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	<title>सौर ऊर्जा &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>सौर ऊर्जा &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>सौर ऊर्जा से रोशन होंगे बिजली विभाग के 391 दफ्तर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Sep 2025 05:53:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[बिजली]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/w-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/w.png 733w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/w-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सौर ऊर्जा से एमडी दक्षिणांचल समेत बिजली विभाग के 391 दफ्तर रोशन होंगे। इसके लिए कवायद शुरू हो गई है। दक्षिाणंचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के मुख्यालय समेत बिजली विभाग के 391 दफ्तर सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। एमडी दक्षिणांचल नितीश कुमार के निर्देश पर मुख्यालय में ही नौ जगह सोलर पैनल लगाकर इसकी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="352" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/w-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/w.png 733w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/w-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सौर ऊर्जा से एमडी दक्षिणांचल समेत बिजली विभाग के 391 दफ्तर रोशन होंगे। इसके लिए कवायद शुरू हो गई है।</p>



<p>दक्षिाणंचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) के मुख्यालय समेत बिजली विभाग के 391 दफ्तर सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। एमडी दक्षिणांचल नितीश कुमार के निर्देश पर मुख्यालय में ही नौ जगह सोलर पैनल लगाकर इसकी शुरुआत कर दी गई है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जरूरत के अनुसार नए पैनल लगाने के साथ पुराने या खराब होने की वजह से बंद चल रहे सोलर प्लांटों को भी दुरुस्त कराकर शुरू कराया जाएगा।</p>



<p>एमडी दक्षिणांचल नितीश कुमार ने बताया कि मुख्यालय में हर दिन करीब 900 यूनिट बिजली की बचत हो रही है। इसी को देखते हुए अब आगरा, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, मथुरा, कासगंज, हाथरस, इटावा, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद, कानपुर, कानपुर देहात, झांसी, जालौन, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा में स्थित 391 कार्यालयों में जल्द सोलर पैनल स्थापित कर दिए जाएंगे। एमडी ने बताया कि कुछ कार्यालयों में पहले सोलर पैनल लगाए गए थे, लेकिन गारंटी पीरियड खत्म होने की वजह से खराब होने के बाद से बंद थे। ऐसे सोलर प्लांटों को भी चिह्नित कर रिपेयर कराकर उन्हें फिर से शुरू कराया जा रहा है।</p>



<p><strong>लोगों को भी किया जा रहा प्रेरित<br></strong>एमडी ने बताया कि केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रही है। इसी के तहत विभाग पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिये लोगों को घरों पर सौर प्लांट लगाकर बिजली बचाने और बची बिजली के जरिये पैसे कमाने के लिए प्रेरित कर रहा है। पिछले छह महीने में करीब 17 हजार घरों में इस योजना के तहत प्लांट लगवाए जा चुके हैं। आगे भी लोगों को अभियान चलाकर सोलर प्लांट लगवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।</p>
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		<title>सौर ऊर्जा से सिंचाई का नया युग: सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना को मिलेगा विस्तार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Jun 2025 07:01:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[सौर ऊर्जा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="354" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Capture-224-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Capture-224.jpg 809w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Capture-224-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Capture-224-768x440.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />मध्य प्रदेश सरकार राज्य के किसानों को आत्मनिर्भर और ऊर्जा सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। अब किसानों को दिन में सिंचाई के लिए बिजली की सुविधा सौर ऊर्जा के माध्यम से मिलेगी। इसके लिए “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना” को प्रधानमंत्री कुसुम योजना के विस्तार के रूप &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="354" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Capture-224-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Capture-224.jpg 809w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Capture-224-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/06/Capture-224-768x440.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मध्य प्रदेश सरकार राज्य के किसानों को आत्मनिर्भर और ऊर्जा सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। अब किसानों को दिन में सिंचाई के लिए बिजली की सुविधा सौर ऊर्जा के माध्यम से मिलेगी। इसके लिए “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना” को प्रधानमंत्री कुसुम योजना के विस्तार के रूप में लागू किया जा रहा है। इस क्रम में 10 जून को भोपाल में एक भव्य सूर्य मित्र कृषि फीडर समिट का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें तकनीकी और निवेश से जुड़ी जानकारियां साझा की जाएंगी।</p>



