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	<title>स्ट्रेस &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>स्ट्रेस &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>आपकी जान का दुश्मन बन सकता है ज्यादा स्ट्रेस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Jan 2025 09:50:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[स्ट्रेस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="471" height="294" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/u8y-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/u8y-1.jpg 471w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/u8y-1-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 471px) 100vw, 471px" />तनाव हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। यह एक फिजिकल और मेंटल रिएक्शन है, जो तब होता है जब हम किसी चुनौती या खतरे का सामना करते हैं।यह तनाव धीरे-धीरे हमारे दिल को नुकसान पहुंचाने लगता है और लंबे समय तक स्ट्रेस की वजह से हार्ट अटैक का रिस्क भी काफी बढ़ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="471" height="294" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/u8y-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/u8y-1.jpg 471w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/u8y-1-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 471px) 100vw, 471px" />
<p>तनाव हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। यह एक फिजिकल और मेंटल रिएक्शन है, जो तब होता है जब हम किसी चुनौती या खतरे का सामना करते हैं।<br>यह तनाव धीरे-धीरे हमारे दिल को नुकसान पहुंचाने लगता है और लंबे समय तक स्ट्रेस की वजह से हार्ट अटैक का रिस्क भी काफी बढ़ जाता है। आइए जानें इस बारे में।</p>



<p><strong>क्या तनाव दिल के दौरे का कारण बन सकता है?<br></strong>हां, तनाव दिल के दौरे का एक अहम कारण बन सकता है। जब हम तनाव में होते हैं, तो हमारा शरीर कुछ हार्मोन रिलीज करता है, जैसे कि एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल। ये हार्मोन हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर को बढ़ाते हैं और वे ब्लड वेसल्स को कॉन्स्ट्रिक्टभी कर सकते हैं। समय के साथ, ये हार्ट अटैक के रिस्क को बढ़ा सकते हैं।</p>



<p><strong>तनाव हार्ट अटैक का कारण कैसे बनता है?<br></strong>तनाव कई तरह से हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। सबसे पहले, यह ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को बढ़ाता है, जिससे दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है।<br>यह ब्लड वेसल्स को कॉन्स्ट्रिक्ट कर सकता है, जिससे दिल में खून का फ्लो कम हो जाता है।<br>यह खून के थक्के बनने की संभावना को बढ़ा सकता है, जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।<br>तनाव अनहेल्दी लाइफस्टाइल को बढ़ावा दे सकता है, जैसे कि स्मोकिंग, शराब पीना और अनहेल्दी खाना खाना। ये सभी फैक्टर हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।</p>



<p><strong>तनाव के लक्षण कैसे होते हैं?<br></strong>तनाव के दो प्रकार होते हैं- एक्यूट स्ट्रेस और क्रोनिक स्ट्रेस। एक्यूट स्ट्रेस कम समय का होता है और किसी खास घटना या कंडीशन के कारण होता है। क्रोनिक स्ट्रेस लंबे समय तक रहता है और यह लगातार चुनौतियों या प्रेशर के कारण होता है। तनाव के कई लक्षण हो सकते हैं, जैसे कि-</p>



<p>एंग्जायटी<br>चिड़चिड़ापन<br>गुस्सा<br>उदासी<br>निराशा<br>नींद न आना<br>थकान<br>सिरदर्द<br>मांसपेशियों में तनाव<br>पेट खराब होना</p>



<p><strong>हार्ट अटैक के लक्षण कैसे होते हैं?<br></strong>सीने में दर्द या दबाव<br>सांस लेने में तकलीफ<br>बांह, जबड़े या पीठ में दर्द<br>पसीना आना<br>मतली<br>चक्कर आना</p>



