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	<title>शिवलिंग की पूजा &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>शिवलिंग की पूजा &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>जानिए कुंवारी लड़कियों को क्यों नहीं करनी चाहिए शिवलिंग की पूजा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Bhavna Vajpai]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Apr 2020 10:24:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[शिवलिंग की पूजा]]></category>
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					<description><![CDATA[हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार भोलेनाथ की पूजा करने से जल्दी वर की प्राप्ति होती है। देवों के देव महादेव देवताओं में सबसे श्रेष्ठ देव माने जाते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि शिवलिंग की पूजा करना व उसे छूना कुंवारी नारियों के लिए निषेध माना जाता है। क्या है इसके पीछे की वजह: &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<article>
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<div dir="ltr"><strong>हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार भोलेनाथ की पूजा करने से जल्दी वर की प्राप्ति होती है। देवों के देव महादेव देवताओं में सबसे श्रेष्ठ देव माने जाते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि शिवलिंग की पूजा करना व उसे छूना कुंवारी नारियों के लिए निषेध माना जाता है।</strong></div>
<div dir="ltr"></div>
<div dir="ltr"><img fetchpriority="high" decoding="async" class=" wp-image-335334 aligncenter" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/04/shivling_pooja_1499658967_618x347-300x168.jpeg" alt="" width="607" height="340" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/04/shivling_pooja_1499658967_618x347-300x168.jpeg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2020/04/shivling_pooja_1499658967_618x347.jpeg 618w" sizes="(max-width: 607px) 100vw, 607px" /></p>
<p><strong>क्या है इसके पीछे की वजह:</strong></p>
<p><strong>लिंगम एक साथ योनि (जो देवी शक्ति का प्रतीक है व महिला की रचनात्मक ऊर्जा है) का प्रतिनिधित्व करता है और शास्त्रों के अनुसार शिवपुराण में लिखा है यह एक ज्योति का प्रतीक है।</strong></p>
<p><strong>अविवाहित स्त्री को शिवलिंग के करीब जाने की आज्ञा नहीं है और इसके चारों ओर भी अविवाहित स्त्री को नहीं घूमना चाहिए क्योंकि भगवान शिव बेहद गंभीर तपस्या में व्यस्त रहते हैं।</strong></p>
<p><strong>यह भी माना जाता है कि देवों के देव महादेव की तंद्रा भंग न हो जाए इस कारण से उनकी पूजा स्त्रियों को करने से मना किया जाता है।</strong></p>
<p><strong>अगर महिलाएं लगातार 16 सोमवार भगवान शिव का व्रत रखती हैं तो कुंवारी महिलाओं को अच्छा वर प्राप्त होता है वहीं विवाहित महिलाओं के पति नेक मार्ग पर चलते हैं।</strong></div>
</div>
</article>
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		<title>भारत के इस राज्य में ‘मुस्लिम’ भी करते हैं ‘शिवलिंग’ की पूजा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[publisher]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Aug 2017 09:19:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Uncategorized]]></category>