<p>मध्यप्रदेश में किसानों को दिन में सौर ऊर्जा से सिंचाई की सुविधा देने के लिए राज्य सरकार ने “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना” को प्रधानमंत्री कुसुम योजना के विस्तार के रूप में आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 10 जून को &#8220;सूर्य मित्र कृषि फीडर समिट&#8221; भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा, जिसमें परियोजना विकासकों, संयंत्र स्थापना कर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को वित्तीय व तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।</p>



<p>मंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग 8000 कृषि फीडर और 35 लाख से अधिक कृषि पंप हैं। इन फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए अब 100 प्रतिशत क्षमता तक की सौर परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी। इससे किसानों को दिन के समय सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध होगी, साथ ही ग्रिड स्टेबिलिटी बढ़ेगी, पारेषण हानि कम होगी और सबस्टेशन पर लो वोल्टेज, ओवरलोडिंग जैसी समस्याएं घटेंगी।</p>



<p>राज्य में वर्तमान में 80 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं जिससे 16000 से अधिक कृषि पंप सौर ऊर्जा से उर्जीकृत हो चुके हैं। साथ ही 240 मेगावाट की परियोजनाएं स्थापना की प्रक्रिया में हैं और 200 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं प्रक्रियाधीन हैं। इस प्रकार कुल 520 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं से 1 लाख से अधिक पंप सौर ऊर्जा से लाभान्वित होंगे। पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत 3.45 लाख पंपों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से 2.45 लाख पंपों के सोलराइजेशन हेतु 1200 मेगावाट की सौर परियोजनाओं के लिए निविदा जारी की गई है।</p>
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		<title>सौर ऊर्जा में इंदौर की ऐतिहासिक छलांग, 100 मेगावाट उत्पादन से बना नया रिकॉर्ड</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Apr 2025 07:50:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[सौर ऊर्जा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-94-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-94.jpg 730w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-94-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />स्वच्छता में नंबर वन इंदौर ने अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी इतिहास रच दिया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व में, शहर ने 100 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता अर्जित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। स्वच्छता में लगातार शीर्ष स्थान बनाए रखने के बाद, इंदौर ने अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-94-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-94.jpg 730w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/04/Capture-94-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>स्वच्छता में नंबर वन इंदौर ने अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी इतिहास रच दिया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व में, शहर ने 100 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता अर्जित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।</p>



<p>स्वच्छता में लगातार शीर्ष स्थान बनाए रखने के बाद, इंदौर ने अब सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व में, शहर ने 100 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता अर्जित कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। यह उपलब्धि न केवल इंदौर के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह दर्शाती है कि जनभागीदारी से सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाया जा सकता है। महापौर द्वारा शुरू किया गया ‘सोलर मित्र अभियान’ अब इंदौर के ऊर्जा क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन चुका है। इस उपलब्धि के परिणामस्वरूप, शहर की कुल ऊर्जा खपत का 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा अब सौर ऊर्जा से प्राप्त हो रहा है।</p>



<p><strong>जनभागीदारी से सौर ऊर्जा को बढ़ावा<br></strong>सौर ऊर्जा में जनभागीदारी का अर्थ है कि शहर के नागरिक, समुदाय और निजी क्षेत्र मिलकर इस क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाएं। चाहे वह सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना हो या इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने की पहल, इंदौर के लोगों ने इसे एक जन आंदोलन का रूप दे दिया है। अब नागरिक अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित कर इसे अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बना चुके हैं। यह सामूहिक प्रयास ही इस आंदोलन की असली ताकत है, जो शहर को आत्मनिर्भर ऊर्जा स्रोतों की ओर अग्रसर कर रहा है।</p>



