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	<title>संस्कृति &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>संस्कृति &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>हरियाणा की झांकी ने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव गोवा में बिखेरी अपनी संस्कृति</title>
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		<pubDate>Sat, 29 Nov 2025 08:20:27 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="573" height="325" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/serfd-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/serfd-2.jpg 573w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/serfd-2-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 573px) 100vw, 573px" />गोवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI 2025) में इस बार हरियाणा ने सांस्कृतिक भव्यता के साथ अपनी एक अनूठी छाप छोड़ी है। पारंपरिक रंगों, लोकनृत्यों, संगीत, इतिहास और आधुनिक फिल्मी उपलब्धियों को समेटे हरियाणा की झांकी ने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि निर्णायक मंडल को भी गहराई से प्रभावित किया। इसी का &#8230;]]></description>
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<p>गोवा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI 2025) में इस बार हरियाणा ने सांस्कृतिक भव्यता के साथ अपनी एक अनूठी छाप छोड़ी है। पारंपरिक रंगों, लोकनृत्यों, संगीत, इतिहास और आधुनिक फिल्मी उपलब्धियों को समेटे हरियाणा की झांकी ने न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि निर्णायक मंडल को भी गहराई से प्रभावित किया। इसी का परिणाम रहा कि राज्य की आकर्षक और सजीव झांकी को महोत्सव में पुरस्कार से सम्मानित किया गया।<br><br>गोवा में 20 से 28 नवंबर 2025 तक आयोजित नौ-दिवसीय प्रतिष्ठित महोत्सव &nbsp;के पहले दिन 28 प्रतिभागियों ने अलग-अलग थीम पर अपनी झांकिया प्रस्तुत की। अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ऑफ इंडिया की ओपनिंग परेड में हरियाणा ने पहली शानदार राज्य झांकी प्रस्तुत की। सूचना, जनसम्पर्क, भाषा एवं कला संस्कृति विभाग, हरियाणा के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग के दिशा-निर्देशन में ‌‌विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया और संयुक्त निदेशक ‌फिल्म नीरज टुटेजा ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया।<br><br>“नॉन स्टॉप फिल्मी हरियाणा” की थीम पर तैयार झांकी ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति और सिनेमा के रंगों से सराबोर एक अनोखा “चलित उत्सव” प्रदान किया। हरियाणा की झांकी ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों, फिल्म निर्माताओं और दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में झांकियों के प्रदर्शन के उपरांत 28 नवंबर, 2025 को निर्णायक मंडल द्वारा टॉप-5 अचीवर्स को पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें हरियाणा, आंध्र प्रदेश, हॉम्बेल मूवी मेकर्स, वेव्स ओटीटी और ज़ी स्टूडियोज शामिल हैं।<br><br><strong>सिनेमा पृष्ठभूमि के लिए हरियाणा को विशेष आकर्षक स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए किए जा रहे विशेष प्रयास – के. मकरंद पांडुरंग</strong></p>



<p>सूचना, जनसम्पर्क, भाषा एवं कला संस्कृति विभाग, हरियाणा के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग ने इस उपलब्धि पर अधिकारियों व कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा हैं। हरियाणा ‌में फिल्म सिटी बनाई जा रही है, ताकि निर्माता, निर्देशक राज्य में आकर सिनेमा के माध्यम से यहां की संस्कृति को प्रदर्शित करें, जिससे हरियाणा की पहचान वैश्विक पटल पर बने।<br><br><strong>फिल्म-कैमरे के अद्भुत रूप में सजी झांकी हरियाणा की रचनात्मक शक्ति का बनी प्रतीक</strong></p>