		<category><![CDATA[भारत के इस राज्य में ‘मुस्लिम’ भी करते हैं ‘शिवलिंग’ की पूजा]]></category>
		<category><![CDATA[शिवलिंग की पूजा]]></category>
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					<description><![CDATA[शिवलिंग की पूजा – भारत देश को धर्मनिरपेक्ष कहा जाता है। यहां हर धर्म के लोग प्यार और आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं। हर धर्म का एक दूसरे के प्रति आदर ही भारत को धर्मनिरपेक्ष देश बनाता है। अगर आपको यकीन नहीं है तो आज हम आपको भारत का एक ऐसा राज्य बताएंगे जहां &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>शिवलिंग की पूजा – भारत देश को धर्मनिरपेक्ष कहा जाता है।</strong></p>
<p><strong>यहां हर धर्म के लोग प्यार और आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं। हर धर्म का एक दूसरे के प्रति आदर ही भारत को धर्मनिरपेक्ष देश बनाता है। अगर आपको यकीन नहीं है तो आज हम आपको भारत का एक ऐसा राज्य बताएंगे जहां मुसलमान भी करते हैं शिवलिंग की पूजा।<a href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d/74907/shiv-linga" rel="attachment wp-att-74908"><img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-74908" src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/Shiv-Linga.jpg" alt="भारत के इस राज्य में ‘मुस्लिम’ भी करते हैं ‘शिवलिंग’ की पूजा" width="1000" height="600" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/Shiv-Linga.jpg 1000w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/Shiv-Linga-300x180.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/Shiv-Linga-768x461.jpg 768w" sizes="(max-width: 1000px) 100vw, 1000px" /></a></strong></p>
<p><strong>हो गए ना हैरान?</strong></p>
<p><strong>अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर मुसलमान शिवलिंग की पूजा कैसे कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं भारत के किस राज्य में मुसलमान शिवलिंग की पूजा करते हैं।</strong></p>
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<div>
<p><strong>उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से 25 किमी. दूर एक शिवलिंग स्थापित है। इस शिवलिंग में मुसलमान रोज पूजा करने आते हैं। इस शिवलिंग पर इस्लाम का एक पवित्र वाक्य खुदा हुआ है। माना जाता है कि महमूद गजनवी ने काफी पहले इस शिवलिंग को तोड़ने की कोशिश की थी। लेकिन जब वो इस शिवलिंग को तोड़ने में कामयाब नहीं हो सका तो उसने शिवलिंग पर (लाइलाहाइल्लललाह मोहम्मदमदुर्र् रसुअल्लाह) लिखवा दिया। गजनवी ने ऐसा इसलिए किया था ताकि हिंदू इस शिवलिंग की पूजा ना कर सकें। सावन में भारत के कोने-कोने से इस शिवलिंग की पूजा के लिए श्रद्धालु आते हैं।</strong></p>
<p><strong>मंदिर के पुजारी के मुताबिक ये शिवलिग हिंदुओं के लिए ही नहीं बल्कि मुसलमानों के लिए भी पूजनीय है। दोनों धर्मों के लोग इसकी पूजा करते हैं। पुजारी ने कहा कि जब गजनवी ने भारत पर धावा बोला तो सारे मंदिरों को तहस-नहस कर देना चाहता था। जब वो इस गांव में आया तो उसने इस शिवलिंग को भी तोड़ने की कोशिश की लेकिन वो इसमें कामयाब नहीं हो सका। जब उसे शिवलिंग उखाड़ने में कामयाबी नहीं मिली तो उसने इसपर कलमा गुदवा दिया।</strong></p>
