शीतकाल – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Tue, 18 Nov 2025 05:58:47 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg शीतकाल – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 रुद्रप्रयाग: मध्यमहेश्वर मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद https://livehalchal.com/%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0/644042 Tue, 18 Nov 2025 05:58:43 +0000 https://livehalchal.com/?p=644042 पंच केदार में द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर मंदिर के कपाट आज मंगलवार को विधि विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। 21 नवंबर को बाबा की चल उत्सव विग्रह डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में विराजमान हो जाएगी। धाम के मुख्य पुजारी शिव लिंग ने बताया कि मंगलवार सुबह पांच …]]>

पंच केदार में द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर मंदिर के कपाट आज मंगलवार को विधि विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। 21 नवंबर को बाबा की चल उत्सव विग्रह डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में विराजमान हो जाएगी।

धाम के मुख्य पुजारी शिव लिंग ने बताया कि मंगलवार सुबह पांच बजे से हक हकूक धारी ग्रामीणों व आचार्यों की मौजूदगी में कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरु की गई। सभी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करने के बाद भगवान मध्यमहेश्वर के स्वयंभू लिंग को समाधि दी गई और भोग मूर्तियों को चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान किया गया।

इसके बाद डोली रात्रि प्रवास के लिए गोंडार गांव पहुंचेगी। 19 नवंबर को राकेश्वरी मंदिर रांसी में रात्रि प्रवास और 20 नवंबर को गिरिया व 21 नवंबर को शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हो जाएगी।

मनसूना में होगा मेला

मनसूना में भगवान मध्यमहेश्वर की डोली आगमन पर 18 से 20 नवंबर तक मेले का आयोजन किया जाएगा। मेला समिति के अध्यक्ष संजय मनवाल ने बताया कि मेले में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं स्कूली छात्र-छात्राओं और लोक गायकों की प्रस्तुतियां होगी। मेला आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

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बदरीनाथ: शीतकाल के लिए धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रियाएं शुरू https://livehalchal.com/%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae/524617 Tue, 14 Nov 2023 08:43:37 +0000 https://livehalchal.com/?p=524617 बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रियाएं आज 14 नवंबर से शुरू हो जाएंगी। मंगलवार को धार्मिक परंपरा के अनुसार, पूजा-अर्चना और भोग लगने के बाद धाम परिसर में स्थित भगवान गणेश मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर को अपराह्न 3 बजकर 33 …]]>

बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रियाएं आज 14 नवंबर से शुरू हो जाएंगी। मंगलवार को धार्मिक परंपरा के अनुसार, पूजा-अर्चना और भोग लगने के बाद धाम परिसर में स्थित भगवान गणेश मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर को अपराह्न 3 बजकर 33 मिनट पर बंंद किए जाएंगे।

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि गणेश मंदिर बंद होने के बाद 15 नवंबर को आदिकेदारेश्वर मंदिर के कपाट बंद होंगे। इससे पूर्व आदिकेदारेश्वर भगवान को पके चावलों का भोग लगाया जाएगा। 16 को खड़क पुस्तकों को गर्भगृह में रखा जाएगा और इसी के साथ बदरीनाथ धाम में वेद ऋचाओं का वाचन छह माह के लिए बंद हो जाएगा।

17 को धाम परिसर में स्थित लक्ष्मी मंदिर में कढ़ाई भोग का आयोजन होगा और 18 नवंबर को मां लक्ष्मी की प्रतिमा को बदरीनाथ गर्भगृह में विराजमान कर गर्भगृह से कुबेर जी, गरुड़ जी और उद्धव जी की प्रतिमा को बाहर लाकर उत्सव डोली में रखा जाएगा। इसके बाद अपराह्न 3 बजकर 33 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए जाएंंगे।

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