शिवाजी की मूर्ति – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Sun, 01 Sep 2024 06:39:33 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg शिवाजी की मूर्ति – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 महाराष्ट्र: शिवाजी की मूर्ति गिरने को लेकर सड़कों पर राजनीति; शिवसेना ने निकाला मार्च https://livehalchal.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b0/578359 Sun, 01 Sep 2024 06:39:31 +0000 https://livehalchal.com/?p=578359 प्रदर्शन को लेकर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ये जो आज आंदोलन हो रहा है, पूरे तरीके से राजनीतिक आंदोलन है। इन्होंने कभी भी छत्रपति शिवाजी महाराज का सम्मान नहीं किया। छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति ढहने की घटना को लेकर महा विकास अघाड़ी मुंबई में हुतात्मा चौक से गेटवे ऑफ इंडिया तक विरोध …]]>

प्रदर्शन को लेकर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ये जो आज आंदोलन हो रहा है, पूरे तरीके से राजनीतिक आंदोलन है। इन्होंने कभी भी छत्रपति शिवाजी महाराज का सम्मान नहीं किया।

छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति ढहने की घटना को लेकर महा विकास अघाड़ी मुंबई में हुतात्मा चौक से गेटवे ऑफ इंडिया तक विरोध मार्च निकाल रही है। इसमें शरद पवार से लेकर उद्धव ठाकरे तक शामिल हुए। वहीं, भाजपा मामले में हो रही राजनीति को लेकर बड़ा प्रदर्शन कर रही है। इसे लेकर शहर में बड़ी संख्या में पुलिस और अन्य सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई ने कहा कि प्रधानमंत्री भावुक थे, उन्होंने इस घटना पर दुख जताया, लेकिन महाराष्ट्र सरकार को जो व्यक्त करना चाहिए था, उसने ऐसा नहीं किया। उन्होंने विपक्ष के साथ गलत तरीके से बातचीत शुरू कर दी और कहा कि हम इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं, जबकि यह सबसे भावनात्मक मुद्दा था, जो महाराष्ट्र ने पहले कभी नहीं देखा। हमने सब कुछ लोकतांत्रिक तरीके से किया था।

हमने प्रशासन, पुलिस से अनुमति मांगी थी। हमें उम्मीद थी कि समय पर अनुमति मिल जाएगी, जो उन्होंने नहीं दी। इसके विपरीत जो तैनाती की जा रही है, उसे देखें। ऐसा लग रहा है कि कोई युद्ध जैसा विरोध होने वाला है। महाराष्ट्र की जनता जानती है कि कौन राजनीति कर रहा है और कौन हमारे स्वाभिमान के साथ सड़क पर है। सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए।

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे लिए भगवान जैसे हैं। उनकी मूर्ति गिर गई और उसके साथ ही हमारी भक्ति, सम्मान और स्वाभिमान भी टूटकर वहीं गिर गया। इतने अपमान के बावजूद इसका समर्थन करने वाले राजनीतिक दलों के नेता उनकी निंदा नहीं तो और क्या करेंगे? उद्धव ठाकरे ने कहा है कि यह महाराष्ट्र का अपमान है। हमें अपने ही महाराष्ट्र में अपनी ही पुलिस द्वारा रोका जा रहा है कि हम मार्च आगे नहीं बढ़ा सकते। मैंने ऐसी असहाय पुलिस कभी नहीं देखी। क्या होगा अगर उन्होंने माफी मांग ली? समय देखिए। क्या बयान राजनीतिक नहीं है? पीएम हमेशा राजनीतिक बयान देते हैं। अगर उन्हें इतनी सहानुभूति होती तो वे मणिपुर चले जाते। केंद्र सरकार की नीति महाराष्ट्र का अपमान करना है। यह आंदोलन महाराष्ट्र के सम्मान के लिए है, जिसका अपमान किया गया है।

प्रदर्शन को लेकर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ये जो आज आंदोलन हो रहा है, पूरे तरीके से राजनीतिक आंदोलन है। इन्होंने कभी भी छत्रपति शिवाजी महाराज का सम्मान नहीं किया। आप मुझे पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी का लाल किले से एक भी भाषण दिखाइए, जिसमें उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज का उल्लेख किया हो। नेहरू जी ने तो अपने ‘भारत की खोज’ में छत्रपति महाराज का अपमान किया। क्या उसकी माफी कांग्रेस पार्टी और महा विकास अघाड़ी मांगेगी?

