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	<title>सुप्रीम कोर्ट: सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार की अनिवार्यता पर रोक नहीं &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>सुप्रीम कोर्ट: सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार की अनिवार्यता पर रोक नहीं</title>
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		<pubDate>Tue, 27 Jun 2017 09:19:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="380" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/06/aadhar_650x400_51486655466.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="30 जून से सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार किया है. कोर्ट ने कहा कि सिर्फ अंदेशा होने के आधार पर आदेश जारी नहीं करेंगे. केंद्र ने ये छूट 30 सितंबर तक बढ़ाई है तो इस केस में कोई अर्जेंसी नहीं है. अब कोर्ट इस मसले पर सात जुलाई को सुनवाई करेगा. इस मसले पर केंद्र ने कोर्ट में कहा कि 22 जून को एक और नोटिफिकेशन जारी कर कहा गया है कि जिनके पास आधार कार्ड नहीं है वो 30 सितंबर तक आधार कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं और दूसरे ID के जरिए योजनाओं का लाभ ले सकते हैं. लेकिन जिनके पास आधार कार्ड हैं उन्हें 30 जून तक देना होगा. ऐसे में ये कहना ठीक नहीं है कि आधार ना देने पर किसी को योजनाओं से वंचित किया जाएगा. वहीं याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि ये छूट सिर्फ उनके लिए है जिनके लिए आधार कार्ड नहीं है. ये छूट सभी के लिए होनी चाहिए क्योंकि आधार अनिवार्य नहीं है स्वैच्छिक है. ऐसे में बच्चों व अन्य को योजनाओं का लाभ रोका जा सकता है. वहीं कोर्ट ने कहा कि अगर 30 जून को बाद आधार कार्ड के ना होने पर किसी को योजनाओं का लाभ रोका जाता है तो कोर्ट को इसकी जानकारी दी जाए. इससे पहले सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान कहा था कि इस मामले में दाखिल सारी अर्जियों पर एक ही बार में सुनवाई होनी चाहिए क्योंकि सबमें एक जैसी ही मांग की गई है. हालांकि इस मौके पर केंद्र सरकार ने सुनवाई का जमकर विरोध किया. AG मुकुल रोहतगी ने कहा कि पहले ही मामले की सुनवाई संविधान पीठ कर रही है इसलिए दो जजों की बेंच को सुनवाई नहीं करनी चाहिए. वैसे भी 125 करोड़ में से 110 करोड़ लोगों का आधार कार्ड बन चुका है. सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को भी सुनवाई की. नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन राइट यानी NCPCR की पूर्व कमिश्नर शांता सिन्‍हा की याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार मिड डे मील, बंधुआ मजदूरों के लिए पुनर्वास और राइट टू एजूकेशन और स्कॉलरशिप आदि कल्याणकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया है. ये सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विपरीत है इसलिए इन नोटिफिकेशन पर अंतरिम रोक लगनी चाहिए. अधिसूचना के तहत सभी सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है. स्कूलों में मध्याह्न् भोजन तथा दिव्यांग पेंशन सहित तमाम सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार आवश्यक हो गया है. हालांकि इस मौके पर केंद्र सरकार ने याचिका पर सुनवाई का विरोध किया था. SG रंजीत कुमार ने कहा था कि इस मामले में पहले ही संविधान पीठ सुनवाई कर रही है लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि दो जजों की बेंच सिर्फ अंतरिम रोक पर सुनवाई करेगी." style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/06/aadhar_650x400_51486655466.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/06/aadhar_650x400_51486655466-300x185.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />30 जून से सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार किया है. कोर्ट ने कहा कि सिर्फ अंदेशा होने के आधार पर आदेश जारी नहीं करेंगे. केंद्र ने ये छूट 30 सितंबर तक बढ़ाई है &#8230;]]></description>
