<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>सिंचाई विभाग &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Tue, 09 Sep 2025 05:35:47 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.7</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>सिंचाई विभाग &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही गंगा, यमुना भी करीब</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%96%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%ab-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b0%e0%a4%b9/631467</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Sep 2025 05:35:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[गंगा]]></category>
		<category><![CDATA[यमुना]]></category>
		<category><![CDATA[सिंचाई विभाग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=631467</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r.jpg 1008w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-768x426.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सिंचाई विभाग की सोमवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.01 मीटर पहुंच गया था। गंगा के जलस्तर में प्रतिघंटे दो सेमी की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। नैनी में यमुना का जलस्तर 83.81 मीटर पहुंच गया और इसमें प्रतिघंटे 1.50 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। गंगा-यमुना नदियों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r.jpg 1008w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/r-768x426.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सिंचाई विभाग की सोमवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.01 मीटर पहुंच गया था। गंगा के जलस्तर में प्रतिघंटे दो सेमी की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। नैनी में यमुना का जलस्तर 83.81 मीटर पहुंच गया और इसमें प्रतिघंटे 1.50 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।</p>



<p>गंगा-यमुना नदियों का जलस्तर खतरे के निशान की तरफ बढ़ता दिख रहा है। गंगा का जलस्तर 84 मीटर के पार हो गया है तो यमुना का भी इसके करीब है। इसका नतीजा है कि एक दर्जन से अधिक बस्तियां बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। मुश्किल यह कि दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी है और टोंस अब भी उफान पर है। ऐसे में बाढ़ का दायरा बढ़ता दिख रहा है।</p>



<p>सिंचाई विभाग की सोमवार शाम चार बजे की रिपोर्ट के अनुसार फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.01 मीटर पहुंच गया था। गंगा के जलस्तर में प्रतिघंटे दो सेमी की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। नैनी में यमुना का जलस्तर 83.81 मीटर पहुंच गया और इसमें प्रतिघंटे 1.50 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। दोनों नदियों के खतरे का निशान 84.734 मीटर है।</p>



<p>दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार कुछ कम जरूर हुई है लेकिन वृद्धि का सिलसिला अभी जारी रहेगा। अफसरों के अनुसार दोनों नदियों के जलस्तर में मंगलवार तक बढ़ोतरी जारी रहने के आसार हैं। इसके अलावा टोंस में ज्यादा पानी आ रहा है। इससे संगम के बाद पानी तेजी से निकल भी नहीं पा रहा है। इससे मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।</p>



<p><strong>खुल गए चार राहत शिविर, 1100 से अधिक लोग पहुंचे<br></strong>जलस्तर बढ़ने के साथ बाढ़ का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। बघाड़ा, सलोरी, बेली, राजापुर, नेवादा आदि मोहल्लों के कछारी इलाकों में ऊपर तक पानी आ गया है और एक दर्जन से अधिक बस्तियां प्रभावित हैं। गंगा के दोनों तरफ शहर की 13 बस्तियों के हजारों परिवारों को तीसरी बार घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इसका नतीजा रहा कि सोमवार को राजापुर स्थित ऋषिकुल विद्यालय भी बाढ़ राहत शिविर में तब्दील हो गया और शाम तक पौने तीन सौ लोग इसमें पहुंच भी गए। इस तरह अब चार शिविर चालू हो गए हैं और इनमें करीब 250 परिवारों के 1100 से अधिक लोग पहुंचे हैं। इन शिविरों में लोगों के पहुंचने का सिलसिला रात तक जारी रहा। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए दो अन्य शिविर तैयार भी कर दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर इन्हें भी चालू कर दिया जाएगा।</p>



<p><strong>घंटों गुल रही बिजली, शिविर में परेशान रहे शरणार्थी<br></strong>बाढ़ की वजह से बेघर हुए लोगों को उमस भरी गर्मी ने भी परेशान किया। मेहबूब अली इंटर कॉलेज बाढ़ रात शिविर में दोपहर में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। यहां दो घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। ऐसे में पंखे नहीं चले। लोग हाथ वाले पंखे के सहारे रहे लेकिन चिपचिपाती गर्मी में इससे राहत नहीं मिली।</p>



