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	<title>शरद पूर्णिमा &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>शरद पूर्णिमा &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>शरद पूर्णिमा की रात करें ये उपाय, भरपूर कृपा बरसाएंगी मां लक्ष्मी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Oct 2024 04:44:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[मां लक्ष्मी]]></category>
		<category><![CDATA[शरद पूर्णिमा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-561-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-561.png 693w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-561-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को माह की महत्वपूर्ण तिथियों में से एक माना जाता है। आश्विन माह में आने वाली पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। साथ ही इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस तिथि पर महिलाएं अपनी संतान की खुशहाली के लिए व्रत भी करती हैं। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="343" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-561-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-561.png 693w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-561-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को माह की महत्वपूर्ण तिथियों में से एक माना जाता है। आश्विन माह में आने वाली पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। साथ ही इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस तिथि पर महिलाएं अपनी संतान की खुशहाली के लिए व्रत भी करती हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं इस दिन के लिए कुछ खास उपाय।</p>



<p>धर्म में आश्विन माह में आने वाली शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima 2024) को काफी खास माना गया है। यह तिथि मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति हेतु उत्तम मानी गई है। ऐसे में आप शरद पूर्णिमा की रात को कुछ विशेष उपाय कर सकते हैं, जिससे आपको धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है, साथ ही व्यक्ति के सौभाग्य में भी वृद्धि होती है।</p>



<p><strong>पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त (Sharad Purnima Shubh Muhurat)<br></strong>आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 16 अक्टूबर को रात 08 बजकर 40 मिनट पर हो रहा है। साथ ही इस तिथि का समापन 17 अक्टूबर को शाम 04 बजकर 55 मिनट पर होने जा रहा है। ऐसे में शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima 2024) 16 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दौरान शुभ मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है &#8211;</p>



<p>शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय &#8211; शाम 05 बजकर 05 मिनट पर</p>



<p>शरद पूर्णिमा निशिता काल &#8211; रात्रि 11 बजकर 42 से 12 बजकर 32 मिनट तक</p>



<p><strong>सुख-सौभाग्य में होगी वृद्धि (Sharad Purnima 2024 Upay)</strong><br>शरद पूर्णिमा की रात को एक बर्तन में खीर रखकर उसे रातभर खुले आसमान में चांदनी के रख दें। अब अगले दिन पूरे परिवार के साथ इस खीर का सेवन करें। यह शरद पूर्णिमा का एक प्रसिद्ध उपाय है, जिसे करने से व्यक्ति के सौभाग्य में वृद्धि होती है। इसी के साथ आप शरद पूर्णिमा के संध्या पूजन के दौरान मां लक्ष्मी को मखाना या मखाने से बनी खीर भी अर्पित कर सकते हैं।</p>



<p><strong>करें इस मंत्र का जप</strong><br>शरद पूर्णिमा की रात लक्ष्मी जी की मूर्ति या फोटो के समक्ष 5 घी के दीये जलाएं। इसके बाद मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए ‘ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः’ मंत्र का कम-से-कम 11 माला जप करें। साथ ही इस दिन पर मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए श्री कनकधारा स्तोत्र का पाठ भी किया जा सकता है।</p>
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		<title>शरद पूर्णिमा के दिन अवश्य करें इन चीजों का दान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Oct 2024 04:24:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[शरद पूर्णिमा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-509-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-509.png 762w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-509-medium.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />शरद पूर्णिमा का दिन बेहद शुभ माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल आश्विन मास की पूर्णिमा (Sharad Purnima 2024) 16 अक्टूबर 2024 को मनाई जाएगी। ऐसी मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से जीवन में शुभता आती है और व्यापार में वृद्धि होती है तो चलिए इस दिन से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-509-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-509.png 762w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-509-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>शरद पूर्णिमा का दिन बेहद शुभ माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल आश्विन मास की पूर्णिमा (Sharad Purnima 2024) 16 अक्टूबर 2024 को मनाई जाएगी। ऐसी मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से जीवन में शुभता आती है और व्यापार में वृद्धि होती है तो चलिए इस दिन से जुड़ी कुछ बातों को जानते हैं।</p>



