शनि प्रदोष व्रत – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Sat, 14 Feb 2026 08:24:31 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg शनि प्रदोष व्रत – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 शनि प्रदोष व्रत पर करें ये विशेष आरती, खुल जाएंगे किस्मत के द्वार https://livehalchal.com/%e0%a4%b6%e0%a4%a8%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%af%e0%a5%87/660711 Sat, 14 Feb 2026 05:31:25 +0000 https://livehalchal.com/?p=660711 हिंदू धर्म में शनि प्रदोष व्रत (Shani Pradosh 2026) भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे शुभ दिन माना जाता है, जो इस बार 14 फरवरी यानी आज पड़ रहा है। वहीं, इस दिन विधि-विधान से पूजा और आरती करने से घर में सुख-शांति का वास होता है। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत (Shani Pradosh …]]>

हिंदू धर्म में शनि प्रदोष व्रत (Shani Pradosh 2026) भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे शुभ दिन माना जाता है, जो इस बार 14 फरवरी यानी आज पड़ रहा है। वहीं, इस दिन विधि-विधान से पूजा और आरती करने से घर में सुख-शांति का वास होता है।

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत (Shani Pradosh 2026) को भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे शुभ दिन माना जाता है। जब प्रदोष व्रत शनिवार के दिन पड़ता है, तो उसे ‘शनि प्रदोष’ कहा जाता है। इस बार शनि प्रदोष आज यानी 14 फरवरी को मनाया जा रहा है। यह दिन न केवल महादेव को खुश करने के लिए, बल्कि शनि देव के अशुभ प्रभावों को शांत करने के लिए भी बहुत फलदायी माना जाता है।

ऐसी मान्यता है कि शनि प्रदोष के दिन विधि-विधान से पूजा और आरती करने से व्यक्ति के जीवन से दरिद्रता दूर होती है और बंद किस्मत के दरवाजे खुल जाते हैं, तो आइए यहां शिव-शक्ति की भव्य आरती करते हैं, जो इस प्रकार हैं –

।।शिव जी की आरती।। (Lord Shiv Aarti)
जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।

ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव…॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।

हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव…॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।

त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव…॥

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।

चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव…॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।

सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव…॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।

जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव…॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।

प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव…॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।

नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव…॥

त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।

कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव…॥

।।माता पार्वती की आरती।। (Mata Parvati Ki Aarti)
जय पार्वती माता जय पार्वती माता

ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता

जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुणगु गाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा

देव वधुजहं गावत नृत्य कर ताथा।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता

हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

शुम्भ निशुम्भ विदारेहेमांचल स्याता

सहस भुजा तनुधरिके चक्र लियो हाथा।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

सृष्ट‍ि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता

नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

देवन अरज करत हम चित को लाता

गावत दे दे ताली मन मेंरंगराता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता

सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।

जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।

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शनि प्रदोष व्रत आज, बन रहे हैं कई शुभ योग https://livehalchal.com/%e0%a4%b6%e0%a4%a8%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%ac%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%87-%e0%a4%b9/660699 Sat, 14 Feb 2026 05:16:56 +0000 https://livehalchal.com/?p=660699 Aaj ka Panchang 14 फरवरी 2026 के अनुसार, आज शनि प्रदोष के दिन कई शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन भगवान शिव और शनि देव की पूजा का विधान है। ऐसे में आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल का समय समेत आदि जानकारी। …]]>

Aaj ka Panchang 14 फरवरी 2026 के अनुसार, आज शनि प्रदोष के दिन कई शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन भगवान शिव और शनि देव की पूजा का विधान है। ऐसे में आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल का समय समेत आदि जानकारी।

पंचांग के अनुसार, आज यानी शनि प्रदोष पर कई शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन शनि देव और देवों के देव महादेव की पूजा होती है। इस दिन पूजा-पाठ व व्रत करने से साधक के जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही जीवन में सुख-शांति आती है। ऐसे में आइए जानते हैं आज का पंचांग (Aaj ka Panchang 14 February 2026) के बारे में।

तिथि: कृष्ण द्वादशी
मास पूर्णिमांत: फाल्गुन
दिन: शनिवार
संवत्: 2082

तिथि: कृष्ण द्वादशी – शाम 04:01 बजे तक
योग: सिद्धि – रात 03:18 बजे तक (15 फरवरी)
करण: तैतिल – शाम 04:01 बजे तक
करण: गरज – रात 04:37 बजे तक (15 फरवरी)