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AG मुकुल रोहतगी ने कहा कि पहले ही मामले की सुनवाई संविधान पीठ कर रही है इसलिए दो जजों की बेंच को सुनवाई नहीं करनी चाहिए. वैसे भी 125 करोड़ में से 110 करोड़ लोगों का आधार कार्ड बन चुका है. सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को भी सुनवाई की. नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन राइट यानी NCPCR की पूर्व कमिश्नर शांता सिन्‍हा की याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार मिड डे मील, बंधुआ मजदूरों के लिए पुनर्वास और राइट टू एजूकेशन और स्कॉलरशिप आदि कल्याणकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया है. ये सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विपरीत है इसलिए इन नोटिफिकेशन पर अंतरिम रोक लगनी चाहिए. अधिसूचना के तहत सभी सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है. स्कूलों में मध्याह्न् भोजन तथा दिव्यांग पेंशन सहित तमाम सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार आवश्यक हो गया है. हालांकि इस मौके पर केंद्र सरकार ने याचिका पर सुनवाई का विरोध किया था. SG रंजीत कुमार ने कहा था कि इस मामले में पहले ही संविधान पीठ सुनवाई कर रही है लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि दो जजों की बेंच सिर्फ अंतरिम रोक पर सुनवाई करेगी." style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/06/aadhar_650x400_51486655466.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/06/aadhar_650x400_51486655466-300x185.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p><strong>30 जून से सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार किया है. कोर्ट ने कहा कि सिर्फ अंदेशा होने के आधार पर आदेश जारी नहीं करेंगे.<img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-61248" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/06/aadhar_650x400_51486655466.jpg" alt="30 जून से सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार किया है. कोर्ट ने कहा कि सिर्फ अंदेशा होने के आधार पर आदेश जारी नहीं करेंगे. केंद्र ने ये छूट 30 सितंबर तक बढ़ाई है तो इस केस में कोई अर्जेंसी नहीं है. अब कोर्ट इस मसले पर सात जुलाई को सुनवाई करेगा. इस मसले पर केंद्र ने कोर्ट में कहा कि 22 जून को एक और नोटिफिकेशन जारी कर कहा गया है कि जिनके पास आधार कार्ड नहीं है वो 30 सितंबर तक आधार कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं और दूसरे ID के जरिए योजनाओं का लाभ ले सकते हैं. लेकिन जिनके पास आधार कार्ड हैं उन्हें 30 जून तक देना होगा. ऐसे में ये कहना ठीक नहीं है कि आधार ना देने पर किसी को योजनाओं से वंचित किया जाएगा.  वहीं याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि ये छूट सिर्फ उनके लिए है जिनके लिए आधार कार्ड नहीं है. ये छूट सभी के लिए होनी चाहिए क्योंकि आधार अनिवार्य नहीं है स्वैच्छिक है. ऐसे में बच्चों व अन्य को योजनाओं का लाभ रोका जा सकता है. वहीं कोर्ट ने कहा कि अगर 30 जून को बाद आधार कार्ड के ना होने पर किसी को योजनाओं का लाभ रोका जाता है तो कोर्ट को इसकी जानकारी दी जाए.  इससे पहले सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान कहा था कि इस मामले में दाखिल सारी अर्जियों पर एक ही बार में सुनवाई होनी चाहिए क्योंकि सबमें एक जैसी ही मांग की गई है.  हालांकि इस मौके पर केंद्र सरकार ने सुनवाई का जमकर विरोध किया. AG मुकुल रोहतगी ने कहा कि पहले ही मामले की सुनवाई संविधान पीठ कर रही है इसलिए दो जजों की बेंच को सुनवाई नहीं करनी चाहिए. वैसे भी 125 करोड़ में से 110 करोड़ लोगों का आधार कार्ड बन चुका है.  सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को भी सुनवाई की. नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन राइट यानी NCPCR की पूर्व कमिश्नर शांता सिन्&#x200d;हा की याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार मिड डे मील, बंधुआ मजदूरों के लिए पुनर्वास और राइट टू एजूकेशन और स्कॉलरशिप आदि कल्याणकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया है. ये सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विपरीत है इसलिए इन नोटिफिकेशन पर अंतरिम रोक लगनी चाहिए.  