<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>हिमस्खलन &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%96%E0%A4%B2%E0%A4%A8/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Tue, 24 Mar 2026 07:34:37 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>हिमस्खलन &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>उत्तराखंड: हिमस्खलन को लेकर चेतावनी, इन तीन जिलों को खतरा</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%96%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b2%e0%a5%87/666416</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 07:34:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हिमस्खलन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=666416</guid>

					<description><![CDATA[उत्तराखंड में हिमस्खलन को लेकर चेतावनी जारी की है। डीजीआरई ने इन तीन जिलों में खतरा बताते हुए ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है। डीजीआरई ने हिमस्खलन को लेकर चेतावनी जारी है। जारी बुलेटिन के अनुसार राज्य में उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के तीन हजार मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>उत्तराखंड में हिमस्खलन को लेकर चेतावनी जारी की है। डीजीआरई ने इन तीन जिलों में खतरा बताते हुए ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है।</p>



<p>डीजीआरई ने हिमस्खलन को लेकर चेतावनी जारी है। जारी बुलेटिन के अनुसार राज्य में उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के तीन हजार मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए खतरे का स्तर-दो (मध्यम खतरा, छोटे हिमस्खलन की संभावना) और रुद्रप्रयाग और बागेश्वर के लिए खतरे का स्तर-एक (कम खतरा) बताया है। डीजीआरई ने ऊंचाई वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।</p>



<p>मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 23 मार्च को उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिले में बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया।</p>



<p>मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों की बात करें तो 27 मार्च तक प्रदेश भर में मौसम बदला-बदला रहेगा। रविवार के आंकड़ों की बात करें तो दून का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कमी के साथ 27.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री कमी के साथ 12.6 डिग्री रहा। जबकि पर्वतीय इलाकों के तापमान में ज्यादा कमी देखने को मिली।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पहाड़ों पर हिमस्खलन, मैदान में बारिश-ओलावृष्टि से गिरा पारा; सर्द हवाओं से दिल्ली में ठिठुरन</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%96%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%be/657527</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 29 Jan 2026 07:41:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हिमस्खलन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=657527</guid>

					<description><![CDATA[इस महीने के आखिर में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है जिससे पहली फरवरी को उत्तर-पश्चिमी भारत में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। पहाड़ों की बर्फबारी का असर दिल्ली में सर्द हवाओं के रूप में दिख रहा है। उत्तर पश्चिम भारत में मौसम खराब बना हुआ है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>इस महीने के आखिर में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है जिससे पहली फरवरी को उत्तर-पश्चिमी भारत में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। पहाड़ों की बर्फबारी का असर दिल्ली में सर्द हवाओं के रूप में दिख रहा है।</p>



<p>उत्तर पश्चिम भारत में मौसम खराब बना हुआ है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हिमस्खलन हुआ है जिसकी जद में आने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और कई मवेशियों की जान चली गई। पहाड़ों पर हिमपात भी लगातार जारी है, इससे सैलानियों के चेहरे तो खिले हैं, लेकिन स्थानीय लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। कई सड़के बंद हैं, ट्रांसफार्मरों के खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है और नलों से आने वाला पानी भी बर्फ में बदल गया है। मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश के साथ ओले गिरने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंड बढ़ गई है। इस महीने के आखिर में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है जिससे पहली फरवरी को उत्तर-पश्चिमी भारत में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। पहाड़ों की बर्फबारी का असर दिल्ली में सर्द हवाओं के रूप में दिख रहा है।</p>



<p>पश्चिमी हिमालयी राज्य हिमाचल प्रदेश में दो दिनों से जारी भारी बर्फबारी के बाद मंगलवार देर रात चंबा जिले के भरमौर और पांगी उपमंडल की पूलन पंचायत के ओट नाला में अचानक हिमखंड टूट गया। इसके बाद बही बर्फ की नदी की चपेट में राशन से भरे दो वाहन और तीन दुकानें आ गईं। राशन के दोनों वाहन बहकर सीधे नाले में जा गिरे और बर्फ में दब गए। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को भी हिमखंड गिरने की चेतावनी जारी हुई है।</p>



<p>मंगलवार रात और बुधवार तड़के शिमला, मनाली में फिर बर्फबारी हुई। मनाली में खराब मौसम के चलते बृहस्पतिवार को भी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। बुधवार शाम तक प्रदेश में चार नेशनल हाईवे मनाली-लेह, आनी-कुल्लू, भरमौर-पठानकोट, रामपुर-किन्नौर समेत 885 सड़कें ठप रहीं। 3,237 बिजली ट्रांसफार्मर और 121 पेयजल योजनाएं भी बंद पड़ी हैं। मनाली में पर्यटक अभी भी फंसे हैं। मंडी की सराज घाटी एक बार फिर बर्फ की मोटी चादर से ढक गई है। उत्तरी कश्मीर के सोनमर्ग में मंगलवार की रात को भारी हिमस्खलन हुआ।</p>



