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	<title>सख्त &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>सख्त &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>अमेरिका में एआई नियमों पर राष्ट्रपति ट्रंप सख्त</title>
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		<pubDate>Fri, 12 Dec 2025 08:09:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="482" height="312" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/gtddsa-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/gtddsa.jpg 482w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/gtddsa-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 482px) 100vw, 482px" />अमेरिका में एआई नियमों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना सख्त रुख अपनाया है। इसके तहत ट्रंप ने गुरुवार को एक नया कार्यकारी आदेश भी जारी किया। इस आदेश का मकसद है कि अलग-अलग अमेरिकी राज्यों द्वारा अपने-अपने नियम बनाकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) उद्योग की प्रगति न रोक दी जाए। मामले में ट्रंप का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="482" height="312" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/gtddsa-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/gtddsa.jpg 482w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/gtddsa-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 482px) 100vw, 482px" />
<p>अमेरिका में एआई नियमों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना सख्त रुख अपनाया है। इसके तहत ट्रंप ने गुरुवार को एक नया कार्यकारी आदेश भी जारी किया। इस आदेश का मकसद है कि अलग-अलग अमेरिकी राज्यों द्वारा अपने-अपने नियम बनाकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) उद्योग की प्रगति न रोक दी जाए। मामले में ट्रंप का कहना है कि अगर हर राज्य अपने नियम बनाएगा, तो कंपनियों को 50 जगह से मंजूरी लेनी पड़ेगी, जिससे अमेरिका चीन के खिलाफ एआई की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएगा।</p>



<p>अपने इस आदेश को लेकर ट्रंप ने कहा कि एआई पर दुनिया में दौड़ लगी हुई है। ऐसे में चीन में कंपनियों को सिर्फ एक जगह से मंजूरी लेनी पड़ती है। लेकिन अमेरिका में अगर अलग–अलग राज्यों के 50 तरह के नियम हुए, तो उद्योग आगे नहीं बढ़ पाएगा।</p>



<p><strong>अब समझिए क्या है नए आदेश में?<br></strong>बात अगर ट्रंप के नए आदेश की करें तो ट्रंप के आदेश में कुछ बड़े कदम शामिल हैं। आदेश के तहत अटॉर्नी जनरल को राज्यों के एआई से जुड़े प्रतिबंधात्मक कानूनों को चुनौती देने के लिए एक नई टास्क फोर्स गठित करने का निर्देश दिया गया है। दूसरी ओर कॉमर्स डिपार्टमेंट को ऐसे नियमों की लिस्ट तैयार करने को कहा गया है जो कंपनियों के लिए बोझ बन रहे हैं।</p>



<p>इसके साथ ही आदेश में ये भी कहा गया है कि जिन राज्यों में एआई के बहुत सख्त नियम होंगे, उन्हें ब्रॉडबैंड और अन्य सरकारी ग्रांट कार्यक्रमों की फंडिंग रोकी जा सकती है। मामले में ट्रंप के सलाहकार और एआई निवेशक डेविड सैक्स ने कहा कि सरकार सिर्फ बहुत कठोर और अनावश्यक नियमों का विरोध करेगी, लेकिन बच्चों की सुरक्षा जैसे नियमों को नहीं रोकेगी।</p>



<p><strong>अब समझिए कौन से राज्य एआई नियम बना रहे हैं?<br></strong>बता दें कि ट्रंप के नए आदेश के तहत अब तक चार राज्य कोलोराडो, कैलिफोर्निया, यूटा और टेक्सास ने निजी कंपनियों के लिए कुछ एआई नियम बनाए हैं। इन नियमों में व्यक्तिगत जानकारी की कम से कम संग्रह करना, कंपनियों द्वारा एआई के उपयोग में ज्यादा पारदर्शिता रखना, भेदभाव (जेंडर, नस्ल) के जोखिम का आकलन करना शामिल है।</p>



