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	<title>शारदीय नवरात्र &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>शारदीय नवरात्र &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>शारदीय नवरात्र के छठे दिन बन रहे ये योग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 28 Sep 2025 04:31:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[शारदीय नवरात्र]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="352" height="298" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/d-4-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/d-4.jpg 352w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/d-4-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 352px) 100vw, 352px" />आज यानी 28 सितंबर को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। शारदीय नवरात्र की षष्ठी तिथि पर मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कात्यायनी की उपासना करने से वैवाहिक जीवन में खुशियों का आगमन होता है। साथ ही शुभ फल की प्राप्ति होती है। षष्ठी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="352" height="298" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/d-4-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/d-4.jpg 352w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/d-4-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 352px) 100vw, 352px" />
<p>आज यानी 28 सितंबर को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। शारदीय नवरात्र की षष्ठी तिथि पर मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कात्यायनी की उपासना करने से वैवाहिक जीवन में खुशियों का आगमन होता है। साथ ही शुभ फल की प्राप्ति होती है। षष्ठी तिथि पर कई मंगलकारी योग भी बन रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि इन शुभ योग में पूजा करने का दोगुना फल मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं आज का पंचांग के बारे में।</p>



<p><strong>तिथि: शुक्ल षष्ठी</strong><br>मास पूर्णिमांत: अश्विन<br>दिन: रविवार<br>संवत्: 2082<br>तिथि: षष्ठी दोपहर 02 बजकर 27 मिनट तक<br>योग: 29 सितंबर को आयुष्मान रात्रि 12 बजकर 32 मिनट तक<br>करण: तैतिल दोपहर 02 बजकर 27 मिनट तक<br>करण: 29 सितंबर को गरज प्रातः 03 बजकर 32 मिनट तक</p>



<p><strong>सूर्योदय और सूर्यास्त का समय</strong><br>सूर्योदय: प्रातः 06 बजकर 12 मिनट पर<br>सूर्यास्त: सायं 06 बजकर 10 मिनट पर<br>चंद्रमा का उदय: प्रातः 11 बजकर 57 मिनट पर<br>चन्द्रास्त: रात्रि 10 बजकर 02 मिनट पर<br>सूर्य राशि: कन्या<br>चंद्र राशि: वृश्चिक<br>पक्ष: शुक्ल</p>



<p><strong>शुभ समय अवधि</strong><br>अभिजीत मुहूर्त: प्रातः 11 बजकर 48 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक<br>अमृत काल: सायं 06 बजकर 05 मिनट से सांय 07 बजकर 53 मिनट तक</p>



<p><strong>अशुभ समय अवधि</strong><br>राहुकाल: दोपहर 04 बजकर 41 मिनट से दोपहर 06 बजकर 10 मिनट तक<br>गुलिकाल: दोपहर 03 बजकर 11 मिनट से सांय 04 बजकर 41 मिनट तक<br>यमगण्ड: दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से दोपहर 01 बजकर 41 मिनट तक</p>



<p><strong>आज का नक्षत्र</strong><br>आज चंद्रदेव ज्येष्ठ नक्षत्र में रहेंगे…<br>ज्येष्ठ नक्षत्र- 29 सितंबर को प्रातः 03 बजकर 55 बजे तक</p>



<p><strong>सामान्य विशेषताएं</strong>: बुद्धिमान, व्यावहारिक, दार्शनिक, चतुर, सीमित मित्रता वाला, आक्रामक और महत्वाकांक्षी<br>नक्षत्र स्वामी: बुध देव<br>राशि स्वामी: मंगल देव<br>देवता: इंद्र (देवताओं के राजा)<br>प्रतीक: बालियां, छत्र या ताबीज</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>इस आरती के बिना अधूरी है मां चंद्रघंटा की पूजा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Sep 2025 04:52:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[आरती]]></category>
		<category><![CDATA[शारदीय नवरात्र]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="313" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/1-5-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/1-5.jpg 796w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/1-5-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/1-5-768x389.jpg 768w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />शारदीय नवरात्र का त्योहार देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। साथ ही मनचाही मुराद पाने के लिए व्रत रखा जाएगा। इस व्रत को करने से साधक के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी। साथ ही मानसिक तनाव से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="313" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/1-5-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/1-5.jpg 796w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/1-5-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/1-5-768x389.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>शारदीय नवरात्र का त्योहार देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। साथ ही मनचाही मुराद पाने के लिए व्रत रखा जाएगा। इस व्रत को करने से साधक के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी। साथ ही मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी।</p>



<p>अगर आप भी जगत की देवी मां चंद्रघंटा की कृपा पाना चाहते हैं, तो शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन भक्ति भाव से मां चंद्रघंटा की पूजा करें। साथ ही पूजा के समय चंद्रघंटा चालीसा का पाठ और मंत्रों का जप करें। वहीं, पूजा का समापन इस खास आरती से करें।</p>



