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	<title>सियासी घमासान &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>केदारनाथ धाम के नाम पर सियासी घमासान…</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Jul 2024 04:59:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[केदारनाथ धाम]]></category>
		<category><![CDATA[सियासी घमासान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1151.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1151.png 737w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1151-300x167.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />मुख्यमंत्री धामी ने भी अचानक केदारनाथ पहुंच कर बाबा केदार के दर्शन किए और वहां चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। सियासी जानकार इसे संयोग नहीं कांग्रेस पर पलटवार की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा शुरू कर दी है। पीएम मोदी की धार्मिक और आध्यात्मिक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="344" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1151.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1151.png 737w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-1151-300x167.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मुख्यमंत्री धामी ने भी अचानक केदारनाथ पहुंच कर बाबा केदार के दर्शन किए और वहां चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। सियासी जानकार इसे संयोग नहीं कांग्रेस पर पलटवार की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा शुरू कर दी है।</p>



<p>पीएम मोदी की धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा और अगाध आस्था के केंद्र केदारनाथ धाम के नाम पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। धाम के नाम का दुरुपयोग करने के खिलाफ कानून बनाने के धामी सरकार के एलान के बावजूद केदारनाथ पर सियासी घमासान जारी है। कांग्रेस ने बुधवार को हरिद्वार से केदारनाथ की प्रतिष्ठा की रक्षा के नाम पर पद यात्रा शुरू कर दी।</p>



<p>इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अचानक केदारनाथ पहुंच कर बाबा केदार के दर्शन किए और वहां चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। सियासी जानकार इसे संयोग नहीं कांग्रेस पर पलटवार की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। उनके मुताबिक, ये सारी सियासी कसरत केदारनाथ सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर है, जो भाजपा विधायक शैलारानी रावत के निधन के बाद खाली हो चुकी है।</p>



<p><strong>सियासी संग्राम और तेज होने के पूरे आसार</strong><br>हिंदुओं की आस्था के पवित्र धाम बदरीनाथ की सीट पर उपचुनाव जीतने के बाद प्रदेश कांग्रेस खासी उत्साहित है। अब पार्टी ने केदारनाथ उपचुनाव के लिए ताकत झोंकनी शुरू कर दी है। बदरीनाथ उपचुनाव में भाजपा के खिलाफ उठी हवाओं को वह केदारनाथ तक बहाना चाहती है। हवा बनाने के लिए उसने राहुल गांधी की पैदल यात्रा को जरिया बनाया है।</p>



<p>हरिद्वार से शुरू की गई केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा दरअसल उसकी इसी चुनावी रणनीति का हिस्सा है। कांग्रेसी पैदल यात्रा कर चार अगस्त को केदारनाथ पहुंचेंगे। इस बीच जहां-जहां यात्रा गुजरेगी, वहां-वहां सभाएं होंगी। कांग्रेस के मंसूबों को भाजपा भांप चुकी है। मुख्यमंत्री का केदारनाथ जाकर पूजा-पाठ करना, एक दिन पहले तीर्थ पुरोहितों के साथ उनकी वार्ता और धाम से लौट कर उनका कांग्रेस पर हमला बोलना सियासी रणनीति का हिस्सा है। आने वाले दिनों में केदारनाथ पर सियासी संग्राम और तेज होने के पूरे आसार हैं।</p>



<p><strong>हिटो केदार के नाम पर लूटने वाले कर रहे केदार बचाने का ड्रामा: भट्ट</strong><br>केदारनाथ पर कांग्रेस ने प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा शुरू की तो जवाब में भाजपा ने पूर्व कांग्रेस सरकार में हिटो केदार और एल्बम विवाद को फिर से हवा दे दी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि हिटो केदार और एल्बम के नाम पर लूटने वाले केदार धाम बचाने का ड्रामा कर रहे हैं। पहले उन्हें अपनी सरकार में धाम के नाम पर करोड़ों के भ्रष्टाचार का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की यात्रा को केदारनाथ उपचुनाव में लाभ लेने की कोशिश करार दिया।</p>



