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	<title>षटतिला एकादशी &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>षटतिला एकादशी &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>षटतिला एकादशी के दिन जरूर करें इस कथा का पाठ, बैकुंठ लोक में मिलेंगे सभी सुख</title>
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		<pubDate>Wed, 14 Jan 2026 04:58:03 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="317" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-205513.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-205513.png 741w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-205513-300x154.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हर महीने में 2 बार एकादशी व्रत किया जाता है। यह तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन तिल का दान और व्रत कथा (Shattila Ekadashi Katha) का पाठ जरूर करना चाहिए। इससे साधक को बैकुंठ लोक में सभी सुख मिलते हैं। वैदिक पंचांग &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="317" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-205513.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-205513.png 741w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/01/Screenshot-2026-01-13-205513-300x154.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हर महीने में 2 बार एकादशी व्रत किया जाता है। यह तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन तिल का दान और व्रत कथा (Shattila Ekadashi Katha) का पाठ जरूर करना चाहिए। इससे साधक को बैकुंठ लोक में सभी सुख मिलते हैं।</p>



<p>वैदिक पंचांग के अनुसार, षटतिला एकादशी आज यानी 14 जनवरी (Shattila Ekadashi 2026) को मनाई जा रही है। इस खास अवसर पर भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा का खास महत्व है। साथ ही विशेष चीजों का दान किया जाता है।</p>



<p>धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से साधक को सभी पापों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति का वास होता है। ऐसा माना जाता है कि षटतिला एकादशी के दिन व्रत कथा का पाठ न करने से साधक को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। इसलिए एकादशी के दिन व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए। ऐसे में चलिए पढ़ते हैं षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi Katha) की कथा।</p>



<p><strong>षटतिला एकादशी व्रत कथा (Shattila Ekadashi Vrat Katha in Hindi)</strong></p>



<p>पौराणिक कथा के अनुसार, एक ब्राह्मण स्त्री प्रभु की विशेष पूजा-अर्चना किया करती थी, लेकिन उसने कभी अन्न और तिल का दान नहीं किया था। रोजाना पूजा करने से उसने भगवान विष्णु को प्रसन्न किया। प्रभु ने विचार किया कि ब्राह्मण स्त्री ने पूजा के द्वारा से अपने शरीर को शुद्ध कर लिया है, लेकिन दान करने से उसे बैकुंठ में भोजन कैसे मिलेगा?</p>



<p>ऐसे में भगवन विष्णु ने साधु का रूप धारण कर ब्राह्मणी के पास पहुचें। साधु ने ब्राह्मणी से भिक्षा मांगी। उसने भिक्षा के रूप में मिट्टी का ढेला दिया। इसके बाद प्रभु बैकुंठ लोक में लौट आए। इसके बाद कुछ समय के बाद ब्राह्मणी की मृत्युऔर वे बैकुंठ लोक में आ गई।</p>



<p>ब्राह्मणी ने मिट्टी को भिक्षा में देने से बैकुंठ लोक में जगह प्राप्त हुई, लेकिन उसे बैकुंठ लोक में कुछ भोजन नहीं मिला। इस विषय के बारे में ब्राह्मणी ने भगवान विष्णु से कहा कि मैंने पूजा और व्रत किया, लेकिन मुझे बैकुंठ लोक में भोजन प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद प्रभु ने कहा कि तुम बैकुंठ लोक की देवियों से मिलकर षटतिला एकादशी व्रत के दिन दान का महत्व सुनों। इस व्रत को करने से तुम्हारी सभी मुरादें पूरी होंगी।</p>



<p>इसके बाद ब्राह्मणी ने विधिपूर्वक षटतिला एकादशी व्रत किया और तिल का दान किया। धार्मिक मान्यता के अनुसार, षटतिला एकादशी व्रत करने से ब्राह्मणी में बैकुंठ लोक में सुख मिला। इसलिए षटतिला एकादशी के दिन तिल का दान जरूर करना चाहिए।</p>
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		<title>इस सरल विधि से करें षटतिला एकादशी व्रत का पारण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jan 2025 05:39:18 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[षटतिला एकादशी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="438" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-628-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-628.jpg 773w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-628-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-628-768x544.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />एकादशी तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु (Lord Vishnu) और मां लक्ष्मी को समर्पित है। माघ माह के कृष्ण पक्ष में षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi 2025) मनाई जाती है। यदि आप भी षटतिला एकादशी का पूर्ण फल पाना चाहते हैं तो षटतिला एकादशी व्रत का पारण जरूर करें। साथ ही विशेष चीजों का दान मंदिर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="438" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-628-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-628.jpg 773w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-628-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-628-768x544.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>एकादशी तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु (Lord Vishnu) और मां लक्ष्मी को समर्पित है। माघ माह के कृष्ण पक्ष में षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi 2025) मनाई जाती है। यदि आप भी षटतिला एकादशी का पूर्ण फल पाना चाहते हैं तो षटतिला एकादशी व्रत का पारण जरूर करें। साथ ही विशेष चीजों का दान मंदिर या गरीब लोगों में करें।</p>