<p>फिल्म-कैमरे के अद्भुत रूप में सजी झांकी हरियाणा की &nbsp;रचनात्मक शक्ति के प्रतीक के रूप में संस्कृति, अपने लोगों और अपनी आवाज़ को दुनिया के सामने नए अंदाज़ में प्रस्तुत करती नज़र आई। कैमरे से निकलती सुनहरी किरणें राज्य की रचनात्मक चेतना, ऊर्जा और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बनीं। डिजिटल स्क्रीन पर उभरती झलकियों में हरियाणा की विरासत, पर्यटन, लोक-संस्कृति, थिएटर-कला और फिल्मांकन स्थलों &nbsp;की अनोखी दुनिया एक ही परदे पर जीवंत दिखाई दी।<br><br>झांकी में राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सिनेमा में हरियाणा, लोकेशन्स को कलात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया। हरियाणा की झांकी को लेकर देशी-विदेशी पर्यटक काफी आकर्षित नजर आए। “नॉनस्टॉप फिल्मी हरियाणा” की थीम के साथ झांकी में दर्शया गया कि &nbsp;हरियाणा एक ऐसा प्रदेश है जहाँ कहानियाँ मिट्टी में अंकुरित होती हैं और कला फसलों की खुशबू में अपना सौंदर्य सँवारती है।<br><br>इस झांकी में हरियाणा की फिल्म नीति का प्रभावी संदेश भी प्रदर्शित किया गया। झांकी में प्रदर्शित किया गया कि किस तरह गाँव की चौपालों से निकली कहानियाँ आज विश्व के बड़े परदों तक पहुँच रही हैं। नीचे लहलहाते सरसों के सुनहरे खेत हरियाणा की समृद्ध परंपरा और इस मिट्टी में जन्म लेने वाली कहानियों की अनंत यात्रा के प्रतिबिंब की कहानी कहते नज़र आए। राज्य की इस उपलब्धि से अब हरियाणा सिनेमा और फिल्मी जगत में देश के साथ-साथ वैश्विक मंच पर भी अपनी एक अनूठी पहचान बनाने में सफल होगा।</p>



<p> </p>
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		<title>अमित शाह बोले, पीएम मोदी ने 10 साल में देश में एक नई कार्य संस्कृति की शुरूआत की</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Mar 2024 06:12:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[अमित शाह]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="355" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/delhi-1-10-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/delhi-1-10.jpg 814w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/delhi-1-10-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/delhi-1-10-768x442.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 10 साल में देश में एक नई संस्कृति की शुरूआत की। उन्होंने जो कहा, वो किया और वादों को धरातल पर उतारने का काम किया। उन्होंने देश की 13 करोड़ महिलाओं को गैस सिलिंडर दिए। एक करोड़ लोगों के घर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="355" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/delhi-1-10-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/delhi-1-10.jpg 814w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/delhi-1-10-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/delhi-1-10-768x442.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 10 साल में देश में एक नई संस्कृति की शुरूआत की। उन्होंने जो कहा, वो किया और वादों को धरातल पर उतारने का काम किया। उन्होंने देश की 13 करोड़ महिलाओं को गैस सिलिंडर दिए। एक करोड़ लोगों के घर में पाइप से गैस पहुंचाई। 14 करोड़ लोगों के घरों में नल से जल पहुंचाया। 14 करोड़ शौचालय बनाए, तीन करोड़ से अधिक घर बनाए और 60 करोड़ गरीबों को प्रति माह पांच किलो अनाज मुफ्त दिया।</p>



<p>केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह सोमवार को द्वारका में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए ‘दिल्ली ग्रामोदय अभियान’ के तहत 383 करोड़ रुपए की लागत से 41 गांवों में पाइप नैचुरल गैस सुविधा और 178 गांवों में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन किया। उनके साथ केंद्रीय आवास और शहरी विकास एवं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और उपराज्यपाल वीके सक्सेना सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इस मौके पर अमित शाह ने कहा कि 10 साल गरीबों के कल्याण और गांवों के विकास के नाम रहे। प्रधानमंत्री ने शहर और गांव के जीवन के बीच का अंतर समाप्त करने के लिए अनेक कदम उठाए और इसके अच्छे नतीजे मिले।</p>



<p>केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि दिल्ली के 41 गांवों में पाइपलाइन से गैस पहुंचने की शुरुआत हो रही है। इसके साथ ही 178 गांवों के विभिन्न विकास कार्यों की शुरूआत हो रही है। दिल्ली के गांवों में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास और जीवनस्तर को सुधारने के लिए 900 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन इस पैसे का कोई उपयोग नहीं होता था। उन्होंने कहा कि गांवों में बेहतर सड़कें, तालाबों का निर्माण, पौधारोपण, जल निकासी, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवेज पंपिंग स्टेशन, पेयजल सुविधा, ड्रेनेज, रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रावधान, पार्क, खेल के मैदान, सामुदायिक भवन, ग्रामीण पुस्तकालय, सोलर स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी कैमरे और पशुओं के लिए चारागाहों का निर्माण जैसे कामों को एक विजन के साथ पूरा किया गया है।</p>