<p>शिविर में लोगों को सुबह नाश्ते में चाय के अलावा हलवा और केला मिला। बच्चों को दूध और बिस्किट भी मिला। इसके अलावा दोपहर में खाना मिला लेकिन कई लोग इससे वंचित रह गए। म्योराबाद के कल्लू मिस्त्री, छोटकई वर्मा, अमित वर्मा को सुबह नाश्ता नहीं मिला। कल्लू का कहना था कि दोपहर में खाना भी पर्याप्त नहीं मिला। कल्लू, छोटकई का कहना था कि बाहर से कई लोग आ जा रहे हैं जिन्हें खाना दिया जा रहा है लेकिन उन्हें पर्याप्त भोजन नहीं दिया गया। इनका कहना था कि सुबह वे लोग काम से चले गए थे और लौटे तो नाश्ता बंट चुका था। मांगने पर बताया गया कि अब नहीं मिलेगा।</p>



<p><strong>प्रभावित मोहल्ले एवं गांव<br></strong>अफसरों के अनुसार सदर तहसील के अंतर्गत कछार मऊ, मऊ सरैया, बघाड़ा जहरूद्दीन, बघाड़ा बालन, मेहंदौरी कछार, शिवकुटी, नेवादा, बेली, सलोरी की बस्तियों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। फूलपुर में सोनौटी, बदरा धोकरी, लीलापुर, करछना में देहली, भगेसर गांव और मोहल्ले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन मोहल्लों और गांवों में 32 नावें व एक मोटर बोट चलानी पड़ी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हरियाणा में नहर की पटरी से चुराई जा रही है लाखों की मिट्टी</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87/603481</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 19 Feb 2025 07:02:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[सिंचाई विभाग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=603481</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="329" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-451-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-451.jpg 898w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-451-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-451-768x409.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-451-310x165.jpg 310w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />सोनीपत सिंचाई विभाग में नहरी पानी और मिट्टी चोरी करते हुए बड़े घोटाले के आरोप लगे हैं। एक कर्मचारी द्वारा इस संबंध में वीडियो भी बनाई है और सभी तरह के सबूतों के साथ एक कनिष्ठ अभियंता, किसान और मिट्टी माफिया पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। इस संबंध में दिल्ली मंडल के अभियंता के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="329" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-451-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-451.jpg 898w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-451-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-451-768x409.jpg 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-451-310x165.jpg 310w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सोनीपत सिंचाई विभाग में नहरी पानी और मिट्टी चोरी करते हुए बड़े घोटाले के आरोप लगे हैं। एक कर्मचारी द्वारा इस संबंध में वीडियो भी बनाई है और सभी तरह के सबूतों के साथ एक कनिष्ठ अभियंता, किसान और मिट्टी माफिया पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। इस संबंध में दिल्ली मंडल के अभियंता के अलावा सूचना परिमंडल के अध्यक्ष प्रमुख अभियंता को भी दी गई है। आरोप लगाया गया है कि लाखों रुपयों की मि&#x200d;ट्टी चोरी करने के अलावा लाखों रुपये का पानी चोरी किया जा रहा है।</p>



<p>हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन के प्रदेश उप महासचिव सिल्कराम मलिक और प्रदेश कोषाध्यक्ष राजेश धनखड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि राजेश धनखड़ कैनल गार्ड के पद पर तैनात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली मंडल जल सेवाओं के तहत पानी चोरी व नहर से अवैध तरीके से लाखों रुपये की मि&#x200d;ट्टी चोरी की जा रही है। इस संबंध में वीडियो भी बनाई है, जिसमें पानी और मिट्टी चोरी होते हुए स्पष्ट तौर पर देखी जा सकती है। आरोप है कि यह खेल हरियाणा की सीमा में नाहरी मेजर आरडी 9100 माइनर पर किया जा रहा है।</p>