<p class="post-box-title"><strong><a href="http://www.livehalchal.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-18-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%87/74580" target="_blank" rel="noopener">इस देश में 18 साल का होने पर बेवजह मिलते है महीने 37 हज़ार रुपए</a></strong></p>
<p><strong>मान्यता ये भी है कि इस शिवलिंग के पास एक तालाब भी है। और इस तालाब में नहाने से लोग कुष्ठ रोग से छुटकारा पा लेते हैं। तर्म रोग से छुटकारा पाने के लिए उन्हें इस तालाब में पांच मंगलवार और रविवार स्नान करना पड़ता है।</strong></p>
<p><strong>साफ है एक तरफ भारत में जहां कई लोग धर्म के ऊपर राजनीति करते हैं और हिंदू-मुसलमानों को आपस में लड़ाने का काम करते हैं। तो वहीं भारत में ही मुसलमान शिवलिंग की पूजा करके खूबसबूरत संदेश देता है। भले ही इसके पीछे कोई भी मान्यता हो लेकिन हिंदू देवी-देवताओं की पूजा करके मुस्लिम देशभर में एकता और सौहार्द का संदेश देते हैं। इससे हमारे देश की एकता और अखंडता और मजबूत होती है।</strong></p>
</div>
</div>
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<div><strong> </strong></div>
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		<title>कुंवारी कन्याओं को नहीं करना चाहिए शिवलिंग की पूजा, ये होता है नुकसान&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Aug 2017 12:37:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[कुंवारी कन्याओं को नहीं करना चाहिए शिवलिंग की पूजा]]></category>
		<category><![CDATA[ये होता है नुकसान...]]></category>
		<category><![CDATA[शिवलिंग की पूजा]]></category>
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					<description><![CDATA[1. धार्मिक रीति-रिवाज धार्मिक रीति-रिवाजों को लोग विशेष महत्ता प्रदान करते हैं। धर्मशास्त्रों में बताया गया है कि किसी भी धार्मिक कार्य को करते समय उसके नियमों का पालन करना आनिवार्य है।धार्मिक शास्त्रों में उल्लेखित किसी भी बात को अनदेखा करना उस जातक के लिए ही नुकसानदेह है, जो किसी विशेष पूजा से वरदान की अपेक्षा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>1. धार्मिक रीति-रिवाज </strong><strong>धार्मिक रीति-रिवाजों को लोग विशेष महत्ता प्रदान करते हैं। धर्मशास्त्रों में बताया गया है कि किसी भी धार्मिक कार्य को करते समय उसके नियमों का पालन करना आनिवार्य है।<img decoding="async" class="aligncenter wp-image-69041 " src="http://www.livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/img_20170805125256.jpg" alt="कुंवारी कन्याओं को नहीं करना चाहिए शिवलिंग की पूजा, ये होता है नुकसान..." width="696" height="313" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/img_20170805125256.jpg 1000w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/img_20170805125256-300x135.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2017/08/img_20170805125256-768x346.jpg 768w" sizes="(max-width: 696px) 100vw, 696px" /></strong><strong>धार्मिक शास्त्रों में उल्लेखित किसी भी बात को अनदेखा करना उस जातक के लिए ही नुकसानदेह है, जो किसी विशेष पूजा से वरदान की अपेक्षा रखता है।</strong></p>
<p><strong>2. धार्मिक नियम</strong><br />
<strong>हम इस बात को झुठला नहीं सकते कि नियमों का पालन करने के साथ हमारे धार्मिक शास्त्र अपने भक्तों को कुछ नियमों में विभाजित भी करते हैं। कौन से जातक किस प्रकार के धार्मिक कार्यों का हिस्सा बन सकते हैं एवं किन कार्यों में गलती से भी भाग नहीं ले सकते, इस सबका वर्णन धर्म ग्रंथों में किया गया है।</strong></p>
