<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>सैलरी &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%b2%e0%a4%b0%e0%a5%80/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Mon, 15 Dec 2025 11:23:10 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.6</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>सैलरी &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>6 महीने काम करने की सैलरी 1.31 करोड़ !</title>
		<link>https://livehalchal.com/6-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%b2%e0%a4%b0%e0%a5%80-1-31-%e0%a4%95/648948</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Dec 2025 06:32:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[सैलरी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=648948</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="287" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-14-223033-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-14-223033.png 778w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-14-223033-medium.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-14-223033-768x356.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />दुनिया में कई ऐसी नौकरियां हैं, जिनकी सैलरी बहुत अच्छी होती है, लेकिन लोग उन्हें करने से कतराते हैं. इसकी वजहें अलग-अलग हो सकती हैं, जैसे घर से महीनों दूर रहना या काम में बहुत ज्यादा खतरा होना. आजकल ऐसी ही एक नौकरी काफी चर्चा में है. यह मामला 29 साल के एक पर्यावरण शोधकर्ता &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="287" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-14-223033-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-14-223033.png 778w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-14-223033-medium.png 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/Screenshot-2025-12-14-223033-768x356.png 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>दुनिया में कई ऐसी नौकरियां हैं, जिनकी सैलरी बहुत अच्छी होती है, लेकिन लोग उन्हें करने से कतराते हैं. इसकी वजहें अलग-अलग हो सकती हैं, जैसे घर से महीनों दूर रहना या काम में बहुत ज्यादा खतरा होना. आजकल ऐसी ही एक नौकरी काफी चर्चा में है. यह मामला 29 साल के एक पर्यावरण शोधकर्ता से जुड़ा है, जिन्हें अंटार्कटिका में 6 महीने तक काम करने का एक दुर्लभ और आकर्षक ऑफर मिला है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि महज़ 6 महीने के काम के बदले उन्हें एक करोड़ रुपये से भी ज़्यादा सैलरी मिलेगी.</p>



<p><strong>6 महीने की नौकरी और करोड़ों की सैलरी Anokha Job Offer</strong></p>



<p>शोधकर्ता की कंपनी उन्हें अंटार्कटिका के मैकमुर्डो स्टेशन पर 6 महीने के रिसर्च वर्क के लिए भेजना चाहती है. इस काम के लिए उन्हें लगभग 1,45,000 डॉलर (करीब 1.31 करोड़ रुपये) का शानदार वेतन मिलेगा. इस ऑफर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट में उनका रहना, खाना-पीना, और हवाई यात्रा समेत अन्य सभी खर्चे शामिल हैं.</p>



<p>शोधकर्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक पोस्ट में यह जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि चूंकि वहाँ रहने के दौरान उनका लगभग कोई खर्च नहीं होगा (न किराया, न बाहर घूमना, न ही ऑनलाइन कुछ ऑर्डर करना), इसलिए उन्हें अपनी पूरी सैलरी बचाने में आसानी होगी. उन्होंने लिखा कि उनकी मौजूदा नेट वर्थ करीब 180,000 डॉलर है और वह इस काम से अपनी बचत को तेज़ी से बढ़ाकर 45 साल की उम्र तक वित्तीय लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं.</p>



<p><strong>अंटार्कटिका की नौकरी ने बढ़ाई रिश्ते की चिंता</strong></p>



<p>आर्थिक और करियर के लिहाज़ से यह ऑफर जितना शानदार है, निजी जीवन के लिए उतना ही चुनौतीपूर्ण. शोधकर्ता ने बताया कि छह महीने तक दुनिया से सबसे दूर, अलग-थलग रहना उन्हें बहुत बोझिल और थोड़ा डरावना लगता है.</p>



