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	<title>शेयर बाजार &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>शेयर बाजार &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 1695 अंक; तो निफ्टी 461 अंक उछलकर बंद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 12 Jun 2026 11:21:55 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[शेयर बाजार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="388" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/uiot-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/uiot-1.jpg 658w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/uiot-1-300x188.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />शुक्रवार 12 जून को सप्ताह के अंतिम कारोबारी वाले दिन भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। सभी सेक्टर में बड़े पैमाने पर खरीदारी के बीच निफ्टी 23,600 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। सेंसेक्स 1,695.40 अंक या 2.30 प्रतिशत बढ़कर 75,527.95 पर (BSE Closed) और निफ्टी 461.30 अंक या 1.99 प्रतिशत बढ़कर 23,622.90 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="388" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/uiot-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/uiot-1.jpg 658w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/uiot-1-300x188.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>शुक्रवार 12 जून को सप्ताह के अंतिम कारोबारी वाले दिन भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। सभी सेक्टर में बड़े पैमाने पर खरीदारी के बीच निफ्टी 23,600 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। सेंसेक्स 1,695.40 अंक या 2.30 प्रतिशत बढ़कर 75,527.95 पर (BSE Closed) और निफ्टी 461.30 अंक या 1.99 प्रतिशत बढ़कर 23,622.90 पर बंद (NSE Closed) हुआ।</p>



<p>वहीं, बात करें भारतीय रुपये की तो शुक्रवार को भारतीय रुपया 64 पैसे बढ़कर 95.11 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि पिछली बार यह 95.75 पर बंद हुआ था।</p>



<p><strong>किन शेयरों में ज्यादा गिरावट और किनमें ज्यादा तेजी<br></strong>निफ्टी में शामिल शेयरों में श्रीराम फाइनेंस, L&amp;T, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस और टाइटन कंपनी सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयर रहे। दूसरी ओर, नेस्ले इंडिया, ONGC, टेक महिंद्रा, टाटा कंज्यूमर और SBI लाइफ इंश्योरेंस सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयर रहे।</p>



<p>सभी 16 प्रमुख सेक्टर इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे। व्यापक निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 में क्रमशः 1.6 प्रतिशत और 1.4 प्रतिशत की बढ़त हुई।</p>



<p>सेक्टर के हिसाब से देखें तो सभी इंडेक्स पॉजिटिव जोन में बंद हुए। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, टेलीकॉम, बैंकिंग, ऑटो, मीडिया, ऑयल एंड गैस और मेटल इंडेक्स में 1-2 प्रतिशत की बढ़त हुई। ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त हुई।</p>



<p><strong>आज क्यों बाजार में आई तेजी<br></strong>ईरान-अमेरिका तनाव में कमी के चलते भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी &#8216;मेहर&#8217; ने रिपोर्ट दी है कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच प्रस्तावित समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) में प्रतिबंध हटाना, होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी खत्म करना और ईरान के आसपास तैनात अमेरिकी सैन्य बलों को वापस बुलाना शामिल है।</p>



<p>कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड 5% गिरकर 86.4 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जो पिछले दो महीनों के निचले स्तर के करीब है।</p>



<p>अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही किसी समझौते के संकेत मिलने के बाद ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 65 पैसे मजबूत होकर 95.20 पर पहुंच गया। और शुक्रवार को रुपया 95.11 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।</p>