<p><strong>तनाव से कैसे बचें?<br></strong>हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं<br>नियमित रूप से एक्सरसाइज करें<br>हेल्दी खाना खाएं<br>पूरी नींद लें<br>अपनी हॉबीज के लिए समय निकालें<br>सोशल एक्टिविटीज में हिस्सा लें<br>आराम करने के लिए समय निकालें<br>अगर आपको तनाव से निपटने में कठिनाई हो रही है, तो किसी डॉक्टर या थेरेपिस्ट से बात करें।</p>
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		<title>बार-बार रोना या गुस्सा हो सकता है बच्चे में स्ट्रेस का संकेत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Oct 2024 06:05:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[स्ट्रेस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="307" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-358-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-358.png 763w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-358-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सेहतमंद रहने के लिए मानसिक स्वास्थ्य का दुरुस्त रहना भी बेहद जरूरी है और इसी मकसद से हर साल 10 अक्टूबर को World Mental Health Day मनाया जाता है। इस मौके पर आज बात करेंगे बच्चों में बढ़ते स्ट्रेस की। कुछ ऐसे संकेत हैं जिनकी मदद से बच्चों में स्ट्रेस (symptoms of stress in children) &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="307" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-358-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-358.png 763w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-358-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सेहतमंद रहने के लिए मानसिक स्वास्थ्य का दुरुस्त रहना भी बेहद जरूरी है और इसी मकसद से हर साल 10 अक्टूबर को World Mental Health Day मनाया जाता है। इस मौके पर आज बात करेंगे बच्चों में बढ़ते स्ट्रेस की। कुछ ऐसे संकेत हैं जिनकी मदद से बच्चों में स्ट्रेस (symptoms of stress in children) की पहचान कर सकते हैं। आइए जानते हैं उन संकेतों के बारे में।</p>



<p>बचपन हर व्यक्ति के जीवन का सबसे सुंदर और यादगार समय होता है। बचपन के दिन अक्सर याद कर चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। हालांकि, अगर यही बचपन किसी बुरी याद या दौर से गुजरा हो, तो जीवनभर उसकी छाप मन में रह जाती है। बदलते समय के साथ आज के बच्चों का बचपन भी बदल चुका है। तेजी से बदलती तकनीक और सोच के एक तरफ फायदे हैं, तो साथ ही बहुत सारे नुकसान भी हैं। बच्चे पहले जैसे अब नेचर के साथ समय व्यतीत नहीं करते, वे बुक रीडिंग नहीं करते और न ही बहुत सोशल होते हैं।</p>



<p>ये सभी चीजें बच्चों के मेंटल हेल्थ को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। दिनभर स्क्रीन के सामने समय बिताने की वजह से कई बार बच्चे तनाव का शिकार होने लगते हैं। बदलते दौर में बच्चे भी स्ट्रेस का शिकार होने लगे हैं। पिछले कुछ समय से बच्चों में भी स्ट्रेस (stress in kids) एक आम समस्या बनती जा रही है। ऐसे में World Mental Health Day के मौके पर आज जानेंगे बच्चों में स्ट्रेस के लक्षण (symptoms of stress in children) और इससे निटपने के तरीके-</p>



<p><strong>ओवर सेंसिटिव</strong><br>स्ट्रेस से पीड़ित बच्चे हमेशा रोने और सामान्य रहने की भावना के बीच फंसा हुआ महसूस करते हैं और छोटी सी बात पर भी तुरंत रो पड़ते हैं।</p>



<p><strong>गुस्सैल और चिड़चिड़े</strong><br>स्ट्रेस में होने पर बच्चे इस भावना को व्यक्त करने में असमर्थ होते हैं और मन में हो रही उलझन को अनावश्यक चिल्ला कर व्यक्त करते हैं। इन्हें गुस्सा भी जल्दी आता है।</p>



<p><strong>अटेंशन की डिमांड</strong><br>स्ट्रेस से पीड़िक बच्चे एक इंसिक्योरिटी में जीते हैं। यही कारण है कि खुद को सेफ महसूस कराने के लिए वे हर समय अटेंशन की डिमांड करते हैं। रोकर या चिल्लाकर वे अपनी तरफ सभी का ध्यान आकर्षित करते हैं।</p>



<p><strong>कम सोशल होना</strong><br>बात बर्थडे पार्टी में जाने की हो या किसी भी रूप में कहीं सोशल होने की हो, ये ऐसे मौके पर खुद को पीछे कर लेते हैं। परिवार, दोस्त या टीचर्स किसी से भी ये खुल कर बात करने में संकोच करते हैं।</p>



