वेबसाइट – Live Halchal https://livehalchal.com Latest News, Updated News, Hindi News Portal Mon, 17 Jun 2024 05:49:11 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.10 https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg वेबसाइट – Live Halchal https://livehalchal.com 32 32 हरियाणा का डिजिटल गांव: राजावास की अब अपनी वेबसाइट, ग्रामीण ले सकेंगे लाभ https://livehalchal.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b5-%e0%a4%b0%e0%a4%be/564849 Mon, 17 Jun 2024 05:49:10 +0000 https://livehalchal.com/?p=564849 ग्राम पंचायत ने एक व्यक्ति तैनात किया है। नियमित रूप से समस्याओं का समाधान होगा। 50 प्रकार की सरकारी योजनाओं का ग्राम पंचायत के माध्यम से ग्रामीण लाभ ले सकेंगे।  हरियाणा के महेंद्रगढ़ के सतनाली क्षेत्र का राजावास गांव पूरी तरह से डिजिटल हो चुका है। गांव में वाईफाई की सुविधा तो पहले से थी, …]]>

ग्राम पंचायत ने एक व्यक्ति तैनात किया है। नियमित रूप से समस्याओं का समाधान होगा। 50 प्रकार की सरकारी योजनाओं का ग्राम पंचायत के माध्यम से ग्रामीण लाभ ले सकेंगे। 

हरियाणा के महेंद्रगढ़ के सतनाली क्षेत्र का राजावास गांव पूरी तरह से डिजिटल हो चुका है। गांव में वाईफाई की सुविधा तो पहले से थी, अब गांव की अपनी वेबसाइट भी शुरू हो गई है। ग्रामीण वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत मिलते ही उसका तुरंत निवारण हो, इसके लिए ग्राम पंचायत ने एक व्यक्ति को तैनात किया है। इस वेबसाइट के जरिए ग्रामीण 50 प्रकार की सरकारी योजनाओं का लाभ भी ले सकते हैं। उन्हें गर्मी, सर्दी या बारिश में पंचायत के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

राजावास गांव के सरपंच मोहित कुमार ने बताया कि ग्रामीणों को राहत देने के लिए गांव को पूर्ण रूप से डिजिटल करने का प्रयास किया जा रहा है। करीब पांच माह पहले गांव में फ्री वाईफाई की सुविधा शुरू की गई थी, अब गांव की अपनी वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट राजावास डॉट कॉम (www.rajawas.com) शुरू की गई है।

इस वेबसाइट का इस्तेमाल कर ग्रामीण बिना पंचायत दफ्तर आए घर बैठे जानकारी ले सकते हैं और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। अपनी शिकायत भी वह यहां दर्ज करा सकते हैं।

वेबसाइट पर मिलेगी यह जानकारी
वेबसाइट पर ग्रामीण लेबर कॉपी (मजदूरी कॉपी) को लेकर अपडेट, हैप्पी कार्ड, विधुर पेंशन, लाडली पेंशन, विकलांग पेंशन, बोना भत्ता पेंशन, विधवा पेंशन, बुढ़ापा पेंशन, अविवाहित पेंशन, रोडवेज बस का टाइम टेबल आदि की जानकारी हासिल कर सकते हैं। सरपंच, पंच व सम्मानित व्यक्ति या गांव से बाहर नौकरी कर रहे ग्रामवासी के मोबाइल नंबर आदि की सुविधा भी उपलब्ध है।

मैं वेबसाइट की स्वयं देखरेख करता हूं। कोई भी ग्रामवासी समस्या अपलोड करेगा तो 10 दिन के अंदर उसके समाधान का प्रयास किया जाएगा। सभी ग्रामवासियों को वेबसाइट बनाने की जानकारी दे दी गई है। -मोहित कुमार, सरपंच राजावास गांव

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आज भी बंद है ईपीएफओ की वेबसाइट पर यह सर्विस https://livehalchal.com/%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%88%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ab%e0%a4%93-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%ac%e0%a4%b8/545238 Thu, 29 Feb 2024 07:29:03 +0000 https://livehalchal.com/?p=545238  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एक्स पर पोस्ट करके सबस्क्राइबर्स को अहम जानकारी दी है। ईपीएफओ ने बताया कि आज भी आधार प्रमाणीकरण (Aadhar Authentication) की सर्विस बंद रहेगी। इसका मतलब है कि आप ईपीएफओ की वेबसाइट पर आधार ऑथेंटिकेशन से जुड़ी सर्विस का लाभ नहीं उठा सकते हैं। ईपीएफओ ने एक्स पर पोस्ट …]]>

 कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एक्स पर पोस्ट करके सबस्क्राइबर्स को अहम जानकारी दी है। ईपीएफओ ने बताया कि आज भी आधार प्रमाणीकरण (Aadhar Authentication) की सर्विस बंद रहेगी। इसका मतलब है कि आप ईपीएफओ की वेबसाइट पर आधार ऑथेंटिकेशन से जुड़ी सर्विस का लाभ नहीं उठा सकते हैं।

ईपीएफओ ने एक्स पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी है।

ईपीएफओ ने एक्स पर कहा कि टेक्निकल मेंटेनेंस के चलते आधार ऑथेंटिकेशन से जुड़ी सर्विस आज प्रभावित रहेंगी।

बुधवार को बंद थी सर्विस

ईपीएफओ ने बुधवार को भी एक्स पर पोस्ट करके जानकारी दी थी कि ईपीएफओ की वेबसाइट पर आधार ऑथेंटिकेशन की सर्विस बंद है। कई यूजर्स ने आधार ऑथेंटिकेशन सर्विस के काम ना करने पर शिकायत भी दर्ज  की थी। 

ईपीएफओ तीन में से एक क्लेम करता है रिजेक्ट

पिछले दिनों ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि ईपीएफओ की हर तीन क्लेम में से एक रिजेक्ट हो रही हैं। हालांकि क्लेम रिजेक्ट होने के पीछे कई वजह होती है। अगर यूजर क्लेम करते वक्त सही जानकारी नहीं देता है तब भी उसका क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। इसके अलावा ईपीएफओ में आधार केवाईसी अपडेट ना होने की वजह से भी क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। 

कहां करें शिकायत

ईपीएफओ ने बताया कि अगर किसी यूजर को किसी भी तरह की कोई परेशानी होती है तो वह आसानी से epfigms.gov.in लिंक पर जाकर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके बाद सब्सक्राइबर्स की शिकायत संबंधित डेस्क पर भेजी जाती है, जहां उसका समाधान किया जाता है।

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जी-20 की वेबसाइट पर हो रहे थे प्रति मिनट 16 लाख साइबर हमले https://livehalchal.com/%e0%a4%9c%e0%a5%80-20-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%87-%e0%a4%a5%e0%a5%87-%e0%a4%aa/534526 Thu, 04 Jan 2024 05:47:49 +0000 https://livehalchal.com/?p=534526 भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसियां जी20 सम्मेलन को साइबर हमलों से सुरक्षित करने में पूरी तरह सफल रहीं। हालत यह है कि सम्मेलन के दौरान जी20 की वेबसाइट पर प्रति मिनट 16 लाख साइबर हमले हो रहे थे। लेकिन सर्ट-इन, सी-डैक और इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) जैसी एजेंसियों ने इन हमलों को नाकाम कर …]]>

भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसियां जी20 सम्मेलन को साइबर हमलों से सुरक्षित करने में पूरी तरह सफल रहीं। हालत यह है कि सम्मेलन के दौरान जी20 की वेबसाइट पर प्रति मिनट 16 लाख साइबर हमले हो रहे थे। लेकिन सर्ट-इन, सी-डैक और इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) जैसी एजेंसियों ने इन हमलों को नाकाम कर दिया और जी20 शिखर सम्मेलन सफलता पूर्वक संपन्न हो सका।

एजेंसियां अब इन हमलों के स्त्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। आई4सी के सीईओ राजेश कुमार के अनुसार जी20 की वेबसाइट के लॉन्च होते ही इस पर साइबर हमले शुरू हो गए थे और इसे सुरक्षित रखना भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती थी।

वेबसाइट को सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयास हुआ

उन्होंने कहा कि इस वेबसाइट को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने के लिए सभी एजेंसियों ने सामूहिक प्रयास किया। यह पहला ऐसा मामला है जब देश में किसी वेबसाइट पर एक साथ इतने बड़े पैमाने पर हमला हुआ हो। वैसे उन्होंने साइबर हमलों के स्त्रोत के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया।

साइबर हमलों के मूल स्त्रोत का पता लगाना आसान नहीं

उनके अनुसार साइबर हमलों के मूल स्त्रोत का पता लगाना आसान नहीं होता है। अपराधी अपनी पहचान छुपाने के लिए कई लेयर का इस्तेमाल करते हैं। उनके अनुसार साइबर हमलों के लिए इस्तेमाल भले ही भारत में किसी सर्वर से किया दिख रहा हो, लेकिन हो सकता है कि उसे रिमोट किसी अन्य देश से चलाया जा रहा हो।

