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	<title>स्वीकृति &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>उच्च शिक्षा का एक ही नियामक बनाने को कैबिनेट की स्वीकृति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Dec 2025 07:55:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[स्वीकृति]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="498" height="330" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/derfff-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/derfff.jpg 498w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/derfff-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/derfff-310x205.jpg 310w" sizes="(max-width: 498px) 100vw, 498px" />केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को उच्च शिक्षा का एक ही नियामक बनाने संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में उच्च शिक्षा के एक ही नियामक का प्रस्ताव है। यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की जगह लेगा। प्रस्तावित कानून को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="498" height="330" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/derfff-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/derfff.jpg 498w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/derfff-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/derfff-310x205.jpg 310w" sizes="(max-width: 498px) 100vw, 498px" />
<p>केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को उच्च शिक्षा का एक ही नियामक बनाने संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में उच्च शिक्षा के एक ही नियामक का प्रस्ताव है। यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की जगह लेगा।</p>



<p>प्रस्तावित कानून को पहले भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (एचईसीआइ) विधेयक नाम दिया गया था, लेकिन अब उसका नाम विकसित भारत शिक्षा अधीक्षण विधेयक रखा गया है।यूजीसी गैर-तकनीकी उच्च शिक्षा एवं एआइसीटीई तकनीकी शिक्षा की निगरानी करताहै और एनसीटीई अध्यापक शिक्षा की नियामक संस्था है।</p>



<p>प्रस्तावित आयोग को उच्च शिक्षा के एक ही नियामक के तौर पर बनाने का प्रस्ताव है, लेकिन मेडिकल और ला कालेज इसके दायरे में नहीं आएंगे। इसकी तीन भूमिकाएं प्रस्तावित हैं- नियमन, मान्यता और व्यावसायिक मानकों का निर्धारण।</p>



<p>वित्त सहायता को चौथी भूमिका माना जाता है, लेकिन अभी इसे इस नियामक के तहत लाने का प्रस्ताव नहीं है। वित्तीय सहायता की स्वायत्तता प्रशासनिक मंत्रालय के पास रखने का प्रस्ताव है। एचईसीआइ की अवधारणा पर पूर्व में एक मसौदा विधेयक के रूप में चर्चा हो चुकी है।</p>



<p>भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम के रद्दीकरण) विधेयक, 2018 के मसौदे को 2018 में ही पक्षकारों की प्रतिक्रिया एवं सलाह के लिए सार्वजनिक किया गया था। एचईसीआइ को अमलीजामा पहनाने के लिए धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में नए सिरे से कोशिशें शुरू की गई थी, जिन्होंने जुलाई, 2021 में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद संभाला था।</p>



<p><strong>नरेन्द्र मोदी सरकार बीमा क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव लाने जा रही है<br></strong>उच्च शिक्षा के एक ही नियामक की जरूरत पर जोर देते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 कहती है, उच्च शिक्षा क्षेत्र में फिर से जान डालने और इसे आगे बढ़ने लायक बनाने के लिए नियामक प्रणाली में पूरी तरह से बदलाव की जरूरत है। नरेन्द्र मोदी सरकार बीमा क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव लाने जा रही है।</p>



<p>केंद्रीय कैबिनेट ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) की सीमा को 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने से जुड़े संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी। इस संशोधन विधेयक को संसद के जारी शीत सत्र में पेश किया जा सकता है जो 19 दिसंबर तक चलेगा। इस विधेयक में उपभोक्ताओं के हितों का भी ध्यान रखा गया है।</p>



<p>इस वर्ष फरवरी में पेश बजट में बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआइ लाने की घोषणा की गई थी। अब तक बीमा क्षेत्र में 82,000 करोड़ का विदेशी निवेश हो चुका है। इस विधेयक के कानून बनने के बाद बीमा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी जिसका फायदा उपभोक्ताओं को मिल सकता है।</p>



<p>सरकार ने 2047 तक देश के हर नागरिक को बीमा के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा है। विधेयक के मुताबिक बीमा लेने वाले उपभोक्ताओं के हितों के लिए एक उपभोक्ता सुरक्षा फंड का निर्माण किया जाएगा। इसे पॉलिसी होल्डर्स एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड का नाम दिया जाएगा।</p>



