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	<title>वीरता पुरस्कार &#8211; Live Halchal</title>
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	<title>वीरता पुरस्कार &#8211; Live Halchal</title>
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		<title> प्रदेश के बहादुर बच्चों को राज्य स्तर पर मिलेगा वीरता पुरस्कार, राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार</title>
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		<pubDate>Mon, 03 Feb 2025 06:03:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[वीरता पुरस्कार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="599" height="332" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/इय७०-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/इय७०.jpg 599w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/इय७०-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 599px) 100vw, 599px" />अपनी जान को खतरे में डालकर दूसरों की जान बचाने वाले राज्य के बहादुर बच्चों को अब राज्य स्तर पर भी वीरता पुरस्कार देने की तैयारी है। राज्य बाल कल्याण परिषद ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे 17 फरवरी को राजभवन से मंजूरी मिल सकती है। राज्य के गुलदार से दूसरों की जान &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="599" height="332" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/इय७०-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/इय७०.jpg 599w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/02/इय७०-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 599px) 100vw, 599px" />
<p>अपनी जान को खतरे में डालकर दूसरों की जान बचाने वाले राज्य के बहादुर बच्चों को अब राज्य स्तर पर भी वीरता पुरस्कार देने की तैयारी है। राज्य बाल कल्याण परिषद ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे 17 फरवरी को राजभवन से मंजूरी मिल सकती है।</p>



<p>राज्य के गुलदार से दूसरों की जान बचाकर अदम्य साहस का परिचय देने वाले बच्चों के मामले अक्सर सामने आते हैं। इसके अलावा प्रदेश के वीर बच्चे पानी में बहने से बचाने जैसे कई बहादुरी के काम करते हैं। भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से पूर्व में राज्य के इन बहादुर बच्चों को हर साल गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया जाता रहा है, लेकिन किन्हीं वजहों से पिछले कुछ वर्षों से इसके लिए भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से आवेदन नहीं मांगे जा रहे हैं। यही वजह है कि अब इस तरह के बच्चों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किए जाने की तैयारी है। इसके लिए प्रस्ताव को मंजूरी के बाद राज्य स्तर पर इस तरह के बच्चों के आवेदन लिए जाएंगे। जिसके बाद बाल वीरों को राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार दिया जाएगा।</p>



<p><strong>गुलदार से भिड़ गई थी बहादुर बिटिया राखी<br></strong>अपने चार साल के छोटे भाई की जान गुलदार से बचाने के लिए पौड़ी जिले की बहादुर बिटिया राखी गुलदार से भिड़ गई थी। उसकी इस वीरता को देखते हुए उसे पूर्व में राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका हैै। राज्य में बाल वीरों के इस तरह के इक्का दुक्का नहीं, बल्कि कई मामले हैं।</p>



<p><strong>उत्तराखंड के इन बच्चों को मिल चुका राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार<br></strong>राज्य के 15 बाल वीरों को अब तक राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार मिल चुका है। टिहरी गढ़वाल के हरीश राणा को वर्ष 2003, हरिद्वार की माजदा को 2004, अल्मोड़ा की पूजा कांडपाल को 2007, देहरादून के प्रियांशु जोशी को 2010, देहरादून की स्व.श्रुति लोधी को 2010, रुद्रप्रयाग के स्व. कपिल नेगी को 2011, चमोली की स्व.मोनिका उर्फ मनीषा को 2014, देहरादून के लाभांशु को 2014, टिहरी के अर्जुन को 2015, देहरादून के सुमित ममगाई को 2016, टिहरी गढ़वाल के पंकज सेमवाल को 2017, पौड़ी गढ़वाल की राखी को 2019, नैनीताल के सनी को 2020, पिथौरागढ़ के मोहित चंद उप्रेती को 2020 और रुद्रप्रयाग के नितिन रावत को 2022 में यह पुरस्कार मिल चुका है।</p>