<p><strong>दिल्ली में दो प्रकार के लोग, एक काम कर रहे दूसरे घोटाला</strong><br>अमित शाह ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार पर अप्रत्यक्ष तौर पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजनीति में दो प्रकार के लोग होते हैं। एक वह जो कहते हैं वो करते हैं। दूसरे वह जो कहते हैं उससे बिल्कुल उल्टा करते हैं। दिल्ली में ही दोनों प्रकार के लोग हैं। पीएम मोदी जो कहते हैं वो एक ही टर्म में पूरा करते हैं। वहीं एक वो हैं जो दिल्ली में लगातार भ्रष्टाचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड का 78 हजार करोड़ का घोटाला, 125 करोड़ का बंगला और नौ करोड़ का शीशमहल की रिपेयरिंग का घोटाला, क्लासरूम घोटाला, मोहल्ला क्लीनिक के नाम पर घोटाला, सार्वजनिक वाहनों में लगने वाले पैनिक बटन में घोटाला, बस खरीदी में घोटाला और वे कहते हैं कि वह कट्टर ईमानदार हैं।</p>
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		<title>दिल्ली : भाषा, कला और संस्कृति का समागम देखने खिंचे आए लोग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 12 Feb 2024 10:36:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दिल्ली]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[संस्कृति]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-1-9-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-1-9.jpg 832w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-1-9-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-1-9-768x432.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारत की भाषाई विविधता से सजे विश्व पुस्तक मेले में बच्चों और युवाओं के बहुत कुछ खास है। बहुभाषी भारत की विविधता को दर्शाता थीम मंडप लोगों के आकर्षण का विशेष केंद्र बना रहा। रविवार को प्रगति मैदान पुस्तक प्रेमियों से खचाखच भरा रहा। एक तरफ हर उम्र के बच्चे हॉल 3 में बालमंडप में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-1-9-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-1-9.jpg 832w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-1-9-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/02/delhi-1-9-768x432.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भारत की भाषाई विविधता से सजे विश्व पुस्तक मेले में बच्चों और युवाओं के बहुत कुछ खास है। बहुभाषी भारत की विविधता को दर्शाता थीम मंडप लोगों के आकर्षण का विशेष केंद्र बना रहा।</p>



<p>रविवार को प्रगति मैदान पुस्तक प्रेमियों से खचाखच भरा रहा। एक तरफ हर उम्र के बच्चे हॉल 3 में बालमंडप में आयोजित होने वाली रचनात्मक गतिविधियों का आनंद लेते दिखे, वहीं युवा पाठकों की भीड़ अपनी भाषा, पसंदीदा विषय के उपन्यास, जीवनियों, तकनीकी पुस्तकों को खरीदने के लिए जमा रही। परीक्षाएं शुरू होने से पहले पुस्तकों से बच्चों का प्रेम हर किसी के दिल को लुभाता दिखा। कोई अपने बच्चों को स्ट्रोलर पर लाया तो कोई अपने बूढ़े माता-पिता को व्हील चेयर के सहारे विश्व पुस्तक मेले की सैर कराता दिखा। </p>



<p>भारत की भाषाई विविधता से सजे विश्व पुस्तक मेले में बच्चों और युवाओं के बहुत कुछ खास है। हॉल पांच के रिसेप्शन पर लेखक और चित्रकार अभिषेक ने पेंटिंग बनाई, जिसमें उन्होंने दर्शाया कि पशु-पक्षी किस तरह प्रकृति की भाषा समझते हैं। भाषा जितनी अहम मनुष्य के लिए है, उतनी पशु-पक्षियों के लिए भी है। उनमें वह शक्ति होती है जिससे वह प्रकृति की भाषा को आसानी से समझते हैं और खुद को प्रकृति के अनुरूप ढाल लेते हैं।&nbsp;</p>



<p>बच्चों की भीड़ बालमंडप पर भी खूब दिखी, जहां प्रसिद्ध लेखिका और पूर्व आईएएस अधिकारी अनीता भटनागर से कहानी सुनकर बच्चों ने अपने मन में उठे प्रश्न पूछे, वहीं रूस से आई लेखिका एल्योना करीमोवा ने चित्रकथा से रूस के तातार समुदाय की एक दादी की मजेदार कहानी सुनाकर बच्चों को अभिभावकों की बात मानने को प्रेरित किया। खेल-खेल में कैसे सीखा जा सकता है, इसकी झलक विश्व पुस्तक मेले में देखने को मिली।  </p>