<p><strong>अब कोयले का निर्यात करना भी होगा संभव<br></strong>कैबिनेट ने कोयले के निर्बाध, कुशल और पारदर्शी उपयोग के लिए नए ¨वडो कोलसेतु को मंजूरी दे दी है। कोलसेतु ¨वडो से नीलाम होने वाले कोयले का निर्यात भी किया जा सकेगा और उसे किसी भी औद्योगिक उत्पादन के काम में उपयोग किया जा सकेगा। लेकिन इस विंडो के तहत को¨कग कोल की नीलामी नहीं होगी।</p>



<p>वर्तमान नियम के मुताबिक, कोयला लिंकेज की नीलामी में हिस्सा लेने के लिए पहले यह बताना पड़ता था कि उस कोयले का इस्तेमाल कहां किया जाएगा। बिजली उत्पादन की किसी यूनिट के लिए कोयला लिंकेज लिया गया है तो उस खदान से निकलने वाले कोयले का इस्तेमाल सिर्फ उसी यूनिट में हो सकता था। कोयले के निर्यात पर भी पाबंदी थी।</p>



<p><strong>असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने को स्वीकृति<br></strong>कैबिनेट ने भारत के रूपांतरण के लिए परमाणु ऊर्जा का सतत दोहन और विकास विधेयक को भी मंजूरी दे दी, जिसका मकसद कड़े नियंत्रण वाले असैन्य परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलना है।</p>



<p>सरकार का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। फरवरी में अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए खोलने की योजना की घोषणा की थी।</p>



<p>सीतारमण ने 20,000 करोड़ रुपये के खर्च से छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर या एसएमआर के अनुसंधान एवं विकास के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन और 2033 तक देश में विकसित पांच एसएमआर चालू करने की भी घोषणा की थी।</p>



<p><strong>71 अनुपयोगी कानून खत्म होंगे<br></strong>कैबिनेट ने 71 कानूनों को रद करने के एक विधेयक को भी मंजूरी दे दी, जिनकी कानून की किताबों में जरूरत खत्म हो चुकी है। इन 71 कानूनों में से 65 मुख्य कानूनों में संशोधन हैं और छह मुख्य कानून हैं। एक कानून ब्रिटिश काल का है। अभी तक 1,562 पुराने कानून रद किए जा चुके हैं।</p>



<p><strong>ओमान से मुक्त व्यापार समझौते को स्वीकृति<br></strong>कैबिनेट ने भारत और ओमान के बीच मुक्त व्यापार समझौते को मंजूरी दे दी, जिस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 17-18 दिसंबर तक ओमान दौरे के दौरान हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। एक बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी 15 दिसंबर से जार्डन, इथियोपिया और ओमान के चार दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। कैबिनेट ने 2026 के सीजन के लिए मिलिंग खोपरा (नारियल गरी) का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 445 रुपये बढ़ाकर 12,027 रुपये प्रति ¨क्वटल करने को मंजूरी प्रदान कर दी।</p>
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		<title>बुंदेलखंड को सीएम यादव की सौगात, लांच नदी परियोजना को दी स्वीकृति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 Nov 2025 06:01:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[स्वीकृति]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="465" height="276" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/ftyh-3-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/ftyh-3.jpg 465w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/ftyh-3-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 465px) 100vw, 465px" />मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड के हर खेत को पानी मिलेगा। इससे क्षेत्र में समृद्धि आएगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वह अपने खेतों को किसी भी स्थिति में बेचने का प्रयास नहीं करें। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों का सर्वांगीण &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="465" height="276" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/ftyh-3-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/ftyh-3.jpg 465w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/ftyh-3-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 465px) 100vw, 465px" />
<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुन्देलखंड के हर खेत को पानी मिलेगा। इससे क्षेत्र में समृद्धि आएगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वह अपने खेतों को किसी भी स्थिति में बेचने का प्रयास नहीं करें। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसानों का सर्वांगीण विकास सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मध्य प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नंबर वन बनाने का कार्य किया जाएगा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए 25 गायों के साथ गौशाला खोलने पर 40 लाख रुपये में से 10 लाख तक का अनुदान देने का कार्य मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सागर जिले के बण्डा में सांदीपनि विद्यालय भवन के लोकापर्ण समारोह को संबोधित कर रहे थे।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बण्डा में आज लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत से नव निर्मित सर्व सुविधा युक्त सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण किया गया है। इस विद्यालय में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा है कि बण्डा क्षेत्र में सर्व सुविधा युक्त स्कूल भवन के निर्माण से इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को सीधा लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय परियोजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के साथ प्रारंभ की गई है।</p>



