<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>विभाग &#8211; Live Halchal</title>
	<atom:link href="https://livehalchal.com/tag/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97/feed" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<description>Latest News, Updated News, Hindi News Portal</description>
	<lastBuildDate>Sun, 16 Nov 2025 05:45:25 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2023/10/cropped-Live-Halchal-512-32x32.jpg</url>
	<title>विभाग &#8211; Live Halchal</title>
	<link>https://livehalchal.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>सीएम योगी ने की आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की समीक्षा</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%88%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%87%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d/643689</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 16 Nov 2025 05:45:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[विभाग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=643689</guid>

					<description><![CDATA[<img width="442" height="332" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/sedd-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/sedd-1.jpg 442w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/sedd-1-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 442px) 100vw, 442px" />लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में तेजी से विकसित हो रही स्टार्टअप संस्कृति को और मजबूती देने के लिए प्रशिक्षण से लेकर मार्केट लिंकेज तक सभी जरूरतों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। शनिवार को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="442" height="332" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/sedd-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/sedd-1.jpg 442w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/11/sedd-1-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 442px) 100vw, 442px" />
<p><strong>लखनऊ:</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में तेजी से विकसित हो रही स्टार्टअप संस्कृति को और मजबूती देने के लिए प्रशिक्षण से लेकर मार्केट लिंकेज तक सभी जरूरतों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। शनिवार को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नई तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए आईटी और आईटीईएस सेक्टर में प्रायोगिक प्रशिक्षण मॉडल विकसित किए जाएंगे। इयान रियलिटी जैसी संस्थाओं के साथ सहयोग बढ़ाया जाएगा।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध अनुमति व्यवस्था प्रदान किए जाने पर ज़ोर देते हुए स्पष्ट कहा कि पात्र निवेशकों को इंसेंटिव के लिए प्रतीक्षा न करनी पड़े। इस संबंध में विभागीय स्तर पर स्पष्ट जवाबदेही तय करने के आदेश दिए गए।</p>



<p>उन्होंने बताया कि स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश तेजी से अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि “हमें अब इन क्षेत्रों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में शीर्ष श्रेणी में शामिल होना है”। उन्होंने यह भी बताया कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक परियोजना स्वीकृत हो चुकी है, जबकि दो नई परियोजनाओं के लिए भारत सरकार से सतत संवाद चल रहा है। इसके अलावा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा में नए लैंड बैंक विकसित करने के भी निर्देश दिए गए।</p>



<p>बैठक में विभागीय प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि वर्ष 2017-18 में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्यात जहां 3,862 करोड़ था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 44,744 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। इसी अवधि में आईटी निर्यात भी 55,711 करोड़ से बढ़कर 82,055 करोड़ हो चुका है।</p>



<p>इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति 2020 के अंतर्गत अब तक 67 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 15,477 करोड़ के निवेश और 1,48,710 संभावित रोजगार शामिल हैं। इनमें से 430 करोड़ की प्रोत्साहन धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है और मार्च 2026 तक 25 और प्रस्ताव आगे बढ़ने की संभावना है।</p>



<p>डाटा सेंटर नीति के अंतर्गत हीरानंदानी समूह, एनटीटी ग्लोबल, वेब वर्क्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और एसटी टेलीमीडिया जैसी कंपनियों द्वारा 21,342 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव दिए गए हैं। इनसे तकरीबन 10 हजार नए रोजगार सृजित होंगे। स्टार्टअप नीति के अंतर्गत भी पिछले वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में जहां 274 लाख की प्रोत्साहन राशि जारी की गई थी, वहीं जनवरी 2025 तक यह बढ़कर 2,600 लाख तक पहुंच गई है।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप फंड के प्रभावी उपयोग और उसकी मॉनिटरिंग प्रणाली को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने उभरती तकनीकों में रिसर्च एवं इनोवेशन को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कार्यवाहक अधिकारियों के भरोसे चल रहा यूपी का आयुर्वेद विभाग</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87/639655</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Oct 2025 05:02:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तरप्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[विभाग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=639655</guid>