<p>पूर्णिमा का दिन अत्यंत श्रेष्ठ माना जाता है। यह हर महीने में एक बार मनाई जाती है। आश्विन माह की पूर्णिमा को बेहद फलदायी माना गया है। यह दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और चंद्र देव को समर्पित है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन पूजा-पाठ और दान अवश्य करना चाहिए। इससे धन और सौभाग्य में वृद्धि होती है।</p>



<p>वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल आश्विन मास की पूर्णिमा (Sharad Purnima 2024) 16 अक्टूबर, 2024 को मनाई जाएगी, तो आइए इस दिन क्या दान करना शुभ माना जाता है। चलिए उसके बारे में जानते हैं।</p>



<p><strong>शरद पूर्णिमा पर जरूर करें ये दान (Sharad Purnima 2024 Daan)<br></strong>शरद पूर्णिमा पर चावल का दान, गुड़ का दान, दीप दान ( दीप जलाकर जल में प्रवाहित कर सकते हैं।) और घर पर बनाई गई खीर आदि का दान बेहद उत्तम माना जाता है। व्यक्ति को आर्थिक तंगी से छुटकारा मिल जाता है और मनचाहे फलों की भी प्राप्ति होती है। यही नहीं इन चीजों के दान से घर में धन-धान्य में वृद्धि होती है।</p>



<p>साथ ही विभन्न प्रकार के रोग-दोष से भी छुटकारा मिलता है, क्योंकि हिंदू धर्म में दान-पुण्य को पूजा का अहम हिस्सा माना गया है। यही कारण है कि सभी विशेष पर्व पर दान करने की सलाह (Sharad Purnima 2024 Upay) दी जाती है। हालांकि इसके परिणाम भी बेहद शुभ और कल्याणकारी होते हैं।</p>



<p><strong>शरद पूर्णिमा 2024 तिथि और शुभ मुहूर्त (Sharad Purnima 2024 Date Or Shubh Muhurat)<br></strong>हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि 16 अक्टूबर को रात्रि 08 बजकर 40 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 17 अक्टूबर को शाम को 04 बजकर 55 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए शरद पूर्णिमा का पर्व 16 अक्टूबर (Sharad Purnima 2024 Date) को मनाया जाएगा। वहीं, इस दिन चंद्रोदय शाम को 05 बजकर 05 मिनट पर होगा। ऐसे में आप इस दौरान चंद्रमा को अर्घ्य दे सकते हैं।</p>



<p><strong>चंद्रमा को अर्घ्य देने का मंत्र<br></strong>गगनार्णवमाणिक्य चन्द्र दाक्षायणीपते।</p>



<p>गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक॥</p>



<p>ॐ इमं देवा असपत्नं ग्वं सुवध्यं। महते क्षत्राय महते ज्यैश्ठाय महते</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>शरद पूर्णिमा पर फटाफट बनायें इस आसान रेसिपी से खीर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Oct 2024 10:20:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खाना -खजाना]]></category>
		<category><![CDATA[खीर]]></category>
		<category><![CDATA[शरद पूर्णिमा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="324" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-496-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-496.png 739w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-496-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />इस साल 16 अक्टूबर को Sharad Poornima 2024 है। आश्विन मास में आने वाली इस पूर्णिमा में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चांद की रोशनी में खीर बनाकर रखी जाती है जिसे बाद में परिवारजनों में बांटा जाता है। ऐसा करने से सुख-समृद्धि की वर्षा होती &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="324" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-496-large.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-496.png 739w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/10/Capture-496-medium.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>इस साल 16 अक्टूबर को Sharad Poornima 2024 है। आश्विन मास में आने वाली इस पूर्णिमा में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चांद की रोशनी में खीर बनाकर रखी जाती है जिसे बाद में परिवारजनों में बांटा जाता है। ऐसा करने से सुख-समृद्धि की वर्षा होती है। जानें शरद पूर्णिमा के लिए खीर (Sharad Poornima Kheer Recipe) बनाने की रेसिपी।</p>