<p>इन कानूनों की वजह यह है कि एआई पहले से ही रोजमर्रा के फैसले लेने में इस्तेमाल हो रहा है, जैसे कि नौकरी के लिए इंटरव्यू, किराए पर घर, बैंक से लोन और कुछ मेडिकल फैसलेरिसर्च में। ऐसे में सामने आया है कि एआई कभी-कभी गलत और पक्षपातपूर्ण निर्णय भी लेता है।</p>
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		<title>बरेली में रोहिंग्या घुसपैठियों को लेकर सीएम योगी सख्त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Dec 2025 05:25:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[सख्त]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="580" height="324" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/huik-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/huik.jpg 580w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/huik-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 580px) 100vw, 580px" />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस और प्रशासन के अफसरों से कहा कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम हो। सत्यापन इस तरह से किया जाए कि कोई भी घुसपैठिया बचने न पाए। महिला अपराध और समाज का माहौल बिगाड़ने वालों को लेकर पुलिस-प्रशासन की सख्ती बरकरार रहे। अच्छी कानून-व्यवस्था ही &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="580" height="324" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/huik-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/huik.jpg 580w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/12/huik-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 580px) 100vw, 580px" />
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस और प्रशासन के अफसरों से कहा कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम हो। सत्यापन इस तरह से किया जाए कि कोई भी घुसपैठिया बचने न पाए। महिला अपराध और समाज का माहौल बिगाड़ने वालों को लेकर पुलिस-प्रशासन की सख्ती बरकरार रहे। अच्छी कानून-व्यवस्था ही विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों के सहयोग और सुझाव को महत्वपूर्ण बताया।</p>



<p>उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। कार्यकर्ताओं का फीडबैक मूल्यवान होता है। निरंतर संवाद से बेहतर समन्वय स्थापित होता है। इससे किसी भी अभियान का प्रभाव और बढ़ता है। सीएम ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का धरातल से जुड़ा अनुभव मतदाता पुनरीक्षण अभियान जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाता है। जनता के बीच निरंतर उपस्थिति और सक्रियता ही लोकतांत्रिक मूल्यों की वास्तविक शक्ति है।</p>



<p><strong>विकास कार्यों की जानकारी ली<br></strong>मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि विकास कार्यों की गुणवत्ता व समयबद्धता पर विशेष ध्यान दें। कहां क्या जरूरी है, इसके बारे में अफसरों को बताएं। जनप्रतिनिधियों, संगठन के पदाधिकारियों और अफसरों के बीच अच्छा समन्वय रहे। इसका सकारात्मक लाभ विकास, सुशासन और प्रगति के तौर पर जनता को मिलता है। रामायण वाटिका सहित अन्य विकास कार्यों की जानकारी भी ली।</p>



<p><br><strong>रैन बसेरों की व्यवस्था पर जरूर दें ध्यान<br></strong>मुख्यमंत्री ने कहा कि ठंड का असर बढ़ रहा है। जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में रैन बसेरों की व्यवस्था पर जरूर ध्यान दें। औचक निरीक्षण कर व्यवस्था को देखें। कोई भी खुले आसमान के नीचे न सोने पाए और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जरूर जले। बैठक के बाद सर्किट हाउस से मुख्यमंत्री महापौर उमेश गौतम के घर पहुंचे। उनके पुत्र और पुत्रवधू को विवाह की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद आईवीआरआई मैदान पर आयोजित झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार के पुत्र अपूर्व के विवाह समारोह में शामिल हुए। इसके बाद वह राजकीय वायुयान से लखनऊ लौट गए।</p>



<p><strong>नवदंपती को मुख्यमंत्री ने आशीर्वाद दिया<br></strong>सर्किट हाउस से मुख्यमंत्री मेयर डॉ. उमेश गौतम के पहुंचे। मेयर के पुत्र पार्थ और बहू जान्हवी को मुख्यमंत्री ने आशीर्वाद दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री आईवीआरआई ग्राउंड पहुंचे। यहां उन्होंने झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार के पुत्र अपूर्व और बहू संजना को आशीर्वाद दिया। इसके बाद वह लखनऊ लौट गए।</p>



<p><strong>भाजपा के नेताओं के वाहन रोके तो हुई किचकिच<br></strong>सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री की बैठक चल रही थी। इसे लेकर सर्किट हाउस के गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने भाजपा नेताओं के वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। इस पर भाजपा नेता भड़क गए। नेताओं ने कहा कि यह उचित नहीं है। इसके बाद वाहन अंदर तो गए, लेकिन नेताओं के नीचे उतरते ही तत्काल सर्किट हाउस परिसर से बाहर भी आ गए।</p>