<p>पहाड़ी से भारी बर्फ खिसककर नीचे मकानों तक पहुंच गई। हालांकि, इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। इस घटना के बाद गांदरबल जिला प्रशासन और पुलिस लोगों को सचेत रहने की हिदायत दी है। जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले में भूस्खलन में भेड़ और बकरियों सहित दर्जनों मवेशियों की मौत हो गई। श्रीनगर समेत कश्मीर के अधिकतर क्षेत्रों में बुधवार सुबह हल्की से मध्यम बर्फबारी हुई। इसके चलते श्रीनगर एयरपोर्ट पर सुबह की आठ उड़ानें रद्द कर दी गईं।</p>



<p><strong>सेना बनी देवदूत : फंसे वाहनों को निकाला<br></strong>कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी के बीच सेना की 46 राष्ट्रीय राइफल्स ने बारामुला के ऊपरी इलाकों में कई जगहों पर बचाव अभियान चलाया। इस दौरान बर्फ से ढकी सड़कों पर फंसे वाहन सवारों की मदद की। सेना की समय पर कार्रवाई से यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हुई।</p>



<p><strong>मसूरी में ओलावृष्टि के साथ हुई हल्की बर्फबारी<br></strong>उत्तराखंड के मसूरी में सुबह ओलावृष्टि के साथ हल्की बर्फबारी हुई। इससे शहर का अधिकांश हिस्सा कुछ समय के लिए सफेद हो गया। इससे शहर में कड़ाके की ठंड बढ़ गई। साथ ही धनोल्टी, बुरांशखंडा सहित जौनपुर की ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर हल्की बर्फबारी और ओलावृष्टि हुई है। पर्यटन स्थल अटल उद्यान संचालक सुरेंद्र राणा, सीपी सकलानी ने बताया कि अटल उद्यान क्षेत्र में दो इंच के करीब बर्फबारी हुई। बर्फबारी के बाद बढ़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे।</p>



<p><strong>पंजाब और हरियामा में गिरा पारा<br></strong>पंजाब और हरियाणा में बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पंजाब में न्यूनतम तापमान में 2.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अमृतसर 3.7 डिग्री के साथ सबसे ठंडा शहर रहा। कोहरे के कारण बठिंडा में दृश्यता 50 मीटर से कम, लुधियाना में 190 मीटर और फरीदकोट में 150 मीटर रिकॉर्ड की गई। दिनभर बादलों के छाने और शीत लहर के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित रहा। अगले दो दिन बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। हरियाणा में भिवानी सबसे ठंडा रहा, जहां 5.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 31 जनवरी के बाद तीन से चार दिन मौसम खराब रहने और तापमान में गिरावट आने की संभावना है।</p>



<p><strong>पूर्वी राजस्थान में गरज के साथ बारिश<br></strong>पूर्वी राजस्थान में तेज हवाए के साथ बारिश हुई, जिससे मौसम ठंडा हो गया। कहीं-कहीं बिजली भी तडपी। झालवाड़ जिले के मनोहर थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 26 एमएम वारिश दर्ज की गई। नागौर में सबसे कम 5.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। मौसम विभाग ने बताया कि 28 जनवरी से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। तेज हवाओं के कारण तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की आशंका, विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%8a%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a4/656364</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 24 Jan 2026 05:26:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हिमस्खलन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=656364</guid>

					<description><![CDATA[रक्षा भू- सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई) ने उच्च हिमालीय क्षेत्रों में बर्फबारी- हिमस्खलन की संभावना व्यक्त की है। डीजीआरई के जारी पूर्वानुमान (शुक्रवार शाम पांच से शनिवार शाम पांच बजे तक के लिए) के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग एवं पिथौरागढ़ को जिले डेंजर लेविल- तीन और बागेश्वर को लेविल-दो श्रेणी में रखा गया है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>रक्षा भू- सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई) ने उच्च हिमालीय क्षेत्रों में बर्फबारी- हिमस्खलन की संभावना व्यक्त की है। डीजीआरई के जारी पूर्वानुमान (शुक्रवार शाम पांच से शनिवार शाम पांच बजे तक के लिए) के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग एवं पिथौरागढ़ को जिले डेंजर लेविल- तीन और बागेश्वर को लेविल-दो श्रेणी में रखा गया है।</p>