<p><strong>क्या बोले एक्सपर्ट?<br></strong>जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा- &#8220;भारत के लिए यह साल मुश्किल भरा रहा है। अर्थव्यवस्था को पहले अमेरिकी टैरिफ के असर का सामना करना पड़ा और उसके बाद एनर्जी की कीमतों में उछाल से पैदा हुए झटके से जूझना पड़ा। हालांकि दोनों मोर्चों पर हालात बेहतर हुए हैं, लेकिन अर्थव्यवस्था अभी भी एक मुश्किल दौर से गुजर रही है, जिसमें महंगाई का दबाव, कमजोर मॉनसून और ग्लोबल व घरेलू ग्रोथ की रफ्तार में कमी जैसे कारक शामिल हैं। आने वाले समय में एक अहम बात अमेरिकी फेड की नई पॉलिसी और उसके नए चेयरमैन के तहत बदला हुआ फ्रेमवर्क है। फेड की अगली मीटिंग पर सबकी नजरें टिकी हैं क्योंकि मार्केट ग्रोथ और लगातार बनी हुई महंगाई के दबाव के बीच संतुलन का आकलन कर रहे हैं। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और मज़बूत लेबर मार्केट के बीच आर्थिक स्थिति तो बनी हुई है, लेकिन महंगाई के आसानी से कम न होने के कारण आक्रामक तरीके से ढील देने की गुंजाइश सीमित हो सकती है, जिससे स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाती है।&#8221;</p>
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		<title>आखिरी कुछ घंटों में बाजार ने गंवा दी सारी तेजी, Nifty गिरकर 23200 पर बंद; अब आगे क्या?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 10 Jun 2026 12:14:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[शेयर बाजार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="336" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/875tui.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/875tui.jpg 706w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/875tui-300x163.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />&#160;शेयर बाजार (Share Market Fall) ने आखिरी कुछ घंटों में सारी बढ़त गंवा दी है और मार्केट गिरावट के साथ बंद हुए। बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 27 अंकों की कमजोरी के साथ 23215 पर बंद हुआ। हालांकि, Sensex 87 प्वाइंट्स की तेजी के साथ 74005 पर क्लोज हुआ। इससे पहले दिन के दौरान निफ्टी ने 24400 &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="336" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/875tui.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/875tui.jpg 706w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/875tui-300x163.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>&nbsp;शेयर बाजार (Share Market Fall) ने आखिरी कुछ घंटों में सारी बढ़त गंवा दी है और मार्केट गिरावट के साथ बंद हुए। बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 27 अंकों की कमजोरी के साथ 23215 पर बंद हुआ। हालांकि, Sensex 87 प्वाइंट्स की तेजी के साथ 74005 पर क्लोज हुआ। इससे पहले दिन के दौरान निफ्टी ने 24400 का स्तर छू लिया था। लेकिन, मुनाफावसूली के चलते दोनों ही इंडेक्स ऊपरी स्तरों से फिसल गए। इस गिरावट के साथ ही एक बार फिर से निफ्टी 23200 के अपने अहम स्तर के पास बंद हुआ है।</p>



<p>खास बात है कि आज एफएमसीजी शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई। एचयूएल, नेस्ले, डाबर समेत कई शेयर हरे निशान में बंद हुए। वहीं, 10 जून के कारोबारी सत्र में मेटल इंडेक्स 1.1% गिरा, जिसमें शामिल 15 में से 14 कंपनियों के शेयर लाल निशान पर बंद हुए। आइये जानते हैं आखिर बाजार में क्यों आई फिर से बिकवाली?</p>



<h2 class="wp-block-heading">बाजार की गिरावट के बड़े कारण</h2>



<p><strong>जियो पॉलिटिकल तनाव:</strong>&nbsp;भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण ग्लोबल मार्केट में जारी अनिश्चितता है। इसके चलते आज भी एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई; दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, चीन का शंघाई SSE कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। मंगलवार को अमेरिकी बाजार भी ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए। वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में भी गिरावट देखी गई, जिससे संकेत मिलता है कि अमेरिकी शेयरों की शुरुआत कमजोर हो सकती है।</p>



<p><strong>FIIs की लगातार बिकवाली:</strong>&nbsp;भारतीय बाजारों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली लगातार चिंता का कारण बनी हुई है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने मंगलवार को 4,566.03 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।</p>