<p>वैसे तो हर महीने पूर्णिमा आती है, लेकिन आश्विन मास की पूर्णिमा का बेहद खास महत्व होता है। इस महीने में आने वाली पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। शरद पूर्णिमा पर रात को चांद की रोशनी में चावल की खीर बनाकर रखने का बड़ा महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन अमृत वर्षा होती है और उसका अंश पाने के लिए चांद के नीचे खीर को रखा जाता है। इस साल शरद पूर्णिमा 16 अक्टूबर (Sharad Poornima 2024 Date) को है।</p>



<p>ऐसा माना जाता है कि इस दिन खीर को चांद की रोशनी में रखने से घर में सुख-समृद्धि की बढ़ोतरी होती है। इसलिए कई लोग इस दिन अपने घर की छत पर या बालकनी में चावल की खीर बनाकर रखते हैं और अगले दिन इस खीर को परिवार में सभी को बांटी जाती है। इस दिन आपको भी घर पर खीर बनाकर चांद के नीचे रखना चाहिए। इसलिए हम आपको आज चावल की खीर बनाने की आसान रेसिपी (Sharad Poornima Kheer Recipe) बताने वाले हैं। आइए जानें।</p>



<p><strong>चावल की खीर बनाने के लिए सामग्री</strong></p>



<p>चावल- 1/2 कप (बासमती चावल को धोकर भिगो दें)<br>दूध- 2 लीटर (फुल क्रीम दूध का इस्तेमाल करें)<br>चीनी- 1 कप (या स्वादानुसार)<br>इलायची- 4-5 (दरदरी पीसी हुई)<br>बादाम- 10-12 (बारीक कटे हुए)<br>काजू- 10-12 (बारीक कटे हुए)<br>किशमिश- 2 बड़े चम्मच<br>केसर- कुछ धागे<br>घी- 1 बड़ा चम्मच<br>नारियल बुरादा- 1 बड़ा चम्मच (गार्निश के लिए)</p>



<p><strong>चावल की खीर बनाने की विधि</strong></p>



<p><strong>चावल को पकाएं-</strong> एक पैन में घी गरम करें और उसमें भीगे हुए चावल को हल्का सुनहरा होने तक भून लें। फिर इसमें दूध डालकर उबाल लें।<br><strong>दूध को गाढ़ा करें- </strong>धीमी आंच पर दूध को तब तक पकाएं जब तक कि वह आधा न रह जाए। बीच-बीच में इसे चलाते रहें ताकि दूध नीचे लग न जाए।<br><strong>चीनी और इलायची डालें-</strong> जब दूध गाढ़ा हो जाए तो इसमें चीनी और पीसी हुई इलायची डालकर अच्छी तरह मिला लें।<br><strong>सूखे मेवे डालें-</strong> अब इसमें बादाम, काजू और किशमिश डालकर पकाएं।<br><strong>केसर डालें-</strong> एक छोटे बाउल में केसर को गर्म दूध में भिगो दें। जब खीर गाढ़ी हो जाए तो इसमें केसर वाला दूध डाल दें।<br><strong>गार्निश करें- </strong>गैस बंद कर दें और खीर को ठंडा होने दें। ठंडी होने के बाद इसे नारियल बुरादे से गार्निश करें।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 26 Oct 2023 04:31:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्र ग्रहण]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्र ग्रहण का साया]]></category>
		<category><![CDATA[शरद पूर्णिमा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="459" height="426" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/dharm-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/dharm-2.jpg 459w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/dharm-2-300x278.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 459px) 100vw, 459px" />साल का आखिरी चंद्र ग्रहण शनिवार, 28 अक्तूबर को आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को है। आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस चंद्र ग्रहण को भारत में देखा जा सकेगा जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य होगा। वैदिक पंचांग के अनुसार यह चंद्र ग्रहण &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="459" height="426" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/dharm-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/dharm-2.jpg 459w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/dharm-2-300x278.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 459px) 100vw, 459px" />
<p>साल का आखिरी चंद्र ग्रहण शनिवार, 28 अक्तूबर को आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को है। आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस चंद्र ग्रहण को भारत में देखा जा सकेगा जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य होगा। वैदिक पंचांग के अनुसार यह चंद्र ग्रहण भारत में 28 अक्तूबर की रात 01 बजकर 06 मिनट से शुरू हो जाएगा जो रात के 2 बजकर 22 मिनट पर तक चलेगा। इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण के 9 घंटे पहले शुरू हो जाएगा। इस तरह से 28 अक्तूबर को शाम 4 बजकर 44 मिनट से सूतक लग जाएगा जो ग्रहण की समाप्ति तक चलेगा।<br><strong>शरद पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण</strong><br>हिंदू धर्म में आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। इस पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा या कोजागरी पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा और खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखने का खास महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और घर-घर जाकर यह देखती हैं कि शरद पूर्णिमा पर कौन जाग रहा है। इस कारण से शरद पूर्णिमा को कोजागर पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है।</p>