<p>भट्ट ने कहा कि देवभूमि की जनता ऐसे चुनावी हिंदुओं को बखूबी पहचानती है। सनातन के विषय पर बोलने का कांग्रेसियों को कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उनकी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और तत्कालीन मंदिर समिति अध्यक्ष को बाबा केदार के गर्भ गृह में जूतों के साथ प्रवेश करने का पाप करते सबने देखा है। जब आपदा के बाद समूची केदार घाटी में दुखों का पहाड़ टूटा था तब पूर्व सीएम वहां कैलाश खेर से एल्बम बनाने एवं संगीत उत्सव मनाने में पैसे लुटा रहे थे।</p>



<p>यात्रा को गैर राजनीतिक बताने के कांग्रेसी बयान पर भी उन्होंने कटाक्ष किया कि किसी राजनैतिक पार्टी की यात्रा या अभियान गैर राजनीतिक कैसे हो सकता है? कांग्रेस को यह गलतफहमी कैसे हो गई कि वे दुनिया को बचाने वाले भगवान भोलेनाथ को बचाने का दावा कर रहे हैं। उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि इस यात्रा का असल मकसद क्या है? कहा कि उत्तराखंड में निकाली गई पिछली सभी यात्राओं की तरह यह यात्रा भी पूरी तरह फ्लॉप होने वाली है।</p>
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		<title>हरियाणा में सियासी घमासान: कांग्रेस ने राज्यपाल से मांगा मिलने का समय</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 May 2024 05:46:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[सियासी घमासान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="561" height="339" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/haryana1.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/haryana1.png 561w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/haryana1-300x181.png 300w" sizes="(max-width: 561px) 100vw, 561px" />तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने से नायब सैनी सरकार अल्पमत में आ गई है। तीनों विपक्षी दलों कांग्रेस, जजपा और इनेलो ने भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है। वहीं जजपा ने सरकार का फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है। तीन निर्दलीय विधायकों के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="561" height="339" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/haryana1.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/haryana1.png 561w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/haryana1-300x181.png 300w" sizes="auto, (max-width: 561px) 100vw, 561px" />
<p>तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन वापस लेने से नायब सैनी सरकार अल्पमत में आ गई है। तीनों विपक्षी दलों कांग्रेस, जजपा और इनेलो ने भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है। वहीं जजपा ने सरकार का फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है।</p>



<p>तीन निर्दलीय विधायकों के भाजपा सरकार से समर्थन वापस लेने और कांग्रेस को समर्थन देने से अल्पमत में आई हरियाणा सरकार को घेरने के लिए विपक्षी दलों ने किलेबंदी शुरू कर दी है। </p>



<p>वीरवार को हरियाणा के तीनों विपक्षी दलों कांग्रेस, जजपा और इनेलो ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को अलग-अलग पत्र लिखा है। तीनों दलों ने सरकार को अल्पमत में बताते हुए नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री नायब सैनी से इस्तीफा मांगा है। साथ ही राज्यपाल से प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगवाने की मांग रखी है।&nbsp;</p>



<p>दूसरी तरफ भाजपा ने भी सरकार बचाने के लिए जोड़-तोड़ शुरू कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पंचायत राज्य मंत्री महिपाल ढांडा के पानीपत स्थित आवास पर जजपा के तीन विधायकों के साथ बैठक की। वीरवार दोपहर में करीब एक घंटे बंद कमरे में चली बैठक में एक-दूसरे को भरोसा और विश्वास भी दिया गया।</p>



<p>कांग्रेस ने राज्यपाल से 10 मई को मिलने का समय मांगा है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भिवानी में कहा कि कांग्रेस सभी विधायकों की परेड कराने को तैयार है। जजपा भी अपने 10 विधायकों को चंडीगढ़ लेकर पहुंचे। जजपा नेता दुष्यंत चौटाला ने राज्यपाल को पत्र लिखकर फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की है, साथ ही भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप भी लगाए हैं। इनेलो के अकेले विधायक अभय सिंह चौटाला ने बहुमत साबित कराने के लिए राज्यपाल से सत्र बुलाने की अपील की है।</p>



<p>पूंडरी से निर्दलीय विधायक रणधीर गोलन, नीलोखेड़ी से धर्मपाल गोंदर और चरखी दादरी से विधायक सोमवीर सांगवान राज्यपाल को सरकार से समर्थन वापसी का पत्र भेज चुके हैं और अब कांग्रेस को बाहर से समर्थन दे रहे हैं। इसके बाद से भाजपा के पास 43 विधायकों का समर्थन रह गया है, जबकि 88 विधायकों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 45 विधायकों का समर्थन जरूरी है।</p>



