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	<title>शबरी जयंती &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>शबरी जयंती &#8211; Live Halchal</title>
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		<title>शबरी जयंती आज, करें भगवान राम की भव्य आरती</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 05:02:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
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		<category><![CDATA[शबरी जयंती]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="436" height="329" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/23-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/23-1.jpg 436w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/23-1-300x226.jpg 300w" sizes="(max-width: 436px) 100vw, 436px" />फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शबरी जयंती मनाई जाती है। यह दिन भक्ति, प्रतीक्षा और विश्वास की उस पराकाष्ठा का प्रतीक है, जब एक भक्त की निस्वार्थ भक्ति ने स्वयं भगवान राम को उसके द्वार तक आने पर विवश कर दिया था। इस साल शबरी जयंती 9 फरवरी यानी आज के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="436" height="329" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/23-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/23-1.jpg 436w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/23-1-300x226.jpg 300w" sizes="(max-width: 436px) 100vw, 436px" />
<p>फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को शबरी जयंती मनाई जाती है। यह दिन भक्ति, प्रतीक्षा और विश्वास की उस पराकाष्ठा का प्रतीक है, जब एक भक्त की निस्वार्थ भक्ति ने स्वयं भगवान राम को उसके द्वार तक आने पर विवश कर दिया था। इस साल शबरी जयंती 9 फरवरी यानी आज के दिन मनाई जा रही है।</p>



<p>माता शबरी की भक्ति की सबसे बड़ी सीख यह है कि भगवान जाति, रंग या कुल नहीं, बल्कि केवल प्रेम और भाव देखते हैं। आइए आज के शुभ दिन (Shabari Jayanti 2026) पर प्रभु राम, माता सीता और भक्त शबरी माता की आरती कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं, जो इस प्रकार हैं &#8211;</p>



<p><strong>।।भगवान राम की आरती।। (Shri Ramchandra Ji Aarti)<br></strong>श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम्।</p>



<p>नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।</p>



<p>कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।</p>



<p>पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।</p>



<p>भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।</p>



<p>रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।</p>



<p>सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।</p>



<p>आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।</p>



<p>इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।</p>



<p>मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।</p>



<p>मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।</p>



<p>करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।</p>



<p>एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।</p>



<p>तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।</p>



<p>दोहा- जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।</p>



<p>मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।</p>



<p><strong>।।मां सीता आरती।। (Sita Mata Aarti)<br></strong>आरती श्री जनक दुलारी की ।</p>