<p>सनातन शास्त्रों में सभी तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। इनमें एकादशी भी शामिल है। माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। पंचांग के अनुसार, इस बार षटतिला एकादशी व्रत आज यानी 25 जनवरी (Shattila Ekadashi 2025 Date) को किया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर भगवन विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है। ऐसा माना जाता है कि षटतिला एकादशी व्रत का पारण न करने से पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। ऐसे में व्रत के अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर व्रत का पारण जरूर करें। आइए जानते हैं कि षटतिला एकादशी व्रत पारण का समय और विधि के बारे में।</p>



<p><strong>षटतिला एकादशी 2025 डेट और टाइम (Shattila Ekadashi 2025 Date and Time)<br></strong>पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारंभ 24 जनवरी को शाम को 07 बजकर 25 मिनट पर हो गया है और इसका समापन आज यानी 25 जनवरी को रात 08 बजकर 31 मिनट पर होगा। ऐसे में आज षटतिला एकादशी व्रत किया जा रहा है।</p>



<p><strong>षटतिला एकादशी 2025 व्रत पारण का टाइम (Shattila Ekadashi 2025 Vrat Paran Time)<br></strong>एकादशी व्रत पारण का द्वादशी तिथि पर किया जाता है। पंचांग के अनुसार, षटतिला एकादशी का व्रत पारण का समय 26 जनवरी को सुबह 07 बजकर 12 मिनट से लेकर 09 बजकर 21 मिनट तक है। इस शुभ मुहूर्त के दौरान स्नान करने के बाद एकादशी का व्रत पारण किया जा सकता है।</p>



<p>ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05 बजकर 26 मिनट से 06 बजकर 19 मिनट तक<br>विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 21 मिनट से 03 बजकर 04 मिनट तक<br>गोधूलि मुहूर्त – शाम 05 बजकर 53 मिनट से 06 बजकर 20 मिनट तक<br>निशिता मुहूर्त – रात 12 बजकर 07 मिनट से 01 बजे तक</p>



<p><strong>षटतिला एकादशी व्रत पारण विधि (Shattila Ekadashi Vrat Paran Vidhi)<br></strong>माघ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन सुबह जल्दी उठें और घर की साफ- सफाई करने के बाद गंगाजल युक्त पानी से स्नान करें। इसके बाद पीले कपड़े पहने। विधिपूर्वक भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करें। दीपक जलाकर आरती करें। मंत्रों का जप और विष्णु चालीसा का पाठ करें। फल मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं। इसके बाद तुलसी मिश्रित जल ग्रहण कर व्रत खोलें। इस दिन गरीब लोगों में दान करने का विशेष महत्व है।</p>
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		<title>षटतिला एकादशी पर 3 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jan 2025 05:27:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[षटतिला एकादशी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="379" height="381" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-627-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-627.jpg 379w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-627-medium.jpg 298w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-627-small.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 379px) 100vw, 379px" />हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर व्रत करने का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन के पाप से छुटकारा मिलता है। हर साल माघ के कृष्ण पक्ष में षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi 2025) मनाई जाती है। इस बार षटतिला एकादशी से कुछ राशियों की &#8230;]]></description>
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<p>हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर व्रत करने का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन के पाप से छुटकारा मिलता है। हर साल माघ के कृष्ण पक्ष में षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi 2025) मनाई जाती है। इस बार षटतिला एकादशी से कुछ राशियों की किस्मत चमकने वाली है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।</p>



<p>षटतिला एकादशी को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शुभ माना जाता है। पंचांग के अनुसार, माघ माह की षटतिला एकादशी व्रत आज यानी 25 जनवरी (Shattila Ekadashi 2025 Date) को किया जा रहा है। इस शुभ तिथि पर लोग भगवन विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं।</p>



