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	<title>सीमा विवाद &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>सीमा विवाद &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>बिहार: पुल 15 साल पहले बना, सीमा विवाद में पहुंचने का रास्ता किसी ने नहीं बनाया</title>
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		<pubDate>Wed, 14 Aug 2024 06:52:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बिहार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="341" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-600-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-600.png 728w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/08/Capture-600-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />बिहार में कई पुल गिरने के बाद अररिया का एक पुल ऐसा भी सामने आया था, जो खेत में है। आज &#8216;अमर उजाला&#8217; सामने ला रहा ऐसा पुल, जो 15 साल पहले बना और विधानसभा चुनाव क्षेत्र के सीमा विवाद में रास्ता बनाए बगैर ही रह गया। 15 साल पहले तत्कालीन भाजपा विधायक स्व संजीव &#8230;]]></description>
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<p>बिहार में कई पुल गिरने के बाद अररिया का एक पुल ऐसा भी सामने आया था, जो खेत में है। आज &#8216;अमर उजाला&#8217; सामने ला रहा ऐसा पुल, जो 15 साल पहले बना और विधानसभा चुनाव क्षेत्र के सीमा विवाद में रास्ता बनाए बगैर ही रह गया।</p>



<p>15 साल पहले तत्कालीन भाजपा विधायक स्व संजीव झा के मद से बीच खेत में एक पुल बना दिया गया। लेकिन दो विधानसभा महिषी और कहरा विधानसभा के सीमा पर पुल बनने के बाद दोनो विधानसभा के किसी भी जनप्रतिनिधि ने संपर्क पथ बनाने की दिशा में काम करना तो दूर लाखों की लागत से बने पुल को देखना तक मुनासिब नहीं समझा।</p>



<p><strong>सहरसा सुपौल मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए खेत में ही कर दिया पुल का निर्माण</strong><br>सहरसा जिले के महिषी और कहरा विधानसभा के सीमा पर स्थित लालगंज गांव को सहरसा सुपौल मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए खेत में ही पुल का निर्माण कर दिया गया, लेकिन दोनो तरफ पहुंच पथ का निर्माण ही नही हुआ।</p>



<p>इस कारण यह पुल लोगों के लिए व्यर्थ साबित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तत्कालीन भाजपा विधायक स्व संजीव झा के कार्यकाल (2005-2010) के अंतिम काल में इस पुल का निर्माण उनके विधायक योजना से हुआ था, जिसमें पहुंच पथ भी बनना था। सहरसा सुपौल मुख्य मार्ग से पुल तक सड़क के लिए मिट्टी भी गिरा था। कुछ दिन बाद चुनाव हुआ और वह चुनाव हार गए। इसके बाद कुछ नही हुआ। अब पुल व्यर्थ साबित हो रहा है। लोगों का कहना है कि पुल के पश्चिम भाग के बाद दूसरे विधानसभा महिषी में आता है। उधर भी सड़क का निर्माण नही हुआ है, जिसके कारण आधा किलोमीटर की दूरी के बदले गांव के लोगो को दो से तीन किलोमीटर की दूरी तय करना पड़ता है।</p>



<p><strong>सीमा विवाद के कारण रोड बन गया जंगल</strong><br>दो विधानसभा और दो पंचायत के बीच फसा यह सड़क और पुल जंगल में तब्दील हो गया है। जबकि लालगंज का यह मुख्य सड़क है। स्थानीय उमाकांत पाठक, सतनजीव पाठक, शोभाकांत पाठक, मनोज कुमार ने बताया कि यह गांव का मुख्य सड़क था। बीते दस साल से यह सड़क जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण मृतपाय हो गया। दो विधानसभा के बीच पड़ने के कारण दोनो विधायक भी नजर देना उचित नही समझते है तो दो पंचायत रहूआ और लालगंज पंचायत के बीच पड़ने के कारण भी कोई पंचायत स्तरीय जनप्रतिनिधि भी इस दिशा में कोई पहल नहीं करते हैं।</p>



