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	<title>शामिल &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>शामिल &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>उत्तराखंड अब भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील, जोन छह में शामिल</title>
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		<pubDate>Sun, 30 Nov 2025 05:27:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="309" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/drtgh-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/drtgh.jpg 665w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/drtgh-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/drtgh-660x330.jpg 660w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />उत्तराखंड को भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील जोन-छह में शामिल किया गया है। इससे पहले राज्य के जिलों को जोन चार और पांच में विभाजित किया गया था। अब भारतीय मानक ब्यूरो ने डिजाइन भूकंपीय जोखिम संरचनाओं के भूकंपरोधी डिजाइन के मानदंड रीति संहिता-2025 में नया भूकंपीय क्षेत्रीकरण मानचित्र जारी किया है। इसमें उत्तराखंड &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="309" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/drtgh-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/drtgh.jpg 665w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/drtgh-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/drtgh-660x330.jpg 660w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>उत्तराखंड को भूकंप की दृष्टि से अति संवेदनशील जोन-छह में शामिल किया गया है। इससे पहले राज्य के जिलों को जोन चार और पांच में विभाजित किया गया था। अब भारतीय मानक ब्यूरो ने डिजाइन भूकंपीय जोखिम संरचनाओं के भूकंपरोधी डिजाइन के मानदंड रीति संहिता-2025 में नया भूकंपीय क्षेत्रीकरण मानचित्र जारी किया है। इसमें उत्तराखंड समेत अन्य हिमालीय राज्यों को भी भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील जोन छह में रखा गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इससे पूरे राज्य में निर्माण कार्यों के लिए लोगों को अधिक सजग होना होगा।</p>



<p>वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान के निदेशक विनीत गहलोत के अनुसार, भारतीय मानक ब्यूरो भूकंपीय जोनिंग मानचित्र जारी करता है। इससे पहले वर्ष-2016 में इसे जारी किया गया था। अब करीब नाै वर्ष बाद जारी नए मानचित्र में सभी पहाड़ी राज्यों को समान रूप से जोन छह में शामिल किया गया है। इसका अर्थ यह हुआ कि भूकंप की दृष्टि से जो खतरा जम्मू-कश्मीर में है, वही उत्तराखंड में भी है। निदेशक गहलोत कहते हैं कि बड़े डैम, सड़क, इमारत आदि के निर्माण में इसका महत्वपूर्ण रोल होता है। अब पहाड़ी राज्यों के भीतर निर्माण कार्य में एकरूपता आएगी। इससे पहले जोन पांच में शामिल रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ भूकंप की दृष्टि से सबसे अधिक संवेदनशील जिले थे।</p>



<p><strong>पृथ्वी की दृष्टि से हिमालय में कोई बहुत अंतर नहीं होता : बिष्ट<br></strong>श्रीनगर गढ़वाल केंद्रीय विवि के भूगर्भ विभाग के विभागाध्यक्ष एमपीएस बिष्ट कहते हैं कि पृथ्वी की दृष्टि से हिमालय में कोई बहुत अंतर नहीं होता है। उनकी चट्टान, बाउंड्री, प्लेट आदि एक जैसी ही होती है। पहले जोनिंग हुई थी, उसमें राज्य को दो जोन में रखा गया था। अब एक ही जोन (छह) में रखा गया है। इसकी संवेदनशीलता बढ़ा दी गई है। ऐसे में हमें अधिक सजग होना होगा। उन्होंने बताया कि भूकंप की पूर्व घटना, तीव्रता समेत अन्य पहलुओं को शामिल करते हुए भूकंप की जोनिंग होती है।</p>



<p><strong>राज्य में सेंसरों, सायरनों की संख्या बढ़ाई जाएगी<br></strong>भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच लगातार टकराव होता रहता है। इसके चलते भूकंप को लेकर संवेदनशीलता बनी रहती है। राज्य में 1911 से रिक्टर स्केल पर छह की तीव्रता से अधिक के 11 बड़े भूकंप आ चुके हैं। अब भूकंप के खतरे के दृष्टिगत राज्य में सेंसरों, सायरनों की संख्या बढ़ाने समेत अन्य कदम उठाए जाएंगे।</p>