<p>साथ ही जीवन में शांति की प्राप्ति के लिए श्रीहरि से कामना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन उपासना करने से मन शांत होता है। साथ ही जीवन के सफलता के नए रास्ते खुलते हैं।</p>



<p>पंचांग के अनुसार, षटतिला एकादशी के दिन ध्रुव और व्याघात योग बन रहे है। ऐसे में 3 राशि के जातकों की किस्मत चमकेगी। साथ ही जीवन में कई तरह के शुभ परिणाम मिलेंगे। ऐसे में आइए जानते हैं कि षटतिला एकादशी से किन राशि के लोगों को लाभ मिलेगा।</p>



<p><strong>मेष (Aries)<br></strong>षटतिला एकादशी पर बन रहे ध्रुव और व्याघात योग से मेष राशि के लोगों के जीवन में खुशियों का आगमन होगा। कर्ज की समस्या से छुटकारा मिलेगा। इसके अलावा लंबे समय से जॉब की तलाश कर रहे लोगों को नौकरी को लेकर खुशखबरी मिलेगी। वैवाहिक जीवन में मतभेद दूर होंगे। रिश्ते मजबूत होंगे।</p>



<p><strong>कर्क (Cancer)<br></strong>इसके अलावा कर्क राशि के लोगों की किस्मत चमकने वाली है। जॉब मिलने में हो रही देरी खत्म होगी, जिससे आपका मन खुशियों से भर जाएगा। साथ ही लव लाइफ की समस्या दूर होगी। रिश्ते में मिठास आएगी। किसी चीज में इन्वेस्टमेंट करने से लाभ मिलेगा।</p>



<p><strong>धनु (Sagittarius)<br></strong>षटतिला एकादशी के दिन धनु राशि के लोगों पर शुभ प्रभाव पड़ेगा। जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। पार्टनर से वाद-वाद की समस्या दूर होगी। साथ ही रिश्ते मजबूत होंगे।</p>



<p><strong>करें ये उपाय<br></strong>यदि आप सुख-समृद्धि में वृद्धि पाना चाहते हैं, तो षटतिला एकादशी के दिन तुलसी दल पर श्रीहरि लिखकर भगवान नारायण को चढ़ाएं । साथ ही जीवन में शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें। ऐसा माना जाता है कि सच्चे मन से इस उपाय को करने से विष्णु जी प्रसन्न होते हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है।</p>



<p>अगर आप आर्थिक तंगी से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो षटतिला एकादशी के दिन शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी को एकाक्षी श्रीफल चढ़ाएं। मान्यता है कि इस टोटके को करने से धन से जुड़ी की समस्या दूर होती है और धन लाभ के योग बनते हैं।</p>
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		<title>आज षटतिला एकादशी पर जरूर ध्यान रखें ये बातें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Jan 2025 05:10:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[षटतिला एकादशी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="504" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-626-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-626.jpg 761w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-626-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />आज यानी शनिवार 25 जनवरी के दिन षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi 2025) मनाई जा रही है। ऐसे में आप इस दिन टैरो कार्ड रीडिंग की मदद से यह जान सकते हैं कि आज आपको किन कार्यों को करने से लाभ मिलने वाला है और किन कामों से दूरी बनाने की जरूरत है। ऐसे में चलिए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="504" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-626-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-626.jpg 761w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-626-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>आज यानी शनिवार 25 जनवरी के दिन षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi 2025) मनाई जा रही है। ऐसे में आप इस दिन टैरो कार्ड रीडिंग की मदद से यह जान सकते हैं कि आज आपको किन कार्यों को करने से लाभ मिलने वाला है और किन कामों से दूरी बनाने की जरूरत है। ऐसे में चलिए जानते हैं इस बारे में।</p>



<p>एंजल कॉलिंग टैरो कार्ड रीडिंग (Tarot Card Reading) का ही हिस्सा है। जिससे आप वर्तमान से लेकर भविष्य तक के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। तो चलिए ज्योतिष और टैरो विशेषज्ञ पल्लवी एके शर्मा जी से जानते हैं कि आज के लिए एंजल की सलाह क्या कहती है।</p>



