संकट – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Thu, 11 Dec 2025 09:38:59 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg संकट – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 टैरिफ नीति से अमेरिका के किसानों पर ही गहराया संकट https://livehalchal.com/%e0%a4%9f%e0%a5%88%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%ab-%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95/648272 Thu, 11 Dec 2025 09:38:56 +0000 https://livehalchal.com/?p=648272 अमेरिका की आक्रामक टैरिफ और व्यापार नीतियों ने उसके अपने किसानों को इतनी गहरी मार दी है कि वाशिंगटन को किसानों की भरपाई के लिए 12 अरब डॉलर (करीब 90,000 करोड़ रुपए) का विशेष राहत पैकेज देना पड़ा। अमेरिका में किसानों को इतने बड़े राहत पैकेज की नौबत पहली बार पड़ी है। अमेरिकी कृषि मंत्रालय …]]>

अमेरिका की आक्रामक टैरिफ और व्यापार नीतियों ने उसके अपने किसानों को इतनी गहरी मार दी है कि वाशिंगटन को किसानों की भरपाई के लिए 12 अरब डॉलर (करीब 90,000 करोड़ रुपए) का विशेष राहत पैकेज देना पड़ा। अमेरिका में किसानों को इतने बड़े राहत पैकेज की नौबत पहली बार पड़ी है।

अमेरिकी कृषि मंत्रालय यानी यूएसडीए व कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की अधिकृत रिपोर्टों के अनुसार टैरिफ युद्ध के कारण कई बड़े देशों, खासकर चीन ने अमेरिकी अनाज और अन्य कृषि उत्पादों की खरीद बहुत कम कर दी या अस्थायी रूप से रोक दी। इससे अमेरिकी किसानों की आमदनी और निर्यात दोनों पर सीधा और गंभीर असर पड़ा।

यूएसडीए और अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि कार्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार टैरिफ विवाद की शुरुआत तब तेज हुई जब अमेरिका ने इस्पात, एल्यूमीनियम और चीन से आने वाले सैकड़ों अरब डॉलर के उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगा दिए। इसके जवाब में चीन ने सोयाबीन, मक्का, सूअर मांस और कपास सहित कई अमेरिकी कृषि उत्पादों पर प्रतिशोधी शुल्क बढ़ा दिए और कई श्रेणियों में आयात घटा दिया। इससे टैरिफ युद्ध की सीधी मार उन किसानों पर पड़ी, जहां मक्का व सोयाबीन की खेती बड़े पैमाने पर होती है।

अरबों डॉलर का राहत पैकेज है मार्केट फैसिलिटेशन प्रोग्राम
अमेरिकी कृषि मंत्रालय ने किसानों के लिए जो कदम उठाया, वह था मार्केट फैसिलिटेशन प्रोग्राम यानी एमएफपी। इसके तहत सरकार ने लगभग 90,000 करोड़ रुपए का पैकेज घोषित किया। इसका उद्देश्य टैरिफ से पैदा नुकसान की आंशिक भरपाई करना था। कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस के अनुसार, पैकेज की संरचना तीन हिस्सों में थी। पहला हिस्सा किसानों को सीधे नकद भुगतान के रूप में दिया गया। दूसरे में बाजार में बचा कृषि उत्पाद सरकार ने खरीदा व तीसरे हिस्से का उपयोग व्यापार प्रोत्साहन के लिए किया गया।

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पटना हवाईअड्डे पर 10 उड़ानें रद्द, जानें कब खत्म होगा फ्लाइट कैंसिलेशन का संकट https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%9f%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%88%e0%a4%85%e0%a4%a1%e0%a5%8d%e0%a4%a1%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-10-%e0%a4%89%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87/648221 Thu, 11 Dec 2025 06:48:23 +0000 https://livehalchal.com/?p=648221 देशभर में इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के बीच पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (जेपीएनआई) पर बुधवार को स्थिति थोड़ी ‘‘सामान्य” हुई और प्रभावित यात्रियों की सभी चिंताओं का लगभग समाधान कर दिया गया। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। हवाईअड्डे के निदेशक चंद्र प्रताप द्विवेदी ने बताया कि बुधवार को पटना से …]]>