<p>राज्य में 28 अगस्त 1916 के दिन सबसे बड़ा भूकंप आया था। इस दिन 6.96 तीव्रता का भूकंप मापा गया था। वहीं, अगर 1975 से 2024 के बीच 49 वर्षों की बात करें तो रिक्टर स्केल पर सात या उससे अधिक की तीव्रता वाला कोई भी भूकंप नहीं आया है। अधिकांश रिक्टर स्केल स्केल पर तीन से चार की तीव्रता वाले भूकंप आए हैं। इसमें तीन से चार की तीव्रता वाले भूकंप 320, चार से पांच वाले 90, पांच से छह के 34, छह से सात वाले तीन आए हैं।</p>



<p><strong>सेंसरों की संख्या बढ़ाई जाएगी<br></strong>सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन कहते हैं कि भूकंप की आशंका के दृष्टिगत सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हाल में भूकंप को लेकर मॉक डि्रल कराई गई है। इसके अलावा भूकंप को लेकर सायरन और सेंसरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। जन जागरूकता को लेकर भी कदम उठाए जाएंगे।</p>



<p><strong>पहले दो जोन में रखा गया था राज्य को<br></strong>पहले भूकंप की दृष्टि से राज्य को दो जोन में रखा गया था। इसमें सबसे अधिक संवेदनशील जोन पांच में रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ थे। जबकि जोन चार में उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल शामिल थे।</p>



<p><strong>2021 में सबसे अधिक संवेदनशील जिलों में चार जिले शामिल थे<br></strong>लोकसभा में वर्ष-2021 में दिए एक उत्तर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी व पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री ने भूकंप की दृष्टि से अधिक संवेदनशील 38 शहर और कस्बों की जानकारी दी थी। इसमें अल्मोड़ा, नैनीताल, देहरादून, रुड़की शामिल हैं।</p>
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		<title>आरएसएस  के कार्यक्रम में शामिल होंगे पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़</title>
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		<pubDate>Tue, 11 Nov 2025 08:57:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="578" height="415" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/VBB-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/VBB-2.jpg 578w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/VBB-2-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 578px) 100vw, 578px" />पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 21 नवंबर को भोपाल में एक आरएसएस नेता की पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के आयोजकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। जुलाई में उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद धनखड़ का यह पहला सार्वजनिक भाषण होने की संभावना है। इससे पहले उन्हें उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="578" height="415" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/VBB-2-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/VBB-2.jpg 578w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/VBB-2-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 578px) 100vw, 578px" />
<p>पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 21 नवंबर को भोपाल में एक आरएसएस नेता की पुस्तक विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के आयोजकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>



<p>जुलाई में उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद धनखड़ का यह पहला सार्वजनिक भाषण होने की संभावना है। इससे पहले उन्हें उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में देखा गया था।</p>



<p><strong>मुख्य वक्ता रहेंगे जगदीप धनखड़<br></strong>सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष राजीव तुली ने पीटीआई को बताया कि धनखड़ 21 नवंबर को रवींद्र भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संयुक्त महासचिव मनमोहन वैद्य की पुस्तक &#8220;हम और यह विश्व&#8221; के विमोचन समारोह में मुख्य वक्ता होंगे। उन्होंने बताया कि वृंदावन-मथुरा स्थित आनंदम के मुख्य पुजारी रितेश्वर जी महाराज भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।</p>