<p><strong>3. भगवान शिव का ‘शिवलिंग’</strong><br />
<strong>ऐसा ही एक नियम भगवान शिव के रूप ‘शिवलिंग’ से जुड़ा है, जिसके संदर्भ में यह माना जाता है कि कुंवारी कन्याएं शिवलिंग को हाथ भी नहीं लगा सकतीं। उनके द्वारा इस शिवलिंग की पूजा का ख्याल करना भी निषेध है। लेकिन ऐसा क्यों?</strong></p>
<p><strong>4. कुछ धार्मिक मान्यताएं</strong></p>
<p><strong>हम जिस गुरु अथवा भगवान को मानते हैं, जिनकी दिन रात आराधना करते हैं, वे स्वयं ही हमें नियमों में क्यों बांधना पसंद करेंगे? लेकिन धार्मिक मान्यताओं को आधार बनाते हुए ऐसा कहा जाता है कि अविवाहित कन्याओं को हमेशा ही शिवलिंग की पूजा से दूर रखना चाहिए।</strong></p>
<p><strong>5. कुंवारी कन्याओं के लिए वर्जित है पूजा</strong><br />
<strong>ऐसी मान्यता है कि लिंगम एक साथ योनि (जो देवी शक्ति का प्रतीक है एवं महिला की रचनात्मक ऊर्जा है) का प्रतिनिधित्व करता है। हालांकि शास्त्रों में ऐसा कुछ नहीं लिखा है। शिवपुराण के अनुसार यह एक ज्योति&#x200d; का प्रतीक है।</strong></p>
<p><strong>6. क्या है सामाजिक धारणा?</strong><br />
<strong>कुछ सामाजिक धारणाओं के अनुसार शिवलिंग की पूजा सिर्फ पुरुष के द्वारा संपन्न होनी चाहिए न कि नारी के द्वारा। महिलाओं को शिवलिंग की पूजा से दूर ही रखा जाता है, खासतौर पर अविवाहित स्त्री को शिवलिंग पूजा से पूरी तरह से वर्जित रखा जाता है। परन्तु ऐसी मान्यताएं क्यों बनाई गई हैं?</strong></p>
<p><strong>7. शिवलिंग के करीब जाने की मनाही<br />
किंवदंतियों के अनुसार अविवाहित स्त्री को शिवलिंग के करीब जाने की आज्ञा नहीं है। आमतौर पर शिवलिंग की पूजा करने के बाद श्रद्धालु इसके आसपास घूमकर परिक्रमा करने को सही मानते हैं, लेकिन अविवाहित स्त्री को इसके चारों ओर घूमने की भी इजाज़त नहीं दी जाती। ऐसा इसीलिए क्योंकि भगवान शिव बेहद गंभीर तपस्या में लीन रहते हैं।</strong></p>
<p><strong>8. शिव की तपस्या से है संबंध</strong><br />
<strong>और किसी स्त्री के कारण उनकी तपस्या भंग ना हो जाए, इसका ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हमेशा से ही जब भी भगवान शिव की पूजा की जाती है तो विधि-विधान का बहुत खयाल रखा जाता है। केवल मनुष्य जाति ही नहीं, देवता व अप्सराएं भी भगवान शिव की पूजा करते समय बेहद सावधानी से उनकी पूजा करती हैं।</strong></p>
<p><strong>9. क्रोधित हो जाते हैं शिव जी</strong><br />
<strong>यह इसलिए कि कहीं देवों के देव महादेव की समाधि भंग न हो जाए। जब शिव की समाधि भंग होती है तो वे क्रोधित हो जाते हैं और अपने रौद्र रूप में प्रकट होते हैं जिसे शांत कर सकना किसी असंभव कार्य के समान है। इसी कारण से महिलाओं को शिव पूजा न करने के लिए कहा गया है।</strong></p>
<p><strong>10. लेकिन शिव की पूजा कर सकते हैं</strong><br />
<strong>लेकिन शिवलिंग की पूजा से अविवाहित स्त्रियों को दूर रखने का यह अर्थ नहीं है कि वे भगवान शिव की पूजा नहीं कर सकतीं। बल्कि कुंवारी कन्याएं ही शिव जी की सबसे अधिक आराधना करती हैं। अपने लिए एक अच्छे वर की कामना करते हुए वे पूर्ण विधि-विधान से शिव जी के 16 सोमवार का व्रत रखती हैं।</strong></p>
<p><strong>11. शिव के सोमवार व्रत</strong><br />