<p><strong>डर</strong><br>इनके अपने डर होते हैं, जिनमें से अधिकतर बेबुनियाद लग सकते हैं, पर ये उनके लिए एक बड़ा डर का मुद्दा हो सकता है। जैसे अंधेरे से डर, अकेले रहने से डर, नई जगह और नए लोगों से मिलने का डर आदि।</p>



<p><strong>अन्य</strong><br>इसके साथ ही स्ट्रेस होने पर कुछ बच्चे रात में सोते हुए पेशाब कर सकते हैं। कुछ को रात में नींद ही नहीं आती या फिर भयानक सपने आते हैं। भूख कम हो सकती है और हर समय शरीर का कोई एक हिस्से में दर्द रहने की शिकायत रहेगी, फिर वो चाहे सिर दर्द हो या फिर पेट दर्द।</p>



<p><strong>ऐसे करें बच्चों के स्ट्रेस को दूर-</strong><br>बच्चे पर परफेक्ट बनने का दबाव न डालें।<br>बच्चे को तमाम क्लास ज्वाइन करा कर उसे हरफनमौला बनाने की अपनी ख्वाइश उस पर न थोपें।<br>बच्चे को आउटडोर गेम्स खेलने और नेचर के बीच कुछ समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करें।<br>सोशल मीडिया और स्क्रीन टाइम जितना संभव हो कम रखें।<br>ब्रीथिंग एक्सरसाइज करवाएं।<br>नियमित रूप से अफर्मेशन बोलने की आदत डालें।<br>बच्चों से ढेर सारी बातें करें और उन्हें सेफ महसूस कराएं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दिमाग ही नहीं आपका पाचन भी खराब कर सकता है स्ट्रेस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 21 Apr 2024 04:31:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[स्ट्रेस]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/health-1-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/health-1-1.jpg 693w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/health-1-1-300x169.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />भागम-भाग भरी जिंदगी में इन दिनों कई लोग तनाव से घिरे हुए हैं। बढ़ते वर्क प्रेशर और अन्य जिम्मेदारियों के बोझ तले लोग अकसर स्ट्रेस (Stress) का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में इसकी वजह से सिर्फ मानसिक सेहत ही नहीं बल्कि हमारा पाचन तंत्र भी प्रभावित होता है। स्ट्रेस और गट हेल्थ (Gut health) &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/health-1-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/health-1-1.jpg 693w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/04/health-1-1-300x169.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भागम-भाग भरी जिंदगी में इन दिनों कई लोग तनाव से घिरे हुए हैं। बढ़ते वर्क प्रेशर और अन्य जिम्मेदारियों के बोझ तले लोग अकसर स्ट्रेस (Stress) का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में इसकी वजह से सिर्फ मानसिक सेहत ही नहीं बल्कि हमारा पाचन तंत्र भी प्रभावित होता है। स्ट्रेस और गट हेल्थ (Gut health) के इसी कनेक्शन के बारे में जानने के लिए हमने एक्सपर्ट से बात की।</p>



<p>जिंदगी की दौड़ में हिस्सा लेने के चक्कर में इन दिनों हर कोई भागा जा रहा है। भागदौड़ भरी इस लाइफ में लोग कई तरह की समस्याओं का शिकार होते जा रहे हैं। काम का बोझ और घर-परिवार की जिम्मेदारियां अकसर हमें कई मानसिक समस्याओं का शिकार बना देती हैं। तनाव इन्हीं समस्याओं में से एक है, जिससे इन दिनों लगभग हर कोई परेशान है। स्ट्रेस की वजह से न सिर्फ हमारी मानसिक सेहत प्रभावित होती है, बल्कि शारीरिक सेहत भी प्रभावित होती है।</p>



<p>स्ट्रेस का असर हमारे पाचन तंत्र पर भी देखने को मिलता है। इसकी वजह से हमारी गट हेल्थ प्रभावित होती है। ऐसे में स्ट्रेस के पाचन तंत्र पर असर के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने फरीदाबाद के मेट्रो हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोबिलरी साइंसेज के निदेशक डॉ.विशाल खुराना से बातचीत की।</p>