<p>यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वीडियो सबूत के साथ शिकायत दिल्ली मंडल अभियंता से की गई और सूचना परिमंडल के अध्यक्ष प्रमुख अभियंता को भी दी है, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हो रही। किसी तरह की कार्रवाई ना होता देख यूनियन ने अब मामले को सार्वजिनक रूप से मीडिया में दिया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हरियाणा: महेंद्रगढ़ में 30 किलाेमीटर तक फैली दौहान नदी को किया जाएगा पुनर्जीवित</title>
		<link>https://livehalchal.com/hr-346/586673</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Oct 2024 05:56:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[सिंचाई विभाग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=586673</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-54-large.gif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-54.gif 730w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-54-medium.gif 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />महेंद्रगढ़ में सिंचाई विभाग की ओर से जवाहरलाल नेहरू नहर (जेएलएन) के एनबी-1 झगड़ोली पंप हाउस से 60 क्यूसिक पानी की क्षमता वाली भूमिगत पाइप लाइन दबाकर गांव माजरा दौहान क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। नहर एवं सिंचाई विभाग दौहान नदी को पुनर्जीवित करने के लिए शुरू की गई दो परियोजनाएं क्षेत्र के 20 से अधिक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-54-large.gif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-54.gif 730w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-54-medium.gif 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>महेंद्रगढ़ में सिंचाई विभाग की ओर से जवाहरलाल नेहरू नहर (जेएलएन) के एनबी-1 झगड़ोली पंप हाउस से 60 क्यूसिक पानी की क्षमता वाली भूमिगत पाइप लाइन दबाकर गांव माजरा दौहान क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।</p>



<p>नहर एवं सिंचाई विभाग दौहान नदी को पुनर्जीवित करने के लिए शुरू की गई दो परियोजनाएं क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों के गिरते भूजल के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। विभाग की ओर से 50 वर्ष से अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही 30 किलोमीटर क्षेत्र में फैली दौहान नदी को पुनर्जीवित करने के लिए 120 क्यूसिक नहरी पानी छोड़ने की परियोजना तैयार कर ली है। विभाग की ओर से इन दो परियोजनाओं पर कुल 28 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दौहान नदी क्षेत्र में पानी पहुंचने से 20 से अधिक गांवों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।</p>



<p><strong>यह दो परियोजनाएं होंगी क्षेत्र के लोगों</strong><br>सिंचाई विभाग की ओर से जवाहरलाल नेहरू नहर (जेएलएन) के एनबी-1 झगड़ोली पंप हाउस से 60 क्यूसिक पानी की क्षमता वाली भूमिगत पाइप लाइन दबाकर गांव माजरा दौहान क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। जुलाई माह में इस परियोजना पर काम शुरू किया गया था जो युद्ध स्तर पर जारी है। 1600 एमएम परिधि वाले सीमेंटेड पाइप की 5.2 किलोमीटर लंबी लाइन से 60 क्यूसिक पानी दौहान क्षेत्र में छोड़ा जा सकेगा। सिंचाई विभाग इस परियोजना पर 13 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस समय युद्ध स्तर पर इस परियोजना पर काम चल रहा है तथा अंतिम चरण में है।</p>



<p>वहीं दूसरी परियोजना के तहत जेएलएन के एमसी-5 व एनबी-1 पंप हाउसों के बीच से गांव भगड़ाना तक कुल 4.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत लाइन दबाकर भगड़ाना गांव के दौहान नदी क्षेत्र में 60 क्यूसिक पानी पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना पर सिंचाई विभाग कुल 15 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस परियोजना के लिए विभाग की ओर से सभी प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी को टेंडर अलॉट किया जा चुका है तथा नवंबर माह तक इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।</p>



<p><strong>अधिकारी के अनुसार</strong><br>30 किलोमीटर लंबाई तक फैले दौहान नदी क्षेत्र से गांव डेरोली जाट, देवास, कुकसी, नांगल सिरोही, कौथल कलां, कौथल खुर्द, नानगवास, खातीवास, बेरी, भांडोर ऊंची, जासावास, देवनगर, चितलांग, डुलाना, माजरा खुर्द, माजरा कलां, सिसोठ, भगड़ाना, लावन, झूक, मालड़ा सराय, मालड़ा बास, पाली, जाट, भुरजट, बसई तक 20 से अधिक गांवों के भूजल स्तर में 120 क्यूसिक नहरी पानी रिचार्ज का काम करेगा।</p>