<p><strong>एंजल्स आपको सलाह देते हैं कि –<br></strong>आज यानी षटतिला एकादशी के दिन अगर आप इन बातों का ध्यान रखते हैं, तो इससे आपको अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं।<br>अपने अंदर की आवाज को सुनने की कोशिश करें और सही मार्गदर्शन लें।<br>आपके इरादे काफी मजबूत हैं जो आपको जीवन में आगे बढ़ने में मदद करते हैं।<br>जितना पाने के लिए तैयार हैं, उतना ही दूसरों को भी दें।<br>आज आत्मनिरीक्षण और विश्लेषण करना आपके लिए अच्छा रहेगा, इसका महत्व समझें।<br>वित्तीय स्थिरता पर जरूर ध्यान दें।<br>जैसा आप आज करते हैं वैसा ही फल भविष्य में मिलता है, ऐसे में जो भी करें बहुत ही ध्यान से करें।<br>आप अंदर से जैसे हैं बाहर से भी वैसे ही रहने का प्रयास करें।<br>आज अपनी भौतिक और आध्यात्मिक दुनिया के बीच संतुलित बैठाने की जरूरत है।<br>आज षटतिला एकादशी है, ऐसे में आज के दिन की दिव्यता को महसूस करें और भगवान विष्णु की आराधना करें।<br>जीवन के लिए अपका दृष्टिकोण काफी सकारात्मक है, जो सराहनीय है।</p>



<p>एंजल कॉलिंग में कुछ ऐसे काम भी बताए गए हैं, जिन्हें करने से आज आपको बचना चाहिए, वरना आपको इसके नकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं –</p>



<p>अति आत्मनिरीक्षण आपक लिए हानिकारक है।<br>दिखावा करना बंद करें।</p>



<p><strong>रोजाना करें इन मंत्रों का जप –<br></strong>रोजाना अपने लिए कुछ समय निकालें और बिना रुके इन मंत्रों का जप करें। इस दौरान अपने मन में इस विचार को लाएं कि मैं धन्य हूं, मैं अपने जीवन के सर्वश्रेष्ठ समय को जी रहा हूं, जिसके लिए मैं ईश्वर का आभारी हूं। ऐसा करने से आपके अंदर पॉजिटीव एनर्जी का संचार बना रहता है।</p>



<p>ओम नमः शिवाय<br>ओम गं गणपतये नमः<br>नमः शिवाय<br>ओम हम हनुमते नमः<br>ओम नमो भगवते वासुदेवाय<br>श्रीम<br>रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ भी करें।</p>
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		<title>षटतिला एकादशी पर कर लिया तुलसी माता के इस स्तोत्र का पाठ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jan 2025 05:00:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[षटतिला एकादशी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="498" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-611-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-611.jpg 724w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-611-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />तुलसी का पौधा भगवान विष्णु का प्रिय माना गया है। इसलिए उनके भोग में तुलसी के पत्तों को जरूरी रूप से शामिल किया जाता है। एकादशी के दिन तुलसी का महत्व और भी बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आप एकादशी पर शुभ फलों की प्राप्ति करना चाहते हैं तो इसके लिए पूजा के दौरान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="498" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-611-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-611.jpg 724w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/01/Capture-611-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>तुलसी का पौधा भगवान विष्णु का प्रिय माना गया है। इसलिए उनके भोग में तुलसी के पत्तों को जरूरी रूप से शामिल किया जाता है। एकादशी के दिन तुलसी का महत्व और भी बढ़ जाता है। ऐसे में अगर आप एकादशी पर शुभ फलों की प्राप्ति करना चाहते हैं तो इसके लिए पूजा के दौरान तुलसी स्तोत्र का पाठ जरूर करें।</p>



<p>इस बार षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi 2025) शनिवार, 25 जनवरी 2025 को मनाई जा रही है। इस तिथि पर विधि-विधान पूर्वक पूजा करने से भगवान विष्णु तो प्रसन्न होते ही हैं, साथ ही माता लक्ष्मी की भी कृपा प्राप्त होती है। ऐसे में आप एकादशी के अवसर पर लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्ति के लिए विष्णु जी के साथ-साथ माता लक्ष्मी की भी आरती जरूर करें।</p>