<p><strong>मां चंद्रघंटा की आरती</strong><br>जय माँ चन्द्रघण्टा सुख धाम।</p>



<p>पूर्ण कीजो मेरे काम॥</p>



<p>चन्द्र समाज तू शीतल दाती।</p>



<p>चन्द्र तेज किरणों में समाती॥</p>



<p>मन की मालक मन भाती हो।</p>



<p>चन्द्रघण्टा तुम वर दाती हो॥</p>



<p>सुन्दर भाव को लाने वाली।</p>



<p>हर संकट में बचाने वाली॥</p>



<p>हर बुधवार को तुझे ध्याये।</p>



<p>श्रद्दा सहित तो विनय सुनाए॥</p>



<p>मूर्ति चन्द्र आकार बनाए।</p>



<p>शीश झुका कहे मन की बाता॥</p>



<p>पूर्ण आस करो जगत दाता।</p>



<p>कांचीपुर स्थान तुम्हारा॥</p>



<p>कर्नाटिका में मान तुम्हारा।</p>



<p>नाम तेरा रटू महारानी॥</p>



<p>भक्त की रक्षा करो भवानी।</p>



<p><strong>।।मां दुर्गा की आरती।।</strong><br>जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।</p>



<p>तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिव री।।</p>



<p>जय अम्बे गौरी…</p>



<p>मांग सिंदूर बिराजत, टीको मृगमद को।</p>



<p>उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रबदन नीको।।</p>



<p>जय अम्बे गौरी…</p>



<p>कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।</p>



<p>रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजै।।</p>



<p>जय अम्बे गौरी…</p>



<p>केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी।</p>



<p>सुर-नर मुनिजन सेवत, तिनके दुःखहारी।।</p>



<p>जय अम्बे गौरी…</p>



<p>कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती।</p>



<p>कोटिक चंद्र दिवाकर, राजत समज्योति।।</p>



<p>जय अम्बे गौरी…</p>



<p>शुम्भ निशुम्भ बिडारे, महिषासुर घाती।</p>



<p>धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती।।</p>



<p>जय अम्बे गौरी…</p>



<p>चण्ड-मुण्ड संहारे, शौणित बीज हरे।</p>



<p>मधु कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।</p>



<p>जय अम्बे गौरी…</p>



<p>ब्रह्माणी, रुद्राणी, तुम कमला रानी।</p>



<p>आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी।।</p>



<p>जय अम्बे गौरी…</p>



<p>चौंसठ योगिनि मंगल गावैं, नृत्य करत भैरू।</p>



<p>बाजत ताल मृदंगा, अरू बाजत डमरू।।</p>



<p>जय अम्बे गौरी…</p>



<p>तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।</p>



<p>भक्तन की दुःख हरता, सुख सम्पत्ति करता।।</p>



<p>जय अम्बे गौरी…</p>



<p>भुजा चार अति शोभित, खड्ग खप्परधारी।</p>



<p>मनवांछित फल पावत, सेवत नर नारी।।</p>



<p>जय अम्बे गौरी…</p>



<p>कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।</p>



<p>श्री मालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति।।</p>



<p>जय अम्बे गौरी…</p>



<p>अम्बेजी की आरती जो कोई नर गावै।</p>



<p>कहत शिवानंद स्वामी, सुख-सम्पत्ति पावै।।</p>



<p>जय अम्बे गौरी…</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शारदीय नवरात्र से इन मूलांक वालों की बदलेगी किस्मत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Oct 2024 09:36:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[शारदीय नवरात्र]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="390" height="218" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-411-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-411.png 390w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-411-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" />वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 10 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र की महासप्तमी है। इस शुभ अवसर पर मंदिरों में नवपत्रिका पूजा का आयोजन किया गया है। इसके साथ ही&#160;जग की देवी मां काली की विशेष पूजा की जा रही है। मां काली की पूजा करने से साधक के सभी दुख दूर हो जाते हैं। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="390" height="218" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-411-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-411.png 390w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-411-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 390px) 100vw, 390px" />
<p>वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 10 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र की महासप्तमी है। इस शुभ अवसर पर मंदिरों में नवपत्रिका पूजा का आयोजन किया गया है। इसके साथ ही&nbsp;जग की देवी मां काली की विशेष पूजा की जा रही है। मां काली की पूजा करने से साधक के सभी दुख दूर हो जाते हैं। साथ ही जीवन में नया सवेरा होता है। अंक ज्योतिष और टैरो विशेषज्ञ पल्लवी एके शर्मा की मानें तो महासप्तमी तिथि कई मूलांक के जातकों के लिए उत्तम रहने वाला है। सूर्य देव की कृपा से करियर और कारोबार में मनमुताबिक सफलता मिलेगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>मूलांक 01</strong></h3>