<p><strong>आकर्षण का केंद्र बना रहा थीम मंडप&nbsp;</strong><br>बहुभाषी भारत की विविधता को दर्शाता थीम मंडप लोगों के आकर्षण का विशेष केंद्र बना रहा। यहां डिजिटल और मुद्रित दोनों रूपों में भारत की भाषाई संस्कृति को दर्शाया गया है। उत्तर से दक्षिण, पूर्व से पश्चिम हर भाषा का रंग है। यहां एक एलईडी स्क्रीन लगाई गई है, जिस पर पाठक की-बोर्ड से अपना नाम टाइप कर उसका विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद प्राप्त कर सकते हैं। एक वॉल पर साइन बोर्ड हैं, जो रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, मेट्रो, सड़कों पर लगे पथ-प्रदर्शकों, अयोध्या नगर निगम को अलग-अलग भाषाओं में प्रदर्शित करता है।&nbsp;</p>



<p>यहां भारत की बहुभाषी परंपरा की भी एक वॉल है, जिस पर जूनागढ़, महरौली लौह स्तंभ, बांकुरा की चंद्र वर्मन, बादामी गुफाएं, चंद्रगिरि, शोलिंगुर मंदिर और येल्लम्मा मंदिर में मिले प्राचीन शिलालेखों के चित्र अंकित हैं। यहीं एक तरफ हिंदी और अंग्रेजी सहित भारत की अन्य भाषाओं में प्रकाशित समाचार पत्रों को दर्शाती एक वॉल है। बच्चों के लिए एक वॉल पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रेरक प्रसंगों को 15 भाषाओं में दर्शाया गया है। यहां नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया द्वारा प्रकाशित सब का साथी, सब का दोस्त पुस्तक पढ़ने के लिए उपलब्ध है। </p>



<p><strong>फैब्रिक किताबें बनीं बच्चों की पसंद </strong><br>एफ-17 हॉल 4 में स्काई कल्चर द्वारा तैयार की गई बच्चों की वॉशेबल फैब्रिक पुस्तकें हैं, जो 6 महीने के बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई हैं। इन पुस्तकों की खासियत है कि ये वॉशेबल कपड़े पर तैयार की गई हैं, ताकि बिना फटे, खराब हुए लंबे समय तक ये नन्हे बच्चों के पास रहें और उनमें चित्रों के माध्यम से तरह-तरह की चीजों को समझने और पढ़ने की आदत विकसित की जा सके।</p>



<p><strong>बहुभाषी मंच पर चर्चा और काव्य पाठ &nbsp;</strong><br>नई दिल्ली। पुस्तक मेले के दूसरे दिन थीम मंडप में ऑर्थर गिल्ड ऑफ इंडिया द्वारा बहुभाषी भारतीय संस्कृति पर चर्चा हुई। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विजय शंकर मिश्रा, और बीएचयू के प्रोफेसर डॉ अशोक कुमार ज्योति शामिल हुए। थीम मंडप में बहुभाषी कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें हिंदी के प्रसिद्ध कवि डॉ दिविक रमेश, संस्कृत कवि आचार्य राम दत्त मिश्रा अनमोल, ओडिया कवि अनिता पांडे और असमिया कवि निर्देश निधि दीपिका दास ने अपनी-अपनी भाषाओं में काव्य पाठ किया।&nbsp;</p>



<p>किताबों का भी विमोचन किया गया : लेखक मंच पर हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, पंजाबी, कन्नड़, असमिया, मलयालम, गुजराती सभी भाषाओं की किताबों का विमोचन हो रहा। रविवार को प्रमोद कुमार अग्रवाल की 75वीं किताब ‘माफिया’ का विमोचन हुआ। प्रयागराज शहर के इतिहास और विरासत पर आधारित यह पुस्तक लेखक के पुलिस सेवा में रहते हुए अपने अनुभवों पर आधारित है। नोबल से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी की किताब ‘सपनो की रोशनी’ का लोकार्पण किया गया। प्रभात प्रकाशन की प्रकाशित इस किताब के विमोचन के अवसर पर प्रसिद्ध गीतकार पत्रकार आलोक कुमार, प्रभात प्रकाशन के निदेशक प्रभात कुमार और पीयूष कुमार भी मौजूद थे। राजकमल प्रकाशन के जलसाघर में भविष्य के पाठक विषय पर परिचर्चा हुई। कई अन्य किताबों का भी विमोचन हुआ।</p>



