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	<title>सोमवती अमावस्या &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>सोमवती अमावस्या &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>आज है सोमवती अमावस्या, नोट करें शुभ मुहूर्त और पढ़ें दैनिक पंचांग</title>
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		<pubDate>Mon, 30 Dec 2024 04:45:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
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		<category><![CDATA[सोमवती अमावस्या]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="315" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-774-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-774.jpg 663w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-774-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />आज पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि सुबह 04 बजकर 03 मिनट तक रहेगी। इस शुभ तिथि पर कई शुभ योग का निर्माण हो रहा है। इस दौरान कार्य की शुरुआत करने से सफलता प्राप्त होती है। आइए आज के दिन की शुरुआत करने से पहले पंडित हर्षित जी से आज का पंचांग &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="315" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-774-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-774.jpg 663w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-774-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>आज पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि सुबह 04 बजकर 03 मिनट तक रहेगी। इस शुभ तिथि पर कई शुभ योग का निर्माण हो रहा है। इस दौरान कार्य की शुरुआत करने से सफलता प्राप्त होती है। आइए आज के दिन की शुरुआत करने से पहले पंडित हर्षित जी से आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang 30 December 2024) और राहुकाल का समय जानते हैं।</p>



<p>आज सोमवती अमावस्या मनाई जा रही है। यह दिन पूर्ण रूप से पितरों को समर्पित है। ऐसा माना जाता कि जो साधक इस दिन भाव के साथ पूजा-पाठ करते हैं, उन्हें धन, सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में शुभता आती है। आज के दिन (Paush Amavasya 2024 Panchang) की शुरुआत करने से पहले यहां दिए गए शुभ व अशुभ समय को अवश्य जान लें, जो इस प्रकार हैं –</p>



<p><strong>Aaj Ka Panchang 30 December 2024: आज का पंचांग –</strong></p>



<p>पंचांग के अनुसार, आज पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि सुबह 04 बजकर 03 मिनट तक रहेगी।</p>



<p>ऋतु – शरद<br>चन्द्र राशि – धनु</p>



<p><strong>सूर्योदय और सूर्यास्त का समय</strong><br>सूर्योदय – सुबह 07 बजकर 11 मिनट पर<br>सूर्यास्त – शाम 05 बजकर 37 मिनट पर<br>चन्द्रास्त – शाम 04 बजकर 52 मिनट पर।</p>



<p><strong>शुभ मुहूर्त</strong><br>अमृत काल – शाम 05 बजकर 24 मिनट से 07 बजकर 02 मिनट तक<br>ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05 बजकर 24 मिनट से 06 बजकर 19 मिनट तक<br>विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 07 मिनट से 02 बजकर 49 मिनट तक<br>गोधूलि मुहूर्त – शाम 05 बजकर 32 मिनट से 05 बजकर 59 मिनट तक<br>निशिता मुहूर्त – रात्रि 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 51 मिनट तक।</p>



<p><strong>अशुभ समय</strong><br>राहु काल – सुबह 08 बजकर 26 मिनट से 09 बजकर 52 मिनट तक<br>गुलिक काल – दोपहर 01 बजकर 39 मिनट से 03 बजे तक।<br>दिशा शूल – पूर्व</p>



<p><strong>ताराबल</strong><br>अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती।</p>



<p><strong>चन्द्रबल</strong><br>मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुंभ, मीन।</p>



<p><strong>सोमवती अमावस्या पूजन मंत्र</strong><br>ॐ पार्वतीपतये नमः।।<br>ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा।।<br>ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।।<br>ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।<br>ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम:।।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>सोमवती अमावस्या पर करे ये काम, दूर हो जाएगी पितरों की नाराजगी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 20 Dec 2024 04:40:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[सोमवती अमावस्या]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="323" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot-2024-12-20-100410-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot-2024-12-20-100410.png 726w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot-2024-12-20-100410-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />जो अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है उसे सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2024 date) के नाम से जाना जाता है। यह तिथि भगवान शिव के साथ-साथ पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए भी उत्तम मानी जाती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आप इस तिथि पर किस प्रकार पितरों को प्रसन्न कर सुख-समृद्धि का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="323" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot-2024-12-20-100410-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot-2024-12-20-100410.png 726w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Screenshot-2024-12-20-100410-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>जो अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है उसे सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2024 date) के नाम से जाना जाता है। यह तिथि भगवान शिव के साथ-साथ पितरों की कृपा प्राप्ति के लिए भी उत्तम मानी जाती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आप इस तिथि पर किस प्रकार पितरों को प्रसन्न कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।</p>



