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	<title>सर्च इंजन पर नहीं लागू होगें नए कानून &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>Google ने दिल्ली हाई कोर्ट का खटखटाया दरवाजा, सर्च इंजन पर नहीं लागू होगें नए कानून</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhavna Vajpai]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Jun 2021 07:38:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए भारत सरकार की नई गाइडलाइन लागू हो गई है। कुछ दिनों तक हुए बवाल के बाद सभी सोशल मीडिया कंपनियों ने नए नियम को अपने प्लेटफॉर्म पर लागू कर लिया है। इसी बीच गूगल ने कहा है कि भारत सरकार के नए नियम सर्च इंजन पर लागू नहीं &#8230;]]></description>
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<p>सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए भारत सरकार की नई गाइडलाइन लागू हो गई है। कुछ दिनों तक हुए बवाल के बाद सभी सोशल मीडिया कंपनियों ने नए नियम को अपने प्लेटफॉर्म पर लागू कर लिया है। इसी बीच गूगल ने कहा है कि भारत सरकार के नए नियम सर्च इंजन पर लागू नहीं होते हैं। गूगल ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा है कि उसके मामले को अलग से देखा जाए। गूगल ने अपनी याचिका में कहा है कि वह एक सर्च इंजन है ना कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, इसलिए उसके ऊपर नए कानून लागू नहीं होते। गूगल की इस याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।</p>



<div class="wp-block-image"><figure class="aligncenter size-large is-resized"><img fetchpriority="high" decoding="async" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2021/06/download-2021-06-02T130631.464.jpg" alt="" class="wp-image-441698" width="854" height="478"/></figure></div>



<p></p>



<p>गूगल ने दिल्ली हाई कोर्ट में एकल न्यायाधीश के इस आदेश को रद्द करने की मांग की है जिसके तहत इंटरनेट से आपत्तिजनक सामग्री को हटाने को कहा गया है। एकल न्यायाधीश की पीठ ने उस मामले की सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया था, जिसमें एक महिला की तस्वीरें कुछ बदमाशों ने अश्लील (पॉनग्रैफिक) सामग्री दिखाने वाली एक वेबसाइट पर अपलोड कर दी थीं और उन्हें अदालत के आदेशों के बावजूद वर्ल्ड वाइड वेब से पूरी तरह हटाया नहीं जा सका था एवं इन तस्वीरों को अन्य साइट पर फिर से पोस्ट किया गया था।</p>



<p>गूगल की ओर से कहा गया है कि वह सोशल मीडिया कंपनी नहीं है। ऐसे में शिकायत के बाद 24 घंटे के अंदर किसी कंटेंट को हटाने के लिए उस पर दबाव नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि वह नए कानून के दायरे में नहीं आता है।&nbsp;गूगल ने दावा किया है कि एकल न्यायाशीश ने 20 अप्रैल के अपने आदेश में नए नियम के अनुसार ‘सोशल मीडिया मध्यस्थ’ या ‘महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थ’ के तौर पर उसके सर्च इंजन का ‘‘गलत चित्रण’’ किया।</p>



<p>प्रधान न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने केंद्र, दिल्ली सरकार, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, फेसबुक, अश्लील सामग्री दिखाने वाली (पॉर्नग्रैफिक) साइट और उस महिला को नोटिस जारी किए, जिसकी याचिका पर एकल न्यायाधीश ने आदेश जारी किया था। पीठ ने उनसे 25 जुलाई तक गूगल की याचिका पर अपना अपना जवाब देने को कहा। अदालत ने यह भी कहा कि वह इस चरण अभी कोई अंतरिम आदेश नहीं देगी।</p>



<p>उसने याचिका में कहा, ‘‘एकल न्यायाशीश ने याचिकाकर्ता सर्च इंजन पर नए नियम 2021 गलत तरीके से लागू किए और उनकी गलत व्याख्या की। इसके अलावा एकल न्यायाधीश ने आईटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं और विभिन्न नियमों को समेकित किया है और ऐसे सभी आदेशों एवं प्रावधानों को मिलाकर आदेश पारित किए है, जो कानून में सही नहीं है।’’</p>
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