<p>अंक ज्योतिष और टैरो कार्ड रीडर पल्लवी एके शर्मा की मानें तो 01 और 10 तारीख के दिन जन्म लेने वाले जातकों का मूलांक 01 होता है। इस मूलांक के स्वामी सूर्य देव हैं। सूर्य देव सिंह राशि के स्वामी हैं और मेष राशि में उच्च के होते हैं। मेष और सिंह राशि के जातकों पर सूर्य देव की हमेशा कृपा बरसती है। इसके साथ ही 01 और 10 तारीख के दिन जन्म लेने वाले जातकों पर भी सूर्य देव मेहरबान रहते हैं।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>एंजल सलाह</strong></h3>



<p>एंजल की सलाह है कि आज के दिन सकारात्मक ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करें। आज के दिन अपनी क्रिएटिविटी का उपयोग करें। सूर्य देव की कृपा से बिगड़े कार्य संवर जाएंगे। अपनी आंतरिक शक्ति को महसूस करें और आंतरिक शक्ति का सही उपयोग करें। स्वयं से प्यार करें और अपने आप को स्वीकार करें। परम पिता परमेश्वर द्वारा प्रदत्त जीवन से प्यार करें। स्वयं द्वारा प्रयास के चलते जीवन में होने वाले बदलाव के लिए खुद की सराहना करें। आज के दिन से अहंकार का त्याग करें। अपनी गलतियों से सीखने की कोशिश करें। गलतियों को दोहराने की कोशिश न करें और खुद की बड़ाई न करें।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>क्या करें</strong></h3>



<p>आज के दिन 01 मूलांक के जातक बिना रुकें कुछ देर तक यह जरूर दोहराएं। मेरे जीवन में जो चल रहा है और जो जीवन में प्राप्त होगा। उसके लिए मैं परम पिता परमेश्वर को शुक्रिया करता हूं। हे परम पिता परमेश्वर मेरी शुक्रिया को स्वीकार करें।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>धार्मिक उपाय</strong></h3>



<p>ॐ गं गणपतये नमः।</p>



<p>ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः।</p>



<p>ॐ नमो नारायण।</p>



<p>ॐ हुं हनुमते नमः।</p>



<p>हनुमान चालीसा का पाठ करें।</p>



<p>ॐ देवी महागौरी नमः।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन &#8216;आयुष्मान&#8217; योग समेत बन रहे हैं कई अद्भुत संयोग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 06 Oct 2024 11:36:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[शारदीय नवरात्र]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="290" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-290-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-290.png 764w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-290-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />धार्मिक मत है कि जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के दुखों का अंत होता है। साधक नवरात्र के पांचवें दिन (Navratri 2024 Day 5) भक्ति भाव से जगत जननी आदिशक्ति मां &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="290" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-290-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-290.png 764w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-290-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>धार्मिक मत है कि जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के दुखों का अंत होता है। साधक नवरात्र के पांचवें दिन (Navratri 2024 Day 5) भक्ति भाव से जगत जननी आदिशक्ति मां स्कंदमाता की पूजा करते हैं।</p>



<p>देशभर में शारदीय नवरात्र का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान भक्ति भाव से जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा और उनके शक्ति स्वरूपों की पूजा की जाती है। इसी क्रम में नवरात्र के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है। साथ ही मां स्कंदमाता के निमित्त पांचवें दिन का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मत है कि स्कंदमाता की पूजा करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ज्योतिषियों की मानें तो नवरात्र के पांचवें दिन आयुष्मान योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में स्कंदमाता (Navratri 2024 Day 5 Ayushman Yog) की पूजा करने से साधक को अमोघ फल की प्राप्ति होगी। आइए, शुभ योग और मुहूर्त जानते हैं-</p>



<p><strong>शुभ मुहूर्त</strong><br>वैदिक पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्र की पंचमी तिथि 07 अक्टूबर को सुबह 09 बजकर 48 मिनट से शुरू हो रही है। इस तिथि का समापन 08 अक्टूबर को सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर होगा। इस दौरान स्कंदमाता की भक्ति भाव से पूजा की जाएगी। साधक अपनी सुविधा के अनुसार स्कंदमाता की पूजा कर सकते हैं।</p>



<p><strong>योग (Navratri 2024 Yog)</strong><br>शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन कई मंगलकारी शुभ योग बन रहे हैं। इनमें सबसे पहले प्रीति योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का समापन प्रातः काल 06 बजकर 40 मिनट पर होगा। इसके बाद दुर्लभ आयुष्मान योग का निर्माण हो रहा है। आयुष्मान योग का संयोग रात्रि भर है। इस योग का समापन 08 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 51 मिनट पर होगा। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है। इन योग में मां पार्वती की पूजा करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।</p>