<p><strong>राजभवन परिसर में होनी है आम सभा की बैठक<br></strong>उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद की 17 फरवरी को राजभवन के ऑडिटोरियम में आम सभा की बैठक होनी है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में बाल वीरों को राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार दिए जाने के प्रस्ताव पर अनुमोदन के साथ ही राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता के विजयी बच्चों को शैक्षिक सहायता देने सहित कुछ अन्य प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है।</p>



<p>राज्य के बाल वीरों को राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार दिए जाने का प्रस्ताव है। जिसे परिषद की आम सभा की बैठक में मंजूरी मिल सकती है। -पुष्पा मानस, महासचिव, राज्य बाल कल्याण परिषद</p>
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		<title>राष्ट्रपति मुर्मू ने जांबाज जवानों को वीरता पुरस्कार से किया सम्मानित</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 06 Jul 2024 08:46:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बड़ीखबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रपति मुर्मू]]></category>
		<category><![CDATA[वीरता पुरस्कार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-255.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-255.png 767w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-255-300x169.png 300w" sizes="(max-width: 618px) 100vw, 618px" />राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को सेना और अर्धसैनिक बलों के कर्मियों को अदम्य साहस और असाधारण वीरता के लिए 10 कीर्ति चक्र प्रदान किए, इनमें सात मरणोपरांत हैं। राष्ट्रपति ने 26 शौर्य चक्र भी प्रदान किए और इनमें भी सात मरणोपरांत हैं। अशोक चक्र के बाद कीर्ति चक्र देश में शांतिकाल का दूसरा और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-255.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-255.png 767w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/07/Capture-255-300x169.png 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को सेना और अर्धसैनिक बलों के कर्मियों को अदम्य साहस और असाधारण वीरता के लिए 10 कीर्ति चक्र प्रदान किए, इनमें सात मरणोपरांत हैं। राष्ट्रपति ने 26 शौर्य चक्र भी प्रदान किए और इनमें भी सात मरणोपरांत हैं। अशोक चक्र के बाद कीर्ति चक्र देश में शांतिकाल का दूसरा और शौर्य चक्र तीसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है।</p>



<p>रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह के दौरान सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के पुलिसकर्मियों को ये अलंकरण प्रदान किए।</p>



<p>पुरस्कार विजेताओं की सूची के अनुसार, भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल्स की 55वीं बटालियन में ग्रेनेडियर्स के सिपाही पवन कुमार; पंजाब रेजिमेंट की 26वीं बटालियन के आर्मी मेडिकल कोर के कैप्टन अंशुमान सिंह; पैराशूट रेजिमेंट (विशेष बल) की 9वीं बटालियन के हवलदार अब्दुल मजीद को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।</p>



<p><strong>इन्हें किया गया सम्मानित</strong><br>सीआरपीएफ की 210 कोबरा बटालियन के इंस्पेक्टर दिलीप कुमार दास, हेड कांस्टेबल राज कुमार यादव, कांस्टेबल बबलू राभा और कांस्टेबल शंभू राय को भी मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। इनके अलावा मेजर रैंक के दो अधिकारियों एवं एक नायब सूबेदार को भी कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।</p>



<p>वहीं, छह सैन्यकर्मियों के अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक कांस्टेबल को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। साथ ही सेना, वायुसेना, नौसेना और गृह मंत्रालय के अधीन सेवाएं देने वाले कर्मियों के एक समूह को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।राष्ट्रपति भवन ने बाद में अपने एक्स हैंडल पर समारोह की तस्वीरें साझा कीं।</p>



