सऊदी अरब – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Wed, 08 Apr 2026 07:21:27 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg सऊदी अरब – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 सऊदी अरब पर ईरानी हमलों के पाकिस्तान ने क्षेत्रीय शांति के बताया खतरनाक https://livehalchal.com/%e0%a4%b8%e0%a4%8a%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a4%ac-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%88%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87/668056 Wed, 08 Apr 2026 07:21:26 +0000 https://livehalchal.com/?p=668056 पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा केंद्रों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस्लामाबाद ने इसे एक ”खतरनाक वृद्धि” करार दिया है, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है। यह हमला ऐसे समय …]]>

पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा केंद्रों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है।

इस्लामाबाद ने इसे एक ”खतरनाक वृद्धि” करार दिया है, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने के अंतिम प्रयासों में जुटा था।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, ‘पाकिस्तान सरकार सऊदी अरब के ऊर्जा केंद्रों पर ईरान द्वारा किए गए हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा करती है और इस पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त करती है।’

रावलपिंडी में फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अध्यक्षता में आयोजित 274वें कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में सेना ने इसे ‘अनावश्यक तनाव’ बताया।

सऊदी अरब ने भारी उकसावे के बावजूद संयम दिखाया- मुनीर

सेना के अनुसार, सऊदी अरब ने भारी उकसावे के बावजूद अब तक जो संयम दिखाया है, उसी की वजह से कूटनीतिक समाधान की गुंजाइश बनी हुई थी। यह हमला शांतिपूर्ण समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों को नुकसान पहुंचाता है। सेना ने चेतावनी दी है कि इस तरह के अनुचित हमलों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जो मौजूदा शांतिपूर्ण विकल्पों और अनुकूल वातावरण को नष्ट कर सकते हैं।

पाकिस्तान ने ‘खतरनाक घटनाक्रम’ के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इजरायल पर आरोप लगाया है कि उसने अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष-विराम वार्ता को आसान बनाने के इस्लामाबाद के प्रयासों को बिगाड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि इजरायल ने उस समय तेहरान पर हमला किया, जब दोनों पक्ष बातचीत के लिए बैठने की स्थिति में थे।

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ट्रंप और क्राउन प्रिंस की प्राइवेट टॉक; क्या सऊदी अरब ही चल रहा सारी चाल? https://livehalchal.com/%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80/666508 Wed, 25 Mar 2026 05:47:42 +0000 https://livehalchal.com/?p=666508 मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के 25वें दिन एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को जारी रखने की अपील की है। क्राउन प्रिंस ने इसे क्षेत्र को नया आकार देने …]]>

मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के 25वें दिन एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को जारी रखने की अपील की है। क्राउन प्रिंस ने इसे क्षेत्र को नया आकार देने का ‘ऐतिहासिक अवसर’ बताया है।

सऊदी-US की प्राइवेट टॉक
रिपोर्ट के मुताबिक, क्राउन प्रिंस ने ट्रंप को बताया कि ईरान खाड़ी देशों के लिए लंबे समय से खतरा बना हुआ है और इस खतरे को केवल ईरान की वर्तमान सरकार को हटाकर ही खत्म किया जा सकता है।

उन्होंने ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले और यहां तक कि तेहरान में जमीनी अभियान की भी संभावना जताई है। सऊदी प्रिंस का मानना है कि अमेरिका-इजराइल के सैन्य अभियान को और मजबूत करके ही क्षेत्रीय स्थिरता हासिल की जा सकती है।

ईरान पर हमले तेज
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब युद्ध तेजी से बढ़ रहा है। ईरान ने अमेरिका-इजराइल हमलों के जवाब में सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिनसे सऊदी का तेल बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है।

इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर हो गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज) के रास्ते पर असर होने से सऊदी अरब, यूएई और कुवैत जैसे देशों के तेल निर्यात पर असर पड़ा है।

रिपोर्ट में ट्रंप की तरफ से संकेत मिले-जुले आए हैं। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर ‘पूर्ण समाधान’ की बात कही है, लेकिन क्राउन प्रिंस लगातार मजबूत कार्रवाई की वकालत कर रहे हैं। उधर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी ईरान को लंबे समय का खतरा मानते हैं, लेकिन सऊदी चिंताएं अलग हैं।

सऊदी ने रिपोर्ट को किया खारिज
हालांकि, सऊदी सरकार ने इन रिपोर्टों से साफ इनकार किया है। आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘सऊदी अरब संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का हमेशा समर्थन करता रहा है।

हमारी प्राथमिक चिंता अपने लोगों और बुनियादी ढांचे की रक्षा करना है। ईरान ने खतरनाक ब्रिंकमैनशिप को चुना है, जो हर पक्ष के लिए नुकसानदायक है।’