<p>इन क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की स्थिति में हिमस्खलन एवं एवलांच की घटनाओं की आशंका व्यक्त की गई है। इसके बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से संबंधित जिलों के जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य रेखीय विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित राहत व बचाव कार्य सुनिश्चित करने को कहा गया है।</p>



<p>सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों व पर्वतीय मार्गों पर आवागमन करने वाले लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।</p>



<p><strong>हिमस्खलन से बचाव के लिए सुझाव</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>बर्फबारी अथवा हिमस्खलन की चेतावनी के दौरान उच्च हिमालयी एवं बर्फीले क्षेत्रों में केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें।</li>



<li>पुराने एवलांच और ढलानों वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।</li>



<li>पूर्व में हिमस्खलन प्रभावित रह चुके इलाकों में विशेष सतर्कता बरतें, यहां पर रुकने या शिविर लगाने से बचें।</li>
</ul>



<p>अगर किसी कारणवश अधिक बर्फबारी वाले क्षेत्रों में ठहरें हैं तो एक- दो दिन के लिए निचले व अपेक्षाकृत सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित हो जाएं।</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>मोबाइल फोन, पॉवर बैंक, टार्च, प्राथमिक उपचार किट, दवाइयां अपने पास रखें ।</li>



<li>जिला प्रशासन के जारी किसी भी एडवाइजरी, अलर्ट व प्रतिबंधों का पालन करें।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हिमालयी राज्यों में हर वर्ष आते हैं 132 हिमस्खलन, सबसे अधिक जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में रिपोर्ट</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%b0/655581</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Jan 2026 05:14:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हिमस्खलन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=655581</guid>

					<description><![CDATA[हिमालयी राज्यों में सबसे अधिक जम्मू-कश्मीर में और उत्तराखंड में हिमस्खलन की घटना रिपोर्ट होती है। सिक्किम में सबसे कम औसतन एक घटना हुई। देश के हिमालयी राज्यों में हर साल औसतन 132 हिमस्खलन की घटना रिपोर्ट हो रही हैं। इनमें सबसे अधिक जम्मू-कश्मीर में रिपोर्ट हो रही हैं, यहीं हिमस्खलन की साइट भी सबसे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>हिमालयी राज्यों में सबसे अधिक जम्मू-कश्मीर में और उत्तराखंड में हिमस्खलन की घटना रिपोर्ट होती है। सिक्किम में सबसे कम औसतन एक घटना हुई।</p>



<p>देश के हिमालयी राज्यों में हर साल औसतन 132 हिमस्खलन की घटना रिपोर्ट हो रही हैं। इनमें सबसे अधिक जम्मू-कश्मीर में रिपोर्ट हो रही हैं, यहीं हिमस्खलन की साइट भी सबसे ज्यादा है। रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई) हिमस्खलन को लेकर पूर्वानुमान जारी करता है। इसके लिए जम्मू-कश्मीर, लद्दाख से लेकर अन्य जगहों पर डीजीआरई के सरफेस ऑब्जर्वेटरी (70) और आटोमैटिक वेदर स्टेशन हैं।</p>



<p>यहां पर मौसम संबंधी जानकारी जुटाने के लिए कर्मियों को भी भेजा जाता है। डीजीआरई के वैज्ञानिक डॉ.सुधांशु शेखर बताते हैं कि जो डेटा मिलता है, उसे चंड़ीगढ़ सेंटर में भेजा जाता है, जहां पर सुपर कंप्यूटर, मॉडल आदि के आधार पर पूर्वानुमान जारी किया जाता है। वे बताते हैं कि वर्ष 2020-21 से 2024-25 की अवधि में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, सिक्किम में करीब 661 घटनाएं (हर साल आते औसतन 132 हिमस्खलन) हुई हैं।</p>



<p>ये वह हैं जो रिपोर्ट हुई हैं, इनकी संख्या अधिक भी हो सकती है। इसमें सबसे अधिक घटनाएं जम्मू-कश्मीर में 500, हिमाचल में 150 रिपोर्ट हुईं। इस अवधि में उत्तराखंड में 10 बड़े हिमस्खलन की जानकारी जुटाई गई। सिक्किम में सबसे कम औसतन एक घटना हुई। नार्थ ईस्ट के अन्य राज्यों में भी हिमस्खलन की घटनाओं का अध्ययन शुरू कर दिया गया है।</p>