<p>सीता जी रघुवर प्यारी की ॥</p>



<p>जगत जननी जग की विस्तारिणी,</p>



<p>नित्य सत्य साकेत विहारिणी,</p>



<p>परम दयामयी दिनोधारिणी,</p>



<p>सीता मैया भक्तन हितकारी की ॥</p>



<p>आरती श्री जनक दुलारी की ।</p>



<p>सीता जी रघुवर प्यारी की ॥</p>



<p>सती श्रोमणि पति हित कारिणी,</p>



<p>पति सेवा वित्त वन वन चारिणी,</p>



<p>पति हित पति वियोग स्वीकारिणी,</p>



<p>त्याग धर्म मूर्ति धरी की ॥</p>



<p>आरती श्री जनक दुलारी की ।</p>



<p>सीता जी रघुवर प्यारी की ॥</p>



<p>विमल कीर्ति सब लोकन छाई,</p>



<p>नाम लेत पवन मति आई,</p>



<p>सुमीरात काटत कष्ट दुख दाई,</p>



<p>शरणागत जन भय हरी की ॥</p>



<p>आरती श्री जनक दुलारी की ।</p>



<p>सीता जी रघुवर प्यारी की ॥</p>



<p><strong>।।देवी शबरी की आरती।।<br></strong>ओम जय शबरी माता, मैया जय शबरी माता<br>सब जग की सुखदाता, सब जग की सुखदाता<br>सबकी भव त्राता, ओम जय शबरी माता ॥<br>राम जी की अगवानी, बन गए रूप रुद्र भवानी<br>मैया बन गई रुद्र भवानी, राम जी को बेर खिलाकर<br>राम जी से जोड़ा नाता, ओम जय शबरी माता ॥<br>कुटिया में प्रभु आएं, प्रेम से निशदिन गाएं<br>तुमड़ी में जल भर लाई, प्रभु को भूख मिटाई<br>मन की भक्ति लाती, ओम जय शबरी माता ॥<br>धन-धन शबरी बड़भागी, प्रभु तुम पर अनुराग<br>नवधा भक्ति पाकर, प्रभु राम में समाई<br>सुख की सरिता बहाती, ओम जय शबरी माता ॥<br>ओम जय शबरी माता, मैया जय शबरी माता<br>सब जग की सुखदाता, सब जग की सुखदाता<br>सबकी भव त्राता, ओम जय शबरी माता ॥</p>
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		<title>शबरी जयंती पर इस विधि से करें पूजा, लगाएं ये भोग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 04:43:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[शबरी जयंती]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="319" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/23.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/23.jpg 681w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/23-300x155.jpg 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />शबरी जयंती भक्ति और अटूट विश्वास का पर्व है। यह दिन उस भक्त को समर्पित है, जिन्होंने अपनी प्रतीक्षा और प्रेम से साक्षात भगवान को अपने द्वार पर बुला लिया था। फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाने वाली शबरी जयंती इस साल 9 फरवरी यानी आज के दिन मनाई जा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="319" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/23.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/23.jpg 681w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/23-300x155.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>शबरी जयंती भक्ति और अटूट विश्वास का पर्व है। यह दिन उस भक्त को समर्पित है, जिन्होंने अपनी प्रतीक्षा और प्रेम से साक्षात भगवान को अपने द्वार पर बुला लिया था। फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाने वाली शबरी जयंती इस साल 9 फरवरी यानी आज के दिन मनाई जा रही है। भगवान राम ने शबरी माता के जूठे बेर खाकर पूरे संसार को यह संदेश दिया था कि भक्ति में न कोई छोटा होता है और न ही कोई बड़ा। आइए जानते हैं इस शुभ दिन की सरल पूजा विधि, भोग और मंत्र, जो इस प्रकार हैं –</p>



<p><strong>पूजन विधि (Shabari Jayanti 2026 Pujan Vidhi)<br></strong>सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और हाथ में जल लेकर भगवान राम व माता शबरी का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।<br>पूजा घर या किसी साफ स्थान पर गंगाजल छिड़कें।<br>वहां एक वेदी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान राम, माता सीता और माता शबरी की प्रतिमा स्थापित करें।<br>गाय के घी का दीपक और धूप जलाएं।<br>भगवान राम को पीले फूल और माता सीता व देवी शबरी को लाल फूल अर्पित करें।<br>गोपी चंदन और रोली का तिलक लगाएं।<br>पूजा के दौरान रामायण के ‘शबरी प्रसंग’ का पाठ करें या सुनें।<br>फिर शबरी कथा का पाठ करें।<br>अंत में आरती करें।<br>पूजा में हुई सभी गलती के लिए माफी मांगे।</p>



<p><strong>लगाएं ये भोग (Shabari Jayanti 2026 Prasad/Bhog List)<br></strong>माता शबरी की पूजा में बेर का सबसे अधिक महत्व है।</p>



<p>बेर का भोग: इस दिन भगवान राम और माता शबरी को बेर का भोग जरूर लगाएं। ध्यान रखें कि फल ताजे और मीठे हों।<br>सात्विक मिठाई: इसके अलावा आप कंद-मूल, शहद और घर में बनी केसरिया खीर का भी भोग लगा सकते हैं।</p>