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सऊदी अरब ने पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा भारतीयों को किया निर्वासित https://livehalchal.com/%e0%a4%b8%e0%a4%8a%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a4%ac-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%9b%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2/651386 Sun, 28 Dec 2025 07:21:29 +0000 https://livehalchal.com/?p=651386 अमेरिका में आव्रजन नीतियों की सख्ती और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की कार्रवाइयों के बावजूद, विदेश मंत्रालय (MEA) के ताजा आंकड़ों से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पिछले पांच वर्षों (2021 से 2025 तक) में भारतीय नागरिकों को सबसे अधिक निर्वासित करने वाला देश सऊदी अरब रहा, न कि अमेरिका। राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन …]]>

अमेरिका में आव्रजन नीतियों की सख्ती और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की कार्रवाइयों के बावजूद, विदेश मंत्रालय (MEA) के ताजा आंकड़ों से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पिछले पांच वर्षों (2021 से 2025 तक) में भारतीय नागरिकों को सबसे अधिक निर्वासित करने वाला देश सऊदी अरब रहा, न कि अमेरिका।

राज्यसभा में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह द्वारा दिए लिखित जवाब के अनुसार, विदेश में भारतीयों की हिरासत और निर्वासन के प्रमुख कारणों में वीजा या निवास परमिट की वैधता से अधिक समय तक रुकना, बिना वर्क परमिट काम करना, श्रम नियमों का उल्लंघन, नियोक्ता से भागना और दीवानी या आपराधिक मामलों में फंसना शामिल हैं। खाड़ी देशों में ये मामले मुख्य रूप से श्रमिकों से जुड़े होते हैं, जबकि अमेरिका में अवैध प्रवेश या वीजा उल्लंघन ज्यादा देखे जाते हैं।

रियाद स्थित भारतीय दूतावास के डेटा के मुताबिक, सऊदी अरब से निर्वासन के आंकड़े इस प्रकार हैं:

2021: 8,887
2022: 10,2772023: 11,486
2024: 9,206
2025 (अब तक): 7,019

कुल मिलाकर, 2021 से 2025 तक सऊदी अरब से करीब 46,875 भारतीयों को निर्वासित किया गया।वहीं, अमेरिका से निर्वासन की संख्या काफी कम रही। वाशिंगटन डीसी सहित विभिन्न भारतीय मिशनों के आंकड़ों से:

2021: 805
2022: 862
2023: 617
2024: 1,368
2025: 3,414 (मुख्य रूप से वाशिंगटन डीसी से)

अमेरिका के अन्य मिशनों (सैन फ्रांसिस्को, न्यूयॉर्क, अटलांटा, ह्यूस्टन, शिकागो) से भी ज्यादातर मामलों में संख्या दो अंकों या कुछ सौ तक सीमित रही। कुल मिलाकर, अमेरिका से निर्वासन खाड़ी देशों की तुलना में बहुत कम हैं।

MEA के अनुसार, निर्वासन के ये आंकड़े इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी करने पर आधारित हैं, जो विदेशी सरकारों द्वारा साझा न किए जाने वाले हिरासत डेटा का विश्वसनीय संकेतक हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी अरब में बड़ी संख्या में भारतीय श्रमिकों की मौजूदगी और वहां की ‘सऊदीकरण’ नीतियां इन ऊंचे आंकड़ों की मुख्य वजह हैं।

यह डेटा इस मिथक को तोड़ता है कि अमेरिका ही भारतीयों के लिए सबसे सख्त है, जबकि वास्तव में खाड़ी क्षेत्र में श्रम प्रवासन से जुड़ी चुनौतियां ज्यादा गंभीर हैं। सरकार ने प्रवासी भारतीयों को वीजा नियमों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी है।

अमेरिका में भारतीयों का सबसे अधिक निर्वासन वाशिंगटन डीसी (3,414) और ह्यूस्टन (234) से हुआ। अन्य देश जिन्होंने बड़ी संख्या में भारतीयों को निर्वासित किया उनमें म्यांमार (1,591), यूएई (1,469), बहरीन (764), मलेशिया (1,485), थाईलैंड (481) और कंबोडिया (305) शामिल हैं।

इस बयान में कहा गया है कि सरकार विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और भारतीय दूतावास मेजबान देश के साथ भारतीय नागरिकों के बचाव और स्वदेश वापसी के मुद्दे को सक्रिय रूप से उठाते हैं।