<p><strong>साइबर अपराध से कैसे बचें बच्चे और युवा</strong><br>विश्व पुस्तक मेले में आयोजित हिडन फाइल्स-डिकोडिंग साइबर क्रिमिनल्स एंड फ्यूचर क्राइम्स, एक दिलचस्प सत्र में भारत के प्रसिद्ध साइबर क्राइम एक्सपर्ट अमित दुबे ने आरजे स्वाति के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने साइबर अपराध से सावधान रहने के टिप्स देते हुए कहा, अपराधी यूजर्स का मोबाइल फोन हैक नहीं करते, बल्कि उनका दिमाग हैक करते हैं। अधिकतर बच्चे और युवा इसका शिकार होते हैं। इससे बचने के लिए बच्चों और युवाओं को साइबर क्राइम की किताबें पढ़नी चाहिए। &nbsp;</p>
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		<title>इस बार केदारनाथ में पहाड़ी संस्कृति के होंगे दर्शन&#8230;..</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Radha Rajpoot]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 20 Apr 2019 11:50:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[केदारनाथ]]></category>
		<category><![CDATA[पहाड़ी]]></category>
		<category><![CDATA[संस्कृति]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="168" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/download-17-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />इस बार देश-दुनिया से केदारनाथ धाम आने वाले यात्री पहाड़ी व्यंजनों का लुत्फ भी उठा सकेंगे। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। यात्रियों को हाट बाजार में पहाड़ी व्यंजनों के साथ पहाड़ी संस्कृति के भी दर्शन कराए जाएंगे। इससे जहां देश-दुनिया में पहाड़ी व्यंजनों का ब्रांडिंग होगी, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="168" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/download-17-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><strong>इस बार देश-दुनिया से केदारनाथ धाम आने वाले यात्री पहाड़ी व्यंजनों का लुत्फ भी उठा सकेंगे। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। यात्रियों को हाट बाजार में पहाड़ी व्यंजनों के साथ पहाड़ी संस्कृति के भी दर्शन कराए जाएंगे। इससे जहां देश-दुनिया में पहाड़ी व्यंजनों का ब्रांडिंग होगी, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। वहीं, प्रशासन केदारनाथ में यात्रा की तैयारियों में जुटा है।  </strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-222891 " src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2019/04/download-17-1.jpg" alt="" width="558" height="313" /></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>केदारनाथ यात्रा आगामी नौ मई से शुरू हो रही है। इसके लिए प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। तय हुआ है कि इस बार यात्रियों को भोजन में स्थानीय उत्पादों से बने पहाड़ी व्यंजन परोसे जाएंगे। इसके लिए केदारनाथ बेस कैंप में हाट बाजार बनाया गया है। सभी दुकानें प्रशासन की ओर से स्थानीय युवाओं व व्यापारियों को आवंटित की गई हैं। </strong></p>
<p><strong>इसके पीछे ध्येय यात्रियों को पहाड़ की संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित कराना है। इसके अलावा पहाड़ में तैयार होने वाले विभिन्न उत्पादों और पारंपरिक वस्त्रों की बिक्री के लिए भी केदारनाथ में हाट बाजार लगाया जाएगा। </strong></p>
<p><strong>बता दें कि रुद्रप्रयाग जिले में दो हजार से अधिक महिला समूहों के साथ महिला मंगल दल व अन्य संगठन गांव-गांव जाकर पहाड़ी उत्पाद एकत्र कर रहे हैं। इसके लिए प्रशासन की ओर सोनप्रयाग व केदारनाथ में कलेक्शन सेंटर बनाए भी बनाए गए हैं।</strong></p>
<p><strong>साथ ही केदारघाटी के होटलों को अपने मेन्यू में पहाड़ी व्यंजन शामिल करने के लिए प्रशासन की ओर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल के अनुसार हाट बाजार में स्थानीय उत्पादों से तैयार व्यंजनों की बिक्री से सीधे-सीधे स्थानीय काश्तकार लाभान्वित होंगे। साथ ही पहाड़ी उत्पादों की मांग बढऩे से परंपराओं का संरक्षण भी होगा। </strong></p>
<p><strong>पहाड़ी व्यंजनों का मेन्यू तैयार </strong></p>