<p><strong>मुनाफा वसूली:</strong>&nbsp;बाजार में गिरावट की वजह मुनाफावसूली भी रही है। क्योंकि, कारोबार के दौरान निफ्टी और सेंसेक्स अपने अहम लेवल पर पहुंच गए और वहीं से प्रॉफ़िट बुकिंग हावी हो गई।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>शेयर बाजार सपाट बंद: RBI के रेपो रेट फैसले पर टिकी निगाहें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Jun 2026 12:08:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[शेयर बाजार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="334" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/687yui.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/687yui.jpg 725w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/687yui-300x162.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />गुरुवार को बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी ने अपने इंट्राडे निचले स्तरों से जोरदार रिकवरी की। इसे वैल्यू बाइंग और उन रिपोर्ट्स से सहारा मिला। इसके चलते भारतीय शेयर बाजार गुरुवार 4 जून को सपाट बंद हुए। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 13.84 अंक या 0.02 प्रतिशत ऊपर 74,360.01 के स्तर पर बंद हुआ और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="334" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/687yui.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/687yui.jpg 725w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/06/687yui-300x162.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>गुरुवार को बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी ने अपने इंट्राडे निचले स्तरों से जोरदार रिकवरी की। इसे वैल्यू बाइंग और उन रिपोर्ट्स से सहारा मिला। इसके चलते भारतीय शेयर बाजार गुरुवार 4 जून को सपाट बंद हुए। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 13.84 अंक या 0.02 प्रतिशत ऊपर 74,360.01 के स्तर पर बंद हुआ और निफ्टी 10.95 अंक उछलकर 23,416.55 पर बंद हुआ। आज 2257 शेयरों में तेजी देखने को मिली और 932 शेयरों में गिरावट देखी गई और 172 शेयर अपरिवर्तित रहे।</p>



<p>दरअसल, एक रिपोर्ट के बाद बाजार के सेंटिमेंट को सहारा मिला, जिसमें कहा गया है कि सरकार सरकारी सिक्योरिटीज में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश पर टैक्स हटाने की योजना बना रही है। सरकार इस फैसले को लागू करने के लिए एक अध्यादेश ला सकती है। मार्केट की रिकवरी में यह बड़ा कारण रहा।</p>



<p>अब शेयर बाजार की चाल RBI के रेपो रेट के फैसले पर होगी। कल यानी 5 जून को RBI इस पर फैसले लेगा। तीन दिवसीय मौद्रिक नीति की बैठक चल रही है। कल के फैसले पर बाजार की चाल निर्भर करेगी।</p>



<p><strong>क्या बोले एक्सपर्ट?<br></strong>शुरुआती कारोबार में BSE सेंसेक्स 538.87 अंक या 0.72 प्रतिशत गिरकर 73,807.30 पर आ गया था। NSE निफ्टी 158.3 अंक या 0.67 प्रतिशत गिरकर 23,247.30 पर आ गया। हालांकि, दिन में बाद में निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी दिखी, जिससे बाज़ारों को उबरने में मदद मिली। सुबह करीब 11:30 बजे, सेंसेक्स 186.95 अंक या 0.25 प्रतिशत बढ़कर 74,533.12 पर था, जबकि निफ्टी 54.15 अंक या 0.23 प्रतिशत बढ़कर 23,459.75 पर पहुंच गया।</p>



<p>एनरिच मनी (Enrich Money) के CEO पोनमुडी आर ने कहा- &#8220;इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर समझौते के रिन्यूअल से क्षेत्रीय जोखिम भावना को कुछ राहत मिली है, लेकिन व्यापक चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी दुश्मनी, जिसमें हाल ही में अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई की खबरें भी शामिल हैं, ने अनिश्चितता को बढ़ाए रखा है और वैश्विक जोखिम लेने की क्षमता में किसी भी सार्थक सुधार को सीमित कर दिया है।&#8221;</p>



