श्री नारायण स्तोत्र : विष्‍णु जी को अतिप्रिय है यह नारायण स्तोत्रम पढ़ें सरल पाठ – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Wed, 23 Sep 2020 05:47:55 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.9 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg श्री नारायण स्तोत्र : विष्‍णु जी को अतिप्रिय है यह नारायण स्तोत्रम पढ़ें सरल पाठ – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 श्री नारायण स्तोत्र : विष्‍णु जी को अतिप्रिय है यह नारायण स्तोत्रम पढ़ें सरल पाठ https://livehalchal.com/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%a3-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%8d/375859 Wed, 23 Sep 2020 05:47:55 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=375859 विष्णु जी का अपने भक्तों के बीच एक सरल और प्रचलित नाम है ‘नारायण’ और इसी नाम से जुड़कर ही विष्‍णु जी के अन्य कई नाम जैसे लक्ष्मीनारायण, शेषनारायण और अनंतनारायण आदि बने हैं। हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार श्री नारायण स्तोत्रम् भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित पाठ है। प्रतिदिन नियमित रूप से श्री नारायण स्तोत्र का पाठ करने से मनुष्‍य की …]]>

विष्णु जी का अपने भक्तों के बीच एक सरल और प्रचलित नाम है ‘नारायण’ और इसी नाम से जुड़कर ही विष्‍णु जी के अन्य कई नाम जैसे लक्ष्मीनारायण, शेषनारायण और अनंतनारायण आदि बने हैं।

हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार श्री नारायण स्तोत्रम् भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित पाठ है। प्रतिदिन नियमित रूप से श्री नारायण स्तोत्र का पाठ करने से मनुष्‍य की हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। यह पाठ विष्‍णु जी को बहुत प्रिय है तथा बहुत ही सरल पाठ है, जिसका हर कोई लाभ उठा सकता है। आइए जानें संपूर्ण नारायण स्तोत्र :-
श्री नारायण स्तोत्र
नारायण नारायण जय गोविंद हरे ॥
नारायण नारायण जय गोपाल हरे ॥
करुणापारावारा वरुणालयगम्भीरा ॥
घननीरदसंकाशा कृतकलिकल्मषनाशा ॥
यमुनातीरविहारा धृतकौस्तुभमणिहारा ॥
पीताम्बरपरिधाना सुरकल्याणनिधाना ॥
मंजुलगुंजाभूषा मायामानुषवेषा ॥
राधाऽधरमधुरसिका रजनीकरकुलतिलका ॥
मुरलीगानविनोदा वेदस्तुतभूपादा ॥
बर्हिनिवर्हापीडा नटनाटकफणिक्रीडा ॥
वारिजभूषाभरणा राजिवरुक्मिणिरमणा ॥
जलरुहदलनिभनेत्रा जगदारम्भकसूत्रा ॥
पातकरजनीसंहर करुणालय मामुद्धर ॥
अधबकक्षयकंसारे केशव कृष्ण मुरारे ॥
हाटकनिभपीताम्बर अभयं कुरु मे मावर ॥
दशरथराजकुमारा दानवमदस्रंहारा ॥
गोवर्धनगिरिरमणा गोपीमानसहरणा ॥
शरयूतीरविहारासज्जनऋषिमन्दारा ॥
विश्वामित्रमखत्रा विविधपरासुचरित्रा ॥
ध्वजवज्रांकुशपादा धरणीसुतस्रहमोदा ॥
जनकसुताप्रतिपाला जय जय संसृतिलीला ॥
दशरथवाग्घृतिभारा दण्डकवनसंचारा ॥
मुष्टिकचाणूरसंहारा मुनिमानसविहारा ॥
वालिविनिग्रहशौर्या वरसुग्रीवहितार्या ॥
मां मुरलीकर धीवर पालय पालय श्रीधर ॥
जलनिधिबन्धनधीरा रावणकण्ठविदारा ॥
ताटीमददलनाढ्या नटगुणविविधधनाढ्या ॥
गौतमपत्नीपूजन करुणाघनावलोकन ॥
स्रम्भ्रमसीताहारा साकेतपुरविहारा ॥
अचलोद्घृतिञ्चत्कर भक्तानुग्रहतत्पर ॥
नैगमगानविनोदा रक्षःसुतप्रह्लादा ॥
भारतियतिवरशंकर नामामृतमखिलान्तर ॥
। इति श्रीमच्छंकराचार्यविरचितं नारायणस्तोत्रं सम्पूर्णम्‌ ।
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