<p><strong>यात्रा सीजन के लिए प्रशासन की ओर से पहाड़ी व्यंजनों का मेन्यू तैयार कर लिया गया है। इसमें मंडुवे की रोटी, लहसुन की चटनी, गहत की दाल व फाणू, उड़द की दाल का चैंसू, झंगोरे की खीर, लाल भात (चावल) जैसे पारंपरिक व्यंजन शामिल हैं। इसके अलावा धाम में मिलने वाला प्रसाद भी स्थानीय उत्पादों से ही तैयार किया जाएगा। </strong></p>
<p><strong>केदारनाथ मंदिर परिसर में तेजी से चल रहा बर्फ हटाने का कार्य</strong></p>
<p><strong>केदारनाथ मंदिर परिसर से बर्फ हटाने का कार्य मंदिर समिति के कर्मचारी जुटे हुए हैं, धाम में लगातार मौसम खराब होने के कारण बर्फ हटाने में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं समिति के विश्राम गृहों की साफ-सफाई रंग-रोगन, यात्री शैडों की मरम्मत, मंदिर परिसर में विद्युत व पेयजल की बहाली का कार्य भी मंदिर समिति द्वारा किया जा रहा है। </strong></p>
<p><strong>मंदिर समिति के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी ने कहा कि केदारनाथ में मंदिर समिति का 43 सदस्यीय अग्रिम दल यात्रा तैयारियों में जुटा हुआ है। कपाट खुलने तक व्यवस्थाओं को सुचारू कर दिया जाएगा। धाम में विगत दिनों रुक-रुककर बर्फबारी हो रही है, इसके बावजूद मंदिर समिति का अग्रिम दल मंदिर परिसर एवं आसपास से बर्फ हटाने में जुटा हुआ है। </strong></p>
<p><strong>मंदिर समिति का कार्यालय, भंडार, पुजारी निवास हेतु बने फेब्रिकेटेड हट पूर्णत: क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर से दस दिन के भीतर बर्फ हटाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन पिछले तीन दिनों से हुई जोरदार बर्फबारी के कारण कार्य में व्यवधान हो रहा है। </strong></p>
<p><strong>वहीं मंदिर परिसर में विद्युत आपूर्ति सुचारु करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं, मंदिर समिति के पावर हाउस के आस पास से बर्फ हटाई जा रही है, और पावर हाउस की चे¨कग की जा रही है। मंदिर समिति की क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन को भी ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। </strong></p>
<p><strong>प्रशासन की टीम भी केदारनाथ पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का कार्य कर रही है। अब तक 15 किमी पैदल मार्ग से बर्फ हटा दी गई है, और पंद्रह किमी पैदल मार्ग पर आवाजाही सुचारू कर दी गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी हरीश चन्द्र ने बताया कि अब मात्र एक किमी पैदल मार्ग से बर्फ हटाई जानी है, यदि मौसम ठीक रहा तो दो दिन के भीतर बर्फ हटा दी जाएगी।</strong></p>
<p><strong>बर्फबारी से जीएमवीएन की 21 हट्स को नुकसान</strong></p>
<p><strong>बर्फबारी से केदारनाथ धाम में जीएमवीएन और जिला प्रशासन की 21 हट्स पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई हैं। इन सभी हट्स को अब नए सिरे से बनाने की कवायद चल रही है। इसके लिए दस सदस्यीय इंजीनियरों की टीम केदारनाथ धाम रवाना होगी। इसके अलावा चारधाम यात्रा रूट पर भी बंगलों के नुकसान और मरम्मत का काम कपाट खुलने से पहले पूरा किया जाएगा।</strong></p>
<p><strong>गढ़वाल मंडल विकास निगम की चार टीमें 15 अप्रैल को चारों धाम में बर्फबारी से हुए नुकसान का आकलन करने गई थीं। सभी टीमें वापस लौट आई हैं। टीमों ने जो रिपोर्ट एमडी को सौंपी है, उसमें नुकसान का विस्तृत ब्यौरा दिया गया। एमडी ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि केदारनाथ धाम के लिंचौली में निगम की 21 में से 17 और जिला प्रशासन की करीब चार हट्स को नुकसान हुआ है।</strong></p>
<p><strong>इसके अलावा केदारनाथ धाम में कुछ हट्स के बरामदे और छतों को नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि केदारनाथ धाम में हट्स बनाने के लिए इंजीनियर और मजदूरों की टीमें बना दी हैं। प्रथम चरण में बर्फ हटाने का काम शुरू होगा। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। इधर, बर्फ ज्यादा होने से भोजवासा तक टीम नहीं पहुंच पाई है। </strong></p>
<p><strong>वहीं, गंगोत्री धाम से आगे कई जगह बर्फ से रास्ता भी टूट गया है। इस कारण टीम को आधे रास्ते से वापस लौटना पड़ा। जबकि गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ धाम में कोई नुकसान नहीं हुआ है।</strong></p>
