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	<title>हाइपरसोनिक मिसाइल &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>हाइपरसोनिक मिसाइल &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>हाइपरसोनिक मिसाइल: दो से तीन साल में सेना को मिल जाएगी हाइपरसोनिक मिसाइल</title>
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		<pubDate>Fri, 20 Jun 2025 04:35:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[हाइपरसोनिक मिसाइल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-20-100113-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-20-100113.png 736w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-20-100113-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने दावा किया कि ध्वनि की गति से भी पांच गुना तेज रफ्तार वाली हाइपरसोनिक मिसाइल भारत को अगले दो से तीन साल में मिल जाएगी। भारत ने पहली बार आधिकारिक रूप से कहा है कि दो से तीन साल में इसे सेना में शामिल कर लिया जाएगा। इसकी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-20-100113-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-20-100113.png 736w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Screenshot-2025-06-20-100113-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने दावा किया कि ध्वनि की गति से भी पांच गुना तेज रफ्तार वाली हाइपरसोनिक मिसाइल भारत को अगले दो से तीन साल में मिल जाएगी। भारत ने पहली बार आधिकारिक रूप से कहा है कि दो से तीन साल में इसे सेना में शामिल कर लिया जाएगा। इसकी जद में पूरा पाकिस्तान जबकि आधा चीन आ जाएगा।</p>



<p>डीआरडीओ के प्रमुख डॉ समीर वी कामत ने एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा, भारत हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक पर तेजी से काम कर रहा है। हम इस दिशा में शुरुआती सफलताएं हासिल कर चुके हैं। अगले दो से तीन साल में इसका अंतिम परीक्षण पूरा हो जाएगा और फिर इसे सेना में शामिल कर लिया जाएगा। कामत ने कहा, यह मिसाइल हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डेमॉन्स्ट्रेटर व्हीकल पर आधारित है, जिसका भारत ने 2020 में ही सफल परीक्षण कर लिया था। पिछले साल नवंबर में ओडिशा में डीआरडीओ ने पहली बार लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया। हाल ही में डीआरडीओ ने इस मिसाइल के लिए 1000 सेकंड तक स्क्रैमजेट इंजन का सफल परीक्षण किया है। यह इंजन हवा से ही ऑक्सीजन लेकर ईंधन जलाता है और पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। यह क्रूज मिसाइल है, जो बेहद कम ऊंचाई पर इतनी तेज गति से उड़ान भरती है कि इसे राडार के जरिए ट्रैक नहीं किया जा सकता। जाहिर है इसी वजह से इसे नष्ट भी नहीं किया जा सकता।</p>



<p><strong>6000 किमी प्रति घंटा से अधिक की रफ्तार</strong><br>इसकी रफ्तार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक सामान्य विमान से भारत से अमेरिकी की करीब 12,500 किलोमीटर की दूरी तय करने में जहां 16 घंटे से अधिक लगते हैं वहीं हाइपरसोनिक मिसाइल यही दूरी दो घंटे से कुछ अधिक समय में तय कर सकती है। अभी जो मिसाइल भारत बना रहा है उसकी गति 6174 (ध्वनि की गति 1234 किलोमीटर प्रति घंटा है) किलोमीटर प्रति घंटा जबकि मारक रेंज 2,000 किलोमीटर तक हो सकती है।</p>



<p><strong>अमेरिका भी पीछे है इस तकनीक में</strong><br>दुनिया में रूस, चीन, अमेरिका और भारत ही इस मिसाइल तकनीक पर काम कर रहे हैं। रूस ने यूक्रेन युद्ध के दौरान इस मिसाइल के इस्तेमाल का दावा किया था लेकिन पश्चिमी रक्षा विश्लेषकों ने तब इस दावे को सही नहीं माना। चीन और अमेरिका ने भी अभी तक आधिकारिक रूप से इसके विकास पर कोई बयान नहीं दिया है। इस लिहाज से देखा जाए तो भारत अगर दो साल में इसे सेना में शामिल किए जाने लायक बना लेता है तो वह इस तकनीक में अगुआ बन जाएगा।</p>



<p><strong>किसी रडार की पकड़ में नहीं आएगी</strong><br>इसकी रफ्तार की वजह से कोई रडार इसे नहीं पकड़ा सकता। दुश्मन को भनक लगने से पहले ही यह लक्ष्य को नष्ट कर देगी।</p>