<p><strong>रुपये पर क्या बोले एक्सपर्ट?<br></strong>LKP सिक्योरिटीज के VP रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी ने कहा- &#8220;रुपया लगभग 0.10% की मामूली गिरावट के साथ 95.77 के स्तर के आस-पास ट्रेड कर रहा था, क्योंकि कल आने वाले RBI के पॉलिसी फैसले से पहले बाजार सतर्क बने हुए थे। कमोडिटी की बढ़ी हुई कीमतों और FII के लगातार बाहर जाने (outflows) के कारण भारत का इंपोर्ट बिल दबाव में है। ऐसे में बाजार के प्रतिभागी महंगाई, करेंसी की स्थिरता और भविष्य की पॉलिसी दिशा के बारे में संकेत पाने के लिए गवर्नर की टिप्पणियों पर बारीकी से नजर रखेंगे। छोटी अवधि में रुपये की रेंज 95.25–96.25 के बीच रहने की उम्मीद है।&#8221;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शेयर बाजार में तेजी के बीच टॉप 10 कंपनियों की मार्केट कैप 2.20 लाख करोड़ बढ़ी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 03 May 2026 11:48:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[शेयर बाजार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/JFUI.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/JFUI.jpg 727w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/JFUI-300x166.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />देश की टॉप 10 कंपनियों में से चार का मार्केटकैप बीते हफ्ते 2.20 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है। इसकी वजह भारतीय शेयर बाजार में तेजी को माना जा रहा है। 27 से 30 अप्रैल के कारोबारी सत्र (1 मई को महाराष्ट्र दिवस के चलते शेयर बाजार बंद था) में भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/JFUI.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/JFUI.jpg 727w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/05/JFUI-300x166.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>देश की टॉप 10 कंपनियों में से चार का मार्केटकैप बीते हफ्ते 2.20 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है। इसकी वजह भारतीय शेयर बाजार में तेजी को माना जा रहा है। 27 से 30 अप्रैल के कारोबारी सत्र (1 मई को महाराष्ट्र दिवस के चलते शेयर बाजार बंद था) में भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स 249.29 अंक या 0.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,913.50 और निफ्टी 99.60 अंक या 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,997.55 पर बंद हुआ था।<br>इस दौरान भारती एयरटेल का मार्केटकैप 43,503.51 करोड़ रुपए बढ़कर 11,49,222.13 करोड़ रुपए हो गया था।</p>



<h2 class="wp-block-heading"><strong>TCS और बजाज फाइनेंस को कितना फायदा?</strong></h2>



<p>टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मार्केट कैप 27,569.83 करोड़ रुपए बढ़कर 8,94,933.95 करोड़ रुपए और बजाज फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण 9,432.32 करोड़ रुपए बढ़कर 5,83,123.13 करोड़ रुपए हो गया है।<br>दूसरी तरफ, आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 45,364.62 करोड़ रुपए कम होकर 9,04,980.78 करोड़ रुपए हो गया है। एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 30,922.57 करोड़ रुपए घटकर 9,85,829.96 करोड़ रुपए, एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण 20,951.31 करोड़ रुपए घटकर 11,87,274.17 करोड़ रुपए हो गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>HUL की मार्केट कैप घटी</strong></h3>



<p>हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केटकैप 18,420.79 करोड़ रुपए कम होकर 5,28,799.01 करोड़ रुपए हो गया है।<br>लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) का मार्केटकैप 8,222.49 करोड़ रुपए कम होकर 5,04,798.07 करोड़ रुपए हो गया है। एलएंडटी का मार्केटकैप 178.83 करोड़ रुपए घटकर 5,51,993.05 करोड़ रुपए हो गया है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>नंबर 1 पर कौन?</strong></h3>



<p>मिश्रित रुझान के बावजूद, रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों में अग्रणी बनी रही, जिसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा।</p>



<p>इसके अतिरिक्त, निफ्टी के साप्ताहिक आउटलुक पर टिप्पणी करते हुए, विशेषज्ञों ने कहा कि रुकावट का स्तर 24,300-24,400 के आसपास बना हुआ है, जो एक मजबूत आपूर्ति क्षेत्र बना हुआ है।</p>