<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा ही किसी देश की मजबूती का आधार है। मध्य प्रदेश सरकार बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए उन्हें उच्च-गुणवत्ता युक्त शिक्षा और सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए संकल्पित हैं</p>



<p><strong>गीता जयंती मनाई जाएगी<br></strong>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में एक दिसंबर से प्रदेशव्यापी गीता जयंती उत्सव मनाया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। सभी जिलों के प्रत्येक जनपद पंचायत में वृंदावन ग्राम एवं गीता भवन बनाए जाएंगे। लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री ने 50.65 करोड़ रुपये के 16 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।</p>



<p><strong>लांच नदी परियोजना को स्वीकृति<br></strong>मुख्यमंत्री ने सागर जिले की बहुप्रतीक्षित लांच नदी परियोजना की स्वीकृति की घोषणा की। वहीं, मुख्यमंत्री ने शाहगढ़ में सिविल अस्पताल बनाने, बण्डा में सर्व सुविधा युक्त स्टेडियम, सिविल अस्पताल बण्डा में पोस्टमार्टम हाउस बनाने, बण्डा क्षेत्र में राखसी, चकेरी, विनेयका में भवन विहीन स्कूलों के लिए भवन बनाने की घोषणा की। सीएम के साथ इस कार्यक्रम में एमपी के मंत्री लखन पटेल दशरथ लोधी दमोह सांसद राहुल लोधी सहित सागर जिले के भाजपा विधायक गण एवं विशाल जनसमूह उपस्थित रहा।</p>
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		<title>कनाडा में कम हो रहे भारतीय छात्रों के वीजा आवेदन और उनकी स्वीकृति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 04 Nov 2025 07:52:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[स्वीकृति]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="574" height="317" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/gty-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/gty.jpg 574w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/gty-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 574px) 100vw, 574px" />कनाडा सरकार की तरफ से हाल ही में अंतरराष्ट्रीय छात्र वीजा पर लगाई गई पाबंदियों का सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जो कनाडा पहले भारतीय छात्रों की पहली पसंद हुआ करता था, अब वहां आवेदन और स्वीकृति दोनों में भारी गिरावट देखी जा रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="574" height="317" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/gty-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/gty.jpg 574w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/gty-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 574px) 100vw, 574px" />
<p>कनाडा सरकार की तरफ से हाल ही में अंतरराष्ट्रीय छात्र वीजा पर लगाई गई पाबंदियों का सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर पड़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जो कनाडा पहले भारतीय छात्रों की पहली पसंद हुआ करता था, अब वहां आवेदन और स्वीकृति दोनों में भारी गिरावट देखी जा रही है।</p>



<p>न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, कनाडा ने अस्थायी प्रवास पर लगाम लगाने और छात्र वीजा में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए 2025 की शुरुआत में लगातार दूसरे साल पढ़ाई के लिए दिए जाने वाले परमिट की संख्या घटाई है। अगस्त 2025 में भारतीय छात्रों के करीब 74 प्रतिशत वीजा आवेदन अस्वीकृत कर दिए गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह दर लगभग 32 प्रतिशत थी। यानी पहले जहां हर तीन वीजा आवेदनों में से एक खारिज हो रहा था, तो वहीं अब हर चार आवेदनों में से तीन खारिज किए जा रहे हैं।</p>