<h2 class="wp-block-heading">स्ट्रेस और पाचन का कनेक्शन</h2>



<p>इस बारे में डॉक्टर रहते हैं कि स्ट्रेस हमारे पाचन तंत्र में इफेक्ट डालता है। हमारा मस्तिष्क और इंटेस्टाइनल सिस्टम आपस में बात करते रहते हैं। यह देखा गया है कि पेट के अंदर काफी ज्यादा मात्रा में नसें पाई जाती हैं और इन सभी नसों का कंट्रोल ब्रेन से होता है | ऐसे में जब भी स्ट्रेस होता है, तो इससे हमारा नर्वस सिस्टम डिस्बैलेंस होने की वजह से पेट के अंदर मौजूद नसे भी डिस्बैलेंस हो जाती हैं |</p>



<h2 class="wp-block-heading">स्ट्रेस से होने वाली पाचन संबंधी समस्याएं</h2>



<p>डॉक्टर आगे रहते हैं, तो जब स्ट्रेस होता है, तो बॉडी के अंदर फाइट और फ्लाइट रिस्पांस आ जाता है, इसके आपकी फूड पाइप स्पाज्म (spasm ) में जा सकती है , पेट के अंदर एसिड प्रोडक्शन ज्यादा हो सकता है, आपको मतली जैसा महसूस हो सकता है, लूस मोशन और कॉन्स्टिपेशन भी हो सकता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">इसलिए जरूरी स्ट्रेस मैनेजमेंट</h2>



<p>उन्होंने यह भी बताया कि जब स्ट्रेस काफी ज्यादा होता है, तो आपके इंटेस्टाइन के अंदर पहले से चल रही बीमारियां, जैसे की IBS (इंफ्लेमेटरी बोवेल डिजीज), पेप्टिक अलसर डिजीज यह सभी और गंभीर हो जाती है, इसलिए स्ट्रेस मैनेजमेंट बहुत जरूरी है, जब आप पेट और इंटेस्टाइनल सिस्टम की बात करते है। स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए अपनाएं ये टिप्स-</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>सोशल मीडिया और समाचारों को देखने, पढ़ने या सुनने से ब्रेक लें। जानकारी होना अच्छी बात है, लेकिन लगातार दर्दनाक घटना के बारे में सुनना परेशान करने वाला हो सकता है।</li>



<li>अपना ख्याल रखें। हेल्दी डाइट लें, व्यायाम करें, भरपूर नींद लें और अगर आप तनावग्रस्त महसूस करते हैं, तो खुद को आराम दें।</li>



<li>अपने शरीर की देखभाल करें और नियमित रूप से व्यायाम करें। डीप ब्रिथिंग एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग या मेडिटेशन करें।</li>



<li>पूरी और अच्छी नींद लें। बहुत ज्यादा शराब, तंबाकू और नशीली चीजों के सेवन से बचें।</li>



<li>अपनी चिंताओं के बारे में और आप कैसा महसूस कर रहे हैं, इस बारे में उन लोगों से बात करें जिन पर आप भरोसा करते हैं।</li>



<li>जब आपको ज्यादा मदद की जरूरत हो, तो किसी मनोवैज्ञानिक, सामाजिक कार्यकर्ता या एक्सपर्ट से बात करें।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्ट्रेस कई बीमारियों की वजह बन सकता है</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 09 Dec 2023 08:34:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[स्ट्रेस]]></category>
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					<description><![CDATA[हमारी लाइफस्टाइल की वजह से, हमारी मेंटल काफी प्रभावित होती है। रोज के काम-धंधों के कारण हमारा तनाव बढ़ता है, जिससे हमारी सेहत को भी काफी नुकसान होता है। हालांकि, स्ट्रेस एक आम समस्या है, जिससे हर दूसरा व्यक्ति प्रभावित है। इसलिए इससे बचाव करना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं स्ट्रेस की वजह से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>हमारी लाइफस्टाइल की वजह से, हमारी मेंटल काफी प्रभावित होती है। रोज के काम-धंधों के कारण हमारा तनाव बढ़ता है, जिससे हमारी सेहत को भी काफी नुकसान होता है। हालांकि, स्ट्रेस एक आम समस्या है, जिससे हर दूसरा व्यक्ति प्रभावित है। इसलिए इससे बचाव करना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं स्ट्रेस की वजह से क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं और तनाव को किन तरीकों से कम किया जा सकता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">स्ट्रेस की वजह से होने वाली बीमारियां</h3>