<p>स्थानीय लोगों ने कहा कि विधायक, सांसद से निर्माण के लिए गुहार लगाते लगाते थक गए हैं। वही लालगंज पंचायत के वार्ड 13 के वार्ड सदस्य प्रमोद पाठक कहते हैं कि तत्कालीन विधायक स्व संजीव झा के कार्यकाल समाप्त होने के बाद इस सड़क और पुल को अपने खुद के अस्तित्व पर छोड़ दिया गया है। वही दो पंचायत जिसमे लगभग डेढ़ सौ गज रहुआ पंचायत जो कि कहरा प्रखंड में आता है और बाकी लालगंज पंचायत जो कि सत्तरकट्टैया प्रखंड में आता है। दोनो पंचायत के भी आपसी सामंजस्य नहीं होने के कारण यह पुल सड़क के बिना बेकार साबित हो रहा है।</p>
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		<title>सीमा विवाद के बीच भारत के साथ रिश्ते बेहतर बनाने में जुटा ड्रैगन</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 14 Mar 2024 07:21:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[जुटा ड्रैगन]]></category>
		<category><![CDATA[भारत]]></category>
		<category><![CDATA[सीमा विवाद]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="471" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-4-8-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-4-8.jpg 645w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/inter-4-8-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारत ने कई मौकों पर साफ कहा है कि सीमा पर शांति के बगैर दोनों देशों के संबंध सामान्य नहीं हो सकते हैं। चीनी प्रवक्ता ने कहा कि चीन कई बार कह चुका है कि भारत के साथ उसके द्विपक्षीय संबंध केवल सीमा की स्थिति से निर्धारित नहीं होते हैं। दोनों देश बेहतर प्रबंधन के &#8230;]]></description>
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<p>भारत ने कई मौकों पर साफ कहा है कि सीमा पर शांति के बगैर दोनों देशों के संबंध सामान्य नहीं हो सकते हैं। चीनी प्रवक्ता ने कहा कि चीन कई बार कह चुका है कि भारत के साथ उसके द्विपक्षीय संबंध केवल सीमा की स्थिति से निर्धारित नहीं होते हैं। दोनों देश बेहतर प्रबंधन के जरिये सीमा पर सामान्य स्थिति कायम रख सकते हैं।</p>



<p>चीन और भारत के बीच सीमा पर बना गतिरोध दोनों देशों के रिश्तों की समग्र तस्वीर प्रस्तुत नहीं करता है। हम उस गतिरोध पर वार्ता करते हुए अपने रिश्तों का विकास कर सकते हैं। यह बात चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन कही है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">एलएसी पर बनी हुई है गतिरोध की स्थिति</h3>



<p>प्रवक्ता ने यह बात भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैनिकों के जमावड़े के रहते रिश्ते बेहतर न होने के बयान पर कही है। जून 2020 में गलवन घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के टकराव के बाद से पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।</p>



<h3 class="wp-block-heading">सीमा की स्थिति को लेकर चीन ने क्या कहा?</h3>



<p>भारत ने कई मौकों पर साफ कहा है कि सीमा पर शांति के बगैर दोनों देशों के संबंध सामान्य नहीं हो सकते हैं। चीनी प्रवक्ता ने कहा,&#8221;चीन कई बार कह चुका है कि भारत के साथ उसके द्विपक्षीय संबंध केवल सीमा की स्थिति से निर्धारित नहीं होते हैं। दोनों देश बेहतर प्रबंधन के जरिये सीमा पर सामान्य स्थिति कायम रख सकते हैं।&#8221;</p>



<p>वेनबिन ने कहा,&#8221;चीन और भारत विश्वास करते हैं कि अभी तक की बातचीत में दोनों देशों में बनी सहमति हमारे हितों के अनुरूप है।&#8221;</p>