क्या है मामला?
दरअसल, इसी 26 अगस्त को सिंधुदुर्ग के राजकोट किले में स्थापित की गई छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिर गई। सिंधुदुर्ग जिले में 4 दिसंबर, 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौसेना दिवस पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया था। 35 फुट की इस प्रतिमा का अनावरण नौसेना दिवस समारोह के हिस्से के रूप में किया गया था। आयोजन पहली बार राजकोट किले में किया गया था। इसका उद्देश्य समुद्री रक्षा और सुरक्षा के प्रति मराठा नौसेना और छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत एवं आधुनिक भारतीय नौसेना के साथ इसके ऐतिहासिक संबंधों का सम्मान करना था। इस परियोजना की परिकल्पना और संचालन भारतीय नौसेना ने राज्य सरकार के साथ मिलकर किया था। इसके लिए राज्य सरकार ने धन भी मुहैया कराया था। रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिमा पर महाराष्ट्र सरकार ने 2.36 करोड़ रुपये खर्च किए थे।

विपक्ष क्या लगा रहा आरोप?
मूर्ति के गिरने के बाद से ही विपक्ष महायुति सरकार समेत प्रधानमंत्री के खिलाफ हमलावर है। एनसीपी (शपा) अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं कर सकती। जब भी किसी मूर्ति का निर्माण किया जाता है, तो राज्य अधिकारियों से अनुमति लेना आवश्यक होता है। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोगों ने देखा कि प्रतिमा कैसे गिर गई और लोग किस तरह के बयान दे रहे हैं। राज्य भवन समुद्र तट पर है, लेकिन राज्यपाल की टोपी भी कभी नहीं उड़ी और वे कहते हैं कि शिवाजी महाराज की प्रतिमा तेज हवाओं के कारण गिर गई, यह कैसे संभव है? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोकसभा चुनाव की जल्दबाजी में मूर्ति का उद्घाटन कर दिया गया। पीएम ने अपराध किया है।

सरकार की सफाई
इस घटना के बाद राज्य की महायुति सरकार में शामिल दलों से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को विपक्षी दलों से इस मामले का राजनीतिकरण न करने का आह्वान करते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का गहरा सम्मान है और उन्हें आदर और सम्मान देना सभी का कर्तव्य है।

प्रतिमा किस वजह से गिरी?
सिंधुदुर्ग में पिछले सप्ताह भारी बारिश और तेज हवाएं चली थीं। घटना के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तेज हवाओं के कारण प्रतिमा गिरने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘यह प्रतिमा नौसेना द्वारा स्थापित की गई थी। उन्होंने इसे डिजाइन भी किया था। लेकिन लगभग 45 किमी प्रति घंटा की तेज हवाओं के कारण यह गिर गई और क्षतिग्रस्त हो गई।’ इसके अलावा भारतीय नौसेना ने एक बयान में कहा कि प्रतिमा को असाधारण मौसम की स्थिति के कारण दुर्भाग्यपूर्ण क्षति हुई है।

संरचनात्मक इंजीनियर अमरेश कुमार ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, ‘प्रतिमा मामले में, भार या जलवायु परिस्थितियों जैसे बाहरी कारणों से समस्या नहीं हुई है। बल्कि, नट और बोल्ट में जंग के कारण, जैसा कि पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट में जिक्र किया गया है, प्रतिमा के अंदर फ्रेम बनाने वाले स्टील की प्लेटों में खराबी आ सकती है।’
इस बीच, महाराष्ट्र कला निदेशालय के निदेशक राजीव मिश्रा ने कहा कि 35 फीट ऊंची प्रतिमा बनाने की नहीं बल्कि 6 फीट ऊंची प्रतिमा बनाने की अनुमति दी गई थी। निदेशालय को इसकी वास्तविक ऊंचाई और इसके निर्माण में स्टील प्लेट के इस्तेमाल के बारे में जानकारी नहीं थी।

पीएम मोदी ने मांगी माफी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सिंधुदुर्ग में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने को लेकर माफी मांगी। उन्होंने कहा, ‘छत्रपति शिवाजी महाराज मेरे लिए सिर्फ नाम नहीं हैं। हमारे लिए छत्रपति शिवाजी महाराज अराध्य देव हैं। पिछले दिनों सिंधुदुर्ग में जो हुआ, मैं सिर झुकाकर मेरे अराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज के चरणों में माथा रखकर माफी मांगता हूं।’

उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे संस्कार अलग हैं। हम वो लोग नहीं हैं जो आए दिन भारत मां के महान सपूत, इसी धरती के लाल वीर सावरकर को अनाप-शनाप बोलते हैं। अपमानित करते रहते हैं। देशभक्तों की भावनाओं को कुचलते हैं।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘वे लोग वीर सावरकर को अपशब्द कहने के बाद भी माफी मांगने को तैयार नहीं हैं। उनको पाश्चाताप नहीं होता है। महाराष्ट्र की जनता उनके संस्कार को अब जान गई है।’

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