<p><strong>करें इन मंत्रों का जप (Shabari Jayanti 2026 Puja Mantra)<br></strong>ॐ रामाय नमः॥<br>ॐ भक्तवत्सलायै नमः॥<br>श्री राम जय राम जय जय राम॥<br>राम रामायेति रामेति रमे रामे मनोरमे।<br>सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने॥</p>
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		<title>शबरी जयंती पर करें ये एक काम, सुख-शांति का मिलेगा आशीर्वाद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Feb 2026 05:06:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[शबरी जयंती]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="317" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-05-210630.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-05-210630.png 765w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-05-210630-300x154.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />शबरी जयंती धैर्य और अटूट विश्वास का प्रतीक है। देवी शबरी ने अपने गुरु के वचनों पर विश्वास करके सालों तक भगवान राम की प्रतीक्षा की और आखिर में अपनी कुटिया में प्रभु राम के दर्शन पाए। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल शबरी जयंती 08 फरवरी 2026, दिन रविवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="317" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-05-210630.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-05-210630.png 765w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2026/02/Screenshot-2026-02-05-210630-300x154.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>शबरी जयंती धैर्य और अटूट विश्वास का प्रतीक है। देवी शबरी ने अपने गुरु के वचनों पर विश्वास करके सालों तक भगवान राम की प्रतीक्षा की और आखिर में अपनी कुटिया में प्रभु राम के दर्शन पाए। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल शबरी जयंती 08 फरवरी 2026, दिन रविवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पूजा-पाठ और व्रत रखने से जीवन के सभी कष्टों का अंत होता है। साथ ही भक्ति का आशीर्वाद मिलता है। वहीं, इस दिन भगवान राम की चालीसा का पाठ परम कल्याणकारी माना गया है, जो इस प्रकार हैं –</p>