<p><strong>जम्मू-कश्मीर में एक हजार एवलांच साइट</strong><br>डॉ.शेखर ने बतयाा कि सबसे अधिक हिम्मस्खलन की साइटें जम्मू-कश्मीर में 1000 हैं, जबकि हिमाचल में 200 हैं। उत्तराखंड में 100 चिह्नित की जा चुकी हैं। वे कहते हैं कि हिमस्खलन बढ़ रहे या घट रहे हैं? यह रिपोर्टिंग पर निर्भर करता है। पर यह सही है कि जलवायु परिवर्तन के कारण कम समय में अधिक बर्फ गिर रही है, इससे एवलांच का खतरा भी बढ़ गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तराखंड : चमोली में भारी हिमस्खलन की चेतावनी</title>
		<link>https://livehalchal.com/uk-106/545886</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 Mar 2024 05:29:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[चमोली]]></category>
		<category><![CDATA[चेतावनी]]></category>
		<category><![CDATA[हिमस्खलन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=545886</guid>

					<description><![CDATA[प्रदेश के 2500 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तीन और चार मार्च को बर्फबारी के साथ हिमस्खलन की आशंका व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के&#160;चमोली जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अगले 24 घंटे में भारी हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। जिसके तहत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून की ओर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>प्रदेश के 2500 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तीन और चार मार्च को बर्फबारी के साथ हिमस्खलन की आशंका व्यक्त की गई है। </p>



<p>मौसम विभाग ने उत्तराखंड के&nbsp;चमोली जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अगले 24 घंटे में भारी हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। जिसके तहत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून की ओर से जिलाधिकारी को पत्र भेजकर लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है।</p>



<p>जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा गया है कि डीजीआरई (डिफेंस जीओइंर्फोमेशन रिसर्च स्टेब्लिशमेंट) चंडीगढ़ की ओर से प्रदेश के 2500 मीटर की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तीन और चार मार्च को बर्फबारी के साथ हिमस्खलन की आशंका&nbsp;है।</p>



<p>इसमें चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी को खतरे के लेवल&nbsp;चार में रखा गया है। परिचालन केंद्र की ओर से बर्फबारी वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।</p>



<p>इसके तहत दिन व रात को अपने नजदीकी क्षेत्रों में गिर रही बर्फ या हिमस्खलन की जानकारी लेते रहें। जरूरी न हो तो बर्फबारी वाले क्षेत्रों में आवागमन से बचें। बर्फीले क्षेत्रों में आवागमन के दौरान बर्फ फिसलने पर नजर रखें।</p>



<p>घरों, गौशालाओं व अस्थाई घरों की छत पर अधिक बर्फ जमा न होने दें, इसे समय-समय पर साफ करते रहें। किसी कारण से बर्फ पड़ने वाले क्षेत्रों में अस्थाई रूप से रह रहे हों तो निचले क्षेत्रोंं में चले जाएं। पुराने हिमस्खलन वाले क्षेत्रों में अधिक सतर्कता बरतें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तरकाशी : डीजीआरई ने जारी की उत्तरकाशी समेत पांच जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%88-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0/543909</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Feb 2024 06:08:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तरकाशी]]></category>
		<category><![CDATA[डीजीआरई]]></category>
		<category><![CDATA[हिमस्खलन]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=543909</guid>

					<description><![CDATA[मौसम विभाग ने आज भी ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के आसार जताएं हैं। वहीं, मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा। उत्तराखंड में आज भी मौसम बदला रहेगा। डीआरडीओ के रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान(डीजीआरई) ने प्रदेश के उत्तरकाशी सहित रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है।  उधर, हालांकि आज राजधानी देहरादून समेत &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>मौसम विभाग ने आज भी ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के आसार जताएं हैं। वहीं, मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा।</p>



<p>उत्तराखंड में आज भी मौसम बदला रहेगा। डीआरडीओ के रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान(डीजीआरई) ने प्रदेश के उत्तरकाशी सहित रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। </p>



<p>उधर, हालांकि आज राजधानी देहरादून समेत कई इलाकों में दिन की शुरुआत हल्की धूप के साथ हुई, लेकिन&nbsp;मौसम विभाग ने आज भी ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के आसार जताएं हैं। वहीं, मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा। लेकिन रात के समय हल्की ठंड सताएगी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">कहां कैसा है मौसम</h2>



<ul class="wp-block-list">
<li>उत्तरकाशी में मौसम साफ, खिली चटक धूप।</li>



<li>मसूरी, धनोल्टी और कैम्पटी में मौसम साफ, चटक धूप खिली।</li>



<li>यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में चटख धूप खिली।</li>



<li>बदरीनाथ धाम में बर्फबारी जारी।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: livehalchal.com @ 2026-04-14 16:02:43 by W3 Total Cache
-->