<p>कुल मिलाकर देखा जाए तो सभी देशों के लगभग 40 प्रतिशत अध्ययन वीजा आवेदन खारिज किए गए, जबकि चीन के छात्रों के लिए यह दर 24 प्रतिशत रही। भारतीय आवेदकों की कुल संख्या भी अगस्त 2023 के 20,900 से घटकर अगस्त 2025 में केवल 4,515 रह गई। यानी लगभग पांच गुना की गिरावट।</p>



<p><strong>भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा का अहम केंद्र रहा है कनाडा<br></strong>पिछले 10 वर्षों से ज्यादा समय तक कनाडा भारतीय छात्रों का सबसे बड़ा गंतव्य रहा है, लेकिन अब कनाडा में भारतीय छात्रों की संख्या में कमी आनी शुरू हो गई। यह स्थिति दोनों देशों के बीच 2023 में उस समय उपजे कूटनीतिक तनाव के बाद और बिगड़ी, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर एक कनाडाई नागरिक की हत्या में शामिल का आरोप लगाया था। भारत की तरफ से इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया गया था। इसके बाद से ही दोनों देशों के रिश्तों में गिरावट दर्ज की गई थी।</p>



<p><strong>कनाडा इतने भारतीय छात्रों के आवेदन खारिज क्यों कर रहा?<br></strong>2023 में कनाडाई अधिकारियों ने लगभग 1,550 फर्जी स्वीकृति पत्रों के साथ किए गए अध्ययन वीजा आवेदनों का भंडाफोड़ किया था। इनमें से अधिकतर मामले भारत से जुड़े पाए गए थे।</p>



<p>इसके बाद से वीजा जांच प्रक्रिया को और कड़ा किया गया। साथ ही छात्रों के लिए आर्थिक पात्रता सीमा बढ़ाई गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई प्रणाली के जरइए बीते साल 14,000 फर्जी स्वीकृति पत्रों के जरिए अध्ययन वीजा के लिए किए गए आवेदनों की बात सामने आई।</p>



<p><br><strong>वीजा खारिज होने पर क्या है भारत का पक्ष?<br></strong>कनाडा के ओटावा स्थित भारतीय दूतावास ने बढ़ी अस्वीकृति दर को स्वीकार किया है। हालांकि, यह भी कहा गया है कि अध्ययन वीजा जारी करना कनाडा का अधिकार क्षेत्र है। दूतावास ने कहा कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाशाली छात्र भारत से आते हैं और कनाडाई संस्थानों ने हमेशा उनके शैक्षणिक उत्कृष्टता का फायदा लिया है। इससे पहले कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने रॉयटर्स को दिए साक्षात्कार में कहा कि सरकार अपने आव्रजन तंत्र की साख को लेकर चिंतित है, लेकिन वह भारतीय छात्रों की उपस्थिति को जारी रखना भी चाहती है।</p>



<p><strong>किस तरह कनाडा ने बढ़ाई सख्ती?<br></strong>शिक्षा सलाहकारों का कहना है कि अब जांच पहले से कहीं अधिक सख्त हो गई है और अधिकारी छात्रों की आर्थिक और शैक्षणिक प्रमाणों की गहराई से जांच करते हैं। बॉर्डर पास नामक वीजा सहायता संस्था के माइकल पिएत्रोकार्लो ने बताया कि अब केवल बैंक स्टेटमेंट देना काफी नहीं, बल्कि छात्रों को पैसों के स्रोत का विस्तृत विवरण भी देना पड़ता है।</p>



<p>इस बीच, सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ओटावा अब भारत और बांग्लादेश से जुड़ी वीजा धोखाधड़ी की चिंताओं को देखते हुए अस्थायी वीजा के समूहों को रद्द करने के नए अधिकार मांग रहा है। इसके लिए प्रस्तावित बिल सी-12 को संसद में लाया गया है, जो व्यापक सीमा कानून पैकेज बिल सी-2 का हिस्सा है।<br>इस बीच, भारत और कनाडा के बीच संबंध सुधारने के प्रयास भी जारी हैं। जून 2025 में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा और प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे की राजधानियों में नए उच्चायुक्त नियुक्त किए।</p>
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