<p><strong>॥राम चालीसा॥<br>॥ दोहा ॥</strong></p>



<p>आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनं</p>



<p>वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं</p>



<p>बाली निर्दलं समुद्र तरणं लङ्कापुरी दाहनम्</p>



<p>पश्चद्रावनं कुम्भकर्णं हननं एतद्धि रामायणं</p>



<p><strong>॥ चौपाई ॥</strong></p>



<p>श्री रघुबीर भक्त हितकारी ।</p>



<p>सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी ॥</p>



<p>निशि दिन ध्यान धरै जो कोई ।</p>



<p>ता सम भक्त और नहिं होई ॥</p>



<p>ध्यान धरे शिवजी मन माहीं ।</p>



<p>ब्रह्मा इन्द्र पार नहिं पाहीं ॥</p>



<p>जय जय जय रघुनाथ कृपाला ।</p>



<p>सदा करो सन्तन प्रतिपाला ॥</p>



<p>दूत तुम्हार वीर हनुमाना ।</p>



<p>जासु प्रभाव तिहूँ पुर जाना ॥</p>



<p>तुव भुजदण्ड प्रचण्ड कृपाला ।</p>



<p>रावण मारि सुरन प्रतिपाला ॥</p>



<p>तुम अनाथ के नाथ गोसाईं ।</p>



<p>दीनन के हो सदा सहाई ॥</p>



<p>ब्रह्मादिक तव पार न पावैं ।</p>



<p>सदा ईश तुम्हरो यश गावैं ॥</p>



<p>चारिउ वेद भरत हैं साखी ।</p>



<p>तुम भक्तन की लज्जा राखी ॥</p>



<p>गुण गावत शारद मन माहीं ।</p>



<p>सुरपति ताको पार न पाहीं ॥ 10 ॥</p>



<p>नाम तुम्हार लेत जो कोई ।</p>



<p>ता सम धन्य और नहिं होई ॥</p>



<p>राम नाम है अपरम्पारा ।</p>



<p>चारिहु वेदन जाहि पुकारा ॥</p>



<p>गणपति नाम तुम्हारो लीन्हों ।</p>



<p>तिनको प्रथम पूज्य तुम कीन्हों ॥</p>



<p>शेष रटत नित नाम तुम्हारा ।</p>



<p>महि को भार शीश पर धारा ॥</p>



<p>फूल समान रहत सो भारा ।</p>



<p>पावत कोउ न तुम्हरो पारा ॥</p>



<p>भरत नाम तुम्हरो उर धारो ।</p>



<p>तासों कबहुँ न रण में हारो ॥</p>



<p>नाम शत्रुहन हृदय प्रकाशा ।</p>



<p>सुमिरत होत शत्रु कर नाशा ॥</p>



<p>लषन तुम्हारे आज्ञाकारी ।</p>



<p>सदा करत सन्तन रखवारी ॥</p>



<p>ताते रण जीते नहिं कोई ।</p>



<p>युद्ध जुरे यमहूँ किन होई ॥</p>



<p>महा लक्ष्मी धर अवतारा ।</p>



<p>सब विधि करत पाप को छारा ॥ 20 ॥</p>



<p>सीता राम पुनीता गायो ।</p>



<p>भुवनेश्वरी प्रभाव दिखायो ॥</p>



<p>घट सों प्रकट भई सो आई ।</p>



<p>जाको देखत चन्द्र लजाई ॥</p>



<p>सो तुमरे नित पांव पलोटत ।</p>



<p>नवो निद्धि चरणन में लोटत ॥</p>



<p>सिद्धि अठारह मंगल कारी ।</p>



<p>सो तुम पर जावै बलिहारी ॥</p>



<p>औरहु जो अनेक प्रभुताई ।</p>



<p>सो सीतापति तुमहिं बनाई ॥</p>



<p>इच्छा ते कोटिन संसारा ।</p>



<p>रचत न लागत पल की बारा ॥</p>



<p>जो तुम्हरे चरनन चित लावै ।</p>



<p>ताको मुक्ति अवसि हो जावै ॥</p>



<p>सुनहु राम तुम तात हमारे ।</p>



<p>तुमहिं भरत कुल- पूज्य प्रचारे ॥</p>



<p>तुमहिं देव कुल देव हमारे ।</p>



<p>तुम गुरु देव प्राण के प्यारे ॥</p>



<p>जो कुछ हो सो तुमहीं राजा ।</p>



<p>जय जय जय प्रभु राखो लाजा ॥ 30 ॥</p>



<p>रामा आत्मा पोषण हारे ।</p>



<p>जय जय जय दशरथ के प्यारे ॥</p>



<p>जय जय जय प्रभु ज्योति स्वरूपा ।</p>



<p>निगुण ब्रह्म अखण्ड अनूपा ॥</p>



<p>सत्य सत्य जय सत्य- ब्रत स्वामी ।</p>



<p>सत्य सनातन अन्तर्यामी ॥</p>



<p>सत्य भजन तुम्हरो जो गावै ।</p>



<p>सो निश्चय चारों फल पावै ॥</p>



<p>सत्य शपथ गौरीपति कीन्हीं ।</p>



<p>तुमने भक्तहिं सब सिद्धि दीन्हीं ॥</p>



<p>ज्ञान हृदय दो ज्ञान स्वरूपा ।</p>