					<description><![CDATA[<img width="582" height="326" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/kiolpp-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/kiolpp.jpg 582w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/kiolpp-medium.jpg 300w" sizes="(max-width: 582px) 100vw, 582px" />उत्तर प्रदेश में आयुर्वेद के विकास के लिए लगातार रणनीत्ति बन रही है, लेकिन कार्यवाहक अधिकारियों का नेतृत्व इसमें रोड़ा बना है। हालत यह है कि निदेशक से लेकर 41 क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी तक कार्यवाहक हैं। ये पद चिकित्साधिकारियों की प्रोन्नति से नियमित होने हैं। इसके लिए मुख्य सचिव तक आदेश दे चुके &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="582" height="326" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/kiolpp-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/kiolpp.jpg 582w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/10/kiolpp-medium.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 582px) 100vw, 582px" />
<p>उत्तर प्रदेश में आयुर्वेद के विकास के लिए लगातार रणनीत्ति बन रही है, लेकिन कार्यवाहक अधिकारियों का नेतृत्व इसमें रोड़ा बना है। हालत यह है कि निदेशक से लेकर 41 क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी तक कार्यवाहक हैं। ये पद चिकित्साधिकारियों की प्रोन्नति से नियमित होने हैं।</p>



<p>इसके लिए मुख्य सचिव तक आदेश दे चुके हैं। बावजूद इसके नतीजा सिफर है। ऐसे में न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त है बल्कि चिकित्सालयों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। प्रदेश में आयुर्वेद विभाग का मुखिया निदेशक होता है। यह पद लंबे समय से खाली चल रहा है।</p>



<p>इन दिनों निदेशक का कार्यभार महानिदेशक आयुष वी चैत्रा के पास है। उनके पास आयुष मिशन निदेशक की भी जिम्मेदारी है। निदेशक की जिम्मेदारी निभा रहे अधिकारी के पास तीन पदों का दायित्त्व होना, अपर निदेशक पद खाली होने और उपनिदेशक के तीन में से दो पद खाली होने का नतीजा है कि निदेशालय बेपटरी है। इसी तरह जिला स्तर पर आयुर्वेद विभाग का मुखिया क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी होता है। यह पद आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारियों की प्रोन्नति से भरा जाता है। इसके 59 पद हैं। प्रदेश में 75 जिले हैं। ऐसे में वाराणसी के क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी के पास भदोही और चंदौली का भी कार्यभार होता है।</p>



<p>कुछ ऐसी ही व्यवस्था अन्य स्थानों पर भी है। प्रोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची 2012 में बनी। इसी सूची से वर्ष 2023 में कुछ चिकित्साधिकारियों की प्रोन्नति हुई, लेकिन उसके बाद से प्रोन्नति प्रक्रिया बंद है। एक के बाद एक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं। प्रदेश के 75 जिलों में आगरा, सुल्तानपुर और शाहजहांपुर में यूनानी विभाग की ओर से क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी तैनात किया गया है। 16 जिलों में नियमित क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी तैनात हैं। शेष 41 पद खाली हैं। इन पदों पर कार्यवाहक से काम चलाया जा रहा है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पंजाब के लोगों के लिए मौसम विभाग ने जारी की नई चेतावनी</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ac-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b8%e0%a4%ae/635243</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Sep 2025 06:37:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[पंजाब]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[विभाग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=635243</guid>

					<description><![CDATA[<img width="618" height="373" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/rfgggg-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/rfgggg-1.jpg 909w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/rfgggg-1-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/rfgggg-1-768x463.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />उत्तर भारत के कई हिस्सों ने झमाझम बारिश, बाढ़ और उमस का सामना किया। लेकिन अब मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मानें तो भारत आने वाले महीनों में भीषण सर्दी का सामना कर सकता है। जानकारी के अनुसार, इस बार ला नीना &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="618" height="373" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/rfgggg-1-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/rfgggg-1.jpg 909w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/rfgggg-1-medium.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/rfgggg-1-768x463.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" />
<p>उत्तर भारत के कई हिस्सों ने झमाझम बारिश, बाढ़ और उमस का सामना किया। लेकिन अब मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मानें तो भारत आने वाले महीनों में भीषण सर्दी का सामना कर सकता है।</p>



<p>जानकारी के अनुसार, इस बार ला नीना (La Niña) नामक दुर्लभ जलवायु घटना सक्रिय हो चुकी है, जिसके चलते पहले भारी मानसूनी बारिश और बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है, इसके बाद उत्तर भारत में रिकॉर्डतोड़ ठंड पड़ने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर से लेकर फरवरी तक तापमान में बड़ी गिरावट देखी जा सकती है। अनुमान है कि दिल्ली में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि अन्य उत्तरी राज्यों में भी कड़ाके की ठंड पड़ने की आशंका जताई गई है।</p>