<p><strong>टारगेट सेट करिए और भूल जाइए</strong><br>खास बात यह है कि हाइपरसोनिक मिसाइल इतनी तेज रफ्तार से उड़ान भरने के बावजूद अपने लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाती है। एक बार टारगेट सेट करने के बाद इसका निशाने से चूकना असंभव है। जरूरत पड़ने पर बीच में ही मिसाइल का रास्ता बदला भी जा सकता है।</p>
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		<title>बड़े पैमाने पर हाइपरसोनिक मिसाइलों का उत्पादन करेगा रूस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 Nov 2024 08:45:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[हाइपरसोनिक मिसाइल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="366" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-260-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-260.jpg 656w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-260-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि रूस पर सुरक्षा खतरों की स्थिति और प्रकृति के आधार पर हम युद्ध स्थितियों सहित इन परीक्षणों को जारी रखेंगे। यूक्रेन ने शुक्रवार को कहा कि गुरुवार को हमले में इस्तेमाल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="366" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-260-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-260.jpg 656w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-260-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को ओरेशनिक हाइपरसोनिक मिसाइल का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि रूस पर सुरक्षा खतरों की स्थिति और प्रकृति के आधार पर हम युद्ध स्थितियों सहित इन परीक्षणों को जारी रखेंगे। यूक्रेन ने शुक्रवार को कहा कि गुरुवार को हमले में इस्तेमाल की गई रूसी मिसाइल 13000 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति तक पहुंची थी।</p>



<p>रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अब नए मोड़ ले रहा है। राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन युद्ध में उपयोग के लिए हाइपरसोनिक मिसाइलों के बड़े पैमाने पर उत्पादन का आदेश दिया है। यूक्रेन पर मिसाइल दागने के एक दिन बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा था कि मॉस्को युद्ध की स्थिति में हाइपरसोनिक ओरेशनिक बैलिस्टिक मिसाइल के और परीक्षण करेगा।</p>



<p><strong>हम युद्ध स्थितियों सहित इन परीक्षणों को जारी रखेंगे<br></strong>पुतिन ने सैन्य प्रमुखों के साथ एक टेलीविजन बैठक में कहा कि रूस पर सुरक्षा खतरों की स्थिति और प्रकृति के आधार पर, हम युद्ध स्थितियों सहित इन परीक्षणों को जारी रखेंगे। रूस ने लगभग तीन साल के संघर्ष में तैनात किए जा रहे हथियारों की एक बड़ी वृद्धि में गुरुवार तड़के यूक्रेन के शहर डीनिप्रो पर नई पीढ़ी की मिसाइल दागी।</p>



<p>क्रेमलिन के मुखिया ने ऐसी मिसाइल के परीक्षण को हरी झंडी है जिसमें मिसाइल 10 मैक की गति से उड़ती है। ध्वनि की गति से 10 गुना, इसी तरह की मिसाइल के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए कहा है।उन्होंने कहा रूस इसी तरह की उन्नत प्रणाली विकसित कर रहा है। हमें बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने की जरूरत है।<br>अन्य देश के पास ऐसी मिसाइल तकनीक नहीं</p>



<p>उन्होंने कहा कि जिस हथियार प्रणाली का कल परीक्षण किया गया वह रूस की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की एक और विश्वसनीय गारंटी है। पुतिन ने दावा किया कि दुनिया के किसी अन्य देश के पास ऐसी मिसाइल तकनीक नहीं है। हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि अन्य राज्य जल्द ही इन्हें विकसित करेंगे, उन्होंने कहा कि यह कल होगा, एक या दो साल बाद। लेकिन हमारे पास अभी यह प्रणाली है। यह महत्वपूर्ण है।</p>



<p>यूक्रेन ने शुक्रवार को कहा कि गुरुवार को हमले में इस्तेमाल की गई रूसी मिसाइल 13,000 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति तक पहुंची थी। इसे लक्ष्य तक पहुंचने में महज 15 मिनट लगा था। उसने पहली बार इस नए हथियार का आकलन सार्वजनिक किया। इधर, रूस की ओर नई बैलिस्टिक मिसाइलों की तैनाती के चलते युद्ध बढ़ने की आशंका गहरा गई है।</p>



<p>इसके मद्देनजर यूक्रेन की संसद ने शुक्रवार को अपना सत्र रद कर दिया। यूक्रेनी सेना ने कहा कि रूस की ओर से 114 ड्रोन से हमला किया गया। इनमें से 64 को मार गिराया गया। जबकि रूस ने बताया कि यूक्रेन ने 46 रूसी नागरिकों को सौंप दिए। इन लोगों को गत अगस्त में यूक्रेनी सेना द्वारा रूस के कु‌र्स्क क्षेत्र के एक हिस्से पर कब्जा करने के बाद अपने साथ ले जाया गया था।</p>



<p><strong>यूक्रेन पर हाइपरसोनिक मिसाइल हमला पश्चिम को चेतावनी: रूस<br></strong>रूस ने शुक्रवार को कहा कि यूक्रेन पर हमले में इस्तेमाल की गई नई हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल पश्चिम के लिए चेतावनी थी। अगर वे यूक्रेन के समर्थन में किसी तरह की लापरवाह कार्रवाई करते हैं तो मास्को उन्हें करारा जवाब देगा। एक दिन पहले यूक्रेन ने दावा किया था कि रूस ने यूक्रेनी शहर निप्रो पर गुरुवार को लंबी दूरी की अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आइसीबीएम) दागी।</p>