<p>डार्क जोन में शामिल महेंद्रगढ़ क्षेत्र के इन गांवों के लिए यह दोनों परियोजनाएं किसी वरदान से कम नहीं हैं। साथ ही अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही दौहान नदी को भी नया जीवन मिल सकेगा। इस समय जेएलएन को मिलने वाला अतिरिक्त पानी देवास गांव से गुजरने वाले दौहान क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है। जिले के लिए जीवन रेखा कही जाने वाली जेएलएन कैनाल से पानी ओवरफ्लो होकर हर साल किसानों की फसलें बर्बाद हो रही थी लेकिन अब इस पानी से क्षेत्र का भूजल स्तर सुधरेगा। <strong>&#8211; कंवर सिंह यादव, विधायक महेंद्रगढ़।</strong></p>



<p>सिंचाई विभाग की ओर से दोनों परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। एनबी-1 झगड़ोली पंप हाउस से 60 क्यूसिक पानी की क्षमता वाली परियोजना का काम अंतिम चरण में चल रहा है। नवंबर माह तक यह परियोजना पूरी हो जाएगी। इसके शीघ्र बाद ही नवंबर माह में ही भगड़ाना दौहान क्षेत्र में पानी छोड़ने के लिए 4.5 किलोमीटर लंबी 1600 एमएम परिधि की पाइप लाइन दबाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।<strong> &#8211; दीपक कुमार, कनिष्ठ अभियंता नहर एवं सिंचाई विभाग महेंद्रगढ़।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तराखंड: सीएम के सचिव ने सिंचाई विभाग के कार्यों की समीक्षा की</title>
		<link>https://livehalchal.com/uk-616/581447</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 21 Sep 2024 05:08:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[सिंचाई विभाग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=581447</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-666-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-666.jpg 735w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-666-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />सीएम के सचिव और कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने मंडल भर के सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने अपने जिलों में विकास योजनाओं और उपचारात्मक कार्यों की प्रगति में तेजी लाएं। मुख्यमंत्री के सचिव और कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने मंडल भर के सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-666-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-666.jpg 735w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/09/Capture-666-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सीएम के सचिव और कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने मंडल भर के सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने अपने जिलों में विकास योजनाओं और उपचारात्मक कार्यों की प्रगति में तेजी लाएं।</p>



<p>मुख्यमंत्री के सचिव और कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने मंडल भर के सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने अपने जिलों में विकास योजनाओं और उपचारात्मक कार्यों की प्रगति में तेजी लाएं। उन्होंने विकास योजनाओं में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और समय से योजनाओं को पूरा कराने के भी निर्देश दिए।</p>



<p>रावत शुक्रवार को यहां कैंप कार्यालय में सिंचाई विभाग की ओर से 10 करोड़ से अधिक लागत से कराए जा रहे विकास कार्यों व सुरक्षात्मक योजनाओं की मंडल स्तरीय समीक्षा कर रहे थे। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि पिथौरागढ़ जिले के धारचूला ब्लाॅक के ग्वालगांव (ऐलधारा) व टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर सक्रिय भूस्खलन के स्थायी समाधान के लिए सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है।</p>



<p>धारचूला के खौतिला में तटबंध निर्माण व बाढ़ सुरक्षा दीवार सुदृढ़ीकरण कार्य चल रहा है। इसके अलावा गूंजी स्थित काली नदी से सुरक्षा के लिए बाढ़ सुरक्षा कार्य चल रहा है। बताया कि अल्मोड़ा ब्लाॅक के द्वाराहाट में ग्राम च्योली के पास गगास बैराज का निर्माण कार्य, हवालबाग ब्लाॅक में अतिवृष्टि से भू-धसाव एवं भू-कटाव से आवासीय भवनों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बचाव के लिए सुरक्षात्मक कार्य कराया जा रहा है।</p>



<p>विभाग नगर पालिका क्षेत्र अल्मोड़ा में ड्रेनेज का कार्य करा रहा है। नैनीताल जिले में बलियानाला भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में काम शुरू करा दिया है। बताया कि डीएसबी कॉलेज में गर्ल्स हॉस्टल को भूस्खलन से बचाने के लिए ठंडी सड़क की पहाड़ी में उपचारात्मक कार्य कराया जा रहा है।</p>



<p>इसके अलावा ऊधमसिंह नगर समेत अन्य जिलों में भी सिंचाई विभाग विकास कार्यों के साथ साथ सुरक्षात्मक कार्यों को भी करा रहा है। बैठक में पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल व अल्मोड़ा आदि जिलों के अधिशासी अभियंता मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
