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	<title>शीतला सप्तमी &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>शीतला सप्तमी &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>शीतला सप्तमी पर करें इस चमत्कारी कथा का पाठ</title>
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		<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 04:54:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
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		<category><![CDATA[शीतला सप्तमी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="319" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-369-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-369.jpg 741w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-369-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />शीतला सप्तमी का व्रत स्वास्थ्य के महत्व को दर्शाता है। इस दिन लोग माता शीतला की पूजा करते हैं। कहा जाता है कि जो भक्त इस पावन व्रत का पालन करते हैं उन्हें सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वहीं इस दिन शीतला सप्तमी की कथा का पाठ जरूर करना चाहिए क्योंकि यह व्रत &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="319" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-369-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-369.jpg 741w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-369-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>शीतला सप्तमी का व्रत स्वास्थ्य के महत्व को दर्शाता है। इस दिन लोग माता शीतला की पूजा करते हैं। कहा जाता है कि जो भक्त इस पावन व्रत का पालन करते हैं उन्हें सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वहीं इस दिन शीतला सप्तमी की कथा का पाठ जरूर करना चाहिए क्योंकि यह व्रत (Sheetala Saptami 2025 Katha) का मुख्य भाग माना जाता है।</p>



<p>शीतला सप्तमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह तिथि देवी शीतला को समर्पित है, जिन्हें स्वच्छता और स्वास्थ्य की देवी के रूप में पूजा जाता है। यह त्योहार होली के बाद चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार, 2025 में, शीतला सप्तमी 21 मार्च यानी आज के दिन मनाई जा रही है, जो साधक इस कठिन व्रत का पालन कर रहे हैं, उन्हें इस दिन (Sheetala Saptami 2025) की व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए, क्योंकि इसके बिना व्रत अधूरा माना जाता है, तो चलिए यहां पढ़ते हैं।</p>



<p><strong>शीतला सप्तमी व्रत की कथा (Sheetala Saptami 2025 Katha)</strong><br>एक समय की बात है एक वृद्ध महिला और उसकी दो बहुओं ने देवी शीतला के लिए कठिन व्रत का पालन किया। दोनों बहुओं ने मान्यताओं के अनुसार, एक दिन पहले ही प्रसाद के लिए भोजन बनाकर तैयार कर लिया, लेकिन दोनों बहुओं के बच्चे छोटे थे, इसलिए उन्होंने सोचा कि कहीं बासी खाना उनके बच्चों को नुकसान न कर दे। इसलिए उन्होंने बच्चों के लिए ताजा खाना दोबारा से तैयार किया, जब वे दोनों शीतला माता की पूजा के बाद घर वापस लौटीं, तो उन्होंने अपने बच्चों को मृत पाया। इस दृश्य को देखकर वे जोर-जोर से विलाप करने लगीं।</p>



<p>तब उनकी सास ने उन्हें बताया कि &#8221;यह शीतला माता के प्रकोप का प्रभाव है। ऐसे में जब तक ये बच्चे जीवित न हो जाएं, तब तक तुम दोनों घर वापस मत आना।&#8221; दोनों बहुएं अपने मृत बच्चों को लेकर इधर-उधर भटकने लगीं, तभी उन्हें एक पेड़ के नीचे दो बहनें बैठी मिलीं जिनका नाम ओरी और शीतला था। वे दोनों बहने गंदगी और जूं के कारण बहुत परेशान थीं। उन्होंने उनकी सहायता की और उनके सिर की गंदगी साफ की,</p>



<p>जिससे शीतला और ओरी ने प्रसन्न होकर दोनों को पुत्रवती होने का आशीर्वाद दिया। तब उन दोनों बहुओं ने अपनी सारी व्यथा उन दोनों बहनों को बताई। इस पर शीतला माता अपने स्वरूप में उनके सामने प्रकट हुईं और उन्हें बताया कि &#8221;ये सब शीतला सप्तमी के दिन ताजा खाना बनाने के कारण हुआ है। तब दोनों बहुओं ने माता शीतला से क्षमा याचना की और आगे से ऐसा न करने को कहा।&#8221;</p>