<p><strong>सौर मित्र अभियान: युवाओं के लिए नया अवसर</strong><br>‘सौर मित्र अभियान’, जिसे ‘सूर्य मित्र कौशल विकास कार्यक्रम’ भी कहा जाता है, एक अनूठी पहल है जो युवाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र में प्रशिक्षित करने का कार्य करती है। यह कार्यक्रम उन्हें ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना, संचालन और रखरखाव में विशेषज्ञता प्रदान करता है। इसके माध्यम से न केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं, बल्कि वे उद्यमिता की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे हैं। यह अभियान सौर ऊर्जा क्षेत्र में कुशल जनशक्ति तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।</p>



<p><strong>स्वच्छ ऊर्जा से आत्मनिर्भर बनेगा इंदौर</strong><br>सौर ऊर्जा के इस तेजी से बढ़ते उपयोग के चलते इंदौर एक आत्मनिर्भर और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनने की ओर अग्रसर है। स्वच्छ ऊर्जा का यह बढ़ता प्रयोग न केवल बिजली की लागत को कम कर रहा है, बल्कि पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता को भी घटा रहा है। सरकार और प्रशासन की पहल के साथ-साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी इंदौर को ऊर्जा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद कर रही है। इस प्रकार, इंदौर एक बार फिर देश के अन्य शहरों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बन गया है।</p>
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		<title>यूपी: सौर ऊर्जा का गढ़ बना प्रदेश, सोलर एक्सप्रेसवे के साथ सोलर पार्क भी हो रहा तैयार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Oct 2024 05:10:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[सोलर एक्सप्रेसवे]]></category>
		<category><![CDATA[सौर ऊर्जा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="333" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-262-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-262.png 693w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-262-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />आने वाले समय में सौर ऊर्जा वैकल्पिक बिजली का बड़ा सोर्स बनने जा रही है। यूपी में सौर ऊर्जा का गढ़ बनाने की तैयारी चल रही है। बुंदेलखंड सोलर एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ 1500 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। सौर ऊर्जा सेक्टर में यूपी ने तेजी से कदम बढ़ाए हैं। देश का पहला सोलर एक्सप्रेसवे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="333" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-262-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-262.png 693w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-262-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>आने वाले समय में सौर ऊर्जा वैकल्पिक बिजली का बड़ा सोर्स बनने जा रही है। यूपी में सौर ऊर्जा का गढ़ बनाने की तैयारी चल रही है। बुंदेलखंड सोलर एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ 1500 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।</p>



<p>सौर ऊर्जा सेक्टर में यूपी ने तेजी से कदम बढ़ाए हैं। देश का पहला सोलर एक्सप्रेसवे बनने को तैयार बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ 1500 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण) को दी गई है। अधिग्रहण की शुरुआत यूपीडा ने कर दी है। 550 मेगावाट बिजली उत्पादन वाले इस मेगा प्रोजेक्ट से एक लाख घरों को बिजली मिलेगी। इसके अतिरिक्त सौर ऊर्जा उपकरण कंपनी एल्पैक्स सोलर मथुरा में 642 करोड़ से सोलर सेल मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगा रही है।</p>



<p>सौर ऊर्जा नीति के तहत यूपी सरकार ने वर्ष 2027 तक 22000 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है। सोलर पार्क के लिए करीब 12 कंपनियों ने निवेश की इच्छा जताई है। इसे ‘बिल्ड, ओन एंड ऑपरेट’ (बीओओ) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। सौर ऊर्जा को लेकर प्रदेश में कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है।</p>



<p> इन्हीं परियोजनाओं में सोलर एक्सप्रेसवे के अलावा सोलर पार्क भी शामिल हैं। सोलर पार्क की जमीन चित्रकूट से इटावा के बीच 296 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ कैरिजवे और सर्विस रोड के बीच स्थित है। इस पर 2500 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसे कैबिनेट स्वीकृति मिल चुकी है।</p>