<p><strong>करण</strong><br>शारदीय नवरात्र की पंचमी तिथि पर बव और बालव करण का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष बव और बालव करण को शुभ मानते हैं। इन योग में शुभ कार्यों का श्रीगणेश कर सकते हैं। इस शुभ दिन पर अनुराधा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इन योग में मां की साधना करने से उपासक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।</p>



<p><strong>पंचांग</strong><br>सूर्योदय &#8211; सुबह 06 बजकर 17 मिनट पर</p>



<p>सूर्यास्त &#8211; शाम 06 बजे…</p>



<p>चन्द्रोदय- सुबह 10 बजकर 13 मिनट पर</p>



<p>चन्द्रास्त &#8211; शाम 08 बजकर 33 मिनट पर</p>



<p>ब्रह्म मुहूर्त &#8211; सुबह 04 बजकर 39 मिनट से 05 बजकर 28 मिनट तक</p>



<p>विजय मुहूर्त &#8211; दोपहर 02 बजकर 06 मिनट से 02 बजकर 52 मिनट तक</p>



<p>गोधूलि मुहूर्त &#8211; शाम 06 बजे से 06 बजकर 24 बजे तक</p>



<p>निशिता मुहूर्त &#8211; रात्रि 11 बजकर 44 मिनट से 12 बजकर 33 मिनट तक</p>
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		<title>शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर अपनों को भेजें ये शुभ संदेश</title>
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		<pubDate>Thu, 03 Oct 2024 04:30:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[पावन पर्व]]></category>
		<category><![CDATA[शारदीय नवरात्र]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="325" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-104-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-104.png 759w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-104-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />शारदीय नवरात्र का पर्व बहुत कल्याणकारी माना जाता है। यह हर साल आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। इस साल यह 03 अक्टूबर यानी आज से शुरू हो रहे हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान (Shardiya Navratri 2024 Wishes) भक्ति के साथ कठिन व्रत का पालन करने और &#8230;]]></description>
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<p>शारदीय नवरात्र का पर्व बहुत कल्याणकारी माना जाता है। यह हर साल आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। इस साल यह 03 अक्टूबर यानी आज से शुरू हो रहे हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दौरान (Shardiya Navratri 2024 Wishes) भक्ति के साथ कठिन व्रत का पालन करने और पूजा करने से भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।</p>



<p>शारदीय नवरात्र का पर्व बेहद शुभ माना जाता है। यह नौ दिवसीय त्योहार 03 अक्टूबर यानी आज से शुरू हो रहा है। इस दौरान मां दुर्गा और उनके नौ अवतारों की पूजा होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह त्योहार शरद ऋतु के दौरान आश्विन महीने में आता है। ऐसा कहा जाता है कि जो लोग इस दौरान मां दुर्गा की पूजा करते हैं और सभी पूजन नियमों का पालन करते हैं, उन्हें कभी किसी चीज की कमी नहीं होती है,</p>



<p>तो आइए इस शुभ अवसर को और भी शुभ बनाने के लिए अपने प्रियजनों को मां दुर्गा से जुड़े भक्तिमय संदेश (Shardiya Navratri 2024 Wishes) भेजते हैं, जो इस प्रकार हैं।</p>



<p><strong>शारदीय नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएं</strong><br>मां दुर्गा हमारे जीवन के कठिन समय में हमारा मार्गदर्शन करने के लिए हमेशा मौजूद रहें, आपको और आपके प्रियजनों को शारदीय नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएं।<br>जब तक मां दुर्गा हमारे साथ हैं और प्यार और सुरक्षा का आशीर्वाद दे रही हैं, तब तक हमें जीवन में डरने की कोई जरूरत नहीं है, सभी को नवरात्र की शुभकामनाएं।<br>नवरात्र के पावन अवसर पर आइए मां दुर्गा को धन्यवाद दें कि उन्होंने हमेशा हमें वह सब कुछ दिया जो हमने चाहा है, आपको नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएं।<br>नवरात्र का अवसर अपने प्रियजनों के साथ गरबा का आनंद लेने और मां को प्रसन्न करने में व्यतीत करें, आपको नवरात्र की शुभकामनाएं।<br>हम कामना करते हैं कि आप मां दुर्गा की शक्ति के अंश को प्राप्त करें और उनमें लीन हो जाएं, शुभ नवरात्र।<br>नवरात्र के चमकीले रंग हमारे जीवन में उत्साह और सकारात्मकता लाएं, आपको आनंदमय नवरात्र की शुभकामनाएं।<br>मां दुर्गा आपके और आपके प्रियजनों के लिए खुशियां लाएं, साथ ही उनका दिव्य आशीर्वाद सदैव आप पर बना रहे, शुभ नवरात्र।</p>
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