<p><strong>सैनी सरकार ने बहुमत खो दिया : अभय</strong><br>इनेलो के प्रधान महासचिव और ऐलनाबाद के विधायक अभय चौटाला ने राज्यपाल को पत्र लिखकर हरियाणा में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। पत्र में कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट रूप से अपना बहुमत खो दिया है और उन्हें मुख्यमंत्री के पद पर बने रहने का कोई कानूनी या नैतिक अधिकार नहीं है। भाजपा सरकार को तुरंत बहुमत साबित करने के लिए विधानसभा सत्र बुलाया जाए।</p>



<p><strong>कांग्रेस अपने विधायकों की परेड को तैयार, जजपा अपने 10 विधायकों को लाए : हुड्डा</strong><br>हरियाणा कांग्रेस ने राज्यपाल को पत्र लिखकर मिलने के लिए समय मांगा है। विधायक दल के उप नेता आफताब अहमद और चीफ व्हिप बीबी बतरा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक राज्यपाल से मिलेंगे। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भिवानी में प्रेसवार्ता में कहा कि कांग्रेस अपने सभी विधायकों की राज्यपाल के सामने परेड करवाने के लिए तैयार है। जजपा भी अपने दस विधायकों को परेड के लिए राज्यपाल के सामने लाए। अगर ऐसा होता है तो कांग्रेस के 30, कांग्रेस को समर्थन देने वाले 3 निर्दलीय, जेजेपी के 10, एक अभय चौटाला और एक बलराज कुंडू को मिलाकर कुल 45 विधायक बनते हैं, जो आज की तारीख में बीजेपी सरकार को समर्थन नहीं दे रहे।</p>



<p><strong>हमने सोचा था हार्स ट्रेडिंग बंद हो गई : दुष्यंत</strong><br>दुष्यंत चौटाला ने कहा कि भाजपा को सपोर्ट करने वाले एक भाजपा और एक निर्दलीय विधायक ने इस्तीफा दे दिया। 3 निर्दलीय विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया है। अब अगर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आता है तो हम उसका समर्थन करेंगे। जजपा ने राज्यपाल को पत्र भेजा है, जिसमें फ्लोर टेस्ट की मांग की गई है। कांग्रेस को इसकी पहल करनी चाहिए। दुष्यंत ने कहा कि हम सोचते थे कि हॉर्स ट्रेडिंग बंद हो गई है, मगर भाजपा ने प्रदेश में इसे नए तरीके से चलाया है। जब तक संगठन के आदेश हों, व्हिप के आदेश हों, सभी विधायकों को उसका पालन करना पड़ेगा।</p>



<p><strong>मनोहर की जजपा विधायकों के साथ लंच डिप्लोमेसी</strong><br>पूर्व सीएम मनोहर लाल वीरवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पंचायत एवं सहकारिता राज्यमंत्री महिपाल ढांडा के एल्डिको स्थित आवास पर पहुंचे। जजपा विधायक देवेंद्र बबली, रामनिवास सुरजाखेड़ा व जोगीराम सिहाग भी यहां पहुंचे। इनके अलावा मंत्री महिपाल ढांडा और पानीपत शहर से विधायक प्रमोद विज मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार बंद कमरे में लंच के साथ बैठक चली। बताया जा रहा है कि इस दौरान लोकसभा चुनाव के साथ तीन निर्दलीय विधायकों के कांग्रेस को समर्थन देने के बाद पैदा स्थिति को लेकर खुलकर बात हुई।</p>



<p>जजपा के तीनों विधायकों ने अपनी-अपनी बात रखी। बैठक के बाद मनोहर लाल हेलीकॉप्टर और बाकी विधायक अपनी गाड़ियों से रवाना हो गए। महिपाल ढांडा ने बताया कि मनोहर लाल का वीरवार को पानीपत ग्रामीण हलके के गांवों में रोड शो था। रोड शो के बाद वे विधायक प्रमोद विज के जीटी रोड स्थिति कार्यालय में पहुंचे थे। इसके बाद उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मेरे आवास पर जजपा के किसी विधायक की बैठक नहीं हुई।</p>
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