<p>दूसरी तरफ, 23,800 एक सपोर्ट लेवल है। अगर यह टूटता है तो 23,600-23,400 तक के स्तर देखने को मिल सकते हैं।</p>
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		<title>डोनल्ड ट्रंप अपनी मर्जी से कर रहे है शेयर बाजार क्रैश, उतार-चढ़ाव? </title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Apr 2026 10:58:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[कारोबार]]></category>
		<category><![CDATA[शेयर बाजार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="294" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/kjhjk.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/kjhjk.jpg 705w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/kjhjk-300x143.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />शेयर बाजार (Stock Market) की चाल आमतौर पर आर्थिक डेटा, फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के फैसलों और कॉर्पोरेट जगत के विकास से तय होती है। लेकिन पिछले 15 महीनों से, ट्रेडर्स की किस्मत काफी हद तक एक ही व्यक्ति की मर्जी से बंधी हुई है। वह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="294" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/kjhjk.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/kjhjk.jpg 705w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/04/kjhjk-300x143.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>शेयर बाजार (Stock Market) की चाल आमतौर पर आर्थिक डेटा, फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के फैसलों और कॉर्पोरेट जगत के विकास से तय होती है। लेकिन पिछले 15 महीनों से, ट्रेडर्स की किस्मत काफी हद तक एक ही व्यक्ति की मर्जी से बंधी हुई है। वह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप (Donald Trump) हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप के बयानों का बाजार पर कितना बड़ा असर है?</h2>



<p>फंडस्ट्रैट रिसर्च (Fundstrat Research) के एक विश्लेषण के मुताबिक, पिछले जनवरी में सत्ता संभालने के बाद से S&amp;P 500 इंडेक्स के पांच सबसे अच्छे और सबसे बुरे दिनों के पीछे ट्रंप के बयान ही मुख्य कारण रहे हैं। चाहे वह ओवल ऑफिस में पत्रकारों से की गई बातचीत हो, प्रेस कॉन्फ्रेंस हो या फिर सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट।<br>1981 में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन (Ronald Reagan) के समय से लेकर अब तक किसी भी आधुनिक अमेरिकी नेता ने बाजार पर इतनी मजबूत पकड़ नहीं बनाई है।</p>



<p>फंडस्ट्रैट की इकोनॉमिक स्ट्रैटेजिस्ट हार्दिक सिंह (Hardika Singh) कहती हैं, &#8220;उन्होंने बाजार को अपने शिकंजे में ले लिया है। एक राष्ट्रपति से शेयर बाजार पर इस तरह के असाधारण नियंत्रण की उम्मीद नहीं की जाती है। यह पूरी तरह से अभूतपूर्व है।&#8221;</p>



<h2 class="wp-block-heading">ईरान युद्ध के दौरान बाजार को कैसे नचा रहे हैं ट्रंप?</h2>



<p>ईरान में चल रहा युद्ध यह देखने के लिए एक सटीक पृष्ठभूमि है कि ट्रंप अमेरिकी शेयरों को कितना प्रभावित कर सकते हैं। S&amp;P 500 ने 2020 के बाद अपनी सबसे तेज &#8216;V-आकार&#8217; की गिरावट और रिकवरी दर्ज की। 27 जनवरी के उच्चतम स्तर से 30 मार्च तक यह 9% गिर गया था, लेकिन अगले 11 कारोबारी दिनों में वापस अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।</p>



<p>20 मार्च: S&amp;P 500 में 1.5% की गिरावट आई, क्योंकि ट्रंप ने व्हाइट हाउस की ब्रीफिंग में कहा कि वह ईरान के साथ युद्धविराम (Ceasefire) नहीं चाहते हैं।</p>



<p>31 मार्च: इंडेक्स 2.9% उछल गया (मई के बाद का सबसे अच्छा दिन), और बाकी हफ्ते भी तेजी में रहा, क्योंकि ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी&nbsp;चल रही है और युद्ध खत्म होने के करीब है। कमोडिटी की कीमतों में भी भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। बार्कलेज (Barclays) में ग्लोबल इक्विटी टैक्टिकल स्ट्रैटेजीज के प्रमुख अलेक्जेंडर ऑल्टमैन के अनुसार, युद्ध पर ट्रंप के बदलते रुख ने उन्हें बाजार के लिए&#8221;आगजनी करने वाला और दमकलकर्मी&#8221; (Arsonist and firefighter) दोनों बना दिया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">बाजार हर दिन ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट का इंतजार क्यों करता है?</h2>



