उपाय करें:</p>



<p>मरीज को तुरंत किसी ठंडी जगह या छांव में लेकर जाएं।<br>तंग कपड़ों को ढीला कर दें ताकि शरीर को हवा लग सके।<br>शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें या गीले कपड़े से पोछें।<br>मरीज को पंखे या एयर कूलिंग/एसी में रखें।<br>लक्षण गंभीर लगने पर बिना देरी किए तुरंत अस्पताल पहुंचाएं।</p>



<p><strong>बचाव ही है सबसे बेहतर उपाय<br></strong>डॉक्टर की सलाह है कि इस भयंकर गर्मी में अपना बचाव करने के लिए दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें। दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और हल्के, ढीले-ढाले कपड़े पहनें। इसके अलावा घर के बच्चों और बुजुर्गों का इस मौसम में विशेष ध्यान रखें, क्योंकि सही समय पर पहचान और बचाव ही आपको किसी भी बड़ी परेशानी से दूर रख सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कड़ी धूप में हीट स्ट्रोक कहीं बिगाड़ न दे आपकी सेहत&#8230;</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%a7%e0%a5%82%e0%a4%aa-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%9f-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%95/241299</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Hema Bisht]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Jun 2019 11:01:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[कड़ी धूप]]></category>
		<category><![CDATA[हीट स्ट्रोक]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="168" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/download-2019-06-04T163028.492.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" />गर्मी के तेवर सख्त हैं। चिलचिलाती धूप और गर्म हवा में घर से बाहर निकलना सेहत पर भारी पड़ सकता है। इस मौसम में सबसे ज्यादा हीट स्ट्रोक का खतरा होता है। धूप में आधे घंटे रहने पर भी ग्लूकोज की मात्रा घट जाती है। आइए जानते हैं कि गर्मी में हीट स्ट्रोक से बचने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="168" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/download-2019-06-04T163028.492.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><strong>गर्मी के तेवर सख्त हैं। चिलचिलाती धूप और गर्म हवा में घर से बाहर निकलना सेहत पर भारी पड़ सकता है। इस मौसम में सबसे ज्यादा हीट स्ट्रोक का खतरा होता है। धूप में आधे घंटे रहने पर भी ग्लूकोज की मात्रा घट जाती है। आइए जानते हैं कि गर्मी में हीट स्ट्रोक से बचने के लिएक्या करें।.</strong></p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-241300 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/06/download-2019-06-04T163028.492-300x168.jpg" alt="" width="854" height="478" /></p>
<p><strong>क्या परेशानी होती है-</strong><br />
<strong>&#8211; त्वचा गर्म और शुष्क हो जाती है.</strong><br />
<strong>&#8211; शरीर का तापमान 104 डिग्री या अधिक होना.</strong><br />
<strong>&#8211; दिल की धड़कन और सांसें तेज या कम होना.</strong><br />
<strong>&#8211; अचानक बेहोशी छा जाना.</strong><br />
<strong>&#8211; रक्त वाहिकाओं का कसना.</strong><br />
<strong>&#8211; यह शरीर के पहले से ही कम हो चुके ब्लड प्रेशर को बढ़ाने का प्रयास करता है।</strong></p>
<p><strong>लक्षण-</strong><br />
<strong>-जरूरत से ज्यादा पसीना </strong><br />
<strong>-ब्लड प्रेशर में कमी </strong><br />
<strong>-मांशपेशियों में ऐंठन </strong><br />
<strong>-डिहाइड्रेशन के साथ मितली, चक्कर, कमजोरी और सुस्ती</strong><br />
<strong>(इन लक्षणों के दौरान पीड़ित कभी-कभी बेहोश भी हो जाता है।)</strong></p>
<p><strong>हीट स्ट्रोक के दौरान क्या होता है</strong><br />
<strong>-त्वचा गर्म और शुष्क हो जाती है</strong><br />
<strong>-शरीर का तापमान 104 डिग्री या अधिक होना</strong><br />
<strong>-दिल की धड़कन और सांसें तेज या कम होना</strong><br />
<strong>-अचानक बेहोशी छा जाना</strong><br />
<strong>-रक्त वाहिकाओं का कसना</strong><br />
<strong>-यह शरीर के पहले से ही कम हो चुके ब्लड प्रेशर को बढ़ाने का प्रयास करता है। </strong></p>
<p><strong>इस समय खतरा अधिक- </strong><br />
<strong>हीट स्ट्रोक हर व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता के आधार पर आ सकता है, फिर भी कुछ लोगों को इसकी आशंका अधिक होती है। </strong><br />
<strong>-तेज धूप में अधिक समय तक काम करने वालों को खतरा अधिक</strong><br />
<strong>-अधिकतर हीट स्ट्रोक उस समय होता है, जब कोई शख्स बिना तरल पदार्थ लिए बहुत गर्म और आर्द्र मौसम में देर तक काम करता है।</strong><br />
<strong>-शिशुओं, छोटे बच्चों या बुजुर्गों (विशेषकर 65 वर्ष से अधिक आयु) के मामले में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत</strong><br />
<strong>-मधुमेह, मानसिक बीमारी, ब्लड प्रेशर की दवा खाने वाले, बहुत अधिक शराब पीने वाले या मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति को खतरा अधिक</strong></p>
<p><strong>यह करें- </strong><br />
<strong>-संभव हो तो पीड़ित व्यक्ति को स्नान कराएं या ऐसा नहीं है तो उसे गीली बेडशीट में लपेंटें</strong><br />
<strong>-पीड़ित सचेत हो तो उसे हाइड्रेटेड करना चाहिए और पानी पिलाना चाहिए </strong><br />
<strong>-इस अवस्था में खून गाढ़ा हो जाता है। ऐसे में पानी या इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर तरल चीजें दें। </strong><br />
<strong>-मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत होती है</strong></p>
<p><strong>यह कभी न करें</strong><br />
<strong>-एनर्जी या शुगर वाले पेय पदार्थ न दें</strong></p>
<p><strong>बचाव-</strong><br />
<strong>-शुगर का कम इस्तेमाल करें </strong><br />
<strong>-धूप में निकलने से बचें</strong><br />
<strong>-कैफीन और शराब से बचें</strong><br />
<strong>-इस दौरान खूब पानी पीएं</strong><br />
<strong>-हल्के रंग के ढीले-ढाले कपड़े पहनें</strong><br />
<strong>-बाहर निकलते समय छाते, टोपी या कपड़े से खुद को ढंकें</strong></p>
<p><strong>एम्स के प्रोफेसर आशुतोष बिश्वास ने कहा- हीट स्ट्रोक जानलेवा भी हो सकता है। इसके मरीज बेहोश हो जाते हैं। अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए और उसे हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें तो तुरंत उसे अस्पताल ले जाएं</strong></p>
<p><strong>गर्मी का प्रभाव जानने के लिए अध्ययन होगा-</strong><br />
<strong>गर्मी से हमारे शरीर में होने वाले तनाव और अन्य बिंदुओं को ध्यान में रखकर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली पांच अन्य संस्थानों के साथ मिलकर हीट स्ट्रेस सर्वे करने जा रहा है। इस दौरान यह जानने की कोशिश होगी कि तापमान एक सामान्य इंसान पर कैसा प्रभाव डालता है। साथ ही, किन वजहों से वह तनाव या अन्य बीमारियों की चपेट में आ जाता है। यह सर्वे केंद्र सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सहायता से किया जा रहा है। वेबसाइट www.heatstressindia.in के जरिए इस सर्वे में हिस्सा ले सकते हैं। </strong></p>
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