देशभर में इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के बीच पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (जेपीएनआई) पर बुधवार को स्थिति थोड़ी ‘‘सामान्य” हुई और प्रभावित यात्रियों की सभी चिंताओं का लगभग समाधान कर दिया गया। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

हवाईअड्डे के निदेशक चंद्र प्रताप द्विवेदी ने बताया कि बुधवार को पटना से आने और जाने वाली कुल 10 उड़ानें रद्द की गई हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या ये सभी रद्द उड़ानें इंडिगो की ही थीं। इंडिगो ने बुधवार को दिल्ली और मुंबई सहित तीन प्रमुख हवाईअड्डों पर करीब 220 उड़ानें रद्द की हैं, जबकि इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स ने दावा किया था कि एयरलाइन का परिचालन सामान्य हो रहा है।

द्विवेदी ने कहा, ‘‘कुछ व्यवधान जरूर हुए, लेकिन पटना में कुल मिलाकर स्थिति अब सामान्य है। हमें यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्हें कोई संदेह नहीं है और वे संतुष्ट हैं।” उन्होंने बताया कि पटना हवाईअड्डा प्रबंधन, इंडिगो प्रतिनिधियों और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के कर्मियों ने मिलकर यात्रियों की समस्याओं का समाधान किया।

निदेशक ने स्वीकार किया कि जेपीएनआई हवाईअड्डे से आने-जाने वाली कुछ उड़ानें प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बुधवार को पांच आगमन और पांच प्रस्थान उड़ानें रद्द की गईं।” द्विवेदी ने यह भी कहा कि स्थिति 15 दिसंबर तक सामान्य होने की संभावना है।

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दिल्ली: जहरीली हवा से सांसों पर संकट https://livehalchal.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8/647808 Tue, 09 Dec 2025 05:50:44 +0000 https://livehalchal.com/?p=647808 हवा की दिशा बदलते ही राजधानी सोमवार सुबह घने स्मॉग और हल्के कोहरे से ढकी रही। दृश्यता कम रही और लोगों की सांसें बोझिल। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 314 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है। एनसीआर में भी हालात चिंताजनक रहे, नोएडा का एक्यूआई 330 सबसे अधिक प्रदूषित रहा। इसी …]]>

हवा की दिशा बदलते ही राजधानी सोमवार सुबह घने स्मॉग और हल्के कोहरे से ढकी रही। दृश्यता कम रही और लोगों की सांसें बोझिल। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 314 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है। एनसीआर में भी हालात चिंताजनक रहे, नोएडा का एक्यूआई 330 सबसे अधिक प्रदूषित रहा।

इसी बीच आरएमएल अस्पताल के प्रदूषण जनित रोग निवारण केंद्र में दम फूलने और सांस संबंधी शिकायतों वाले मरीज पहुंच रहे हैं, पर संख्या कम है। अस्पताल के डॉक्टरों का मानना है कि प्रदूषण क्लिनिक के बारे में लोगों को जानकारी ही नहीं है, इसलिए अधिकांश मरीज सीधे ओपीडी का रुख कर रहे हैं।

यह सावधानी बरतना जरूरी
डॉ. पुलिन ने कहा कि प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए लोग सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करें। कारपुलिंग को बढ़ावा दें। कहीं पर कूड़े को न जलाएं। इमारत निर्माण के दौरान निर्माण सामग्री को ढककर रखें। प्रदूषण से बचाव के लिए किसी भी प्रकार के मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। ज्यादा से ज्यादा कोशिश करे कि मास्क पहनें। बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले। सुबह और शाम की सैर पर जाने से परहेज करें।