<p>धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और 12 सितंबर को राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के अलावा, सार्वजनिक रूप से कहीं भी नज़र नहीं आए। कांग्रेस धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर सवाल उठा रही है। विपक्षी दल ने पिछले महीने कहा था कि धनखड़ अपने सभी पूर्ववर्तियों की तरह एक विदाई समारोह के हकदार थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।</p>
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		<title>जी-20 सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे ट्रंप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Nov 2025 09:32:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="380" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/RTGG-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/RTGG.jpg 697w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/RTGG-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह इस महीने के आखिर में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले G20 सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे। ट्रंप ने बुधवार को मियामी में अमेरिका बिजनेस फोरम में कहा, ‘मैं नहीं जा रहा हूं। दक्षिण अफ्रीका में जी20 की बैठक है। साउथ अफ्रीका को तो अब G20 में &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="380" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/RTGG-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/RTGG.jpg 697w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/RTGG-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह इस महीने के आखिर में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले G20 सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे। ट्रंप ने बुधवार को मियामी में अमेरिका बिजनेस फोरम में कहा, ‘मैं नहीं जा रहा हूं। दक्षिण अफ्रीका में जी20 की बैठक है। साउथ अफ्रीका को तो अब G20 में होना ही नहीं चाहिए क्योंकि वहां जो हुआ है वह बुरा है। मैंने उनसे कह दिया है कि मैं नहीं जा रहा हूं। मैं वहां अपने देश का प्रतिनिधि नहीं करूंगा। उसे वहां नहीं होना चाहिए।’</p>



<p><strong>जी20 की अध्यक्षता अभी दक्षिण अफ्रीका के पास</strong></p>



<p>दक्षिण अफ्रीका ने 1 दिसंबर, 2024 को एक साल के लिए जी20 की अध्यक्षता संभाली थी और वह 22 से 23 नवंबर तक जोहान्सबर्ग में ग्रुप के नेताओं की बैठक की मेजबानी करेगा। यह पहली बार होगा जब G20 समिट अफ्रीकी धरती पर होगा। भारत दिसंबर 2022 से नवंबर 2023 तक जी20 का अध्यक्ष था और भारत की अध्यक्षता में सितंबर 2023 में नई दिल्ली में 18वां जी20 सम्मेलन का आयोजन किया था। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन जी20 सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आए थे।</p>



<p><strong>जी20 में 19 देश सदस्य</strong></p>



<p>जी20 समूह में 19 देश शामिल हैं, जिनमें अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किए, ब्रिटेन और अमेरिका, साथ ही यूरोपियन यूनियन और अफ्रीकन यूनियन सदस्य हैं। भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान ही अफ्रीकन यूनियन को आधिकारिक तौर पर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों के समूह में स्थायी सदस्य के तौर पर शामिल किया गया।</p>



<p>ट्रंप ने न्यूयॉर्क सिटी के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी को ‘कम्युनिस्ट’ कहकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मियामी पीढ़ियों से उन लोगों का ठिकाना रहा है जो अफ्रीका में कम्युनिस्ट जुल्म से भागकर आए हैं। ट्रंप ने आगे कहा, ‘देखिए साउथ अमेरिका के अलग-अलग हिस्सों में क्या हो रहा है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्या हो रहा है।’</p>



<p> </p>
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		<title>वित्तीय प्रबंधन में उत्तराखंड श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल</title>
		<link>https://livehalchal.com/uk-916/640548</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Oct 2025 05:21:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[शामिल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="354" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ikolll-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ikolll.jpg 687w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ikolll-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />वित्तीय प्रबंधन में उत्तराखंड देश के श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। हिमालयी राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर है, जबकि पहले स्थान पर अरुणाचल प्रदेश व तीसरे स्थान पर मेघालय है। अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफएम) ने वित्तीय वर्ष 2023-2024 के लिए देश के सभी राज्यों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="354" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ikolll-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ikolll.jpg 687w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/ikolll-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>वित्तीय प्रबंधन में उत्तराखंड देश के श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। हिमालयी राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर है, जबकि पहले स्थान पर अरुणाचल प्रदेश व तीसरे स्थान पर मेघालय है।</p>



<p>अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफएम) ने वित्तीय वर्ष 2023-2024 के लिए देश के सभी राज्यों की सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सूचकांक की आकलन रिपोर्ट जारी की है। उत्तराखंड ने वित्तीय अनुशासन व राजकोषीय समायोजन में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। एजेएनआईएफएम केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख संस्थान है, जो वित्तीय प्रबंधन व राजकोषीय नीति के क्षेत्र में अनुसंधान एवं प्रशिक्षण प्रदान करता है।</p>