<p>उनकी सबसे बड़ी दुविधा उनकी प्रेमिका को लेकर है, जिसके साथ वह पिछले तीन साल से हैं. हालांकि उनकी प्रेमिका इस मौके के महत्व को समझती हैं, लेकिन इतने लंबे समय तक दूर रहने से वह भी खुश नहीं हैं. शोधकर्ता लगातार इस बात को लेकर सोच रहे हैं कि क्या यह मौका उनके रिश्ते में तनाव पैदा करने या सामान्य जीवन के आधे साल को खोने के लायक है. उनके मन में यह सवाल बार-बार आ रहा है कि क्या एक बड़ा आर्थिक लाभ हासिल करने के लिए अपनी वर्तमान जीवनशैली को छोड़ना सही होगा.</p>



<p><strong>सोशल मीडिया पर मिली सलाह</strong></p>



<p>शोधकर्ता का यह पोस्ट तुरंत वायरल हो गया और लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं. अधिकतर यूजर्स ने उन्हें यह ऑफर स्वीकार करने की सलाह दी. एक यूजर ने ज़ोर देते हुए कहा, “मैं तो ऐसा ही करूंगा. सिर्फ 6 महीनों में अपनी कुल संपत्ति को दोगुना करना एक ऐसा शानदार मौका है, जिसे हाथ से जाने नहीं देना चाहिए. आप यह अपने और अपनी गर्लफ्रेंड दोनों के भविष्य के लिए कर रहे हैं.”</p>



<p>दूसरे यूजर ने इसे “जीवन में एक बार मिलने वाला मौका” बताते हुए कहा कि आर्थिक लाभ तो कमाल का है. लोगों का मानना है कि इतनी बड़ी बचत उन्हें बहुत जल्द वित्तीय स्वतंत्रता (Financial Independence) हासिल करने में मदद करेगी.अब शोधकर्ता को यह फैसला लेना है कि वह करियर की बड़ी छलांग लगाते हैं, या अपने वर्तमान जीवन को बनाए रखते हैं. यह कहानी उन कई लोगों की दुविधा को दर्शाती है जिन्हें शानदार सैलरी के बदले में बड़े निजी त्याग करने पड़ते हैं.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Labour Code हुए लागू, क्या अब बढ़ जाएगी सैलरी</title>
		<link>https://livehalchal.com/labour-code-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%8f-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%82-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%97/644849</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Nov 2025 09:58:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[सैलरी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=644849</guid>

					<description><![CDATA[<img width="444" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/cx-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/cx.jpg 444w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/cx-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 444px) 100vw, 444px" />केंद्र सरकार ने शुक्रवार को बड़े लेबर सुधारों के तहत घोषणा की कि फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी अब पांच साल की जगह एक साल लगातार सर्विस करने के बाद ग्रेच्युटी के हकदार हो जाएंगे। सरकार ने शुक्रवार को पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 के तहत नए ग्रेच्युटी नियमों को नोटिफाई किया। इस कदम से फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="444" height="342" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/cx-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/cx.jpg 444w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/cx-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 444px) 100vw, 444px" />
<p>केंद्र सरकार ने शुक्रवार को बड़े लेबर सुधारों के तहत घोषणा की कि फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी अब पांच साल की जगह एक साल लगातार सर्विस करने के बाद ग्रेच्युटी के हकदार हो जाएंगे। सरकार ने शुक्रवार को पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 के तहत नए ग्रेच्युटी नियमों को नोटिफाई किया। इस कदम से फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट बेनिफिट्स बढ़ सकते हैं और कैलकुलेशन के लिए “वेज” को कैसे डिफाइन किया जाता है, इसमें बदलाव हो सकता है।</p>



<p>सरकार ने शुक्रवार को यह जरूरी कर दिया कि सभी एम्प्लॉयर आज (21 नवंबर 2025) से लागू हुए चार बड़े लेबर कोड के तहत अपॉइंटमेंट लेटर जारी करें और समय पर सैलरी का पेमेंट पक्का करें। नए नियमों के मुताबिक, सभी वर्कर—जिसमें गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर भी शामिल हैं—को PF, ESIC, इंश्योरेंस, मैटरनिटी बेनिफिट और पेंशन जैसा सोशल सिक्योरिटी कवरेज मिलना भी जरूरी है। नए कानून के लागू होने के साथ, महिलाओं को अब रात में और सभी तरह के कामों में उनकी सहमति और जरूरी सुरक्षा उपायों के साथ काम करने की इजाजत है।</p>