<strong>व्रत के साथ वे शिव जी की पूर्ण नियमों के साथ पूजा भी करती हैं। और ऐसी मान्यता है कि भक्तों के भोले भगवान शंकर उन्हें वरदान भी देते हैं। एक अच्छे वर के अलावा एक महिला का पति उससे प्रेम करे और अच्छा बर्ताव करे, इसके लिए भी महिलाएं 10 सोमवार का व्रत रखती हैं।</strong></p>
<p><strong>12. धार्मिक मान्यताएं</strong><br />
<strong>इसके साथ ही पति-पत्नी का वैवाहिक जीवन सफल बना रहे, इसके लिए महिलाएं शिव तथा माता पार्वती जी की एक साथ पूजा करती हैं। हिन्दू मान्यताओं में दुनिया की सबसे श्रेष्ठ जोड़ी का श्रेय भगवान शिव एवं पार्वती जी को दिया गया है।</strong></p>
<p><strong>13. शिव एवं पार्वती</strong><br />
<strong>ऐसी मान्यता प्रसिद्ध है कि इन दोनों के प्रेम तथा स्नेह वाली जोड़ी पूरी दुनिया में और किसी की नहीं है। इसलिए भक्त अपने अच्छे विवाहित जीवन के लिए शिव एवं पार्वती की विधिपूर्वक पूजा करते हैं।</strong></p>
<p><strong>14. सफल विवाह के लिए पूजा</strong><br />
<strong>पति-पत्नी का विवाह सफल हो इसके लिए पूजा के साथ कुछ लोग व्रत भी रखते हैं। लेकिन यह व्रत विशेष रूप से केवल सोमवार को ही किया जाए, ऐसी कोई मान्यता नहीं है। यह व्रत किसी भी दिन रखा जा सकता है, लेकिन शिव के भक्त सोमवार को भगवन शिव जी का प्रिय दिन मानकर ही व्रत एवं पूजा करते हैं।</strong></p>
<p><strong>15. श्रावण के माह में करें व्रत</strong><br />
<strong>यूं तो वर्ष के सभी सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए माने गए हैं, लेकिन विशेष रूप से श्रावण के माह (सावन का महीना) के सोमवार को अधिक महत्ता प्रदान की गयी है। सावन का महीना जो कि भगवान शिव को सबसे ज्यादा प्रिय है, इस समय भक्त वे सब कुछ करते हैं जिससे शिव जी प्रसन्न होकर उन्हें मनोवांछित वरदान प्रदान कर सकें।</strong></p>
<p><strong>16. होगी शिव जी की अपार कृपा</strong><br />
<strong>इसलिए यदि आप भी भगवान शिव से इस समय किसी वरदान की अपेक्षा कर रहे हैं, तो सावन का यह महीना आपके लिए सही समय लेकर आया है। इस महीने कुल 4 सोमवार हैं, जिसमें विधिपूर्वक व्रत एवं पूजा करके शिव जी की कृपा पाई जा सकती है।</strong></p>
<p><strong>17. वर्जित वस्तुएं</strong><br />
<strong>यह तो आपको बता दिया कि कुंवारी लड़कियों को शिवलिंग पर जल क्यों नहीं चढ़ाना चाहिए, अब आपको बताते हैं शिव पूजा के दौरान किन वस्तुओं का उपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए।</strong></p>
<p><strong>18. शिव का श्राप</strong><br />
<strong>ब्रह्म देव के झूठ में उनका साथ देने की वजह से शिव ने केतकी के फूलों को श्राप दिया था। इस कारण शिवलिंग पर कभी केतकी के फूल अर्पित नहीं करने चाहिए।</strong><strong> </strong></p>
<p><strong> 19. तुलसी</strong></p>
<p><strong>शिव द्वारा तुलसी के पति जरासंध का वध हुआ था। इससे निराश और क्रोधित होकर स्वयं तुलसी ने उन्हें अपने पत्तों से वंचित कर दिया था।</strong></p>
<p><strong>20. नारियल</strong><br />
<strong>नारियल तो ठीक है लेकिन शिवलिंग पर नारियल के पानी से अभिषेक नहीं करना चाहिए।</strong></p>
<p><strong>21. हल्दी</strong><br />
<strong>हल्दी का संबंध स्त्री सुंदरता से है इसलिए शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए।</strong></p>
<p><strong>22. विनाशक</strong><br />
<strong>भगवान शिव विनाशक हैं और सिंदूर जीवन का संकेत। इस वजह से शिव पूजा में सिंदूर उपयोग नहीं होता।</strong></p>
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