<p>रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड की जीएसडीपी 3,32,998 करोड़ की है। इसमें राज्य ने 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। प्रति व्यक्ति आय 2,46,178 रुपये है। उत्तराखंड ने शिक्षा व स्वास्थ्य पर कुल व्यय का 18 प्रतिशत खर्च किया है। उत्तराखंड ने कोविड महामारी से पहले वित्तीय वर्ष 2020 में अपने कुल राजस्व का आधे से ज्यादा हिस्सा अपने संसाधनों से जुटाया था। इसके बाद से कुल राजस्व में उत्तराखंड का हिस्सा लगातार बढ़ रहा है।</p>



<p>उत्तराखंड का कर राजस्व वित्त वर्ष 2020 से 14 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ा है। इसमें जीएसटी 14 प्रतिशत, पेट्रोलियम व शराब पर नौ प्रतिशत, स्टांप एवं पंजीकरण शुल्क पर 23 प्रतिशत, राज्य उत्पाद शुल्क में 10 प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर रही है।</p>



<p>उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस: बोले सीएम धामी, प्रदेशवासियों के साथ मिलकर 25 साल का रोडमैप करेंगे तैयार</p>



<p>उत्तराखंड में वित्तीय वर्ष 2020 तक राजस्व घाटा था। वर्ष 2021 में राज्य का 1,113 करोड़ रुपये का राजस्व अधिशेष रहा। जो वित्त वर्ष 2023 में बढ़कर 5,310 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। राजस्व अधिशेष ने राज्य को वित्त वर्ष 2022 व 2023 में प्राथमिक खाते में अधिशेष उत्पन्न करने में सक्षम बनाया है, जिससे राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2020 के 7,657 करोड़ रुपये से घटकर वित्त वर्ष 2023 में केवल 2,949 करोड़ रुपये रह गया है। रिपोर्ट में वेतन, पेंशन व ब्याज भुगतान पर राज्य का व्यय वित्त वर्ष 2024 तक उसके कुल राजस्व व्यय का लगभग 58 प्रतिशत होगा, जो वित्त वर्ष 2019 के 66.5 प्रतिशत से कम है।</p>



<p>प्रदेश सरकार वित्तीय प्रबंधन में सुधार के लिए लगातार प्रयास है। एजेएनआईएफएम की ओर से राज्यों के वित्तीय प्रबंधन सूचकांक की रिपोर्ट में उत्तराखंड को हिमालयी राज्यों में दूसरा स्थान प्राप्त होना बड़ी उपलब्धि है।</p>
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		<title>6 नवंबर को नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी सर्वे पोत इक्षक</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 28 Oct 2025 08:05:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="354" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/nj-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/nj.jpg 652w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/nj-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />भारतीय नौसेना का स्वदेश निर्मित सर्वे पोत ‘इक्षक’ को यहां नौसेना अड्डे पर छह नवंबर को सैन्य बेड़े में शामिल किया जाएगा। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की मौजूदगी में सर्वे पोतों (बड़ी श्रेणी) के इस तीसरे पोत को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल किया जाएगा। ‘इक्षक’ का अर्थ मार्गदर्शक है। रक्षा जनसंपर्क &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="354" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/nj-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/nj.jpg 652w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/nj-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>भारतीय नौसेना का स्वदेश निर्मित सर्वे पोत ‘इक्षक’ को यहां नौसेना अड्डे पर छह नवंबर को सैन्य बेड़े में शामिल किया जाएगा।</p>



<p>नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की मौजूदगी में सर्वे पोतों (बड़ी श्रेणी) के इस तीसरे पोत को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल किया जाएगा। ‘इक्षक’ का अर्थ मार्गदर्शक है। रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>



<p>आधिकारिक बयान के अनुसार, यह पोत भारत की जल सर्वे उत्कृष्टता और स्वदेशीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।</p>



<p>गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड कोलकाता द्वारा पोत उत्पादन निदेशालय और युद्धपोत निरीक्षण दल (कोलकाता) की देखरेख में तैयार किए गए ‘इक्षक’ में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।</p>



<p>‘इक्षक’ ऐसा पहला एसवीएल पोत है, जिसमें महिलाओं के लिए विशेष सुविधा है।</p>
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