<p><strong>क्या है ‘ला नीना’ और क्यों है खतरनाक?</strong><br>ला नीना प्रशांत महासागर की सतह पर तापमान सामान्य से काफी नीचे जाने की स्थिति है। जब समुद्र का तापमान गिरता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक स्तर पर मौसम चक्र पर पड़ता है। भारत में इसका मतलब है ज्यादा ठंडी हवाएं, लंबी सर्दी और कई बार सामान्य से ज्यादा बर्फबारी। अमेरिकी क्लाइमेट प्रेडिक्शन सेंटर के मुताबिक, अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच ला नीना बनने की संभावना 71% है। ऐसे में उत्तर भारत और पूर्वी भारत ही नहीं बल्कि पंजाब भी रिकॉर्डतोड़ ठंड की चपेट में आ सकता है।</p>



<p><strong>पंजाब पर क्या होगा असर?</strong><br>कृषि पर असर: पंजाब में गेहूं और सरसों जैसी रबी फसलों पर गहरी ठंड का सीधा प्रभाव पड़ेगा।<br>स्वास्थ्य खतरे: लगातार चलने वाली ठंडी हवाएं बुजुर्गों और बच्चों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।<br>धुंध और कोहरे की वजह से ट्रांसपोर्ट और सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ेगा।</p>



<p><strong>हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी</strong><br>हिमालय में इस बार सामान्य से ज्यादा बर्फबारी की संभावना जताई गई है। यह नदियों और जलस्रोतों के लिए तो फायदेमंद होगी, लेकिन पहाड़ी राज्यों में यात्रा और आपूर्ति तंत्र पर भारी असर डालेगी। पंजाब से हिमाचल और उत्तराखंड की ओर जाने वाले पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार की ठंड पहले से ज्यादा कड़ी और लंबी होगी। ऐसे में पंजाब समेत पूरे उत्तर भारत को तैयार रहना होगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हरियाणा: सीएम सैनी फ्लाइंग की टीम ने जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पर दी दस्तक</title>
		<link>https://livehalchal.com/%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%ae-%e0%a4%a8/634674</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 26 Sep 2025 06:47:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[विभाग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=634674</guid>

					<description><![CDATA[<img width="353" height="372" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/tyhjkk-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/tyhjkk.jpg 353w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/tyhjkk-medium.jpg 285w" sizes="auto, (max-width: 353px) 100vw, 353px" />मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम (सीएम फ्लाइंग) ने पुराना औद्योगिक क्षेत्र स्थित जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पर दस्तक दी। टीम ने यहां से अहम जानकारी जुटाने के साथ कुछ दस्तावेजों की जांच भी की। टीम दोपहर करीब साढ़े 12 बजे पहुंची और काफी देर तक यहां रही। बताया जा रहा है कि सीवर सफाई के कार्यों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="353" height="372" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/tyhjkk-large.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/tyhjkk.jpg 353w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2025/09/tyhjkk-medium.jpg 285w" sizes="auto, (max-width: 353px) 100vw, 353px" />
<p>मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम (सीएम फ्लाइंग) ने पुराना औद्योगिक क्षेत्र स्थित जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पर दस्तक दी। टीम ने यहां से अहम जानकारी जुटाने के साथ कुछ दस्तावेजों की जांच भी की। टीम दोपहर करीब साढ़े 12 बजे पहुंची और काफी देर तक यहां रही।</p>



<p>बताया जा रहा है कि सीवर सफाई के कार्यों में ठेकेदारों द्वारा गड़बड़ी किए जाने की शिकायतें मिल रही थी। इन्हीं शिकायतों की जांच के लिए टीम ने यहां दस्तक दी। एसआई पूनम व एएसआई धर्मेंद्र के नेतृत्व मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम कार्यालय पहुंची और जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की गई।</p>



<p>साथ ही सीवर सफाई के टेंडरों से संबंधित सभी कागजात तलब किए गए। टीम अधिकारियों का कहना है कि शिकायतें लगातार मिल रही थी सीवर सफाई के कार्यों में गड़बड़ियां हो रही है और बजट का सही उपयोग नहीं किया जा रहा। फिलहाल टीम सभी दस्तावेजों और रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है।<br>मामले के बारे सही पता जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद की पता चल पाएगा। टीम की इस कार्रवाई से कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों में हंडकंप मचा रहा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जंगल की आग के आगे धरे रह गए विभाग के सारे इंतजाम</title>
		<link>https://livehalchal.com/uk-296/560910</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Live Halchal Web_Wing]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 27 May 2024 04:43:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[जंगल की आग]]></category>
		<category><![CDATA[विभाग]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://livehalchal.com/?p=560910</guid>