<p>शरद पूर्णिमा पर देवी लक्ष्मी की पूजा और खुले आसमान के नीचे खीर रखने और फिर उसे अगली सुबह खाने का विशेष महत्व होता है। लेकिन बार शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया रहेगा ऐसे में चंद्र ग्रहण का सूतक शुरू होने से पहले पूजा-पाठ जरूर कर लेना चाहिए। ग्रहण की समाप्ति के बाद मंत्रों का जाप करें और दान-पुण्य करे।</p>



<p>शरद पूर्णिम पर खीर बनाने और उसे चांद की रोशनी में रखने से कई तरह के औषधि गुण आ जाते हैं लेकिन इस बार शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण भी लगेगा। इस वजह से ग्रहण की समाप्ति के बाद खीर बनान ज्यादा शुभ रहेगा। ऐसी मान्यता है कि ग्रहण और सूतक काल के दौरान न तो खाना बनाया जाता है और न ही खाना खाया जाता है। ग्रहण के दौरान खाने की सभी चीजों में तुल के पत्ते जरूर डालें।</p>



<p><strong>शरद पूर्णिमा पर देवी लक्ष्मी पूजा का महत्व</strong><br>शास्त्रों के अनुसार शरद पूर्णिमा पर देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा-आराधना का महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात को देवी लक्ष्मी घर-घर जाकर यह देखती हैं कि कौन जाग रहा है। ऐसे में रात भर जागकर पूजा-पाठ और मंत्रों का जाप करना चाहिए। शरद पूर्णिमा पर ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मयै नम: के मंत्रों का जाप करें।</p>



<p><strong>जानिए साल 2023 के आखिरी चंद्र ग्रहण की खास बातें</strong><br>1- साल 2023 का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अक्तूबर 2023 को है।<br>2- भारत में इस चंद्र ग्रहण को देखा जा सकेगा। चंद्र ग्रहण रात 01 बजकर 06 मिनट पर शुरू होगा और 02 बजकर 22 मिनट पर खत्म होगा।<br>3- इस चंद्र ग्रहण को भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, एशिया, हिंद महासागर, अटलांटिक, दक्षिणी प्रशांत महासागर, आर्कटिक और अंटार्कटिका में देखा जा सकेगा।<br>4- देश में चंद्र ग्रहण दिखाई देगा इस कारण से इसका सूतक काल मान्य होगा।<br>5- चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए। सिलाई बुनाई का काम नहीं करना चाहिए। इस दौरान पूजा-पाठ नहीं करना चाहिए। घर में बैठकर आप भगवान के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं। </p>