<p>बाजार के इन झटकों की तुलना पिछले साल टैरिफ के कारण आई गिरावट और उसके बाद की रिकवरी से की जा सकती है। दोनों ही मामलों में पॉलिसी में अचानक आए बदलावों ने बाजार को हिलाया और फिर फैसलों के पलटने से रिकवरी हुई। वॉल स्ट्रीट अब इस स्थिति में पहुंच गया है कि वह हर दिन पॉलिसी और बयानों में बदलाव की उम्मीद कर रहा है।</p>



<p>बेयर्ड प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट (Baird Private Wealth Management) के निवेश रणनीतिकार रॉस मेफील्ड के अनुसार, &#8220;निवेशकों को यह उम्मीद करने की आदत पड़ गई है कि अगर हालात बहुत खराब हो जाते हैं, तो वे उस ट्वीट का इंतजार करते हैं जो कहता है कि &#8216;असल में, सब ठीक है&#8217;।&#8221;</p>



<p>यार्डेनी रिसर्च के दिग्गज रणनीतिकार एड यार्डेनी का कहना है, &#8220;मैंने कभी ऐसा बाजार नहीं देखा जो व्हाइट हाउस की हर दिन की बातों से इतना प्रभावित होता हो। ट्रंप हर दिन कुछ ऐसा कहते हैं जिसका बाजार पर असर पड़ता है।&#8221;</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल में बाजार के सबसे अच्छे और बुरे दिन कौन से रहे?</h2>



<p>सबसे अच्छे दिन: 9 अप्रैल, 2025 को बाजार में 9.5% की शानदार तेजी आई जब उन्होंने टैरिफ पर रोक लगाई। इसके अलावा 12 मई, 2025 को अमेरिका और चीन के बीच 90 दिनों के व्यापारिक समझौते (Trade truce) के बाद बाजार 3.3% उछला।</p>



<p>सबसे बुरे दिन: 4 अप्रैल, 2025 को बाजार 6% टूट गया क्योंकि चीन ने अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाए। इससे एक दिन पहले, 3 अप्रैल, 2025 को ट्रंप द्वारा भारी लेवी (Levies) लागू करने के बाद बाजार में 4.8% की गिरावट आई थी।</p>



<h2 class="wp-block-heading">क्या वाकई बाजार ज्यादा अस्थिर हुआ है या यह सिर्फ एक भ्रम है?</h2>



<p>कुछ वॉल स्ट्रीट विशेषज्ञों का तर्क है कि राष्ट्रपति जो कहते हैं और बाजार जो करता है, उसके बीच का यह संबंध सिर्फ एक भ्रम है और यह उनके बार-बार बयान देने का नतीजा है। बार्कलेज के ऑल्टमैन के विश्लेषण के अनुसार, वोलैटिलिटी (Volatility) के आंकड़े इस बात को गलत साबित करते हैं कि पिछले प्रशासनों की तुलना में ट्रंप के अधीन बाजार अधिक अशांत रहा है। 1990 से अब तक Cboe वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX) का औसत मूल्य 19.3 रहा है, जो ट्रंप के दूसरे कार्यकाल और राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) के कार्यकाल के बिल्कुल अनुरूप है। ऑल्टमैन का मानना है कि प्रतिक्रिया का माध्यम बदल गया है (जैसे सोशल मीडिया), न कि प्रतिक्रिया का स्तर।</p>



<h2 class="wp-block-heading">पैसिव इन्वेस्टिंग का भी है रोल</h2>



<p>सिम्प्लीफाई एसेट मैनेजमेंट के पोर्टफोलियो मैनेजर माइकल ग्रीन बताते हैं कि &#8216;पैसिव इन्वेस्टिंग&#8217; के उदय ने बाजार को खबरों के प्रति अधिक संवेदनशील बना दिया है। जो कंप्यूटर पैसिव पोर्टफोलियो को मैनेज करते हैं, वे हेडलाइन्स के आधार पर संपत्तियां खरीदने या बेचने के लिए प्रोग्राम किए गए हैं। उनके अनुमान के मुताबिक, बाजार ऐतिहासिक रूप से पहले की तुलना में अब चार से पांच गुना अधिक तेजी से रिएक्ट कर रहे हैं।</p>
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