					<description><![CDATA[<img width="587" height="407" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/uk2-9.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/uk2-9.jpg 587w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/uk2-9-300x208.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/uk2-9-110x75.jpg 110w" sizes="auto, (max-width: 587px) 100vw, 587px" />उत्तराखंड में हर साल जंगल की आग की रोकथाम के लिए वन विभाग मैराथन बैठकों के बाद एक्शन प्लान तैयार करता है। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ ही एसडीआरएफ से लेकर एनडीआरएफ और कई बार सेना तक की इस काम में मदद ली जाती है। शासन-प्रशासन को भी इस काम में झोंक दिया जाता &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="587" height="407" src="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/uk2-9.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/uk2-9.jpg 587w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/uk2-9-300x208.jpg 300w, https://livehalchal.com/wp-content/uploads/2024/05/uk2-9-110x75.jpg 110w" sizes="auto, (max-width: 587px) 100vw, 587px" />
<p>उत्तराखंड में हर साल जंगल की आग की रोकथाम के लिए वन विभाग मैराथन बैठकों के बाद एक्शन प्लान तैयार करता है। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ ही एसडीआरएफ से लेकर एनडीआरएफ और कई बार सेना तक की इस काम में मदद ली जाती है। शासन-प्रशासन को भी इस काम में झोंक दिया जाता है, लेकिन जंगल की आग के आगे हर साल की तरह इस साल भी विभाग के सारे इंतजाम धरे रह गए।</p>



<p>राज्य में औसतन हर साल 2400 हेक्टेयर से अधिक जंगल जल रहे हैं। जिसमें पिछले 10 साल में 29 लोगों की जान जा चुकी है और 79 लोग झुलस चुके हैं। पर्यावरणविद् बताते हैं कि इस काम में जब तक सामुदायिक सहभागिता नहीं होगी, तब तक जंगल को आग से बचाना संभव नहीं हैं। उधर, वन विभाग का कहना है कि इस दिशा में काम किया जा रहा है।</p>



<p>गढ़वाल से कुमाऊं तक प्रदेश में इस साल पिछले साल से अधिक जंगल धधके हैं। पिछले साल कुल 773 घटनाओं में 933 हेक्टेयर जंगल जला। जंगल की आग से झुलस कर तीन लोगों की मौत हुई और तीन घायल हुए, जबकि इस साल अब तक वनाग्नि की 1,144 घटनाओं में 1,574 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है और छह लोगों की जान जा चुकी है।</p>



<p><strong>वन विभाग पूरी तरह से निष्क्रिय</strong></p>



<p>जंगल जलने की पिछले 10 साल की घटनाओं पर नजर डालें तो औसतन हर साल 1,516 घटनाएं हो रही हैं। यह हाल तब है, जबकि जंगल की आग की रोकथाम के लिए वन विभाग और सरकार की ओर से कई दावे किए जाते रहे हैं। इस पर हर साल करोड़ों रुपये भी खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन वनाग्नि की घटनाएं पिछले साल से कम होने की बजाए बढ़ी हैं।</p>



<p>पर्यावरणविद् बताते हैं कि वन विभाग और जनता के बीच संवाद न होना इसकी अहम वजह है। वन विभाग जनता को यह नहीं समझा पाया कि जंगल जनता के हैं। जब तक जनता जंगलों को अपना समझते हुए आग की रोकथाम के लिए आगे नहीं आएगी। जगह-जगह क्रू स्टेशन बनाने और एक्शन प्लान के नाम पर मैराथन बैठकों से कुछ होने वाला नहीं है।</p>



<p>मैती संस्था के संस्थापक पद्मश्री कल्याण सिंह रावत बताते हैं कि जंगलों को आग से बचाने के लिए जन सहयोग की दिशा में वन विभाग पूरी तरह से निष्क्रिय है। वन विभाग आग की रोकथाम के लिए अलग-थलग पड़ा है। वहीं, जनता यह सोचती है कि जंगल सरकार के हैं, इनसे उन्हें जब कोई लाभ ही नहीं है तो वन विभाग खुद जंगल की आग बुझाए</p>



<p><strong>जैव विविधता को हो रहा बड़ा नुकसान</strong></p>



<p>उत्तराखंड में हर साल 2,400 हेक्टेयर से अधिक जंगल के जलने से जैव विविधता को भारी नुकसान हो रहा है। पर्यावरणविद् बताते हैं कि इससे मात्र पेड़-पौधे ही नहीं जल रहे, बल्कि वन्य-जीव भी इसमें झुलस रहे हैं। वन विभाग के पास इसके कोई आंकड़े नहीं हैं।</p>