<p><strong>प्रदेश में विकसित हो रहे नौ सोलर पार्क</strong><br>इसके अतिरिक्त प्रदेश में नौ सोलर पार्कों को विकसित किया जा रहा है। इनकी कुल सौर उत्पादन क्षमता 3710 मेगावाट है। इनमें से 435 मेगावाट के तीन सोलर पार्क तैयार होने की दिशा में हैं, जबकि शेष छह सोलर पार्कों को जल्द कमीशंड किए जाने के लिए बिड की प्रक्रिया जारी है। इन सभी नौ सोलर पार्कों के लिए जमीन आवंटन हो चुका है। जालौन, झांसी, ललितपुर और चित्रकूट के अतिरिक्त कानपुर नगर, कानपुर देहात, मिर्जापुर और प्रयागराज जैसे शहरों में सोलर पार्क बनाए गए हैं।</p>
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		<title>सौर ऊर्जा को जल-मुक्त रोबोटिक सफाई प्रणाली के तहत लाना है..</title>
		<link>https://livehalchal.com/se/526285</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Nov 2023 04:45:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[सौर ऊर्जा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="314" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/Screenshot-2023-11-24-101256.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/Screenshot-2023-11-24-101256.png 836w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/Screenshot-2023-11-24-101256-300x153.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/Screenshot-2023-11-24-101256-768x390.png 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />सौर ऊर्जा एक नवीकरणीय संसाधन है जो सूर्य अस्त होने तक अक्षय रहता है। भले ही यह हरित बिजली पैदा करने में प्रमुख भूमिका निभाता है, सौर मॉड्यूल की सफाई एक जल गहन प्रक्रिया है। कुशल बिजली उत्पादन के लिए सौर पैनलों की सफाई आवश्यक है। हरित ऊर्जा उत्पादन को टिकाऊ बनाने के अपने प्रयासों &#8230;]]></description>
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<p>सौर ऊर्जा एक नवीकरणीय संसाधन है जो सूर्य अस्त होने तक अक्षय रहता है। भले ही यह हरित बिजली पैदा करने में प्रमुख भूमिका निभाता है, सौर मॉड्यूल की सफाई एक जल गहन प्रक्रिया है। कुशल बिजली उत्पादन के लिए सौर पैनलों की सफाई आवश्यक है। हरित ऊर्जा उत्पादन को टिकाऊ बनाने के अपने प्रयासों में, अदानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल), उन्नत प्रौद्योगिकियों को पेश करके अपने सौर पोर्टफोलियो के जल पदचिह्न को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।</p>



<p>एजीईएल सौर मॉड्यूल के रखरखाव के लिए पानी की खपत को कम करने के लिए जल-मुक्त रोबोटिक सफाई प्रणाली तैनात कर रहा है। एजीईएल ने इसे अपने परिचालन सौर, हाइब्रिड साइटों (हाइब्रिड की सौर क्षमता) और अपनी भविष्य की परियोजनाओं में लागू करने की योजना बनाई है, विशेष रूप से राजस्थान और गुजरात के कच्छ जैसे शुष्क और शुष्क क्षेत्रों में, जहां नवीकरणीय जल स्रोत दुर्लभ हैं। इससे सौर मॉड्यूल रखरखाव के लिए पानी का उपयोग शून्य हो जाएगा।</p>



<p>वर्तमान में, एजीईएल के परिचालन सौर और हाइब्रिड संयंत्रों के ~30% यानी 7,043 मेगावाट में से 2,070 मेगावाट (हाइब्रिड संयंत्रों के सौर + सौर घटक) में रोबोटिक सफाई तकनीक को पहले ही अपनाया जा चुका है। इससे सालाना ~283 मिलियन लीटर पानी की बचत होगी, जो हर साल ~2.7 मिलियन घरों की पानी की आवश्यकता के बराबर है।</p>