<p>नमो नमो जय जापति भूपा ॥</p>



<p>धन्य धन्य तुम धन्य प्रतापा ।</p>



<p>नाम तुम्हार हरत संतापा ॥</p>



<p>सत्य शुद्ध देवन मुख गाया ।</p>



<p>बजी दुन्दुभी शंख बजाया ॥</p>



<p>सत्य सत्य तुम सत्य सनातन ।</p>



<p>तुमहीं हो हमरे तन मन धन ॥</p>



<p>याको पाठ करे जो कोई ।</p>



<p>ज्ञान प्रकट ताके उर होई ॥ 40 ॥</p>



<p>आवागमन मिटै तिहि केरा ।</p>



<p>सत्य वचन माने शिव मेरा ॥</p>



<p>और आस मन में जो ल्यावै ।</p>



<p>तुलसी दल अरु फूल चढ़ावै ॥</p>



<p>साग पत्र सो भोग लगावै ।</p>



<p>सो नर सकल सिद्धता पावै ॥</p>



<p>अन्त समय रघुबर पुर जाई ।</p>



<p>जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई ॥</p>



<p>श्री हरि दास कहै अरु गावै ।</p>



<p>सो वैकुण्ठ धाम को पावै ॥</p>



<p><strong>॥ दोहा ॥<br></strong>सात दिवस जो नेम कर पाठ करे चित लाय ।</p>



<p>हरिदास हरिकृपा से अवसि भक्ति को पाय ॥</p>



<p>राम चालीसा जो पढ़े रामचरण चित लाय ।</p>



<p>जो इच्छा मन में करै सकल सिद्ध हो जाय ॥</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>शबरी जयंती पर करें मां सीता के इन मंत्रों का जाप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 20 Feb 2025 05:08:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[शबरी जयंती]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-468-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-468.jpg 744w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-468-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />शबरी प्रभु राम की परम भक्त थी। उन्होंने अपना पूरा जीवन राम जी की राह देखने में निकाल दी। आज शबरी जयंती (Shabari Jayanti 2025 Date And Time) मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस विशेष अवसर मां शबरी और राम जी की पूजा के साथ माता सीता की पूजा भी जरूर करनी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="350" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-468-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-468.jpg 744w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/Capture-468-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>शबरी प्रभु राम की परम भक्त थी। उन्होंने अपना पूरा जीवन राम जी की राह देखने में निकाल दी। आज शबरी जयंती (Shabari Jayanti 2025 Date And Time) मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस विशेष अवसर मां शबरी और राम जी की पूजा के साथ माता सीता की पूजा भी जरूर करनी चाहिए। इससे जीवन के सभी कष्टों का अंत होता है।</p>



<p>शबरी जयंती भक्ति, प्रेम और त्याग की शक्ति का दिन है। माता शबरी का जीवन इस विचार का प्रमाण है कि सच्ची भक्ति बाधाओं से परे है, चाहे वह सामाजिक, सांस्कृतिक या भौतिक ही क्यों न हो। भगवान राम के प्रति उनकी अटूट आस्था दुनिया भर के लाखों लोगों को पवित्रता, ईमानदारी और भक्ति के साथ जीने के लिए प्रेरित करती रहती है।</p>



<p>शबरी जयंती के जरिए हमें ये पता चलता है कि भक्ति बाहरी दिखावे से नहीं है, बल्कि अंदर की श्रद्धा और परमात्मा के साथ गहरे संबंध के बारे में है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल शबरी जयंती आज यानी 20 फरवरी, 2025 को मनाई जा रही है, तो आइए इस पावन दिन को और भी खास बनाने के लिए मां सीता के नामों का जाप करते हैं, जिससे राम दरबार की कृपा मिल सके।</p>