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय का समय:
सुबह 07:00 बजे
सूर्यास्त का समय: शाम 06:10 बजे
चंद्रोदय का समय: सुबह 05:36 बजे (15 फरवरी)
चंद्रास्त का समय: दोपहर 03:08 बजे

आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 01:03 बजे से 02:47 बजे तक

आज के अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 09:48 बजे से 11:12 बजे तक
गुलिकाल: सुबह 07:00 बजे से 08:24 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 01:59 बजे से सायं 03:23 बजे तक

आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र: शाम 06:16 बजे तक
सामान्य विशेषताएं: लोकप्रिय, धार्मिक, आध्यात्मिक, साहसी, हंसमुख, बुद्धिमान, सलाहकार, दयालु, उदार, वफादार मित्र, खतरनाक शत्रु, लंबा कद, यात्रा प्रिय और विलासिता

नक्षत्र स्वामी: शुक्रदेव
राशि स्वामी: बृहस्पतिदेव
देवता: अपस (ब्रह्मांडीय महासागर)
प्रतीक: हाथी का दांत और पंखा

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साल के पहले शनि प्रदोष व्रत जरूर पढ़ें ये व्रत कथा https://livehalchal.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%a8%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%b0/598554 Sat, 11 Jan 2025 05:20:01 +0000 https://livehalchal.com/?p=598554 हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत बहुत फलदायी माना गया है। यह दिन देवों के देव महादेव को समर्पित है जो लोग इस दिन कठिन व्रत के साथ विधिवत पूजा-पाठ करते हैं उन्हें सुख-शांति की प्राप्ति होती है। इस बार यह व्रत (Pradosh Vrat 2025) 11 जनवरी यानी आज के दिन रखा जा रहा है तो …]]>

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत बहुत फलदायी माना गया है। यह दिन देवों के देव महादेव को समर्पित है जो लोग इस दिन कठिन व्रत के साथ विधिवत पूजा-पाठ करते हैं उन्हें सुख-शांति की प्राप्ति होती है। इस बार यह व्रत (Pradosh Vrat 2025) 11 जनवरी यानी आज के दिन रखा जा रहा है तो चलिए इस दिन की कुछ जरूरी बातों को जानते हैं।

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को बहुत विशेष माना गया है। ये व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। यह प्रत्येक माह में दो बार रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा होती है। कहते हैं कि इस दिन सच्चे भाव से पूजा-पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही घर में सुख-समृद्धि का वास रहता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, दिन शनिवार यानी आज 11 जनवरी को शनि प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2025) रखा जा रहा है। इस दिन शाम के समय की पूजा का विशेष महत्व है।

साथ ही कहते हैं कि यह व्रत तभी पूरा होता है, जब इसकी कथा का पाठ किया जाए। ऐसे में जो लोग व्रत कर रहे हैं, उन्हें इस दिन की वृत कथा जरूर पढ़नी चाहिए, जो इस प्रकार है –

शनि प्रदोष व्रत की कथा (Shani Pradosh Vrat Katha in Hindi)

प्रचलित पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक समय की बात है अंबापुर गांव में एक ब्रह्माणी निवास करती थी। उसके पति का स्वर्गवास हो गया था, जिस वजह से वो भिक्षा मांगकर अपना जीवन यापन करती थी। एक दिन जब वह भिक्षा मांगकर लौट रही थी, तो उसे दो नन्हे बालक दुखी अवस्था में मिलें, जिन्हें देखकर वह काफी परेशान हो गई थी। वह सोचने लगी कि इन दोनों बालक के माता-पिता कौन हैं? इसके बाद वह दोनों बच्चों को अपने साथ घर ले आई। कुछ समय के पश्चात वह बालक बड़े हो गएं। एक दिन ब्रह्माणी दोनों बच्चों को लेकर ऋषि शांडिल्य के पास जा पहुंची। ऋषि शांडिल्य को नमस्कार कर वह दोनों बालकों के माता-पिता के बारे में जानने की इच्छा व्यक्त की।