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सऊदी अरब में कुदरत का करिश्मा! रेगिस्तान में बर्फबारी से पारा लुढ़का https://livehalchal.com/%e0%a4%b8%e0%a4%8a%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a4%ac-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b6/649752 Fri, 19 Dec 2025 06:14:47 +0000 https://livehalchal.com/?p=649752 रेगिस्तान और झुलसाने वाली गर्मी के लिए मशहूर सऊदी अरब से बर्फबारी का वीडियो सामने आया है। थार्थ सऊदी में हुए बर्फबारी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को देखकर कुछ यूजर्स हैरान हो गए। क्योंकि रेगिस्तान वाली जमीन अचानक बर्फ से ढक गई। दरअसल, सऊदी गजट की रिपोर्ट …]]>

रेगिस्तान और झुलसाने वाली गर्मी के लिए मशहूर सऊदी अरब से बर्फबारी का वीडियो सामने आया है। थार्थ सऊदी में हुए बर्फबारी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को देखकर कुछ यूजर्स हैरान हो गए। क्योंकि रेगिस्तान वाली जमीन अचानक बर्फ से ढक गई।

दरअसल, सऊदी गजट की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में सऊदी अरब के तबुक क्षेत्र और ट्रोजेना में बर्फबारी हुई है। तबुक क्षेत्र और ट्रोजेना में हुई बर्फबारी के बाद की आई तस्वीरों ने सबको हैरान कर दिया है। यहां हुई बर्फबारी को लोग कुदरत का करिश्मा बता रहे हैं।

माइनस 4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा तापमान

सऊदी गजट के अनुसार, बीते बुधवार को बीर बिन हिरमास, अल-उयैना, हलात अम्मार, तबूक और शिगरी में बर्फबारी हुई। बर्फबारी के कारण पूरा इलाका किसी विंटर वंडरलैंड की तरह दिखने लगा। इस दौरान यहां के तापमान गिरकर माइनस 4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

घने कोहरे ने बढ़ाई ठिठुरन

आलम यह हुआ कि ऊबड़-खाबड़ रेगिस्तानी पहाड़ पूरी तरह सफेद चादर में लिपट गया। इस दौरान यहां न सिर्फ बर्फबारी हुई, बल्कि पूरे इलाके में घने कोहरे और तेज हवाओं ने भी जबरदस्त ठिठुरन बढ़ा दी।

सऊदी में बर्फबारी होना नई बात नहीं

रेगिस्तान वाले सऊदी अरब से आए वीडियो ने सोशल मीडिया पर धमाल मचा दिया है। क्योंकि कुछ लोगों को ऐसा लग रहा है कि यहां बर्फबारी अनोखी घटना है। हालांकि, यह कोई नई बात नहीं है, क्योंकि क क्षेत्र की ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 2,600 मीटर से ज्यादा है। ऊंचाई के कारण यहां का मौसम सर्दियों में ठंडा हो जाता है और हर साल हल्की या भारी बर्फबारी होती है।

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सऊदी अरब में नहीं छलका पाएंगे जाम, जारी रहेगा शराब पर लगा प्रतिबंध https://livehalchal.com/%e0%a4%b8%e0%a4%8a%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a4%ac-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%9b%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%8f/615422 Tue, 27 May 2025 08:39:18 +0000 https://livehalchal.com/?p=615422 सऊदी अरब में शराब से प्रतिबंध नहीं हटने जा रहा है। सऊदी अधिकारियों ने मीडिया में आई उन खबरों का खंडन किया है, जिसमें यह दावा किया कि इस खाड़ी देश में शराब पर 73 वर्षों से जारी प्रतिबंध को हटाने की योजना है। मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया था बड़ा दावामीडिया में यह दावा …]]>

सऊदी अरब में शराब से प्रतिबंध नहीं हटने जा रहा है। सऊदी अधिकारियों ने मीडिया में आई उन खबरों का खंडन किया है, जिसमें यह दावा किया कि इस खाड़ी देश में शराब पर 73 वर्षों से जारी प्रतिबंध को हटाने की योजना है।

मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया था बड़ा दावा
मीडिया में यह दावा किया गया था कि सऊदी अरब 2034 में फुटबाल विश्व कप की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इसलिए सऊदी अधिकारियों ने पर्यटकों के लिए शराब बिक्री की योजना बनाई है। पिछले सप्ताह सबसे एक वाइन ब्लाग पर यह दावा किया गया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह खबर छा गई।

पहले सऊदी अरब में कई प्रतिबंधों पर दी गई थी ढील
हालांकि इस खबर के स्त्रोत की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। एक समय बेहद रूढ़िवादी रहा यह देश अपनी अर्थव्यवस्था को विविधता देने के साथ ही पर्यटकों और अंतरराष्ट्रीय व्यवसायों को आकर्षित करने के लिए कुछ प्रतिबंधों में ढील दे चुका है। जबकि खाड़ी देशों में केवल सऊदी अरब और कुवैत ऐसे हैं, जहां शराब बिक्री पर प्रतिबंध है।

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