हाइड्रोजन ट्रेन – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Sat, 30 May 2026 08:22:12 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg हाइड्रोजन ट्रेन – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का एक और सफल ट्रायल https://livehalchal.com/%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a1%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-3/674057 Sat, 30 May 2026 08:22:11 +0000 https://livehalchal.com/?p=674057 जींद: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुक्रवार को एक माह बाद फिर ट्रायल किया गया। सुबह करीब साढ़े दस बजे हाइड्रोजन ट्रेन जींद जंक्शन से रवाना होकर भंभेवा तक पहुंची और दोपहर करीब डेढ़ बजे वापस जींद लौटी आई। ट्रायल के दौरान हाइड्रोजन ट्रेन जींद से भंभेवा जाते समय सीधे गई, जबकि वापस आते समय …]]>

जींद: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुक्रवार को एक माह बाद फिर ट्रायल किया गया। सुबह करीब साढ़े दस बजे हाइड्रोजन ट्रेन जींद जंक्शन से रवाना होकर भंभेवा तक पहुंची और दोपहर करीब डेढ़ बजे वापस जींद लौटी आई। ट्रायल के दौरान हाइड्रोजन ट्रेन जींद से भंभेवा जाते समय सीधे गई, जबकि वापस आते समय पिंडारा स्टेशन पर सिग्नल जांच के लिए थोड़ी देर रुकी।

जींद से भंभेवा रूट पर जींद सिटी, पिंडारा और ललित खेड़ा स्टेशन पड़ते हैं। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार ट्रायल के बाद ट्रेन को तकनीकी मरम्मत और निरीक्षण के लिए शकूरबस्ती भेजा जाएगा। वहां से वापस जींद लौटने के बाद इसके उद्घाटन और नियमित संचालन की संभावना बढ़ जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि जून में हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी मिल सकती है। रेलवे बोर्ड ने अब हाइड्रोजन ट्रेन संचालन को मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन ट्रैक पर अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी।

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देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द भरेगी रफ्तार: चेन्नई में 8 कोच तैयार https://livehalchal.com/%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a1%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0/629390 Thu, 28 Aug 2025 07:47:43 +0000 https://livehalchal.com/?p=629390 देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच जल्द रफ्तार भरती दिखाई देगी। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी में ट्रेन के 8 कोच तैयार कर लिए गए हैं। परीक्षण के बाद कोच के रंग-रोगन का काम भी पूरा हो चुका है। हाइड्रोजन इंजन लगने के बाद चेन्नई से पूरी ट्रेन को जल्द जींद …]]>

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद और सोनीपत के बीच जल्द रफ्तार भरती दिखाई देगी। चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी में ट्रेन के 8 कोच तैयार कर लिए गए हैं। परीक्षण के बाद कोच के रंग-रोगन का काम भी पूरा हो चुका है। हाइड्रोजन इंजन लगने के बाद चेन्नई से पूरी ट्रेन को जल्द जींद के लिए रवाना कर दिया जाएगा। यह ट्रेन सितंबर में ट्रैक पर दौड़ती नजर आ सकती है।

जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन के बाद भारत इस तकनीक को अपनाने वाला देश बन गया है। इसके लिए जींद में आधुनिक हाइड्रोजन प्लांट भी बनकर तैयार हो गया है। गेट और दीवार का काम अंतिम चरण में है। हाइड्रोजन ट्रेन की रफ्तार 110 से 140 किमी. प्रति घंटा होगी। फिलहाल अन्य ट्रेनों की रफ्तार 120 किमी निर्धारित है।

यह ट्रेन सबसे लंबी और ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन होगी, जो 2500 यात्रियों को ले जा सकेगी। यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित होगी। संचालन के दौरान केवल पानी और भाप उत्सर्जित करेगी। डीजल ट्रेनों के विपरीत इसमें कार्बन उत्सर्जन शून्य होगा। 1,200 हार्स पावर की इस ट्रेन पर 82 करोड़ के लगभग लागत आई है। (संवाद)

जींद के 3 और दिल्ली के 2 लोको पायलट को दी गई ट्रेनिंग
हाइड्रोजन ट्रेन संचालन के लिए जींद के 3 और दिल्ली के 2 कुल पांच लोको पायलट को चेन्नई में 3 से 10 अगस्त के बीच ट्रेनिंग दी गई है। इस दौरान लोको पायलट को हाइड्रोजन ट्रेन की तकनीकी और संचालन से जुड़ी बारीकियों को बताया गया।

मुख्यमंत्री सैनी ने जल्द ट्रेन चलने का किया था इशारा
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पिछले दिनों इस प्रोजेक्ट को लेकर अपने एक्स अकांउट पर ट्रेन का एक वीडियो शेयर किया था। तब उन्होंने लिखा था, जींद-गोहाना-सोनीपत ट्रैक पर जल्द ही पर्यावरण और अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित हाइड्रोजन ट्रेन जल्द रफ्तार पकड़ेगी। इससे पहले रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने भी अपने एक्स हैंडल पर ट्रेन का वीडियो साझा किया था। इसमें ट्रेन के डिजाइन और तकनीक के बारे में जानकारी दी गई थी।