अधिसूचना के तहत सभी सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है. स्कूलों में मध्याह्न् भोजन तथा दिव्यांग पेंशन सहित तमाम सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार आवश्यक हो गया है. हालांकि इस मौके पर केंद्र सरकार ने याचिका पर सुनवाई का विरोध किया था. SG रंजीत कुमार ने कहा था कि इस मामले में पहले ही संविधान पीठ सुनवाई कर रही है लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि दो जजों की बेंच सिर्फ अंतरिम रोक पर सुनवाई करेगी." width="650" height="400" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/06/aadhar_650x400_51486655466.jpg 650w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/06/aadhar_650x400_51486655466-300x185.jpg 300w" sizes="(max-width: 650px) 100vw, 650px" /></strong></p>
<p><strong> केंद्र ने ये छूट 30 सितंबर तक बढ़ाई है तो इस केस में कोई अर्जेंसी नहीं है. अब कोर्ट इस मसले पर सात जुलाई को सुनवाई करेगा. इस मसले पर केंद्र ने कोर्ट में कहा कि 22 जून को एक और नोटिफिकेशन जारी कर कहा गया है कि जिनके पास आधार कार्ड नहीं है वो 30 सितंबर तक आधार कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं और दूसरे ID के जरिए योजनाओं का लाभ ले सकते हैं. लेकिन जिनके पास आधार कार्ड हैं उन्हें 30 जून तक देना होगा. ऐसे में ये कहना ठीक नहीं है कि आधार ना देने पर किसी को योजनाओं से वंचित किया जाएगा.</strong></p>
<p><strong>वहीं याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि ये छूट सिर्फ उनके लिए है जिनके लिए आधार कार्ड नहीं है. ये छूट सभी के लिए होनी चाहिए क्योंकि आधार अनिवार्य नहीं है स्वैच्छिक है. ऐसे में बच्चों व अन्य को योजनाओं का लाभ रोका जा सकता है. वहीं कोर्ट ने कहा कि अगर 30 जून को बाद आधार कार्ड के ना होने पर किसी को योजनाओं का लाभ रोका जाता है तो कोर्ट को इसकी जानकारी दी जाए.</strong></p>
<p><strong>इससे पहले सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान कहा था कि इस मामले में दाखिल सारी अर्जियों पर एक ही बार में सुनवाई होनी चाहिए क्योंकि सबमें एक जैसी ही मांग की गई है.</strong></p>
<p><strong>हालांकि इस मौके पर केंद्र सरकार ने सुनवाई का जमकर विरोध किया. AG मुकुल रोहतगी ने कहा कि पहले ही मामले की सुनवाई संविधान पीठ कर रही है इसलिए दो जजों की बेंच को सुनवाई नहीं करनी चाहिए. वैसे भी 125 करोड़ में से 110 करोड़ लोगों का आधार कार्ड बन चुका है.</strong></p>
<p><strong><a href="http://www.livehalchal.com/photos-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%87-bikini-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%ac%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%82/61239" target="_blank" rel="noopener noreferrer">PHOTOS: समंदर किनारे BIKINI पहन बेबी बंप के साथ नजर आईं ये एक्ट्रेस</a></strong></p>
<p><strong>सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य बनाए जाने की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को भी सुनवाई की. नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन राइट यानी NCPCR की पूर्व कमिश्नर शांता सिन्&#x200d;हा की याचिका में कहा गया है कि केंद्र सरकार मिड डे मील, बंधुआ मजदूरों के लिए पुनर्वास और राइट टू एजूकेशन और स्कॉलरशिप आदि कल्याणकारी योजनाओं में आधार को अनिवार्य करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया है. ये सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विपरीत है इसलिए इन नोटिफिकेशन पर अंतरिम रोक लगनी चाहिए.</strong></p>
<p><strong>अधिसूचना के तहत सभी सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है. स्कूलों में मध्याह्न् भोजन तथा दिव्यांग पेंशन सहित तमाम सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार आवश्यक हो गया है. हालांकि इस मौके पर केंद्र सरकार ने याचिका पर सुनवाई का विरोध किया था. SG रंजीत कुमार ने कहा था कि इस मामले में पहले ही संविधान पीठ सुनवाई कर रही है लेकिन चीफ जस्टिस ने कहा कि दो जजों की बेंच सिर्फ अंतरिम रोक पर सुनवाई करेगी.</strong></p>
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