<p>इस साल पौष माह की अमावस्या, सोमवार, 30 दिसंबर को मनाई जाएगी, जो साल 2024 की आखिरी अमावस्या (paush Amavasya 2024) भी होने वाली है। इस तिथि पर किए गए कुछ खास उपायों से आप अपने पितरों की विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे में इस दिन पितृ चालीसा का पाठ भी जरूर करना चाहिए। तो चलिए पढ़ते हैं श्री पितृ चालीसा।</p>



<p><strong>”पितृ चालीसा”</strong></p>



<p><strong>।।दोहा।।</strong><br>हे पितरेश्वर आपको दे दो आशीर्वाद,<br>चरण शीश नवा दियो रख दो सिर पर हाथ।</p>



<p>सबसे पहले गणपत पाछे घर का देव मनावा जी।<br>हे पितरेश्वर दया राखियो,करियो मन की चाया जी।।</p>



<p><strong>चौपाई</strong><br>पितरेश्वर करो मार्ग उजागर,<br>चरण रज की मुक्ति सागर ।<br>परम उपकार पित्तरेश्वर कीन्हा,<br>मनुष्य योणि में जन्म दीन्हा ।<br>मातृ-पितृ देव मन जो भावे,<br>सोई अमित जीवन फल पावे ।<br>जै-जै-जै पितर जी साईं,<br>पितृ ऋण बिन मुक्ति नाहिं ।<br>चारों ओर प्रताप तुम्हारा,<br>संकट में तेरा ही सहारा ।<br>नारायण आधार सृष्टि का,<br>पित्तरजी अंश उसी दृष्टि का ।<br>प्रथम पूजन प्रभु आज्ञा सुनाते,<br>भाग्य द्वार आप ही खुलवाते ।<br>झुंझुनू में दरबार है साजे,<br>सब देवों संग आप विराजे ।<br>प्रसन्न होय मनवांछित फल दीन्हा,<br>कुपित होय बुद्धि हर लीन्हा ।<br>पित्तर महिमा सबसे न्यारी,<br>जिसका गुणगावे नर नारी ।<br>तीन मण्ड में आप बिराजे,<br>बसु रुद्र आदित्य में साजे ।<br>नाथ सकल संपदा तुम्हारी,<br>मैं सेवक समेत सुत नारी ।<br>छप्पन भोग नहीं हैं भाते,<br>शुद्ध जल से ही तृप्त हो जाते ।<br>तुम्हारे भजन परम हितकारी,<br>छोटे बड़े सभी अधिकारी ।<br>भानु उदय संग आप पुजावै,<br>पांच अँजुलि जल रिझावे ।<br>ध्वज पताका मण्ड पे है साजे,<br>अखण्ड ज्योति में आप विराजे ।<br>सदियों पुरानी ज्योति तुम्हारी,<br>धन्य हुई जन्म भूमि हमारी ।<br>शहीद हमारे यहाँ पुजाते,<br>मातृ भक्ति संदेश सुनाते ।<br>जगत पित्तरो सिद्धान्त हमारा,<br>धर्म जाति का नहीं है नारा ।</p>



<p>अमावस्या तिथि पर खास उपायों द्वारा पितृ दोष से भी मुक्ति पाई जा सकती है। ऐसा माना जाता है कि इस तिथि पर पिंडदान, तर्पण आदि करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। साथ ही आप इस तिथि पर पितृ चालीसा का पाठ करके अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।</p>



<p>हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई<br>सब पूजे पित्तर भाई ।<br>हिन्दू वंश वृक्ष है हमारा,<br>जान से ज्यादा हमको प्यारा ।<br>गंगा ये मरुप्रदेश की,<br>पितृ तर्पण अनिवार्य परिवेश की ।<br>बन्धु छोड़ ना इनके चरणाँ,<br>इन्हीं की कृपा से मिले प्रभु शरणा ।<br>चौदस को जागरण करवाते,<br>अमावस को हम धोक लगाते ।<br>जात जडूला सभी मनाते,<br>नान्दीमुख श्राद्ध सभी करवाते ।<br>धन्य जन्म भूमि का वो फूल है,<br>जिसे पितृ मण्डल की मिली धूल है ।<br>श्री पित्तर जी भक्त हितकारी,<br>सुन लीजे प्रभु अरज हमारी ।<br>निशिदिन ध्यान धरे जो कोई,<br>ता सम भक्त और नहीं कोई ।<br>तुम अनाथ के नाथ सहाई,<br>दीनन के हो तुम सदा सहाई ।<br>चारिक वेद प्रभु के साखी,<br>तुम भक्तन की लज्जा राखी ।<br>नाम तुम्हारो लेत जो कोई,<br>ता सम धन्य और नहीं कोई ।</p>