<p>चंद्र ग्रहण को भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, एशिया, हिंद महासागर, अटलांटिक, दक्षिणी प्रशांत महासागर, आर्कटिक और अंटार्कटिका में देखा जा सकेगा।</p>
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		<title>शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया, जानें इस दिन क्या करे</title>
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		<pubDate>Fri, 13 Oct 2023 05:54:30 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[चंद्र ग्रहण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="375" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/144.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/144.jpg 678w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/144-300x182.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />इस साल 28 अक्तूबर को शरद पूर्णिमा है। पंचांग के अनुसार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर शरद पूर्णिमा मनाई जाती है। शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पृथ्वी के बेहद निकट होता है और चंद्रमा की 16 कलाओं की आभा पृथ्वी के प्रत्येक जीव को प्रभावित करती है। शरद पूर्णिमा की रात &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="375" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/144.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/144.jpg 678w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/144-300x182.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>इस साल 28 अक्तूबर को शरद पूर्णिमा है। पंचांग के अनुसार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर शरद पूर्णिमा मनाई जाती है। शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पृथ्वी के बेहद निकट होता है और चंद्रमा की 16 कलाओं की आभा पृथ्वी के प्रत्येक जीव को प्रभावित करती है। शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा से निकलने वाली किरणें अमृत के समान मानी जाती हैं। यही वजह है कि इस दिन लोग खुले आसमान के नीचे खीर बनाकर रखते हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा पर रातभर चांद की रोशनी में खीर रखने से उसमें औषधीय गुण आ जाते हैं। फिर अगले दिन सुबह इस खीर का सेवन करने पर सेहत अच्छी रहती है। लेकिन इस बार शरद पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण की छाया पड़ने के कारण आसमान से अमृत नहीं बरसेगा। ऐसे में इस दिन खुले आसमान में खीर रखना सही होगा या नहीं? चलिए जानते हैं इसके बारे में…</p>



<p>कब लग रहा चंद्र ग्रहण?<br>यह चंद्र ग्रहण 29 अक्तूबर की रात 01 बजकर 06 मिनट पर शुरू होगा और 02 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। चंद्र ग्रहण मध्यरात्रि में पड़ रहा है लेकिन इसका सूतक काल 28 अक्तूबर को दोपहर के बाद से ही प्रारंभ हो जाएगा।</p>



<p>शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया<br>इस बा नौ साल के बाद शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का संयोग बन रहा है और यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण की घटना को शुभ नहीं माना जाता है। ऐसे में शरद पूर्णिमा पर पूजा अर्चना सहित अन्य कार्यक्रम दिन में ही संपन्न कर लिए जाएंगे।</p>



<p>ग्रहण के साथ ही इसके सूतक काल को भी शुभ नहीं माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ निशेध माना जाता है। ऐसे में 28 अक्तूबर को दोपहर के बाद से ही मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। इस वजह से शरद पूर्णिमा पर बनने वाली खीर भी इस बार मध्य रात्रि में नहीं बनेगी। ऐसे में आप चाहें तो दूसरे दिन खीर बनाकर भगवान को भोग लगा सकते हैं।</p>



<p>चंद्रग्रहण खत्म होने के बाद कर सकते हैं ये कार्य<br>सबसे पहले तो चंद्रग्रहण का सूतक काल शुरू होने के पहले गाय के दूध में कुशा या तुलसी की पत्तियां डाल दें।<br>फिर उसे ढककर रख दें। इससे सूतक काल के दौरान दूध शुद्ध रहेगा।<br>बाद में चंद्रग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करें और पूरे घर में गंगाजल छिड़कें।<br>इसके पश्चात आप इस दूध की खीर बनाकर भोग लगा सकते हैं।<br>आप चाहें तो भोर में आप अमृत वर्षा के लिए इस खीर को खुले आसमान के नीचे रख सकते हैं।</p>
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