<p><strong>।।मां सीता के 108 नाम।।</strong></p>



<p>ॐ सीतायै नमः<br>ॐ जानक्यै नमः<br>ॐ देव्यै नमः<br>ॐ वैदेह्यै नमः<br>ॐ राघवप्रियायै नमः<br>ॐ रमायै नमः<br>ॐ अवनिसुतायै नमः<br>ॐ रामायै नमः<br>ॐ राक्षसान्तप्रकारिण्यै नमः<br>ॐ रत्नगुप्तायै नमः<br>ॐ मातुलिङ्ग्यै नमः<br>ॐ मैथिल्यै नमः<br>ॐ भक्ततोषदायै नमः<br>ॐ पद्माक्षजायै नमः<br>ॐ कञ्जनेत्रायै नमः<br>ॐ स्मितास्यायै नमः<br>ॐ नूपुरस्वनायै नमः<br>ॐ वैकुण्ठनिलयायै नमः<br>ॐ मायै नमः<br>ॐ श्रियै नमः<br>ॐ मुक्तिदायै नमः<br>ॐ कामपूरण्यै नमः<br>ॐ नृपात्मजायै नमः<br>ॐ हेमवर्णायै नमः<br>ॐ मृदुलाङ्ग्यै नमः<br>ॐ सुभाषिण्यै नमः<br>ॐ कुशाम्बिकायै नमः<br>ॐ दिव्यदायै नमः<br>ॐ लवमात्रे नमः<br>ॐ मनोहरायै नमः<br>ॐ हनुमद् वन्दितपदायै नमः<br>ॐ मुक्तायै नमः<br>ॐ केयूरधारिण्यै नमः<br>ॐ अशोकवनमध्यस्थायै नमः<br>ॐ रावणादिकमोहिण्यै नमः<br>ॐ विमानसंस्थितायै नमः<br>ॐ सुभृवे नमः<br>ॐ सुकेश्यै नमः<br>ॐ रशनान्वितायै नमः<br>ॐ रजोरूपायै नमः<br>ॐ सत्वरूपायै नमः<br>ॐ तामस्यै नमः<br>ॐ वह्निवासिन्यै नमः<br>ॐ हेममृगासक्त चित्तयै नमः<br>ॐ वाल्मीकाश्रम वासिन्यै नमः<br>ॐ पतिव्रतायै नमः<br>ॐ महामायायै नमः<br>ॐ पीतकौशेय वासिन्यै नमः<br>ॐ मृगनेत्रायै नमः<br>ॐ बिम्बोष्ठ्यै नमः<br>ॐ धनुर्विद्या विशारदायै नमः<br>ॐ सौम्यरूपायै नमः<br>ॐ दशरथस्तनुषाय नमः<br>ॐ चामरवीजितायै नमः<br>ॐ सुमेधा दुहित्रे नमः<br>ॐ दिव्यरूपायै नमः<br>ॐ त्रैलोक्य पालिन्यै नमः<br>ॐ अन्नपूर्णायै नमः<br>ॐ महाल्क्ष्म्यै नमः<br>ॐ धिये नमः<br>ॐ लज्जायै नमः<br>ॐ सरस्वत्यै नमः<br>ॐ शान्त्यै नमः<br>ॐ पुष्ट्यै नमः<br>ॐ शमायै नमः<br>ॐ गौर्यै नमः<br>ॐ प्रभायै नमः<br>ॐ अयोध्यानिवासिन्यै नमः<br>ॐ वसन्तशीतलायै नमः<br>ॐ गौर्यै नमः<br>ॐ स्नान सन्तुष्ट मानसायै नमः<br>ॐ रमानाम भद्रसंस्थायै नमः<br>ॐ हेमकुम्भपयोधरायै नमः<br>ॐ सुरार्चितायै नमः<br>ॐ धृत्यै नमः<br>ॐ कान्त्यै नमः<br>ॐ स्मृत्यै नमः<br>ॐ मेधायै नमः<br>ॐ विभावर्यै नमः<br>ॐ लघूधरायै नमः<br>ॐ वारारोहायै नमः<br>ॐ हेमकङ्कणमण्दितायै नमः<br>ॐ द्विजपत्न्यर्पितनिजभूषायै नमः<br>ॐ रघवतोषिण्यै नमः<br>ॐ श्रीरामसेवनरतायै नमः<br>ॐ रत्नताटङ्क धारिण्यै नमः<br>ॐ रामवामाङ्कसंस्थायै नमः<br>ॐ रामचन्द्रैक रञ्जिन्यै नमः<br>ॐ सरयूजल सङ्क्रीडा कारिण्यै नमः<br>ॐ राममोहिण्यै नमः<br>ॐ सुवर्ण तुलितायै नमः<br>ॐ पुण्यायै नमः<br>ॐ पुण्यकीर्तये नमः<br>ॐ कलावत्यै नमः<br>ॐ कलकण्ठायै नमः<br>ॐ कम्बुकण्ठायै नमः<br>ॐ रम्भोरवे नमः<br>ॐ गजगामिन्यै नमः<br>ॐ रामार्पितमनसे नमः<br>ॐ रामवन्दितायै नमः<br>ॐ राम वल्लभायै नमः<br>ॐ श्रीरामपद चिह्नाङ्गायै नमः<br>ॐ राम रामेति भाषिण्यै नमः<br>ॐ रामपर्यङ्कशयनायै नमः<br>ॐ रामाङ्घ्रिक्षालिण्यै नमः<br>ॐ वरायै नमः<br>ॐ कामधेन्वन्नसन्तुष्टायै नमः<br>ॐ मातुलिङ्गकराधृतायै नमः</p>
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		<title>शबरी जयंती पर करें भगवान राम की विशेष पूजा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 03 Mar 2024 04:43:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अध्यात्म]]></category>
		<category><![CDATA[धर्म]]></category>
		<category><![CDATA[शबरी जयंती]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="348" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/ज्ख्पोइउग-large.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/ज्ख्पोइउग-large.webp 1024w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/ज्ख्पोइउग-medium.webp 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/ज्ख्पोइउग-768x432.webp 768w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/03/ज्ख्पोइउग.webp 1200w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />शबरी भगवान राम की बहुत बड़ी भक्त थीं। हर साल उनका जन्मोत्सव शबरी जयंती के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रीराम के साथ माता शबरी की पूजा होती है। कहा जाता है कि शबरी की भगवान राम के प्रति अटूट भक्ति के कारण ही उन्हें ये आशीर्वाद प्राप्त था &#8230;]]></description>
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<p>शबरी भगवान राम की बहुत बड़ी भक्त थीं। हर साल उनका जन्मोत्सव शबरी जयंती के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रीराम के साथ माता शबरी की पूजा होती है। कहा जाता है कि शबरी की भगवान राम के प्रति अटूट भक्ति के कारण ही उन्हें ये आशीर्वाद प्राप्त था कि जो भक्त उनकी उपासना करेंगे उन पर मर्यादा पुरुषोत्तम की कृपा सदैव बनी रहेगी।</p>