<p>पितरों की नाराजगी दूर करने के लिए अमावस्या तिथि पर पितृ चालीसा का पाठ करना एक बेहतर उपाय है। साथ ही इस दिन पर ब्राह्मणों को भोजन भी करवाना चाहिए और अपनी क्षमता के अनुसार दान-दक्षिणा भी देनी चाहिए। ऐसा करने से पितर प्रसन्न होंते हैं और आपके ऊपर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।</p>



<p>जो तुम्हारे नित पाँव पलोटत,<br>नवों सिद्धि चरणा में लोटत ।<br>सिद्धि तुम्हारी सब मंगलकारी,<br>जो तुम पे जावे बलिहारी ।<br>जो तुम्हारे चरणा चित्त लावे,<br>ताकी मुक्ति अवसी हो जावे ।<br>सत्य भजन तुम्हारो जो गावे,<br>सो निश्चय चारों फल पावे ।<br>तुमहिं देव कुलदेव हमारे,<br>तुम्हीं गुरुदेव प्राण से प्यारे ।<br>सत्य आस मन में जो होई,<br>मनवांछित फल पावें सोई ।<br>तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई,<br>शेष सहस्त्र मुख सके न गाई ।<br>मैं अतिदीन मलीन दुखारी,<br>करहुं कौन विधि विनय तुम्हारी ।<br>अब पितर जी दया दीन पर कीजै,<br>अपनी भक्ति शक्ति कछु दीजै ।</p>



<p><strong>दोहा</strong><br>पित्तरों को स्थान दो, तीरथ और स्वयं ग्राम ।<br>श्रद्धा सुमन चढ़ें वहां, पूरण हो सब काम ।<br>झुंझनू धाम विराजे हैं, पित्तर हमारे महान ।<br>दर्शन से जीवन सफल हो, पूजे सकल जहान।।<br>जीवन सफल जो चाहिए, चले झुंझनू धाम ।<br>पितृ चरण की धूल ले, हो जीवन सफल महान।।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>सोमवती अमावस्या पर की गई ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Dec 2024 04:34:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[सोमवती अमावस्या]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="312" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-280-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-280.jpg 687w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-280-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन पितरों को समर्पित करते हैं। पंचांग के अनुसार 30 दिसंबर 2024 दिन सोमवार को सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2024 Date And Time) मनाई जाएगी। बता दें सोमवार को पड़ने की वजह से इसे सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है तो &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="312" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-280-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-280.jpg 687w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-280-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन पितरों को समर्पित करते हैं। पंचांग के अनुसार 30 दिसंबर 2024 दिन सोमवार को सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2024 Date And Time) मनाई जाएगी। बता दें सोमवार को पड़ने की वजह से इसे सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है तो चलिए इस दिन से जुड़ी कुछ प्रमुख बातों को जानते हैं।</p>



<p>सोमवती अमावस्या पितरों को समर्पित है। इस दिन पर लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं। यह हर साल अत्यंत समर्पण और भक्ति के साथ मनाई जाती है। इसका बहुत धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह तिथि सोमवार को पड़ती है, इसलिए इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस दिन लोग अपने पितरों के नाम से विभिन्न प्रकार के पूजा अनुष्ठान करते हैं, जिससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं, इस तिथि को लेकर कुछ महत्वपूर्ण बातें (Somvati Amavasya 2024 Dos And Donts) बताई गई हैं, जिनका पालन बहुत जरूरी है, तो चलिए जानते हैं।</p>



<p><strong>सोमवती अमावस्या 2024 शुभ मुहूर्त (Somvati Amavasya 2024 Shubh Muhurat)<br></strong>हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल पौष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 30 दिसंबर को सुबह 04 बजकर 01 मिनट पर शुरू होगी है। वहीं, इसका समापन 31 दिसंबर को सुबह 03 बजकर 56 मिनट पर होगा। पंचांग के अनुसार, 30 दिसंबर को (Somvati Amavasya 2024 Kis Din Hai) सोमवती अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन गंगा स्नान का भी विधान है।</p>