<p><br><strong>सीएम से मिलने के लिए अड़े थे, पुलिस ने हटाया<br></strong>सर्किट हाउस के बाहर एक अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए एक महिला परिजनों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने गई थी। महिला ने आरोप लगाया कि गलत इलाज के कारण उनके पति की मौत हो गई। पोस्टमार्टम भी नहीं होने दिया गया। महिला ने सीएम योगी से मिलने की जिद की। पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए सभी को मौके से हटा दिया।</p>
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		<item>
		<title>मध्य प्रदेश: विधायक संजय पाठक पर हाईकोर्ट सख्त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 25 Nov 2025 05:50:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[सख्त]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="392" height="281" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/tyhh-3-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/tyhh-3.jpg 392w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/tyhh-3-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 392px) 100vw, 392px" />विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक को नोटिस तामील न होने पर हाईकोर्ट ने विधानसभा सचिव के माध्यम से तामील कराने के आदेश दिए हैं। नोटिस हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक के फंसाने के आरोप पर हाईकोर्ट ने 31 अक्टूबर को जारी किया था। सोमवार को याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया कि विधायक के आवास &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="392" height="281" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/tyhh-3-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/tyhh-3.jpg 392w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/tyhh-3-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 392px) 100vw, 392px" />
<p>विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक को नोटिस तामील न होने पर हाईकोर्ट ने विधानसभा सचिव के माध्यम से तामील कराने के आदेश दिए हैं। नोटिस हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक के फंसाने के आरोप पर हाईकोर्ट ने 31 अक्टूबर को जारी किया था। सोमवार को याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया कि विधायक के आवास में उपलब्ध न होने से नोटिस तामील नहीं हुआ। जस्टिस विवेक अग्रवाल एवं जस्टिस रामकुमार चौबे की डिवीजन बेंच अब 15 दिसंबर को सुनवाई करेगी। जेल में बंद रज्जाक ने पिछली सुनवाई में आरोप लगाया था कि विधायक के इशारे पर कार्रवाई की जा रही है।</p>



<p><strong>नामजद पक्षकार क्यों नहीं बना रहे: कोर्ट<br></strong>29 अक्टूबर को हाईकोर्ट (जबलपुर) ने रज्जाक से पूछा था, जिस विधायक व खनन कारोबारी पर वे आरोप लगा रहे हैं, नामजद पक्षकार क्यों नहीं बना रहे। वहीं, कोर्ट (MP हाईकोर्ट) ने पुलिस पर सवाल उठाते हुए पूछा था, जब रज्जाक अगस्त 2021 से जेल में था, तो उसी दौरान उस पर अलग-अलग थानों में केस कैसे दर्ज किए। रज्जाक के वकील ने बताया, विधायक के दबाव में सरकार उनके याचिकाकर्ता को परेशान कर रही है। जैसे ही एक मामले में जमानत मिलती है, उसी समय दूसरे प्रकरण में गिरफ्तारी दिखा दी जाती है।</p>
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		<item>
		<title>मध्य प्रदेश: कफ सिरप से हुई मौतों पर केंद्र सरकार सख्त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 05 Oct 2025 05:41:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्यप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[सख्त]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/rfdd-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/rfdd-1.jpg 659w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/rfdd-1-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप के चलते हुए बच्चों की मौत के बाद केंद्र सरकार एक्शन में आ गई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों और स्वास्थ्य सचिवों के साथ आज शाम में बैठक करने जा रही है। जिसमें दवाओं के गुणवत्ता को लेकर अहम फैसले &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/rfdd-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/rfdd-1.jpg 659w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/rfdd-1-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप के चलते हुए बच्चों की मौत के बाद केंद्र सरकार एक्शन में आ गई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों और स्वास्थ्य सचिवों के साथ आज शाम में बैठक करने जा रही है। जिसमें दवाओं के गुणवत्ता को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, रविवार शाम चार बजे केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिवों, स्वास्थ्य सचिवों और औषधि नियंत्रकों के साथ कफ सिरप के तर्कसंगत उपयोग और दवाओं की गुणवत्ता पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक करने वाले हैं।</p>



<p><strong>&#8216;कोल्ड्रिफ&#8217; पर CDSCO सख्त, तमिलनाडु एफडीए को कार्रवाई का निर्देश<br></strong>केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने सरेशान फार्मास्यूटिकल्स की तरफ से बनाई गई खांसी की दवा कोल्ड्रिफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। यह कदम उस समय उठाया गया जब कई बच्चे इस दवा पीने के बाद मृत पाए गए। सीडीएससीओ तमिलनाडु के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन को पत्र लिखकर कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए कहेगा।मृत बच्चों में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, राजस्थान और महाराष्ट्र के बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा केरल और तेलंगाना ने भी इस दवा का उपयोग रोकने के लिए जनता को चेतावनी जारी की है।</p>