<p><strong>सैलरी पर क्या प्रभाव पड़ेगा?<br></strong>कोड ऑन वेजेस, 2019 के तहत, सभी वर्कर्स को मिनिमम वेज पेमेंट का कानूनी अधिकार मिलेगा। मिनिमम वेज और समय पर पेमेंट से फाइनेंशियल सिक्योरिटी पक्की होगी। एम्प्लॉयर्स को 40 साल से ज़्यादा उम्र के सभी वर्कर्स का सालाना फ्री हेल्थ चेक-अप करवाना होगा।</p>



<p>नए कोड के तहत एक बड़ा बदलाव ‘वेज’ की परिभाषा है, जिसमें अब बेसिक पे, महंगाई भत्ता और रिटेनिंग अलाउंस शामिल हैं, और कुल सैलरी का कम से कम 50% सैलरी के तौर पर गिना जाएगा।</p>



<p>पहले, एम्प्लॉयर अक्सर सैलरी पैकेज इस तरह बनाते थे कि बेसिक पे और DA कुल सैलरी का एक छोटा हिस्सा होता था, और बड़ा हिस्सा उन अलाउंस में जाता था जो ग्रेच्युटी या प्रोविडेंट फंड जैसे फायदों में नहीं गिने जाते थे। नए लेबर कोड के तहत, कॉस्ट-टू-कंपनी (CTC) के हर हिस्से को अब सैलरी माना जाएगा, जब तक कि खास तौर पर छूट न दी गई हो, और ज़्यादा से ज़्यादा छूट कुल सैलरी का 50% ही होगी।</p>



<p><strong>अब एक साल में मिलेगी ग्रेच्युटी<br></strong>&#8216;वेज&#8217; की परिभाषा को और भी चीजों को शामिल करने के लिए बढ़ाया गया है। पेमेंट ऑफ़ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 के तहत वेज की गिनती के लिए अब ग्रेच्युटी को भी गिना जाएगा। वेज की बड़ी परिभाषा का मतलब है कि ग्रेच्युटी पेमेंट को ज्यादा बेस पर भी कैलकुलेट किया जा सकता है, जिससे कर्मचारियों को रकम बढ़ाकर फायदा होगा। इसके अलावा, एक्सपोर्ट सेक्टर में फिक्स्ड टर्म वर्कर्स को ग्रेच्युटी, प्रोविडेंट फंड (PF), और दूसरे सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट्स मिलने चाहिए, यह नए नियमों में जरूरी है।</p>



<p>फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी अब सिर्फ एक साल की लगातार सर्विस के बाद ग्रेच्युटी के लिए एलिजिबल हो जाएंगे। अभी, कर्मचारियों को ग्रेच्युटी तब दी जाती है जब उन्होंने कंपनी छोड़ते समय लगातार पांच साल की सर्विस पूरी कर ली हो।</p>



<p>सिरिल अमरचंद मंगलदास की पार्टनर (हेड &#8211; सदर्न रीजन) रश्मि प्रदीप ने कहा, &#8220;नए लेबर कोड फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को उनकी सर्विस की अवधि की परवाह किए बिना ग्रेच्युटी देते हैं, जो पांच साल की जरूरत से काफी अलग है। जो ऑर्गनाइजेशन शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रैक्ट या प्रोजेक्ट-बेस्ड स्टाफ पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं, उन्हें पहले और ज्यादा बार ग्रेच्युटी पेमेंट करना होगा।&#8221;</p>



<p>&#8220;वेज&#8221; की डेफिनेशन को और भी कॉम्पोनेंट शामिल करने के लिए बढ़ाया गया है, खास तौर पर, एक्ट के तहत वेज कैलकुलेट करने के मकसद से अब ग्रेच्युटी को भी गिना जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