दोपहर एक बजे हवा में… पीएम10 की मात्रा 250.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज
वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 17.58 फीसदी रहा। इसके अलावा आवासीय इलाकों से 4.29, निर्माण गतिविधियों से 2.49 और पेरिफेरल उद्योग से 8.42 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, सोमवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 20 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 900 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 6000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर एक बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 250.2 और पीएम2.5 की मात्रा 138.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि बृहस्पतिवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, कई इलाकों में गंभीर और बेहद खराब श्रेणी में हवा दर्ज की गई।

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राजधानी दिल्ली की सांसों पर संकट बरकरार https://livehalchal.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%82/645507 Wed, 26 Nov 2025 06:58:13 +0000 https://livehalchal.com/?p=645507 राजधानी दिल्ली की हवा आज भी जहरीली बनी हुई है। अधिकांश इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘बहुत खराब’ से लेकर ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया है। सुबह से ही शहर के कुछ हिस्सों में जहरीले स्मॉग की एक परत छाई है। ऐसे हालात में लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने का खतरा …]]>

राजधानी दिल्ली की हवा आज भी जहरीली बनी हुई है। अधिकांश इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘बहुत खराब’ से लेकर ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया है। सुबह से ही शहर के कुछ हिस्सों में जहरीले स्मॉग की एक परत छाई है। ऐसे हालात में लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने का खतरा बढ़ गया है।

वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सुबह सात बजे को आंकड़ों के अनुसार, राजधानी दिल्ली के आनंद विहार में एक्यूआई 363, अशोक विहार में 361, अलीपुर 345, आया नगर में 306, बवाना में 382, बुराड़ी में 346, चांदनी चौक 345, डीटीयू में 367, द्वारका में 359,

उधर, आईजीआई एयरपोर्ट टी3 इलाके में 298, आईटीओ में 358, जहांगीरपुरी में 367, लोधी रोड 300, मुंडका 371, नजफगढ़ में 316, पंजाबी बाग में 368, रोहिणी 380, विवेक विहार 365, सोनिया विहार 338, आरकेपुरम 348, वजीरपुर में 377 दर्ज किया गया है। एम्स के आसपास जहरीले स्मॉग की एक परत छाई हुई है। सीपीसीबी के मुताबिक, इलाके के आसपास एक्यूआई 348 है, जिसे ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में रखा गया है।

जानें एक्यूआई रीडिंग के मानक
एक्यूआई रीडिंग को अच्छा (0-50), संतोषजनक (51-100), मध्यम प्रदूषित (101-200), खराब (201-300), बहुत खराब (301-400), और गंभीर (401-500) श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।

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दिल्ली: बढ़ते स्क्रीन टाइम से किशोरों का स्वास्थ्य संकट में https://livehalchal.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%87/635967 Fri, 03 Oct 2025 06:28:37 +0000 https://livehalchal.com/?p=635967 आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते स्क्रीन टाइम और शारीरिक गतिविधि न करने के कारण किशोरों में मांसपेशी और हड्डी संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। पारंपरिक आदतें जैसे उकड़ू बैठना, पालथी मारकर भोजन करना या नंगे पैर चलना, जो शरीर को लचीला रखती थीं। मौजूदा समय में यह पीछे छूट गई हैं। इसके बजाय, बच्चे …]]>

आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते स्क्रीन टाइम और शारीरिक गतिविधि न करने के कारण किशोरों में मांसपेशी और हड्डी संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। पारंपरिक आदतें जैसे उकड़ू बैठना, पालथी मारकर भोजन करना या नंगे पैर चलना, जो शरीर को लचीला रखती थीं। मौजूदा समय में यह पीछे छूट गई हैं।

इसके बजाय, बच्चे और किशोर घंटों झुककर मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर पर समय बिता रहे हैं, जबकि स्कूल में छह से सात घंटे की निरंतर बैठकी और व्यायाम की कमी से पोस्चर विकार उत्पन्न हो रहे हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की एक टीम ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सहयोग से किए गए दो वर्षीय अध्ययन में यह खुलासा किया है।

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