<p>माता शीतला ने खुश होकर दोनों बच्चों को फिर से जीवित कर दिया। इसके बाद दोनों बहुएं बड़ी प्रसन्नता के साथ घर लौटीं और तभी से शीतला माता के लिए व्रत करने लगीं।</p>
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		<title>शीतला सप्तमी पर इस विधि से करें मां शीतला की पूजा, जानिए मंत्र</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 04:26:55 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[शीतला सप्तमी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="469" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-368-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-368.jpg 741w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-368-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />शीतला सप्तमी (Sheetala Saptami 2025) का व्रत अपने आप में बहुत फलदायी माना गया है। इसे बासौड़ा के नाम से भी जाना जाता है। इस पावन तिथि पर लोग उपवास रखते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसा माना जाता कि इस पवित्र दिन पर व्रत रखने से अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा का वरदान मिलता है &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="469" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-368-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-368.jpg 741w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/03/Capture-368-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>शीतला सप्तमी (Sheetala Saptami 2025) का व्रत अपने आप में बहुत फलदायी माना गया है। इसे बासौड़ा के नाम से भी जाना जाता है। इस पावन तिथि पर लोग उपवास रखते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसा माना जाता कि इस पवित्र दिन पर व्रत रखने से अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा का वरदान मिलता है तो चलिए इस दिन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्व बातों को जानते हैं।</p>



<p>शीतला सप्तमी व्रत का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। यह देवी शीतला की पूजा के लिए समर्पित है, जिन्हें शीतलता और स्वास्थ्य की देवी माना जाता है। शीतला सप्तमी का व्रत हर साल चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को रखा जाता है। आमतौर पर यह पर्व होली के बाद मनाया जाता है। इस साल यह व्रत (Sheetala Saptami 2025) 21 मार्च यानी आज के दिन मनाया जा रहा है।</p>



<p>इस दिन जो साधक व्रत व पूजन कर रहे हैं, उनकी पूजा में किसी तरह का विघ्न न पड़े इसलिए यहां पर पूजा से जुड़ी सभी तरह की जानकारी दी गई है, आइए जानते हैं।</p>



<p><strong>शीतला सप्तमी का धार्मिक महत्व (Sheetala Saptami 2025 Significance)<br></strong>शीतला सप्तमी का व्रत मुख्य रूप से उत्तर भारत में ज्यादा प्रसिद्ध है। इस दिन लोग माता शीतला की पूजा करते हैं और उनसे अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा की प्रार्थना करते हैं। ऐसा माना जाता है कि देवी शीतला भक्तों के सभी कष्टों को दूर करती हैं। साथ ही सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करती हैं।</p>



<p><strong>शीतला सप्तमी शुभ योग और पूजा मुहूर्त (Sheetala Saptami 2025 Puja Muhurat)<br></strong>हिंदू पंचांग के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 09 मिनट से दोपहर 12 बजकर 54 मिनट तक रहेगा। रवि योग सुबह 06 बजकर 41 मिनट से 22 मार्च देर रात 01 मार्च सुबह 46 मिनट तक रहेगा। वहीं, शीतला सप्तमी का पूजा मुहूर्त सुबह 06 बजकर 41 मिनट से शाम 06 बजकर 49 मिनट तक था, लेकिन आप इन शुभ योग में भी पूजा कर सकते हैं।</p>



<p><strong>शीतला सप्तमी 2025 की पूजा विधि (Sheetala Saptami 2025 Puja Vidhi)<br></strong>सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े धारण करें।<br>एक वेदी पर मां शीतला की मूर्ति स्थापित करें।<br>माता को जल, हल्दी, चंदन, सिंदूर और फूल आदि चीजें अर्पित करें।<br>ठंडा भोजन, जैसे कि चावल, दही और मिठाई आदि का भोग लगाएं।<br>शीतला माता की कथा सुनें या पढ़ें।<br>अंत में आरती करें।<br>पूजा के बाद परिवार के सदस्यों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।<br>घर के बड़ों का आशीर्वाद लें।</p>



<p><strong>शीतला सप्तमी पूजन मंत्र (Sheetala Saptami 2025 Pujan Mantra)<br></strong>।। “ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः”।।</p>



<p><strong>मां शीतला को लगाएं ये भोग (Sheetala Saptami 2025 Bhog List)<br></strong>शीतला सप्तमी के शुभ अवसर पर देवी शीतला को ठंडा भोजन अर्पित किया जाता है। इस तिथि पर भक्त बासी भोजन खाते हैं, जिसे एक दिन पहले बनाया जाता है। इसमें चावल, दही, मिठाई और अन्य ठंडी चीजें शामिल होती हैं।</p>



<p><strong>शीतला सप्तमी में क्या करें और क्या न करें (Sheetala Saptami 2025 Dos And Donts)<br></strong>इस दिन घर में ताजा भोजन नहीं बनाया जाता है।<br>इस दिन ठंडा और बासी भोजन किया जाता है।<br>इस दिन घर साफ रखना चाहिए।<br>इस तिथि पर माता शीतला की पूजा करते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।<br>शीतला माता की पूजा करते समय ‘ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः’ मंत्र का जाप करें।</p>
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