<p><strong>कफ सिरप का उत्पादन करने वाली कंपनी पर लटकी तलवार<br></strong>वहीं दूसरी ओर सरकार कफ सिरप का उत्पादन करने वाली कंपनी पर सख्य कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) तमिलनाडु एफडीए (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) को &#8216;कोल्ड्रिफ&#8217; सिरप निर्माता के खिलाफ सबसे गंभीर अपराधों के तहत सख्त कार्रवाई करने के लिए कहेगा। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में उन फैक्ट्रियों की जांच शुरू कर दी है जहां से संदिग्ध दवाएं बनी थीं। बता दें कि मामले में सीडीएससीओ ने 19 दवाओं के सैंपल इकट्ठे किए हैं, जिनमें खांसी की सिरप, एंटीबायोटिक और बुखार की दवाएं शामिल हैं।</p>



<p><strong>मध्य प्रदेश में नेक्स्ट्रो डीएस सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध<br></strong>मध्य प्रदेश में एक और कंपनी नेक्स्ट्रो डीएस के खांसी की दवा के नमूनों की जांच अभी चल रही है। कुल 19 नमूने लिए गए हैं, जिनमें सिरप, एंटीबायोटिक, बुखार की दवा और ओन्डान्सेट्रॉन शामिल हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने तुरंत कोल्ड्रिफ और नेक्स्ट्रो डीएस सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है और इसी कंपनी के अन्य उत्पादों की बिक्री भी रोक दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस प्रतिबंध की घोषणा की।</p>



<p><strong>सभी राज्यों को केंद्र सरकार का निर्देश<br></strong>केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को सलाह दी है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न दी जाए। वहीं पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कफ सिरप का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह, सीमित मात्रा और सावधानी के साथ किया जाए। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए नुकसानदेह दवाओं पर अब चेतावनी लेबल लगाना अनिवार्य होगा।</p>



<p><strong>क्या है खतरा?<br></strong>मामले में तंलगाना सरकार की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कोल्ड्रिफ सिरप के इस बैच में डायएथिलीन ग्लाइकोल (डीईजी) नाम का जहरीला रसायन मिला है, जो शरीर के गुर्दों (किडनी) को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है और जानलेवा साबित हो सकता है। इसी कारण तेलंगाना में इस सिरप को लेकर लोगों को उपयोग तुरंत बंद करने की चेतावनी दी गई है।</p>
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		<title>वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 17 Sep 2025 09:06:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/yghjnm-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/yghjnm.jpg 631w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/yghjnm-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को निर्देश दिया कि वे तीन हफ्तों के भीतर वायु प्रदूषण से निपटने की योजना पेश करें। सुप्रीम कोर्ट ने यह योजना सर्दियों के मौसम की शुरुआत से पहले मांगी है, जब प्रदूषण का स्तर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="353" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/yghjnm-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/yghjnm.jpg 631w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/yghjnm-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को निर्देश दिया कि वे तीन हफ्तों के भीतर वायु प्रदूषण से निपटने की योजना पेश करें। सुप्रीम कोर्ट ने यह योजना सर्दियों के मौसम की शुरुआत से पहले मांगी है, जब प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों में रिक्तियों को लेकर भी नाराजगी जाहिर की और राज्यों की खिंचाई।</p>



<p><strong>रिक्त पदों को भरने के दिए निर्देश<br></strong>सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों को तीन महीने के भीतर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड्स में रिक्त पदों को भरने को कहा। पीठ ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) को भी अपने यहां रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिए। हालांकि अदालत ने पदोन्नति के पदों को भरने के लिए छह महीने का समय दिया।</p>



<p><strong>राज्यों को लगाई फटकार<br></strong>बता दें कि सीएक्यूएम केंद्र द्वारा गठित एक वैधानिक निकाय है और इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और उसके आसपास के क्षेत्रों, जिनमें पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्से शामिल हैं, में वायु गुणवत्ता का प्रबंधन और सुधार करना है। पीठ इन प्राधिकरणों में रिक्त पदों को भरने से संबंधित एक स्वतः संज्ञान याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी। अदालत ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों में लंबे समय से लंबित रिक्तियों को भरने में विफल रहने के लिए राज्यों की कड़ी आलोचना की और कहा कि प्रदूषण के मौसम में मानव संसाधन की कमी पर्यावरणीय संकट को और बढ़ा देते हैं।</p>
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