अधिकारी के अनुसार
सितंबर में हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन हो सकता है। हालांकि अभी तक कोई तारीख निर्धारित नहीं की गई है। वहीं हाइड्रोजन प्लांट का काम लगभग पूरा हो चुका है। -अजय माइकल, पीआरओ, डीआरएम नई दिल्ली।

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भारत में जल्द दौड़ेगी हाइड्रोजन ट्रेन! रेलवे ने किया सफल परीक्षण https://livehalchal.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a6-%e0%a4%a6%e0%a5%8c%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%87/624829 Mon, 28 Jul 2025 06:13:47 +0000 https://livehalchal.com/?p=624829 भारतीय रेलवे ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन कोच (First Hydrogen Powered Train Coach) का सफल परीक्षण किया गया। यह परीक्षण हरियाणा के जींद में रेलवे की वर्कशॉप में किया गया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस सफल परीक्षण का वीडियो सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर …]]>

भारतीय रेलवे ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन कोच (First Hydrogen Powered Train Coach) का सफल परीक्षण किया गया। यह परीक्षण हरियाणा के जींद में रेलवे की वर्कशॉप में किया गया।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस सफल परीक्षण का वीडियो सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया। उन्होंने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “भारत वर्तमान में 1,200 एचपी हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन विकसित कर रहा है, जो देश को हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक में वैश्विक अग्रणी देशों में शामिल कर देगा। यह भारत को रेल परिवहन के लिए हाइड्रोजन का उपयोग करने वाले चुनिंदा देशों के समूह में शामिल करता है।”

बता दें कि हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें न तो डीजल और न ही बिजली की सप्लाई लाइन पर निर्भर रहती है। सवाल ये है कि आखिर ये ट्रेन चलेगी कैसे?

दरअसल, ट्रेन यह तकनीक हाईड्रोजन फ्यूल सेल सिस्टम पर काम करती है। ट्रेन इंजन में लगे टैंक में हाइड्रोजन गैस भरी रहती है। वहीं, ऑक्सीजन को हवा के माध्यम से ली जाती है। जब दोनों आपस में मिलते हैं तो एक रासायनिक क्रिया की शुरुआत होती है। हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के मिलने के बाद बिजली का संचार होता है जो, मोटर को पावर देती है।

जानकारी के मुताबिक, ट्रेन में बैटरी का भी इस्तेमाल किया जाता है। यानी तेज स्पीड या चढ़ाई वाले रास्ते पर बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। ‘

ग्रीन फ्यूचर’ की दिशा में बड़ा कदम
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा पर्यावरण को है। हाइड्रोजन ट्रेन से कार्बन डाइऑक्साइड या जहरीली गैस नहीं निकलती, जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होता। हाइड्रोजन ट्रेन भारत के ‘ग्रीन फ्यूचर’ की दिशा में बड़ा कदम है।

फ्रांस और जर्मनी में पहले से ही हाइड्रोजन प्रणाली से ट्रेनें चल रही हैं।भारतीय रेलवे के इस कदम से एक तो हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। दूसरा 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का जो लक्ष्य को हासिल करने में यह एक बड़ी भूमिका निभाएगा।

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हरियाणा के इस जिले से जल्द दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन https://livehalchal.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a6/608271 Tue, 01 Apr 2025 07:34:31 +0000 https://livehalchal.com/?p=608271 देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द ही जींद से दौड़ेगी। जींद में देश का पहला हाइड्रोजन गैस प्लांट बनकर तैयार हो गया। दिल्ली मंडल के डीआरएम पुष्पेन्द्र रमन त्रिपाठी ने आज जींद में हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण किया। डीआरएम का कहना है कि रेलवे का प्रयास प्रदूषण को कम करना है। ऐसे में हाइड्रोजन ट्रेन …]]>

देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द ही जींद से दौड़ेगी। जींद में देश का पहला हाइड्रोजन गैस प्लांट बनकर तैयार हो गया। दिल्ली मंडल के डीआरएम पुष्पेन्द्र रमन त्रिपाठी ने आज जींद में हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण किया। डीआरएम का कहना है कि रेलवे का प्रयास प्रदूषण को कम करना है। ऐसे में हाइड्रोजन ट्रेन का मसौदा तैयार किया गया है। अब सिर्फ मिनिस्ट्री की अप्रूवल मिलनी बाकी है। अप्रूवल के बाद जल्द ही देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जीन्द से चलेगी।

जानकारी के मुताबिक हाइड्रोजन ट्रेन दूसरी ट्रेनों से काफी अलग है। सबसे खास बात है कि ये पर्यावरण के अनुकूल ट्रेन है। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में इसे तैयार किया गया है। 89 किलोमीटर के इस रूट पर ट्रेन का ट्रायल शुरू हुआ। यह ट्रेन 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है।

1200 हॉर्सपावर की क्षमता वाली यह ट्रेन एक बार में 2638 यात्रियों को ले जा सकेगी। हाइड्रोजन ट्रेन दूसरी ट्रेनों से बिल्कुल अलग है। स्पीड हो या चाहे फिर लुक सबसे अलग है। ये ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल है। हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त है।

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