<h4 class="wp-block-heading">दिल की बीमारियां</h4>



<p>स्ट्रेस की वजह से दिल से जुड़ी कई परेशानियां हो सकती हैं। स्ट्रेस की वजह से हाइपरटेंशन की समस्या हो सकती है, जो कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। स्ट्रेस की वजह से नींद न आने की समस्या भी हो सकती है। इस वजह से भी दिल की कई बीमारियां हो सकती हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading">डयबिटीज</h4>



<p>स्ट्रेस की अधिक मात्रा होने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बनने लगता है। इस कारण से, इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है। इंसुलिन के ठीक से काम न कर पाने की वजह से ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। ब्लड शुगर कम न किया जाए, तो डायबिटीज हो सकता है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">स्ट्रोक</h4>



<p>स्ट्रेस बढ़ने की वजह से हाइपरटेंशन की समस्या हो सकती है, जिस वजह से ब्लड क्लॉटिंग या नस फटने का खतरा बढ़ सकता है। इन दोनो वजहों से, स्ट्रोक का जोखिम रहता है, जो दिमाग में ब्लीडिंग या खून न पहुंचने की वजह से हो सकता है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">इरेगुलर पीरियड्स</h4>



<p>पीरियड्स पर शरीर के हार्मोन्स लेवल से प्रभावित होते हैं। स्ट्रेस की वजह से इरेगुरल पीरियड्स होने का खतरा रहता है, जो शरीर में हार्मोन्स में असंतुलन या बदलाव की वजह से हो सकता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">कैसे करें इससे बचाव?</h3>



<h4 class="wp-block-heading">फिजिकल एक्टिविटी करें</h4>



<p>फिजिकल एक्टिविटी करने से स्ट्रेस कम हो सकता है। इससे शरीर में हैप्पी हार्मोन, एंडोर्फिन रिलीज होता है, जो हमारा मूड बेहतर करने में मदद करता है। इसलिए कोशिश करें कि रोज थोड़ी देर वॉकिंग, रनिंग या किसी भी तरीके से फिजिकल एक्टिविटी करें।</p>



<h4 class="wp-block-heading">हेल्दी डाइट खाएं</h4>



<p>अपनी डाइट में सब्जियां, फल, दही, दूध, साबुत अनाज आदि को शामिल करें। इससे आपकी सेहत भी बेहतर रहेगी और स्ट्रेस कम करने में भी मदद मिल सकती है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">मेडिटेशन करें</h4>



<p>रोज थोड़ी देर मेडिटेट करने से स्ट्रेस कम करने में लाभदायक साबित हो सकता है। इसकी मदद से स्ट्रेस क्यों हो रहा है और क्या इसका कारण है, इसका पता लगाने में भी मदद मिल सकती है। इसलिए रोज अपनी इच्छा अनुसार दिन में किसी भी समय थोड़ी देर मेडिटेशन करें।</p>



<h4 class="wp-block-heading">स्क्रीन टाइम कम करें</h4>



<p>अधिक स्क्रीन टाइम होने की वजह से भी आप स्ट्रेस का शिकार हो सकते हैं। ज्यादा सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी इसके पीछे की एक वजह हो सकती है। इसलिए अपना स्क्रीन टाइम कम करने की कोशिश करें।</p>