<p><strong>वन विभाग पर भी खड़े हो रहे सवाल</strong></p>



<p>जंगल में आग लगाने के आरोप में वन विभाग इस साल अब तक 434 मुकदमे दर्ज कर चुका है। इसमें नामजद 65 और अज्ञात में 369 मामले दर्ज हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि जंगल में आग लगाने में वन विभाग के लोगों का भी हाथ है। लगातार जंगल कट रहे हैं। पौधरोपण किए बिना इसके नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। इस पर पर्दा डालने के लिए विभाग के ही कुछ लोग जंगल में आग लगाते हैं, ताकि आग से सभी साक्ष्य जलकर खत्म हो जाएं।</p>



<p><strong>प्रदेश में तीन जगह धधके जंगल</strong></p>



<p>उत्तराखंड में रविवार को तीन जगह जंगल धधके। मसूरी वन प्रभाग के आरक्षित वन क्षेत्र में वनाग्नि की एक और वन पंचायत में दो घटनाएं हुई हैं, जिससे छह हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इसे मिलाकर इस साल अब तक 1,574 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। विभाग का कहना है कि इस साल अब तक पशु मृत्यु एवं घायल का एक भी मामला नहीं है।</p>



<p><strong>प्रदेश में बनाए गए हैं 1,438 क्रू स्टेशन, 174 वाॅच टावर</strong></p>



<p>वन विभाग के मुताबिक, जंगल को आग से बचाने के लिए 1,438 क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। इसमें 569 गढ़वाल और 644 कुमाऊं में हैं, जबकि 225 क्रू स्टेशन वन्यजीव क्षेत्र में हैं। इसके अलावा 174 वाॅच टावर बनाए गए हैं। विभाग ने हर जिले में वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया है। जंगल में बार-बार आग लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट लगाने के निर्देश हैं। वन संपदा को हुए नुकसान की भरपाई आग लगाने वालों से करने के निर्देश हैं। ऐसे लोगों पर लोक और निजी संपत्ति क्षति वसूली अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी।</p>



<p><strong>प्रदेश में हुईं वनाग्नि की घटनाएं एवं प्रभावित क्षेत्र</strong></p>



<figure class="wp-block-table"><table><tbody><tr><td><strong>वर्ष&nbsp;</strong></td><td><strong>वनाग्नि की घटना&nbsp;</strong></td><td><strong>प्रभावित क्षेत्र</strong></td><td><strong>मौत</strong></td></tr><tr><td>2014&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;</td><td>515&nbsp;&nbsp;&nbsp;</td><td>&nbsp;930&nbsp;&nbsp;&nbsp;</td><td>01</td></tr><tr><td>2015&nbsp;</td><td>412</td><td>701&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;</td><td>00</td></tr><tr><td>2016&nbsp;&nbsp;</td><td>2,074&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;</td><td>4,433&nbsp;</td><td>06</td></tr><tr><td>2017&nbsp;&nbsp;</td><td>805&nbsp;&nbsp;</td><td>1,244&nbsp;&nbsp;&nbsp;</td><td>&nbsp;00</td></tr><tr><td>2018&nbsp;&nbsp;</td><td>2,150&nbsp;&nbsp;</td><td>4,480&nbsp;&nbsp;&nbsp;</td><td>00</td></tr><tr><td>2019</td><td>&nbsp;2,158&nbsp;&nbsp;</td><td>2,981</td><td>01</td></tr><tr><td>2020&nbsp;</td><td>2,158&nbsp;</td><td>172&nbsp;</td><td>&nbsp;02</td></tr><tr><td>2021&nbsp;&nbsp;</td><td>135&nbsp;&nbsp;</td><td>3,943&nbsp;&nbsp;</td><td>08</td></tr><tr><td>2022&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;</td><td>2,813&nbsp;&nbsp;&nbsp;</td><td>3,425&nbsp;&nbsp;</td><td>02</td></tr><tr><td>2023&nbsp;&nbsp;</td><td>&nbsp;773</td><td>933&nbsp;&nbsp;</td><td>03</td></tr><tr><td>2024&nbsp;&nbsp;&nbsp;</td><td>1,144&nbsp;&nbsp;&nbsp;</td><td>1,574</td><td>06</td></tr></tbody></table></figure>



<p>जंगल की आग की रोकथाम को विभाग सामुदायिक सहभागिता की दिशा में काम कर रहा। राज्य में 11,257 वन पंचायतें हैं। आग बुझाने में सक्रिय वन पंचायतों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही। जिन क्षेत्रों में चीड़ के पेड़ हैं, उन क्षेत्रों में वनाग्नि प्रबंधन समिति गठित की गई है।<em><strong>&nbsp;-निशांत वर्मा, अपर प्रमुख वन संरक्षक</strong></em></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