तब ऋषि शांडिल्य ने बताया कि ”हे देवी! ये दोनों बालक विदर्भ नरेश के राजकुमार हैं। गंदर्भ नरेश के आक्रमण से इनका राजपाट छीन गया है। अतः ये दोनों राज्य से पदच्युत हो गए हैं।” यह सुन ब्राह्मणी ने कहा कि ”हे ऋषिवर! ऐसा कोई उपाय बताएं कि इनका राजपाट वापस मिल जाए।” जिसपर ऋषि शांडिल्य ने उन्हें प्रदोष व्रत करने के लिए कहा। इसके बाद ब्राह्मणी और दोनों राजकुमारों ने प्रदोष व्रत का पालन भाव के साथ किया। फिर उन दिनों विदर्भ नरेश के बड़े राजकुमार की मुलाकात अंशुमती से हुई। दोनों विवाह करने के लिए राजी हो गए। यह जान अंशुमती के पिता ने गंदर्भ नरेश के विरुद्ध युद्ध में राजकुमारों की सहायता की, जिससे राजकुमारों को युद्ध में विजय प्राप्त हुई।

प्रदोष व्रत के पुण्य प्रताप से उन राजकुमारों को उनका राजपाट फिर से मिल गया। इससे खुश होकर उन राजकुमारों ने ब्राह्मणी को दरबार में खास स्थान प्रदान किया, जिससे ब्राह्मणी की गरीबी दूर हो गई है और वह खुशी-खुशी अपना जीवन व्यतीत करने लगी।

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आज है शनि प्रदोष व्रत, नोट करें शिव पूजन विधि https://livehalchal.com/%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%b6%e0%a4%a8%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f-%e0%a4%95/598548 Sat, 11 Jan 2025 05:00:01 +0000 https://livehalchal.com/?p=598548 सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का खास महत्व है। इस दिन भगवान शंकर की पूजा होती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन शिव पूजन करने और कठिन उपवास रखने से जीवन में आने वाली सभी समस्याएं दूर होती हैं। साथ ही घर में खुशहाली आती है। इस बार यह व्रत ( Pradosh Vrat 2025) …]]>

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का खास महत्व है। इस दिन भगवान शंकर की पूजा होती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन शिव पूजन करने और कठिन उपवास रखने से जीवन में आने वाली सभी समस्याएं दूर होती हैं। साथ ही घर में खुशहाली आती है। इस बार यह व्रत ( Pradosh Vrat 2025) 11 जनवरी यानी आज के दिन रखा जा रहा है।

प्रदोष व्रत का दिन अपने आप में खास होता है। यह विशेष दिन महीने में दो बार आता है। इस पावन मौके पर लोग भगवान शिव की पूजा करते हैं और उनके लिए उपवास रखते हैं। इस दिन गोधूलि बेला की पूजा का महत्व है, जो भक्त इस व्रत का पालन करते हैं, उन्हें शिव जी की कृपा से अच्छे स्वास्थ्य, धन और ज्ञान की प्राप्ति होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, दिन शनिवार यानी आज 11 जनवरी को शनि प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat 2025) रखा जा रहा है, तो आइए इस दिन शिव जी को कैसे प्रसन्न करना है, उसकी विधि जानते हैं।

प्रदोष व्रत 2025 पूजा विधि (Puja Vidhi)
सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करें। फिर शिव जी के सामने व्रत का संकल्प लें। एक वेदी पर शिव परिवार की प्रतिमा स्थापित करें। गंगाजल से प्रतिमा को अच्छी तरह साफ करें। सफेद चंदन का तिलक लगाएं। देसी घी का दीपक जलाएं। खीर, बर्फी, फल, मिठाइयों, ठंडई, लस्सी आदि चीजों का भोग लगाएं। प्रदोष व्रत कथा, पंचाक्षरी मंत्र और शिव चालीसा का पाठ करें। प्रदोष काल में भी विधिवत पूजा करें।

आरती से पूजा को पूर्ण करें। अगले दिन अपने व्रत का पारण करें। पारण शिव प्रसाद से ही करें। तामसिक चीजों से परहेज करें। इससे जीवन में खुशहाली आएगी।

भोग – सफेद बर्फी और खीर।

प्रिय – कनेर और आक।

प्रदोष व्रत 2025 शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat 2025 Puja Muhurat)
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार शनि प्रदोष व्रत पर सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। साथ ही अमृत सिद्धि योग सुबह 07 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। वहीं, गोधूलि मुहूर्त शाम 05 बजकर 40 मिनट से 06 बजकर 08 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 08 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा।

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