<p><strong>सोमवती अमावस्या पर क्या करें और क्या नहीं? (Somvati Amavasya 2024 Rules)<br></strong>अमावस्या तिथि पर सुबह जल्दी उठें।<br>अमावस्या पर पितरों का पिंडदान करें, इससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।<br>इस दिन भगवान विष्णु और शिव जी की पूजा करें।<br>इस दिन शादी या सगाई जैसे शुभ कार्यक्रमों को करने व तय करने से भी बचें।<br>इस दिन नए कपड़े या जूते खरीदने से बचें।<br>इस तिथि पर नए वाहन और घर खरीदने से बचें।<br>इस मौके पर धार्मिक कार्यों से जुड़ें।<br>अमावस्या पर अपनी आत्मा व शरीद के शुद्धिकरण के लिए गंगा नदी में पवित्र स्नान करें।<br>इस दिन तामसिक भोजन का सेवन करने से बचें।<br>इस तिथि पर ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन और कपड़ों का दान करें।<br>इस दिन किसी के साथ विवाद करने से बचें।<br>इस दिन भोजन, गर्म कपड़े, तिल, गुड़, घी, आदि चीजों का दान करें।<br>इस दिन तुलसी पत्र, पीपल और बेलपत्र तोड़ने से बचें।<br>इस दिन ज्यादा से ज्यादा तीर्थ स्थलों पर जाएं और पूजा करें।<br>इस दिन सात्विकता का पालन करें।<br>इसके अलावा इस मौके पर झूठ, ईर्ष्या और लालच करने से बचें, क्योंकि यह पूजा-पाठ, अनुष्ठान, जप और तप का दिन माना जाता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>सोमवती अमावस्या पर करें इन चीजों का दान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 04 Dec 2024 04:41:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[सोमवती अमावस्या]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="311" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-164-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-164.jpg 687w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-164-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />इस वर्ष पौष माह की अमावस्या सोमवार 30 दिसंबर के दिन पड़ रही है जिसे सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2024 Daan) के नाम से भी जाना जाएगा। यह इस साल की आखिरी अमावस्या भी होने वाली है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आप इस दिन पर किन चीजों का दान कर जीवन में सुख-समृद्धि &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="311" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-164-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-164.jpg 687w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/12/Capture-164-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>इस वर्ष पौष माह की अमावस्या सोमवार 30 दिसंबर के दिन पड़ रही है जिसे सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2024 Daan) के नाम से भी जाना जाएगा। यह इस साल की आखिरी अमावस्या भी होने वाली है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आप इस दिन पर किन चीजों का दान कर जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति कर सकते हैं।</p>



<p>हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को विशेष महत्व दिया जाता है। इस तिथि पर दान-पुण्य करना काफी शुभ माना जाता है। सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है, जो मुख्य रूप से भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित मानी जाती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि सोमवती अमावस्या के दिन (Somvati Amavasya 2024) आप किन चीजों का दान कर पितरों के साथ-साथ महादेव की भी कृपा प्राप्त कर सकते हैं।</p>



<p><strong>मिलेगी शिव जी की कृपा</strong><br>भगवान शिव की कृपा प्राप्ति के लिए आप सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya 2024) पर दूध, चीनी, सफेद वस्त्रों आदि का दान कर सकते हैं। ऐसा करने से साधक के जीवन में सुख व शांति का वास बना रहता है। साथ ही सभी कार्यों में भी सफलता हासिल होती है।</p>



<p><strong>मजबूत होगा चंद्रमा</strong><br>सोमवार का दिन भगवान शिव के साथ-साथ चंद्र देव को भी समर्पित माना जाता है। ऐसे में आप इस दिन पर चावल, कपूर, मोती, शंख, चांदी आदि वस्तुओं का दान (Somvati Amavasya 2024 Daan) कर सकते हैं। ऐसा करने से मन से जुड़े दोष दूर होते हैं, साथ ही चंद्रमा ग्रह भी मजबूत होता है।</p>



<p><strong>मिलेगी ग्रह दोषों से मुक्ति</strong><br>यदि आपके ऊपर मंगल की महादशा का प्रभाव है, तो इसके लिए आप सोमवती अमावस्या के दिन मूंगा, गेहूं, मसूर, रक्त चंदन या भूमि का दान कर सकते हैं। वहीं अगर आप शनि दोष से प्रभावित हैं, तो इससे मुक्ति के लिए तेल, लोहे की चीजें, छतरी आदि का दान करना चाहिए।</p>