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विद्या भारती हुआ डिजिटल, शुरु किया वेबसाइट और मोबाइल एप भी… https://livehalchal.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%86-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%b6/238033 Mon, 27 May 2019 08:59:38 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=238033 देश भर में 40 लाख से ज्यादा छात्रों को शिक्षा देने वाली संस्था विद्या भारती अब डिजिटल प्लेटफार्म पर आ गयी है। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन और भारतीय परिवेश में रची-बसी शिक्षा व्यवस्था को संचालित करने वाले अखिल भारतीय शैक्षिक संस्थान विद्या भारती ने डिजिटल दुनिया से खुद को जोड़ लिया है। विद्या …]]>

देश भर में 40 लाख से ज्यादा छात्रों को शिक्षा देने वाली संस्था विद्या भारती अब डिजिटल प्लेटफार्म पर आ गयी है।

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन और भारतीय परिवेश में रची-बसी शिक्षा व्यवस्था को संचालित करने वाले अखिल भारतीय शैक्षिक संस्थान विद्या भारती ने डिजिटल दुनिया से खुद को जोड़ लिया है। विद्या भारती ने अपनी वेबसाइट व मोबाइल एप शुरु किया है जिस पर सभी कार्यक्रमों व क्रियाकलापों की जानकारी मिल सकेगी।

लखनऊ के निरालानगर स्थित विद्या भारती (पूर्वी उप्र) के क्षेत्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू ने शनिवार को लखनऊ कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि डिजिटलाइजेशन आज समय की मांग है। विद्या भारती से सम्बंधित विद्यालयों में संस्कार के साथ-साथ राष्ट्रवाद को मजबूत करने की शिक्षा प्रदान की जाती है जिसकी वजह से इन विद्यालयों से निकले विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि विद्या भारती के विद्यालयों में शिक्षा के माध्यम से ज्ञानवान, संस्कारवान व चरित्रवान नागरिकों के निर्माण का जो कार्य लंबे समय से किया जाता रहा है, वह अभी तक समाज के बड़े वर्ग तक नहीं पहुँच पा रहा है, इसीलिए हमने राष्ट्र निर्माण में योगदान के अपने इन कार्यों को वेब पोर्टल एवं एप के माध्यम से आम लोगों तक पंहुचाने का प्रयास किया है जिससे अधिक से अधिक लोग देश को मजबूत करने के लिए प्रेरित हो सकें।

डोमेश्वर साहू ने बताया कि इसी क्रम में विद्या भारती (पूर्वी उप्र) के प्रचार विभाग द्वारा एक लोकार्पण व प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 26 मई, 2019 दिन रविवार को लखनऊ के निरालानगर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में किया गया है।

‘भूतल से डिजिटल तक’ नामक इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में वेब पोर्टल एवं एप को सही तरीके से संचालित करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें विद्या भारती (पूर्वी उप्र) से सम्बंधित विद्यालयों से सम्बद्ध लोग प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने बताया कि विद्या भारती (पूर्वी उप्र) के प्रचार विभाग की देखरेख में यह पोर्टल व एप संचालित होगा, जिसमें विद्या भारती के विद्यालयों में होने वाली समस्त गतिविधियों की जानकारी समाचार के रूप में सर्वसुलभ की जाएगी। उन्होंने बताया कि विद्यालयों से सम्बद्ध लोग अपने विद्यालयों के समाचार, कार्यक्रम आदि स्वयं ही पोर्टल व एप पर पोस्ट करेंगे जिसे जन सामान्य भी देख व पढ़ सकेंगे। जन सामान्य विद्या भारती के इस एप को डाउनलोड करके विद्यालयों की समस्त जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।

प्रेस वार्ता में क्षेत्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू के अतिरिक्त क्षेत्रीय मंत्री जय प्रताप सिंह एवं क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख सौरभ मिश्रा भी मौजूद रहे।

विद्या भारती के विद्यालयों के इस बार के बोर्ड परीक्षाफल की जानकारी देते हुए क्षेत्रीय संगठन मंत्री डोमेश्वर साहू ने बताया कि यूपी बोर्ड की हाई स्कूल की परीक्षा में सिर्फ पूर्वी उप्र क्षेत्र के 49 जनपदों के 204 विद्यालयों के 22,459 छात्र सम्मिलित हुए थे, जिनमें 22,080 अर्थात98.31 % छात्र उत्तीर्ण हुए। इनमें भी 10,810 छात्रों ने 60% से अधिक अंक, 9,267 छात्रों ने 75%से अधिक अंक जबकि 130 छात्रों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए।