<p><strong>बैलिस्टिक मिसाइल (एमआरबीएम) का परीक्षण किया<br></strong>इसके बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि यूक्रेन पर हमले में एक नई मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (एमआरबीएम) का परीक्षण किया। रूसी राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने कहा, &#8216;मुख्य संदेश यह है कि पश्चिमी देशों को यूक्रेन को मिसाइल आपूर्ति करने और रूसी क्षेत्र में हमलों में शामिल होने पर रूस की प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। रूस अपनी क्षमताओं को साफ तौर पर प्रदर्शित कर चुका है।&#8217;</p>
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		<title>दुनिया ने देखी भारत की ताकत, हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण सफल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 17 Nov 2024 07:43:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[हाइपरसोनिक मिसाइल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-195-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-195.jpg 762w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-195-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारत ने रविवार को लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इस परीक्षण के बाद भारत के सैन्य ताकत में इजाफा हुआ है। हाइपरसोनिक मिसाइल के सफल परीक्षण पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रक्षा सचिव और DRDO अध्यक्ष ने टीम को बधाई दी है। रक्षा मंत्री ने इस पल को ऐतिहासिक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-195-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-195.jpg 762w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/11/Capture-195-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भारत ने रविवार को लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इस परीक्षण के बाद भारत के सैन्य ताकत में इजाफा हुआ है। हाइपरसोनिक मिसाइल के सफल परीक्षण पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रक्षा सचिव और DRDO अध्यक्ष ने टीम को बधाई दी है। रक्षा मंत्री ने इस पल को ऐतिहासिक बताया है।</p>



<p>भारत रक्षा क्षेत्र में और मजबूत हुआ है। रविवार को भारत ने लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इससे साफ है कि सैन्य ताकत की दिशा में भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल के सफल परीक्षण को एक अहम कदम बताया जा रहा है.</p>



<p>यह मिसाइल 1500 किमी से अधिक रेंज के लिए विभिन्न पेलोड्स ले जाने के लिए डिज़ाइन की गई है। भारत के हाथ लगी सफलता के बाद रक्षा मंत्री रजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप, ओडिशा के तट से लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि है और भारत को उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल कर दिया है, जिनके पास ऐसी महत्वपूर्ण और उन्नत सैन्य प्रौद्योगिकियां हैं।</p>



<p>इस लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद डीआरडीओ ने कहा कि मिसाइल को विभिन्न रेंज सिस्टम द्वारा ट्रैक किया गया और फ्लाइट डेटा से यह पुष्टि हुई कि टर्मिनल मैन्युवर्स और लक्षित क्षेत्र में प्रक्षिप्ति सटीकता के साथ सफल रहे।</p>



<p><strong>भारत में ही बनी है ये मिसाइल</strong></p>



<p>इस लंबी दूरी की मिसाइल की खास बात है कि ये भारत में ही निर्मित हुई है। इस मिसाइल को हैदराबाद के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मिसाइल परिसर में DRDO प्रयोगशालाओं और उद्योग भागीदारों की मदद से स्वदेशी रूप में बनाया गया है। इस मिसाइल के परीक्षण की सफलता पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा सचिव और DRDO अध्यक्ष ने टीम को बधाई दी।</p>



<p><strong>एक नजर में समझिए</strong></p>



<p>हाइपरसोनिक मिसाइल लगभग 6,200 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से यात्रा कर सकती है।<br>DRDO ने रविवार को लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है।<br>हाइपरसोनिक मिसाइल ध्वनि की गति से पांच गुना से ज्यादा गति से यात्रा करती हैं।<br>ये किसी भी परिस्थिति में अपने ऑपरेशन को अंजाम देती है।<br>हाइरसोनिक मिसाइल के सफल परीक्षण पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा सचिव ने टीम को बधाई दी है।</p>



<p><strong>किसे कहते हैं हाइपरसोनिक मिसाइल?</strong></p>



<p>गौरतलब है कि हाइपरसोनिक मिसाइल ध्वनि की गति से पांच गुना से ज्यादा गति से यात्रा करती हैं। ऐसा अनुमान है कि हाइपरसोनिक मिसाइल लगभग 6,200 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से यात्रा करती है। हालांकि, ये मिसाइल अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल से थोड़ी धीमी है। लेकिन हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन का आकार इस मिसाइल को लक्ष्य की ओर या रक्षा से दूर जाने की अनुमति देता है। हाइपरसोनिक मिसाइलें दुश्मन के रडार को चकमा देने की क्षमता रखती हैं।</p>



<p>वहीं, इन मिसाइल की खासियत है कि ये किसी भी परिस्थिति में अपने ऑपरेशन को अंजाम देती हैं। हाइपरसोनिक मिसाइलें क्रूज़ और बैलिस्टिक दोनों तरह की होती हैं। ये हवा में अपना रास्ता खुद बनाने में माहिर होती है।</p>
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