<p><strong>तुलसी स्तोत्र (Tulsi Stotram)</strong></p>



<p>तुलसी श्रीमहादेवि नमः पंकजधारिणी ।<br>शिरो मे तुलसी पातु भालं पातु यशस्विनी ।।<br>दृशौ मे पद्मनयना श्रीसखी श्रवणे मम ।<br>घ्राणं पातु सुगंधा मे मुखं च सुमुखी मम ।।<br>जिव्हां मे पातु शुभदा कंठं विद्यामयी मम ।<br>स्कंधौ कह्वारिणी पातु हृदयं विष्णुवल्लभा ।।<br>पुण्यदा मे पातु मध्यं नाभि सौभाग्यदायिनी ।<br>कटिं कुंडलिनी पातु ऊरू नारदवंदिता ।।<br>जननी जानुनी पातु जंघे सकलवंदिता ।<br>नारायणप्रिया पादौ सर्वांगं सर्वरक्षिणी ।।<br>संकटे विषमे दुर्गे भये वादे महाहवे ।<br>नित्यं हि संध्ययोः पातु तुलसी सर्वतः सदा ।।<br>इतीदं परमं गुह्यं तुलस्याः कवचामृतम् ।<br>मर्त्यानाममृतार्थाय भीतानामभयाय च ।।<br>मोक्षाय च मुमुक्षूणां ध्यायिनां ध्यानयोगकृत् ।<br>वशाय वश्यकामानां विद्यायै वेदवादिनाम् ।।<br>द्रविणाय दरिद्राण पापिनां पापशांतये ।।<br>अन्नाय क्षुधितानां च स्वर्गाय स्वर्गमिच्छताम् ।<br>पशव्यं पशुकामानां पुत्रदं पुत्रकांक्षिणाम् ।।<br>राज्यायभ्रष्टराज्यानामशांतानां च शांतये ।<br>भक्त्यर्थं विष्णुभक्तानां विष्णौ सर्वांतरात्मनि ।।<br>जाप्यं त्रिवर्गसिध्यर्थं गृहस्थेन विशेषतः ।<br>उद्यन्तं चण्डकिरणमुपस्थाय कृतांजलिः ।।<br>तुलसीकानने तिष्टन्नासीनौ वा जपेदिदम् ।<br>सर्वान्कामानवाप्नोति तथैव मम संनिधिम् ।।<br>मम प्रियकरं नित्यं हरिभक्तिविवर्धनम् ।<br>या स्यान्मृतप्रजा नारी तस्या अंगं प्रमार्जयेत् ।।<br>सा पुत्रं लभते दीर्घजीविनं चाप्यरोगिणम् ।<br>वंध्याया मार्जयेदंगं कुशैर्मंत्रेण साधकः ।।<br>साSपिसंवत्सरादेव गर्भं धत्ते मनोहरम् ।<br>अश्वत्थेराजवश्यार्थी जपेदग्नेः सुरुपभाक ।।<br>पलाशमूले विद्यार्थी तेजोर्थ्यभिमुखो रवेः ।<br>कन्यार्थी चंडिकागेहे शत्रुहत्यै गृहे मम ।।<br>श्रीकामो विष्णुगेहे च उद्याने स्त्री वशा भवेत् ।<br>किमत्र बहुनोक्तेन शृणु सैन्येश तत्त्वतः ।।<br>यं यं काममभिध्यायेत्त तं प्राप्नोत्यसंशयम् ।<br>मम गेहगतस्त्वं तु तारकस्य वधेच्छया ।।<br>जपन् स्तोत्रं च कवचं तुलसीगतमानसः ।<br>मण्डलात्तारकं हंता भविष्यसि न संशयः ।।</p>



<p><strong>लक्ष्मी माता की आरती (Laxmi Ji Ki Aarti)<br></strong>एकादशी के शुभ अवसर पर आप पूजा के दौरान मां लक्ष्मी की आरती का भी पाठ कर सकते हैं। इससे आपको धन के देवी के साथ-साथ भगवान विष्णु की भी कृपा की प्राप्ति होती है।</p>



<p>ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।<br>तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥<br>उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। मैया तुम ही जग-माता।।<br>सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥<br>दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। मैया सुख सम्पत्ति दाता॥<br>जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥<br>तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता। मैया तुम ही शुभदाता॥<br>कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥<br>जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता। मैया सब सद्गुण आता॥<br>सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥<br>तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता। मैया वस्त्र न कोई पाता॥<br>खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥<br>शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि-जाता। मैया क्षीरोदधि-जाता॥<br>रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥<br>महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता। मैया जो कोई जन गाता॥<br>उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥ ओम जय लक्ष्मी माता॥<br>ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।<br>तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। ऊं जय लक्ष्मी माता।।</p>
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