इसी तरह सीबीएसई बोर्ड की हाई स्कूल की परीक्षा में 4,172 छात्र सम्मिलित हुए,जिनमें से 4,001 अर्थात 95.90 % छात्र उत्तीर्ण हुए। 60% से अधिक अंक पाने वाले छात्रों का प्रतिशत 79.36 रहा, जबकि 75% से अधिक अंक पाने वाले छात्रों का प्रतिशत 44.58 रहा।

इंटरमीडिएट की यूपी बोर्ड की परीक्षा में 141 विद्यालयों के 17,801 छात्र सम्मिलित हुए थे, जिनमें 17,018 अर्थात 95.60 % छात्र उत्तीर्ण हुए। 9,397 छात्रों ने 60 % से अधिक अंक,3,481 छात्रों ने 75 % से अधिक अंक जबकि 05 छात्रों ने 90 % से अधिक अंक प्राप्त किए।

इसी तरह सीबीएसई बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा में 3,084 छात्र सम्मिलित हुए,जिनमें से 2,681 अर्थात 85.31 % छात्र उत्तीर्ण हुए। विद्या भारती के 66 छात्रों ने इस परीक्षा में 90 % से अधिक अंक हासिल किए।

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कांग्रेस ने वेबसाइट लॉन्च कर जनता से मांगी राय, घोषणापत्र के मुद्दे तय नहीं कर पा रही कांग्रेस https://livehalchal.com/%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%9f-%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae/184789 Mon, 29 Oct 2018 11:34:43 +0000 http://www.livehalchal.com/?p=184789 देश में होने वाले आगामी लोक सभा चुनावों  के लिए कांग्रेस ने पूरी तैयारी कर ली है .इसके  लिए कांग्रेस ने जनता की राय जानने के लिए वेबसाइट लांच की है. हिंदी ,अंग्रेजी के आलावा यह वेबसाइट लगभग16  भाषाओं में होगी. कांग्रेस ने सोमबार को  घोषणा पत्र पर  जनता की  राय  जानने के लिए वेबसाइट  लॉन्च …]]>

देश में होने वाले आगामी लोक सभा चुनावों  के लिए कांग्रेस ने पूरी तैयारी कर ली है .इसके  लिए कांग्रेस ने जनता की राय जानने के लिए वेबसाइट लांच की है. हिंदी ,अंग्रेजी के आलावा यह वेबसाइट लगभग16  भाषाओं में होगी. कांग्रेस ने सोमबार को  घोषणा पत्र पर  जनता की  राय  जानने के लिए वेबसाइट  लॉन्च की है. 

इस  घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष पी. चिदंबरम ने कहा कि घोषणा पत्र एक अहम् दस्तावेज है . क्योंकि  इससे उस दल  की जिम्मेदारी तय होती है, जो दल सरकार बनाता है.  उन्होंने कहा की लोग दस्तवेजों  में दर्ज बातों पर विश्वास करते हैं, न कि  वादों और भाषणों  पर .कांग्रेस  अध्यक्ष राहुल गाँधी के निर्देश के अनुसार पार्टी का यह घोषणा पत्र  लोगो के मत से बनेगा . इसके लिए पार्टी ने 1 अक्टूबर से  नागपुर में अलग-अलग समुदायों  के लोगों के बीच जा कर उनकी राय को जाना जिसमे  पार्टी के नेताओं के साथ आम  नागरिकों ने भी अपनी राय को  रखा . यह वेबसाइट 16  भाषाओं में बनाई गई है. जिसमे देश के हर हिस्से के लोग अपनी राय रख सकते हैं. चिदंबरम का कहना है कि इस तरह से  कांग्रेस अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी रायशुमारी में  निश्चित करना चाहती है.

कांग्रेस रिसर्च टीम   के अध्यक्ष  प्रो. राजीव गौंडा ने कहा कि इस वेबसाइट के पीछे यह विचार है कि , जनता अपनने   भविष्य को  बेहतर बनाने के लिए  खुद राय दे और जनता कि इस राय को  कांग्रेस के  घोषणा पत्र में शामिल किया जायेगा. जन आवाज  नाम से  लॉच हुई इस वेबसाइट पर दो तरह से अपनी राय और मांग को रखा जा सकता है.  इस घोषणा पत्र के लिए  अब तक नागपुर, अलीगढ़, मुंबई, बेंगलूरू,विशाखापट्टनम के अलावा चंडीगढ़ से राय दी  जा चुकी है. जिसमें शिक्षा, किसान, पूर्व सैनिक, शहरी मुद्दों और आर्थिक पहलूओं पर चर्चा की जा चुकी है.

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