<h3 class="wp-block-heading">सीमा पर सैनिकों का जमावड़ा देनों देशों के हित में नहीं: एस जयशंकर&nbsp;</h3>



<p>सोमवार को एक कार्यक्रम में जयशंकर ने कहा था,&#8221;वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिकों का जमावड़ा दोनों देशों के हित में नहीं है।&#8221;</p>



<p>वेनबिन ने आगे कहा,&#8221;दोनों देशों का हित इसी में है कि पूर्व के लिखित समझौतों का पालन करते हुए सीमा पर शांति और स्थिरता कायम रहे। चार वर्षों से एलएसी पर बनी तनाव की स्थिति द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य नहीं होने दे रही है।&#8221;</p>
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		<title>भूटान के राजा का भारत दौरा,चीन से सीमा विवाद के बीच प्रधानमंत्री मोदी से करेंगे मुलाकात</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Nov 2023 07:23:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="534" height="301" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/Screenshot-2023-11-03-124813.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/Screenshot-2023-11-03-124813.png 534w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/Screenshot-2023-11-03-124813-300x169.png 300w" sizes="auto, (max-width: 534px) 100vw, 534px" />भूटान और चीन सीमा विवाद के बीच भूटानी राजा भारत आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, वे असम और महाराष्ट्र का भी दौरा करेंगे। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक का गुवाहाटी पहुंचने पर स्वागत किया। किंग 3-10 नवंबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="534" height="301" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/Screenshot-2023-11-03-124813.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/Screenshot-2023-11-03-124813.png 534w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/11/Screenshot-2023-11-03-124813-300x169.png 300w" sizes="auto, (max-width: 534px) 100vw, 534px" />
<h2 class="wp-block-heading">भूटान और चीन सीमा विवाद के बीच भूटानी राजा भारत आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, वे असम और महाराष्ट्र का भी दौरा करेंगे।</h2>



<p>असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक का गुवाहाटी पहुंचने पर स्वागत किया। किंग 3-10 नवंबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यात्रा के दौरान वे पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्री और भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उनसे मुलाकात करेंगे। भूटान और चीन सीमा विवाद के बीच भूटानी राजा भारत आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भूटानी राजा तीन से 10 नवंबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। भारत और भूटान के बीच मित्रता और सहयोग का रिश्ता है।</p>



<p><strong>सीमा विवाद अहम</strong><br>बता दें, पिछले सप्ताह भूटान के विदेश मंत्री टांडी दोरजी ने बीजिंग में&nbsp;चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ बातचीत की थी। भूटान और चीन सीमा विवाद पर भारत की करीब से नजर है। जानकारों की मानें तो नई दिल्ली बीजिंग और थिंफू के बीच जारी बातचीत पर कड़ी नजर रख रहा है क्योंकि यह वार्ता डोकलाम ट्राई-जंक्शन के कारण भारत के लिए भी अहम हो सकती है।</p>



<p><strong>असम भी जाएंगे भूटानी राजा&nbsp;</strong><br>भूटान के राजा शुक्रवार से असम की तीन दिवसीय यात्रा पर जाएंगे, जो पड़ोसी देश के किसी भी शासनाध्यक्ष की इस पूर्वोत्तर राज्य की पहली यात्रा होगी। वह काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का दौरा करेंगे। इसके बाद वे महाराष्ट्र भी जाएंगे। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भारत व भूटान अनोखा रिश्ता साझा करते हैं, जो समय के साथ मजबूत हुआ है। दोनों देशों के बीच दोस्ती और गहरी होगी।</p>



<p><strong>यह है डोकलाम विवाद</strong><br>बता दें, छह साल पहले डोकलाम में चीनी सैनिकों के अतिक्रमण को लेकर भारत-चीन के बीच तनाव काफी बढ़ गया था और लंबे समय तक भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने थे। दोनों देशों के बीच लंबी कूटनीतिक वार्ता के बाद डोकलाम में चीनी सैनिक पीछे हटे थे।</p>
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