<p>बता दें, शबरी जयंती फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। इस साल यह 3 मार्च यानी आज मनाई जा रही है।</p>



<p><strong>शबरी जयंती तिथि और शुभ मुहूर्त</strong></p>



<p>शबरी जयंती हर साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। इस साल शबरी जयंती की शुरुआत 2 मार्च रात्रि 8 बजकर 58 मिनट से होगी। साथ ही इसका समापन 3 मार्च रात्रि 9 बजकर 26 मिनट पर होगा। सनातन धर्म में उदया तिथि का महत्व है इसलिए 3 मार्च को इसका व्रत रखा जाएगा।</p>



<p><strong>शबरी जयंती पूजन नियम</strong><br>इस दिन सुबह उठकर सबसे पहले श्री राम और माता शबरी का स्मरण करें और फिर उन्हें नमस्कार करें। घर और मंदिर को साफ-सुथरा करें। पानी में गंगा जल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद आचमन करें। फिर उपवास का संकल्प लें। एक लकड़ी की चौकी पर भगवान श्री राम और माता शबरी की प्रतिमा स्थापित करें। उन्हें फल, फूल, दूर्वा, सिन्दूर, अक्षत, धूप, दीप और पूजा की अन्य चीजें अर्पित करें।</p>



<p>इस दिन भगवान राम को भोग के रूप में बेर अवश्य चढ़ाएं। फिर आरती करें और अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करें। अंत में पूजा में हुई गलती के लिए क्षमा मांगे। अगले दिन पूजा करने के बाद अपने व्रत का पारण करें।</p>
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