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		<title>यूपी और कोरिया ने पर्यटन, संस्कृति, एग्रीकल्चर और स्किल डेवलपमेंट मसौदे पर साइन किया MOU</title>
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		<dc:creator><![CDATA[publisher]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 Dec 2017 12:17:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[एग्रीकल्चर और स्किल डेवलपमेंट मसौदे पर साइन किया MOU]]></category>
		<category><![CDATA[यूपी और कोरिया ने पर्यटन]]></category>
		<category><![CDATA[संस्कृति]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="312" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/AAAA.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="यूपी और कोरिया ने पर्यटन, संस्कृति, एग्रीकल्चर और स्किल डेवलपमेंट मसौदे पर साइन किया MOU" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/AAAA.png 747w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/AAAA-300x151.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />सीएम योगी और उनकी टीम ने शनिवार को कोरियन डेलीगेट्स के साथ मीटिंग की। इस दौरान पर्यटन, संस्कृति, एग्रीकल्चर और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच समझौता दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए। सीएम ने कहा कि अगर कोरिया अयोध्या में राजकुमारी सूरी रत्ना का स्मारक बनाने में रुचि ले ताकि प्रति वर्ष &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="312" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/AAAA.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="यूपी और कोरिया ने पर्यटन, संस्कृति, एग्रीकल्चर और स्किल डेवलपमेंट मसौदे पर साइन किया MOU" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/AAAA.png 747w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/AAAA-300x151.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /><p class="caption"><strong>सीएम योगी और उनकी टीम ने शनिवार को कोरियन डेलीगेट्स के साथ मीटिंग की। इस दौरान पर्यटन, संस्कृति, एग्रीकल्चर और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच समझौता दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए।<img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-101379" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/AAAA.png" alt="यूपी और कोरिया ने पर्यटन, संस्कृति, एग्रीकल्चर और स्किल डेवलपमेंट मसौदे पर साइन किया MOU" width="747" height="377" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/AAAA.png 747w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/12/AAAA-300x151.png 300w" sizes="auto, (max-width: 747px) 100vw, 747px" /></strong></p>
<p id="desc" class="caption"><strong>सीएम ने कहा कि अगर कोरिया अयोध्या में राजकुमारी सूरी रत्ना का स्मारक बनाने में रुचि ले ताकि प्रति वर्ष हजारों सैलानी अयोध्या आ सकें, तो सांस्कृतिक रूप से हम आपके साथ समझौता करना चाहेंगे। </strong><strong> </strong></p>
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<p id="desc" class="caption"><strong>सीएम ने कहा कि कोरिया अगर एग्रीकल्चर के क्षेत्र में यूपी के साथ समझौता दस्तावेज पर दस्तखत करे तो हमारे लिए गर्व की बात होगी। उन्होंने बताया कि यूपी में गन्ने की खेती सबसे ज्यादा होती है। इस पर कोरियन डेलीगेट्स ने सहमति जताई।</strong><strong> </strong></p>
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<p><strong>प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, सचिव व्यवसायी शिक्षा भुवनेश कुमार, प्रमुख सचिव पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी, सचिव संस्कृति अनीता सी. मेश्राम ने सीएम की मौजूदगी में कोरियाई डेलीगेट्स संग समझौता दस्तावेजों पर साइन किए। </strong></p>
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