<p><strong>पितृ होंगे प्रसन्न</strong><br>अगर आप सोमवती अमावस्या के दिन ब्राह्मणों को भोजन करवाने के बाद अपनी क्षमता अनुसार, दान-दक्षिणा देते हैं, तो इससे पितृ प्रसन्न होते हैं। साथ ही इस दिन पर जरूरतमंद लोगों को काले तिल, जल, दही, शहद, गाय का दूध, गंगाजल, वस्त्र और अन्न आदि का दान भी किया जा सकता है। इससे भी जातक को पितृ दोष से राहत मिल सकती है।</p>
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		<title>सोमवती अमावस्या पर करें इन खास चीजों का दान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Sep 2024 10:11:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[सोमवती अमावस्या]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="320" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-47-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-47.jpg 764w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-47-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />आज सोमवती अमावस्या मनाई जा रही है। इस दिन पूर्वजों की पूजा पितृ तर्पण और दान करने का विधान है। भक्तों का मानना ​​है कि इस दिन पूर्वज पृथ्वी पर आते हैं और लोगों के सभी कष्टों को दूर करते हैं। इसके साथ ही शांति समृद्धि और आध्यात्मिक ज्ञान का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। अगर &#8230;]]></description>
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<p>आज सोमवती अमावस्या मनाई जा रही है। इस दिन पूर्वजों की पूजा पितृ तर्पण और दान करने का विधान है। भक्तों का मानना ​​है कि इस दिन पूर्वज पृथ्वी पर आते हैं और लोगों के सभी कष्टों को दूर करते हैं। इसके साथ ही शांति समृद्धि और आध्यात्मिक ज्ञान का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। अगर आप अपने इस दिन को और भी खास बनाना चाहते हैं तो दान-पुण्य अवश्य करें।</p>



<p>सोमवती अमावस्या को बहुत विशेष माना गया है। इसे भाद्रपद अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। यह तिथि पूर्वजों को समर्पित है। इस दिन दान-पुण्य करने से शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। भक्त इस दिन को अपने पूर्वजों का आशीर्वाद लेने और आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति के लिए उनका तर्पण करते हैं। इस बार सोमवती अमावस्या 2 सितंबर, 2024 को यानी आज के दिन मनाई जा रही है, तो आइए जानते हैं इस दिन किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है।</p>



<p><strong>चंद्रमा को मजबूत करने के लिए करें ये दान</strong><br>सोमवती अमावस्या पर चावल, दूध, चीनी, सफेद वस्त्रों का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस तिथि पर इन खास चीजों का दान करने से जीवन में सुख और शांति बनी रहती है। साथ ही सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। वहीं, इन चीजों के दान से कुंडली से चंद्रमा का बुरा प्रभाव समाप्त हो जाता है। इसके साथ ही उसकी स्तिथि भी मजबूत होती है।</p>



<p><strong>चंद्रमा को मजबूत करने के मंत्र</strong></p>



<p>ऊँ दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम ।</p>



<p>नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुटभूषणम ।।</p>



<p>ऊँ अमृतंग अन्गाये विधमहे कलारुपाय धीमहि, तन्नो सोम प्रचोदयात ।।</p>



<p>ऊँ उद्बुध्यस्वाग्ने प्रतिजागृहि त्वमिष्टापूर्ते स सृजेथामयं च ।</p>



<p>अस्मिन्त्सधस्थे अध्युत्तरस्मिन्विश्वे देवा यजमानश्च सीदत ।।</p>



<p><strong>स्नान-दान का समय</strong><br>पंचांग के अनुसार भाद्रपद अमावस्या तिथि 2 सितंबर, 2024 को सुबह 05 बजकर 21 मिनट पर शुरू हो चुकी है। वहीं, इसका समापन 3 सितंबर को सुबह 07 बजकर 24 मिनट पर होगा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या में स्नान और दान उदयातिथि में मान्य है। इसलिए भाद्रपद अमावस्या 2 सितंबर को मनाई जाएगी।</p>



<p>सोमवती अमावस्या (Somvati amavasya) पर स्नान-दान का सबसे उत्तम समय सुबह 04 बजकर 38 मिनट से लेकर सुबह 05 बजकर 24 मिनट के बीच का था। हालांकि इस दिन आप किसी भी समय गंगा स्नान कर पुण्य फलों की प्राप्ति कर सकते हैं। इसके साथ ही पितरों का श्राद्ध कर्म दोपहर 12 बजे के बाद, सूर्यास्त से पहले किया जाएगा।</p>
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