<p><strong>प्रधानमंत्री ने समारोह की तस्वीरें साझा कीं</strong><br>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, &#8221;राष्ट्रपति भवन में रक्षा अलंकरण समारोह-2024 (चरण-1) में शामिल हुआ, जहां राष्ट्रपति ने वीरता पुरस्कार प्रदान किए। हमारे राष्ट्र को अपने बहादुर सैनिकों की वीरता और समर्पण पर गर्व है। वे सेवा और बलिदान के उच्चतम आदर्शों के उदाहरण हैं। उनका साहस हमेशा लोगों को प्रेरित करेगा।&#8221; प्रधानमंत्री ने भी समारोह की तस्वीरें साझा कीं।</p>
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		<title>उत्तराखंड के दावेदारों को नहीं मिलेगा वीरता पुरस्कार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Jan 2024 08:01:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[वीरता पुरस्कार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/uk-6-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/uk-6-1.jpg 837w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/uk-6-1-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/uk-6-1-768x433.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />उत्तराखंड में एक नहीं कई ऐसे बहादुर बच्चें हैं जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर दूसरों की जान बचाई है। लेकिन इनमें से एक भी बच्चे को इस बार राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार नहीं मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अंतिम तिथि तक ऐसे बच्चों के आवेदन ही नहीं भेजे गए। राज्य बाल कल्याण परिषद के मुताबिक उत्तराखंड के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="349" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/uk-6-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/uk-6-1.jpg 837w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/uk-6-1-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/01/uk-6-1-768x433.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>उत्तराखंड में एक नहीं कई ऐसे बहादुर बच्चें हैं जिन्होंने अपनी जान पर खेलकर दूसरों की जान बचाई है। लेकिन इनमें से एक भी बच्चे को इस बार राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार नहीं मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अंतिम तिथि तक ऐसे बच्चों के आवेदन ही नहीं भेजे गए।</p>



<p>राज्य बाल कल्याण परिषद के मुताबिक उत्तराखंड के बहादुर बच्चों को भी गणतंत्र दिवस के दिन राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार मिल सके, इसके लिए जिलों के एसएसपी, डीएम, सीईओ, शिक्षा विभाग के निदेशक को कई बार पत्र भेजे।</p>



<p>कहा गया कि छह से 18 वर्ष के उन बहादुर बच्चों के नाम परिषद को भेजें, जिन्होंने एक जुलाई 2022 से 30 सितंबर 2023 के बीच वीरता का प्रदर्शन किया हो। परिषद की महासचिव पुष्पा मानस बताती हैं कि बावजूद इसके बागेश्वर को छोड़कर अन्य किसी जिले से अंतिम तिथि 31 अक्तूबर 2023 तक बहादुर बच्चों के आवेदन नहीं भेजे गए। </p>



<p><strong>बागेश्वर से एक आवेदन आया पर नहीं हुई जांच</strong><br>बागेश्वर जिले के जीआईसी अमस्यारी के छात्र भाष्कर परिहार का नाम राज्य बाल कल्याण परिषद को वीरता पुरस्कार के लिए भेजा गया था। उसने 24 अगस्त 2023 को एक छात्रा की गुलदार से जान बचाई थी। बताया गया कि इस आवेदन को जांच के लिए सीईओ को भेजा गया, लेकिन अब तक उसकी जांच रिपोर्ट ही नहीं मिली।</p>



<p><strong>रुड़कीः नवाब ने गुलदार से बचाया भाई</strong><br>भगवानपुर तहसील के मानक मजरा गांव में 17 मई 2023 को नवाब (18) छोटे भाई मोनिश (16) के साथ नदी किनारे घास काट रहा था। इसी दौरान गुलदार ने मोनिश पर हमला बोल दिया। इस पर नवाब ने गुलदार को पीछे से पकड़कर पलटी दे मारी। इस पर गुलदार उसकी ओर झपटा और बांह व हाथों में पंजे व दांत गड़ा दिए। दोनों भाइयों के शोर मचाने पर गुलदार भाग गया। दोनों घायल भाइयों को पहले सिविल अस्पताल और फिर एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था। &nbsp;</p>



<p><strong>श्रीनगरः आराधना ने बचाया छोटा भाई</strong><br>बीती 25 सितंबर को आराधना (10) छोटे भाई प्रिंस (7) संग बरामदे में पढ़ रही थी। तभी गुलदार प्रिंस पर हमला कर देता है। इससे आराधना नहीं, बल्कि भाई को बचाने के लिए गुलदार से भिड़ गई। उसने मेज गुलदार की ओर फेंककर भाई को अंदर धकेल दिया और जोर-जोर से चिल्लाने लगी। इससे गुलदार प्रिंस को छोड़कर भाग गया था।  </p>
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