<h4 class="wp-block-heading">नींद पूरी करें</h4>



<p>नींद पूरी न होने की वजह से भी शरीर के स्ट्रेस हार्मोन बढ़ सकते हैं। इसलिए रोज 7-8 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें। बेहतर नींद के लिए आपना, सोने और उठने का एक फिक्स टाइम चुन सकते हैं और अपने बेड रूम से सभी डिस्ट्रैक्शन्स को बाहर रख सकते हैं।</p>
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		<title>बोर्ड परीक्षाओं में ऐसे संभाले अपनी डाइट, होंगे बड़े फायदे</title>
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		<pubDate>Fri, 03 Mar 2017 10:19:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कैरियर]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा]]></category>
		<category><![CDATA[10वीं व 12वीं]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="364" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/career_1488266973.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/career_1488266973.jpeg 782w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/career_1488266973-300x176.jpeg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/career_1488266973-768x452.jpeg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />बोर्ड की परीक्षा दे रहे छात्रों के लिए मार्च का महीना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। कुछ ही दिनों में 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं और बाकी कक्षाओं के भी एग्जाम इसी माह होंगे। इस बीच छात्र पूरी कोशिश करते हैं कि वह पूरी तैयारी से परीक्षा में बैठें। लेकिन &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="364" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/career_1488266973.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/career_1488266973.jpeg 782w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/career_1488266973-300x176.jpeg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/career_1488266973-768x452.jpeg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><div class="desc"><strong><strong>बोर्ड की परीक्षा दे रहे छात्रों के लिए मार्च का महीना काफी चुनौतीपूर्ण होता है। कुछ ही दिनों में 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं और बाकी कक्षाओं के भी एग्जाम इसी माह होंगे। इस बीच छात्र पूरी कोशिश करते हैं कि वह पूरी तैयारी से परीक्षा में बैठें। लेकिन पढ़ाई की तैयारी के साथ-साथ जरूरी है कि छात्र अपने शरीर को भी इसके लिए तैयार करें। एग्जाम की टेंशन के बीच उन्हें अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए।</strong></strong></p>
<p class="post-title"><a title="Permalink to अब मिड-डे मील योजना में शामिल होगीं 12वीं कक्षा तक की छात्राएं" href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a1-%e0%a4%a1%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%ae/41574" rel="bookmark">अब मिड-डे मील योजना में शामिल होगीं 12वीं कक्षा तक की छात्राएं</a></p>
</div>
<div class="desc"><strong><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-41760 size-full" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/career_1488266973.jpeg" alt="बोर्ड परीक्षाओं में ऐसे संभाले अपनी डाइट, होंगे बड़े फायदे" width="782" height="460" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/career_1488266973.jpeg 782w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/career_1488266973-300x176.jpeg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/03/career_1488266973-768x452.jpeg 768w" sizes="auto, (max-width: 782px) 100vw, 782px" />न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि छात्रों को इस समय केवल हेल्दी ऑप्शन चुनना चाहिए। ताजी सब्जियां और फल खाने से उनकी सेहत भी ठीक रहेगी साथ ही इससे पढ़ाई का स्ट्रेस भी कम होगा। छात्र इस समय तली-भूनी चीतों से जितना हो सके उतना दूर रहें। बर्गर, पिज्जा जैसे फास्ट-फूड आइटम्स और कोल्ड ड्रिंक जैसे खाने से छात्रों की एकाग्रता कम होती है। इसलिए इन सबसे बचें और संतुलित और स्वस्थ आहार लें। इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि सही आहार को सही समय पर लिया जाए।</strong></p>
<p class="post-title"><a title="Permalink to मध्यप्रदेश बोर्ड: आज से कक्षा 12 वीं की परीक्षा की शुरुआत हिंदी विषय के साथ" href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%95/41360" rel="bookmark">मध्यप्रदेश बोर्ड: आज से कक्षा 12 वीं की परीक्षा की शुरुआत हिंदी विषय के साथ</a></p>
<p><strong>नाश्ता काफी अहम होता है। रात के खाने से लेकर सुबह तक काफी वक्त बीत जाता है इसलिए नाश्ते को तरजीह दें। रोजाना हेल्दी नाश्ता करें जिसमें कार्बोहाइड्रेट्स और प्रोटीन प्रचूर मात्रा में हो। सफेद ब्रेड और चीनी का जितना हो सके, नाश्ते में कम इस्तेमाल करें। दिन और रात के खाने के वक्त हेवी खाना खाने से बचें। इससे नींद तो ज्यादा आएगी ही साथ ही पेट की समस्याएं भी हो सकती है। इस वक्त छात्रों पर काफी स्ट्रेस होता है, इसलिए हल्का खाना खाने को कहा जाता है।</strong></p>
<p><strong>आपका खानपान भी तभी आपका साथ देगा जब आप स्ट्रेस कम लेंगे। इसलिए स्ट्रेस कम करने की कोशिश करें। हर 2-3 घंटे पर ब्रेक लें और पूरी नींद लें।</strong></div>
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