<p>एजीईएल रोबोट की आपूर्ति और स्थापना के लिए एक इजरायली फर्म के साथ ~0.80 मिलियन अमरीकी डालर का समझौता करने की संभावना है। दिया जाने वाला ऑर्डर जोधपुर के पास फलोदी में 150 मेगावाट की निर्माणाधीन साइट के लिए होगा। जैसलमेर में हाइब्रिड प्लांट में इंस्टालेशन का काम शुरू हो चुका है। कंपनी ने सौदे पर पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया।</p>



<p>पिछले कुछ वर्षों में, AGEL ने सौर पैनलों और मॉड्यूलों पर धूल जमा होने से निपटने के लिए रोबोटों की सेवाएं ली हैं। ये रोबोट जल-मुक्त तकनीक का उपयोग करते हैं जो पर्यावरण के अनुकूल है और सौर पैनलों के ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाता है। मीठे पानी के संसाधनों की कमी को लेकर बढ़ती चिंताओं को ध्यान में रखते हुए, एजीईएल पानी के स्थायी प्रबंधन पर संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) 6 के अनुरूप कई जल प्रबंधन गतिविधियाँ चला रहा है।</p>



<p>हाल ही में वित्त वर्ष 2024 की पहली छमाही की आय घोषणा के दौरान, अदानी ग्रीन एनर्जी के सीईओ, अमित सिंह ने कहा: “भारत के डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों के अनुरूप, हम 2030 तक 45 गीगावॉट से अधिक देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अदानी ग्रीन के पास सबसे बड़ा ऑपरेटिंग नवीकरणीय पोर्टफोलियो बना हुआ है भारत में 8.4 गीगावॉट क्षमता के साथ। हम अपनी विकास क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं क्योंकि हम अपने विकास के अगले चरण की तैयारी कर रहे हैं।”</p>



<p>जबकि एजीईएल सभी परिचालन संयंत्रों में अपने जल पदचिह्न को कम करने का प्रयास कर रहा है, यह अपनी आगामी परियोजनाओं में पानी के उपयोग को कम करने के तरीकों पर भी विचार कर रहा है। FY23 में, AGEL ने एक स्वतंत्र वैश्विक आश्वासन एजेंसी DNV से वाटर पॉजिटिव सर्टिफिकेशन (200MW से अधिक के पौधों के लिए) हासिल किया। आने वाले वर्षों में, कंपनी पानी की खपत को कम करने के लिए उन्नत तकनीक में और निवेश करेगी।</p>



<p>“जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, हम अपने संयंत्रों में पानी के उपयोग को लगभग शून्य तक कम करने के लिए रोबोटिक सफाई का उपयोग करने का चुनाव कर रहे हैं…एजीईएल में, हम जलवायु परिवर्तन के जोखिमों को कम करने में अपनी भूमिका के महत्व को समझते हैं। हमारा दृढ़ विश्वास है कि अपने हितधारकों को रिटर्न देने के अलावा, हमारी भावी पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ ग्रह का निर्माण करना हमारे लिए एक नैतिक अनिवार्यता है, ”श्री सिंह ने कहा।</p>



<p>एजीईएल, जो देश की सबसे बड़ी नवीकरणीय कंपनियों में से एक है, भारत के लिए एक प्रमुख खिलाड़ी बनने के लिए तैयार है क्योंकि यह खुद को वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण इकाई के रूप में स्थापित करती है।</p>



<p>देश में अनुकूल नीतियों के साथ-साथ इस क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचारों पर जोर एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में सहायक रहा है जो स्थानीय रूप से निर्मित हरित ऊर्जा के विकास का समर्थन करता है। उद्योग-विशिष्ट प्रोत्साहनों और फंडिंग विकल्पों ने भी नवीकरणीय क्षेत्र के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में मदद की है, जो न केवल जलवायु संबंधी चिंताओं को संबोधित करता है, बल्कि एक न्यायसंगत भविष्य का वादा भी करता है। जैसा कि भारत अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है, विस्तार और तकनीकी नवाचार की व्यापक गुंजाइश है जो इस उद्योग के विकास को स्थायी तरीके से आगे बढ़ाएगी।</p>
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